आज निपटा लें बैंक के काम, तीन दिन बैंक रहेंगे बंद

हड़ताल की तारीखें काफी अहम हैं क्योंकि 31 जनवरी को आर्थिक सर्वे और 1 फरवरी को देश का बजट पेश किया जाना है।

नोट: ऐनवक्त पर हड़ताल स्थगित भी की जा सकती है।

तीन दिनों तक अगर बैंकों का कामकाज ठप रहता है तो जनवरी की सैलरी रिलीज होने में देरी और एटीएम में कैश की किल्लत जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अपने पास कैश का पूरा इंतजाम रखें और अगर कोई बड़ी जरूरत है तो अगले दो दिनों में बंदोबस्त कर लें।

 

मप्र में 14 लाख कर्मचारी-पेंशनरों को देरी से मिलेगा जनवरी का वेतन!

– 31 जनवरी व 1 फरवरी को हड़ताल
– 2 फरवरी को अवकाश के कारण बंद रहेंगे बैंक

बैंक यूनियन कर रही है मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल

भोपाल। प्रदेश के 14 लाख से अधिक अधिकारी, कर्मचारी व पेंशनरों को जनवरी माह का वेतन देरी से मिलेगा। 31 जनवरी से बैकों के तीन दिन तक बंद रहने के कारण वेतन भुगतान में देरी होगी। बैंकों में 31 जनवरी व 1 फरवरी को हड़ताल है। 2 फरवरी को अवकाश है। इस तरह हड़ताल व अवकाश के कारण बैंकों में कामकाज तीन दिन बंद रहेगा। बैंककर्मी लंबित मांगों को पूरा नहीं करने से नाराज हैं। इन्होंने 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी भी दी है। यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स बैंक कर्मचारियों का साझा मंच है। इसमें कुल 9 यूनियनें हैं। इन्होंने सामूहिक रूप से हड़ताल बुलाई है इसलिए 99 फीसदी हड़ताल की संभावना है। यदि हड़ताल हुई तो अधिकारी, कर्मचारी सभी शामिल होंगे और बैंक बंद रहेंगे। हालांकि केंद्र सरकार यूनियन पदाधिकारियों से संपर्क में हैं। दिल्ली में उच्च स्तरीय बैंठकों का दौर चल रहा है। ऐनवक्त पर हड़ताल स्थगित भी की जा सकती है।

हड़ताल के संबंध में बताया जा रहा कि वेतन पुनर्गठन समझौते को लागू नहीं किया जा रहा है। यह लागू हो जाता तो बैंककर्मियों को आर्थिक मदद मिलती। केंद्र एक के बाद एक बैंकों को मर्ज करते जा रहा है, लेकिन इन बैंकों के बकाया वसूली को लेकर कोई ठोस नीति नहीं है। हजारों करोड़ों का बकाया डूब में चला जाएगा। इसका नुकसान बैंक, उनमें काम करने वाले कर्मचारी व देश को हो रहा है। इसके कारण आर्थिक सुस्ती आ रही है। बैंकों को मर्ज करने से रोजगार के अवसर खत्म हो रहे हैं। यूनियन के पदाधिकारियों ने पूर्व में चेतावनी दी है कि 31 जनवरी, 1 फरवरी, 11, 12 व 13 मार्च को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे। इसके बावजूद भी हल नहीं निकला तो 1 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

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