‘मुझ जैसे व्यक्ति के लिए बड़ा सम्मान’—बंगाल जीत पर कैलाश विजयवर्गीय का बयान

‘मुझ जैसे व्यक्ति के लिए बड़ा सम्मान’—बंगाल जीत पर कैलाश विजयवर्गीय का बयान
पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐतिहासिक जीत के बाद मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और बंगाल के पूर्व प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय बेहद उत्साहित नजर आए. इंदौर स्थित अपने निवास पर उन्होंने वहां पहुंचे हर व्यक्ति और मीडियाकर्मियों को बंगाली डिश ‘झालमुड़ी’ खिलाकर जीत का जश्न मनाया. लेकिन, इस खुशी के बीच जब बंगाल के संघर्ष के दिनों पर सवाल हुए, तो विजयवर्गीय अपने आंसू नहीं रोक पाए और कैमरे के सामने बेहद भावुक हो गए.

प्रेस वार्ता के दौरान अपने दर्द को बयां करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “मुझ जैसे व्यक्ति पर रेप और बच्चों को विदेश बेचने जैसे घिनौने आरोप लगाए गए. मुझ पर कई फर्जी केस दर्ज किए गए. जब मैं वहां चुनाव प्रचार में जाता था, तो मुझ पर पत्थर और बम तक फेंके गए.” उन्होंने रुंधे गले से कहा, “आज मैं अगर यहां आपके सामने जिंदा बैठा हूं, तो यह सिर्फ गृहमंत्री अमित शाह की देन है.”

अब सीमा से बाहर भाग रहे बांग्लादेशी- कैलाश विजयवर्गीय
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बंगाल की जीत को देश की आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी जीत बताया. उन्होंने कहा, “बंगाल में कोई भी सुरक्षित नहीं था. लेकिन आज निरपेक्ष चुनाव के परिणाम हमारे सामने हैं और अब हालत ये है कि बांग्लादेशी वहां से सीमा के बाहर भाग रहे हैं. बंगाल में नारी का भारी अपमान किया गया, आज उसी का परिणाम वहां की सत्ताधारी पार्टी को मिला है. इस देश की पहचान श्री राम, श्री कृष्ण, गंगा-जमुना और बद्रीनाथ-केदारनाथ हैं. बंगाल की जीत देश को और ताकतवर बनाएगी.”

विपक्ष पर तीखा तंज
विपक्ष पर हमला बोलते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि जिस तरह से उन्हें हार मिली है, उनके नेता मैदान छोड़कर भाग खड़े हुए हैं. अब वे कांग्रेस और राहुल गांधी की तरह रोने लगे हैं और अपनी हार का ठीकरा चुनाव आयोग व EVM पर फोड़ रहे हैं. उन्होंने एक नेता का नाम लिए बिना तंज कसा, “वहां के एक ‘अभिषेक’ नामक नेता ने गृहमंत्री के लिए अपशब्दों का प्रयोग किया था, लेकिन चुनाव परिणाम आते ही वह वहां से भाग गया है.”

तीन दशक में पहली बार हुए निष्पक्ष चुनाव- कैलाश विजयवर्गीय
कैबिनेट मंत्री ने वामपंथियों और ममता बनर्जी की पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल में पिछले तीन दशकों में पहली बार बिना खून-खराबे के निष्पक्ष चुनाव हुए हैं. उन्होंने याद दिलाया कि फलता (Falta) विधानसभा में उन पर और जेपी नड्डा के काफिले पर कितने बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए थे.

कैलाश विजयवर्गीय ने आगे कहा कि बंगाल में अपराधियों को Z+ सुरक्षा दी जाती है, जो हमारे यहां सांसदों को भी नहीं मिलती. वहां एक क्रिमिनल नेक्सस (Nexus) काम करता था, जिसे इस चुनाव में चुनाव आयोग ने तोड़ दिया.

विजयवर्गीय ने कहा कि सीमावर्ती राज्यों में बीजेपी की सरकार होना देश की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे सुनिश्चित किया है. अंत में उन्होंने असम में भी दोबारा बीजेपी सरकार बनने पर खुशी जाहिर की और हिमंत बिस्वा सरमा को एक बेहतरीन नेता बताया.