रंगपंचमी पर 200 फीट की ऊंचाई से हुई रंगों की बरसात, हर चेहरे पर लगा गुलाल

रंगपंचमी पर उड़ा जमकर रंग-गुलाल।

राजबाड़ा पर रंगपंचमी पर उड़ा जमकर रंग-गुलाल।

पश्चिम क्षेत्र में रंगपंचमी के मौके पर चार रंगारंग गेर और 2 फाग यात्रा निकाली गईं

गेर को यूनेस्कों में सांस्कृतिक विरासत में शामिल कराने के लिए प्रशासन ने करवाई वीडियोग्राफी

इंदौर. शहर की पहचान रंगपंचमी पर राजबाड़ा में सोमवार को जमकर रंग-गुलाल उड़ा। हर चेहरे पर रंग-गुलाल नजर आया। रंगपंचमी मनाने सोमवार सुबह से ही हजारों लोग राजबाड़ा पहुंच गए। एक के बाद एक गेर के पहुंचते ही रंग-गुलाल का मिसाइल से उड़ना शुरू हो गया। करीब 200 फीट ऊंचाई से रंगों की बरसात हुई, जिससे पूरा आसमान सतरंगी रंग में नजर आने लगा। गेर का इतिहास आजादी से पहले का है। तब महाराजा तुकोजीराव पांच दिन की होली मनाते थे। लोहे की कोठी रंगाड़ों में रखकर लोग गेर निकालते और पिचकारी से रंगों की बौछार होती थी। अब 72 साल बाद गेर का आकार, स्वरूप बदल चुका है।

पश्चिम क्षेत्र में सोमवार रंगपंचमी पर 4 रंगारंग गेर और 2 फाग यात्रा निकाली गईं। इसमें हजारों किलो गुलाल और पानी से लाखों लोगों को भिगोया गया। वर्षों पुरानी परंपरा के लाखों लोग साक्षी बने। टोरी कॉर्नर रंगपंचमी महोत्सव समिति, रसिया कॉर्नर, संगम कॉर्नर चल समारोह, मॉरल क्लब के अलावा हिंद रक्षक संगठन और माधव फाग यात्रा निकाली गई। इंदौर के साथ ही बाहर से भी लोग इस यात्रा में शामिल हुए।

ऐसा रहा यात्रा का क्रम

सबसे पहले टोरी कॉर्नर गेर चली। दूसरे नंबर पर मॉरल क्लब की गेर। इसके बाद रसिया कॉर्नर की गेर ने लोगों को रंग में सराबोर किया। यह तीनों गेर सोमवार सुबह 10 से 10.30 बजे शुरू हुईं और गोराकुंड चौराहे क्रास हुई।

इसके बाद राधा-कृष्ण फाग यात्रा हुई जो गोराकुंड चौराहे पर मिली।

इसके बाद संगम कॉर्नर की गेर मल्हारगंज थाने के सामने पहुंची और गोराकुण्ड चौराहे को पार किया।

संगम कार्नर चल समारोह समिति : संगम कॉर्नर की परंपरागत सद्भावना गेर का यह 64वां वर्ष है। आयोजन समिति के कमलेश खंडेलवाल ने बताया गेर में वृंदावन बांके बिहारी मंदिर से लाई गई 21 फीट लंबी धर्म ध्वजा भी लहराई। गेर में मिसाइल के जरिए 200 फीट ऊपर से रंगों की बारिश की गई। 7 हजार किलो टेसू के रंग से बने गुलाल द्वारा राजबाड़ा पर तिरंगा पानी और गुलाल की मिसाइल से बनाया गया। अग्नि मिसाइल द्वारा गुलाब के फूल पंखुडिय़ों से स्वागत किया गया। बरसाना से आई टीम लट्ठ मार होली का मंचन भी किया गया। गैर में दो बैंड, 5 डीजे, 12 रनगाड़े, 15 टैक्ट्रर, 5 मेटाडोर, 4 डंपर, 50 ढोलक, 5 पानी की मिसाइल, 3 गुलाल की मिसाइल, 2 तोप व अन्य वाहन शामिल हुए।

टोरी काॅर्नर रंग पंचमी महोत्सव समिति : टोरी कॉर्नर गेर के संयोजक शेखर गिरी व शिव गुप्ता ने बताया यहां समिति का 73वां वर्ष है। यात्रा टोरी कार्नर से शुरू होकर राजबाड़ा पहुंची। आयोजन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। स्वचलित मिसाइलों से 70 फीट की ऊंचाई तक रंग फेंका गया। उन्होंने बताया आयोजन प्रदेश नहीं पूरे देश की धरोहर के रूप में पहचान पाने वाला है। गैर को यूनेस्को में संरक्षित घोषित कराने का प्रयास किया जा रहा है। गैर सुबह 9.30 बजे टोरी कार्नर से शुरू हुई।

रसिया काॅर्नर की गेर : रसिया कॉर्नर गेर के पंडित राजपाल जोशी ने बताया कि गेर सोमवार सुबह 10 हरिराम मंदिर में पूजा के बाद शुरू हुई। यात्रा में पुलवामा में शहीद हुए 45 जवानों को याद करते हुए 45 युवा (आर्मी जैसे टीशर्ट) पहनकर शामिल हुए। वहीं 200 युवा केसरिया हेलमेट पहनकर शामिल हुए। 51 फीट तक टैंकर के जरिए रंग उड़ाया गया। आयोजन में तीस गाड़ियां शामिल हुईं, जिसमें रंगाड़े, टैक्टर-ट्राली, पानी के 5 टैंकर, मिसाइल आदि शामिल हैं। इसमें ढ़ाई हजार किलो गुलाल का इस्तेमाल किया गया।

टोरी कॉर्नर : टोरी कॉर्नर रंगपंचमी समिति के शेखर गिरि के अुनसार गेर की शुरुआत 1974 में हुई थी। इस बार गेर में स्वचलित मिसाइल से 70 फीट उंचाई तक रंग फेंका गया।

गेर में शामिल झांकी ने मोहा मन।

फाग यात्रा : हिंद रक्षक संगठन द्वारा रंगपंचमी पर राधाकृष्ण फाग यात्रा निकाली गई। संयोजक एकलव्य गौड़ ने बताया 1998 से जारी यह यात्रा धार्मिक स्वरूप में ही निकाली गई। भगवान राधाकृष्ण के रथ को हजारों मातृशक्तियां अपने हाथों से खींचते हुए चले। यात्रा नृसिंह बाजार से सुबह 10 बजे शुरू हुई, जिसमें टेसू के फूलों से तैयार 1 हजार किलो सूखे हर्बल रंग का प्रयोग किया गया।

माधव फाग यात्रा : माधव फाग यात्रा के संयोजक दिनेश वर्मा के अनुसार पिछले 15 सलों से यात्रा निकाली जा रही है। यह जबरन कॉलोनी से शुरू होकर गाडी अड्‌डा, जवाहर मार्ग, पंढ़रीनाथ, हरसिद्धी पहुंची। यात्रा में राधा कृष्ण की झांकी शामिल हुई।

सवा सौ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से रखी नजर : एसएसपी रुचिवर्धन मित्र ने बताया कि पूरे गेर मार्ग पर 8 ड्रोन कैमरों और सवा सौ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी गई। 2 हजार जवानों का बल तैनात किया गया था। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सादी वर्दी में क्राइम ब्रांच और वी केयर फॉर यू टीम की महिला आरक्षक तैनात थीं। कंट्रोल रूम पर तत्काल एक्शन के लिए विशेष टुकड़ी तैनात की गई थी। स्वचलित कंट्रोल रूम भी राजबाड़ा के पास बनाया गाय था।

गेर खत्म होते ही सफाईकर्मी काम में जुट गए।

गेर के मुख्य मार्गों पर चला विशेष सफाई अभियान : नृसिंह बाजार, बड़ा सराफा, छोटा सराफा, शीतलामाता बाजार, एमजी रोड, खजूरी बाजार, कृष्णपुरा रोड, राजबाड़ा क्षेत्र में गेर निकलने के बाद विशेष सफाई अभियान चलाया गया। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शहरवासियों से नगर निगम की यही अपेक्षा थी कि सफाई में लगातार नंबर वन को ध्यान में रखते हुए जगह-जगह गंदगी न करें।

प्रशासन ने कराई वीडियोग्राफी : रंगपंचमी की गेर इंदौर में ही इतनी भव्यता के साथ निकलती है, इसे यूनेस्कों में महत्वपूर्ण सांस्कृतिक विरासत में शामिल कराने के लिए प्रशासन प्रयास कर रहा है। इसके लिए विशेष तौर पर वीडियोग्राफर और फोटोग्राफर रखे गए और एडीएम अजय देव शर्मा द्वारा गेर की वीडियो, फोटो आदि बनवाए गए। शर्मा ने बताया कि पुराने दस्तावेज, रिकार्ड, फोटो भी प्रशासन द्वारा जमा कराए जा रहे हैं, इन सभी को एकत्र कर मप्र शासन के संस्कृत विभाग को भेजा जाएगा, जहां से यूनेस्को के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।

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