आप जानते है, सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर ये टोटका जनप्रतिनिधियों को जागा सकता है?

राजधानी भोपाल के रिटायर्ड कर्मचारियों, सरकारी विभागों में कार्य कर रहे हजारों दैनिक वेतन-भोगियों के क्षेत्र कोलार रोड जिस पर अधिकारियों-नेताओं का आलीशान बंगलो में रहवास भी है का भोपाल नगर निगम, राजधानी परियोजना व अन्य निर्माण संस्थाओं द्वारा भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है, ये बात और है कि एक पूर्व मुख्यमंत्री ने घोषणों की बाढ़ से कोलार रोड के विकास को बहा दिया था। अब भी एक पूर्व मुख्यमंत्री विकास को गोद लेने का दावा भी कर रहे है पर कई जांचों के बाद भी विकास आगे बढ़ने का साहस नही कर पर रहा है।
सवाल ये है कि कब तक कोलार रोड की जनता का उपयोग मात्र वोट बैंक की राजनीति के लिए होता रहेगा?
kolar news
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