बांटने की जरूरत नहीं इंदौर को :मेयर मालिनी गौड़

राजस्थान के जयपुर, जोधपुर और कोटा को वहां की सरकार ने दो-दो नगर निगमों में बांट दिया. इसी तर्ज पर अब मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार भी सूबे के तीन शहरों भोपाल , इंदौर और जबलपुर को दो नगर निगमों में बांटने जा रही है. राज्य के नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह ने कहा कि शहरी विकास के लिए छोटे जनसंख्या वाले वार्डों का होना जरूरी है. जबलपुर और इंदौर शहर में दो नगर निगम बनाने का कोई सुझाव या आवेदन आता है तो उस पर विचार किया जाएगा यानी राज्य सरकार ने इन दोनों शहरों में भी दो-दो नगर निगम बनाने का मन बना लिया है. हालांकि जैसे ही मंत्री जयवर्धन सिंह का ट्वीट आया इंदौर की मेयर मालिनी गौड़ ने इसका विरोध कर दिया.

इंदौर की मेयर मालिनी गौड़ का कहना है कि इंदौर शहर को दो हिस्सों में बांटने की जरूरत नहीं है, जिस तरह से इंदौर स्वच्छता में तीन बार से लगातार नंबर वन बना हुआ है इससे नगर निगम की प्रभावी कार्यप्रणाली दिखाई देती है. नगर निगम सफाई से लेकर नागरिकों को सुविधाएं देने में कहीं से पीछे नहीं है. ऐसे में शहर का विभाजन ठीक नहीं है. उन्होने कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा को जबलपुर में ध्यान देने का ही सुझाव दिया है.

मध्य प्रदेश में फिलहाल 16 नगर निगम हैं, जिन पर 16 मेयर बीजेपी के काबिज हैं. ऐसे में राज्य की कांग्रेस सरकार अब इन नगर निगमों पर अपने महापौर बनाना चाहती है. इसलिए पहले मेयर के चुनाव सीधे न कराकर पार्षदों में से मेयर चुनने का अध्यादेश जारी कर दिया. अब बड़े नगर निगमों को बांटने की कवायद शुरू हो गई है. भोपाल को दो भागों में बांटने के बाद अब प्रदेश की व्यापारिक राजधानी इंदौर और संस्कारधानी जबलपुर में भारतीय जनता पार्टी को समेटने के लिए कांग्रेस ने योजना बना ली है. इसलिए भोपाल की तर्ज पर इंदौर और जबलपुर नगर निगम को भी दो हिस्सों में बांटने पर मंत्री ने एक तरह से अपनी सहमति दे दी है वो इसके पीछे शहरों के विकास और जनता के काम तेजी से होने का हवाला दे रहे हैं. हालांकि इसके पीछे कांग्रेस की मंशा यही है कि सालों से नगरीय निकायों से काबिज बीजेपी को नेताओं को हटा दिया जाए.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद विवेक तन्खा ने एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने मांग की कि जबलपुर म्यूनिसिपल कार्पोरेशन 1956 के कानून के तहत स्थापित हुआ तब जबलपुर की जनसंख्या दो लाख दी अब 15 लाख होगी. आज नगर निगम के 70 वार्ड हैं यदि दो कार्पोरेशन होंगे तो वार्ड संख्या दोगुनी हो जाएगी और शहर को दो मेयर भी मिलेंगे. कल में विधि सम्मत आवेदन नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह को करूंगा. जबकि आवेदन होता उससे पहले ही विवेक तन्खा के ट्वीट का मंत्री जयवर्धन सिंह ने जवाब दे दिया कि माननीय विवेक तन्खा के विचार उचित हैं. शहरी विकास के लिए छोटे जनसंख्या वाले वार्डों का होना जरूरी है.

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