भोपाल, 09 जुलाई/ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से केंद्रीय महिला-बाल विकास और अल्पसंख्यक कार्य मंत्री स्मृति ईरानी ने आज भोपाल प्रवास के दौरान यहां मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में सौजन्य भेंट की। श्रीमती ईरानी ने प्रदेश में लागू महिला कल्याण योजनाओं की सराहना की। आधिकारिक जानकारी के अनुसार श्रीमती ईरानी ने बताया कि वे जब महिलाओं के एक कार्यक्रम में इन्दौर आईं थीं तो निम्न मध्यवर्गीय तबके की हजारों महिलाओं ने उन्हें प्रदेश में लागू महिला कल्याण योजनाओं के अच्छे अनुभवों से अवगत करवाया था। केन्द्र और राज्य सरकार की महिला कल्याण की योजनाओं से बड़ी संख्या में महिलाएँ लाभान्वित हो रही हैं। श्रीमती ईरानी ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में किए गए परिवर्तन से अब परिवार में दूसरी बेटी होने पर भी योजना का लाभ मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने श्रीमती ईरानी को प्रदेश में लागू महिला कल्याण योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2006 में लाडली लक्ष्मी योजना प्रारंभ की गई जिससे बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहन मिला और प्रदेश में लिंगानुपात में भी सुधार हुआ। प्रदेश में निरंतर महिला कल्याण की योजनाएँ लागू की गई। प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र में पहले गर्भवती और शिशुवती महिलाओं के लिए पोषण और देखभाल की व्यवस्था का अभाव था। वर्तमान में शिशु के जन्म के पहले 4 हजार और शिशु के जन्म के बाद 6 हजार रुपये माताओं को प्राप्त होते हैं जिससे वे अपने स्वास्थ्य और पोषण का पर्याप्त ध्यान रख पाती हैं। श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में स्थानीय निकायों और पुलिस बल में क्रमशः 50 और 30 प्रतिशत का आरक्षण देकर बेटियों और महिलाओं का सशक्तिकरण किया गया है। यह पहल करने वाला मध्यप्रदेश पहला प्रदेश रहा है। पुलिस बल में आरक्षण का विभिन्न स्तरों पर विरोध सहन करने के बाद भी महिलाओं के हित में यह निर्णय लिया गया। प्रदेश में महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टाम्प शुल्क में भी रियायत देने से बड़ी संख्या में महिलाएँ संपत्ति की मालिक बनी हैं। गाँव की बेटी और प्रतिभा किरण योजना से भी बेटियाँ लाभान्वित हुई हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूंजीगत व्यय में कमी किए बिना प्रदेश के बजट में कई गुना वृद्धि हुई है। प्रदेश अनेक क्षेत्रों में आगे है। विभिन्न वर्गों का कल्याण सुनिश्चित किया गया है। श्री चौहान ने कहा कि पूर्व सरकार ने अनेक योजनाएँ बंद कर दी थीं, जिनमें बैगा, सहरिया और भारिया जनजाति की महिलाओं को मिलने वाली मासिक एक हजार रुपये की आहार अनुदान राशि भी शामिल थी। इसी तरह संबल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन सहित अन्य योजनाओं का क्रियान्वयन पूर्व सरकार द्वारा नहीं किया गया। वर्तमान में मध्य प्रदेश सरकार ने लाड़ली बहना योजना प्रारंभ कर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की राह आसान की है। योजना के अंतर्गत द्वितीय मासिक किश्त का भुगतान सोमवार 10 जुलाई को किया जा रहा है। इस दौरान चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग भी उपस्थित थे।
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