जमीन से आसमान तक अभेद सुरक्षा, 12 परमाणु हथियार पहली बार तैनात

जमीन से आसमान तक अभेद सुरक्षा, 12 परमाणु हथियार पहली बार तैनात
न्यूक्लियर सबरमरीन पर तैयार रखा है. हाल ही में जारी SIPRI की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के पास करीबन 190 न्यूक्लियर हथियार हैं. पिछले कुछ सालों में इनमें इजाफा भी हुआ है.

यह बदलाव भारत के न्यूक्लियर ट्रायड यानी हवाई, जमीन और समुद्री सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम है. भारत मिसाइलों को कैनिस्टर और समुद्री डिटरेंस पेट्रोलिंग जैसे फैसले भी ले रहा है. भारत का न्यू्क्लियर कार्यक्रम हमेशा से रक्षा करने का रहा है. हमला का नहीं रहा है.

क्या बदल गई नीति?
अब सवाल उठ रहा है कि भारत की नीति बदल गई है, तो ऐसा नहीं है. भारत की न्यूक्लियर पॉलिसी नो फर्स्ट यूज पर आधारित है. ऐसे में भारत कभी भी न्यूक्लियर अटैक पहले नहीं करेगा. ये हमला सिर्फ जवाबी कार्रवाई होगी. यानी अगर कोई देश भारत पर न्यूक्लियर हमला करता है, तो उसपर यह हमला किया जाएगा. इसका मकसद सिर्फ दुश्मनों को रोकना है.

परमाणु हथियारों पर भारी खर्च कर रहे अमेरिका और चीन, भारत ने भी बढ़ाया
परमाणु हथियारों पर भारत भारी खर्च कर रहा है. इंटरनेशनल कैंपेन टू एबोलिश न्यूक्लियर वेपन्स की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2025 में एटमिक वेपन पर होने वाला वैश्विक खर्च अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. इस में दावा किया गया है कि भारत ने भी एटमिक वेपन्स पर अपना खर्च बढ़ाया है. खुल खर्च के मामले में चीन से काफी पीछे और अमेरिका से बहुत पीछे हैं. आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में दुनिया में परमाणु हथियारों पर कुल मिलाकर 119 अरब डॉलर खर्च हो चुका है. जमीन से आसमान तक अभेद सुरक्षा, 12 परमाणु हथियार पहली बार तैनात

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