
पेंशन, छात्रवृत्ति, महिला कल्याण, दिव्यांगजन सहायता और गरीब परिवारों के लिए प्रमुख सरकारी योजनाओं की संक्षिप्त जानकारी
उत्तर प्रदेश में सामाजिक कल्याण योजनाओं का दायरा वृद्धजन और महिलाओं की पेंशन से लेकर दिव्यांगजन सहायता, छात्रवृत्ति, बालिका कल्याण, विवाह अनुदान और गरीब परिवारों की आर्थिक मदद तक फैला है। 2026-27 के बजट में इन वर्गों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
वृद्धावस्था पेंशन
पात्र वरिष्ठ नागरिकों को ₹1,000 प्रतिमाह की दर से वृद्धावस्था/किसान पेंशन दी जा रही है। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार लगभग 67.50 लाख लाभार्थी इससे जुड़े हैं। Family ID के माध्यम से पात्र लोगों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।
निराश्रित महिला पेंशन
निराश्रित और विधवा महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने वाली इस योजना में 2025-26 तक 38.58 लाख से अधिक लाभार्थी बताए गए हैं। 2026-27 में इसके लिए लगभग ₹3,500 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है।
दिव्यांगजन कल्याण
पात्र दिव्यांगजनों को ₹1,000 प्रतिमाह की पेंशन दी जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 11 लाख से अधिक दिव्यांगजन इसका लाभ ले रहे हैं। 2026-27 में दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए लगभग ₹2,140 करोड़ प्रस्तावित हैं।
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना
परिवार के कमाऊ सदस्य की मृत्यु के बाद आर्थिक संकट झेलने वाले पात्र गरीब परिवारों को इस योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जाती है। 2024-25 में 1,12,875 परिवारों को सहायता मिलने की सरकारी जानकारी है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना
गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता के लिए संचालित इस योजना में 2024-25 में 95,448 जोड़ों का विवाह कराया गया। 2026-27 के बजट में सहायता राशि को ₹1.01 लाख करने और योजना के लिए ₹750 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना
बालिका के जन्म और शिक्षा के विभिन्न चरणों में सहायता देने वाली इस योजना के लिए 2026-27 में ₹400 करोड़ प्रस्तावित हैं। पात्र परिवार की वार्षिक आय सामान्यतः ₹3 लाख तक होनी चाहिए।
छात्रवृत्ति और शिक्षा
सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था है। 2026-27 में प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं।
| क्षेत्र | 2026-27 प्रस्तावित प्रावधान |
|---|---|
| अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति | ₹977 करोड़ |
| सामान्य वर्ग छात्रवृत्ति | ₹950 करोड़ |
| पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति | ₹3,060.50 करोड़ |
| पिछड़ा वर्ग कल्याण | ₹3,402 करोड़ |
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निःशुल्क ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी का अवसर देना है।
सर्वोदय विद्यालय और वृद्धाश्रम
कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए प्रदेश में 101 सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं। वहीं निराश्रित वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रदेश के 75 जिलों में वृद्धाश्रम व्यवस्था उपलब्ध है।
Family ID से Social Welfare व्यवस्था में बदलाव
उत्तर प्रदेश में Family ID के जरिए पात्र परिवारों और व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इससे लाभार्थी सत्यापन, DBT और योजनाओं की लक्षित पहुंच को बेहतर बनाने का प्रयास है।
उत्तर प्रदेश की Social Welfare व्यवस्था अब केवल पेंशन तक सीमित नहीं है। इसमें सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, दिव्यांगजन सहायता, शिक्षा, बालिका कल्याण और गरीब परिवारों की आर्थिक मदद को शामिल किया गया है। Family ID और DBT जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं के जरिए योजनाओं को पात्र लाभार्थियों तक अधिक लक्षित तरीके से पहुंचाने की दिशा में काम हो रहा है।




