जन्मदिन के विज्ञापन पर विवाद, बीजेपी ने छिड़का नमक

जन्मदिन के विज्ञापन पर विवाद, बीजेपी ने छिड़का नमक

भोपाल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के जन्मदिन पर वायरल हुआ दैनिक अखबार में छापा विज्ञापन विवादों में आ गया है, क्योंकि इसमें कई ऐसी बातों का जिक्र है, जिस पर बीजेपी चुटकी ले रही है, तो वहीं कांग्रेस इसमें साजिश ढूंढ़ रही है। कांग्रेस का कहना है ये विज्ञापन ने जारी नही किया है। जारी फुल पेज के विज्ञापन में कमलनाथ को जन्मदिन की बधाई दी गई है। विज्ञापन के निचले हिस्से में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी लिखा हुआ है। इस विज्ञापन में कमलनाथ को खास बनाने वाली बातों का जिक्र किया गया है।

बीजेपी ने ली चुटकी

बीजेपी मीडिया विभाग का प्रेस नोट

कम से कम जन्मदिन पर तो कमलनाथ जी को बख्श देते कांग्रेसी : रामेश्वर शर्मा

जो कांग्रेस कमलनाथ सरकार के एक वर्ष की उपलब्धियां जनता को बताने की बात कर रही थी, उसी ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के जन्मदिन पर विज्ञापन जारी करके उनकी छीछालेदर कर दी है। इससे पता चलता है कि कांग्रेस में किस दर्जे की खींचतान चल रही है और क्यों प्रदेश में जनहित के काम नहीं हो पा रहे हैं। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष व विधायक रामेश्वर शर्मा ने मुख्यमंत्री कमलनाथ के जन्मदिन पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी किए गए विज्ञापन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कही

रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री कमलनाथ के राजनीतिक सफर और कांग्रेस में वर्षों से जारी गुटीय खींचतान के बारे में प्रदेश का हर व्यक्ति जानता है। सभी को यह पता है कि कमलनाथ को 1996 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता स्व. सुंदरलाल पटवा ने पटखनी दी थी। जोड़तोड़ और विरोधी नेताओं को ठिकाने लगाने में माहिर होने की वजह से ही कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें प्रदेश कांग्रेस की कमान सौंपी थी। पूरा प्रदेश जानता है कि 1993 में किस तरह अर्जुनसिंह ने कमलनाथ का खेल खराब किया था और कैसे दिग्विजयसिंह की तिकड़मों के सहारे वे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री बनने में कामयाब रहे। लेकिन मुख्यमंत्री कमलनाथ के जन्मदिन पर प्रदेश कांग्रेस द्वारा इन तथ्यों को विज्ञापन के रूप में जारी करना यह बताता है कि कांग्रेस के नेता अपने विरोधी नेता को नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ते, चाहे जन्मदिन ही क्यों न हो। शर्मा ने कहा कि इस विज्ञापन के जरिए कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के अनुज लक्ष्मण सिंह की इस टिप्पणी पर मोहर लगा दी है कि कमलनाथ मजबूत नहीं, मजबूर मुख्यमंत्री हैं। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को यह बता दिया है कि आप छिंदवाड़ा मॉडल की वजह से नहीं, बल्कि राजा की वजह से मुख्यमंत्री बने हैं और उनके बिना इस सरकार का कोई आधार नहीं है। राजा ने जब-जब, जैसा-जैसा चाहा है, वैसा ही हुआ है और आगे भी होता रहेगा।

तिहाड़” का उल्लेख कही साजिश तो नही?

इस विज्ञापन में एक और विवादित बात है, जो आपातकाल के बाद हुए सत्ता बदलाव के बाद की है। विज्ञापन में कही गई खास बातों के मुताबिक, ‘आपातकाल के बाद 1979 में जनता पार्टी की सरकार के दौरान संजय गांधी को एक मामले में कोर्ट ने तिहाड़ जेल भेज दिया था। तब इंदिरा गांधी संजय की सुरक्षा को लेकर चिंतित थीं। कहा जाता है कि तब कमलनाथ जानबूझकर एक जज से लड़ पड़े और जज ने उन्हें सात दिन के लिए तिहाड़ जेल भेज दिया था। वहां वह संजय गांधी के साथ ही रहे।’

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