मध्य प्रदेश के शिशुपाल बने राष्ट्रीय “यदुवंशी गौरव रत्न”

मध्य प्रदेश के शिशुपाल बने राष्ट्रीय “यदुवंशी गौरव रत्न”

भोपाल, अखिल भारतीय यदुवंशी महासभा के दिल्ली में आयोजित यादव शौर्य दिवस समारोह में राजधानी के युवा समाजसेवी शिशुपाल यादव को समाज सेवा के लिए यदुवंशी गौरव रत्न से सम्मानित किया गया।

 

18 नबम्बर को हर वर्ष मनाया जाता है यादव शौर्य दिवस

लद्दाख की दुर्गम बर्फीली चोटी पर लिखी गई अहीरवाल के वीरों द्वारा लिखी शहादत की गाथा आज भी युवाओं के जहन में देशभक्ति की भावना जागृत कर देती है। चीनी आक्रमण के समय आज ही के दिन 18 नवंबर 1962 को लद्दाख की बर्फीली चोटी पर स्थित रेजांगला पोस्ट पर हुए युद्ध की गौरवगाथा विश्व के युद्ध इतिहास में अद्वितीय है।

वर्ष 1962 में रेजांगला पोस्ट पर हुए इस युद्ध में तत्कालीन 13 कुमाऊं बटालियन के 124 जवानों में से 114 जवान कुर्बान हो गये थे। इन जवानों ने 1300 चीनी सैनिकों को मार गिराया था। भौगोलिक परिस्थितियों और बर्फीले मौसम के अभ्यस्त होने के बावजूद हमारे सैनिकों ने उनका डटकर मुकाबला करते हुए पराजित कर दिया। मैदानी क्षेत्रों से गए हमारे सैनिकों के लिए हालत अनुकूल नहीं थी। हथियारों में भी हम उन्नीस थे। वीरों के सामने परीक्षा की घड़ी 17 नवंबर की रात तब आई थी, जब तूफान के कारण रेजांगला की बर्फीली चोटी पर मोर्चा संभाल रहे इन जवानों का संपर्क बटालियन मुख्यालय से टूट गया। विषम परिस्थितियों के बीच ही 18 नवंबर को तड़के चार बजे युद्ध शुरू हो गया लेकिन किसी को रेजांगला पोस्ट पर चल रहे ऐतिहासिक युद्ध की जानकारी नहीं मिल पाई। 18 हजार फुट ऊंची पोस्ट पर हुए युद्ध में वीरता के सामने चीनी सेना कांप उठी। रेजांगला पोस्ट पर दिखाई वीरता का सम्मान करते हुए ही भारत सरकार ने कंपनी कमांडर मेजर शैतान सिह को जहां मरणोपरांत देश के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार पदक परमवीर चक्र से जहां अलंकृत किया था, वहीं इसी बटालियन के आठ अन्य जवानों को वीर चक्र, चार को सेना मैडल व एक को मैंशन इन डिस्पेच का सम्मान प्रदान किया गया था। इसके अलावा 13 कुमायूं के कमांडिंग अफसर (सीओ) को एवीएसएम से अलंकृत किया था। सैन्य इतिहास में किसी एक बटालियन को एक साथ बहादुरी के इतने पदक नहीं मिले। बाद में सरकार ने कंपनी का नाम रेजांगला कंपनी कर दिया। रेजांगला युद्ध में शहीद हुए वीरों में मेजर शैतान सिह पीवीसी जोधपुर के भाटी राजपूत थे। जबकि नर्सिंग सहायक धर्मपाल सिह दहिया (वीर चक्र) सोनीपत के जाट परिवार से थे। कंपनी का सफाई कर्मचारी पंजाब का था। शेष सभी जवान वीर अहीर थे व इनमें अधिकांश यहां के रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ व सीमा से सटे अलवर के रहने वाले थे।

वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई

इस समारोह में भारत के सभी राज्यों से वरिष्ठ समाजसेवी नेता गण और आईएस आईपीएस अधिकारी एवं नेशनल खिलाड़ी और सेलिब्रिटी शामिल हुए “यादव शौर्य दिवस समारोह” का इस अवसर पर 18 नबम्बर 1962 के युद्ध में रेजांगला में शहीद हुए 114 यादव वीर शहीदों याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

अहीर रेजीमेंट की मांग

शहादत पर सभी समाजसेवियों ने अपने विचार रखकर मांग की अहीर रेजीमेंट का सम्मान मिलना चाहिए क्योंकि यादव वीर हमेशा हर युद्ध,लडाई में बढ़-चढ़कर सबसे आगे रहे हैं और देश के लिए पूरी इमानदारी और बाहुबल से लड़ाई लड़कर दुश्मनों को परास्त कर देश का सीना हमेशा गर्व से ऊंचा किया है। सेना में अहीर रेजिमेंट की मांग वर्षों से चली आ रही है, रेजांगला में “वीर अहीर” का सम्मान उस स्थान को सरकार के द्वारा तो दिया गया है और उस स्थान को “अहीर धाम” का भी सम्मान दिया गया है।

इसके बावजूद भी सरकार अहीर रेजिमेंट का गठन क्यों नहीं करना चाहती है ,इस मांग को लेकर यदुवंशी महासभा के द्वारा अभी तक 10 बार संसद का घेराव भी किया जा चुका है हर बार सरकार के द्वारा केवल आश्वासन दिया गया है, लेकिन हमें पूर्ण भरोसा है कि सरकार यह मांग जरूर पूरा करेगी।

यदुवंशी गौरव रत्न से सम्मानित होने पर शिशुपाल यादव ने कहा कि समाज को जागरूकता के लिए युवा साथियों को आगे आना चाहिए और वरिष्ठ जनों से निवेदन किया कि पूरे देश में युवा वीर योद्धाओं की एक टीम गठित कर समाज जागरूकता अभियान चलाना होगा तभी हम रेजीमेंट की मांग को और मजबूती से उठा सकेंगे इसके लिए हर व्यक्ति को वीर योद्धाओं के एक-एक दिन के रुकने और खाने की व्यवस्था हर यदुवंशी के घर पर करनी होगी तब जाकर घर-घर तक अलख लगाई जा सकती है मध्य प्रदेश जिम्मेदारी को उठाने के लिए मैं तैयार हूं मध्य प्रदेश में पंचायत स्तर पर कोई भी वीर योद्धा रेजीमेंट के मिशन को लेकर निकलता है तो उसके रुकने और खाने की व्यवस्था हर पंचायत स्तर तक हम करेंगे,।

मुझे जो यह इतना बड़ा सम्मान दिया गया मैं बहुत गौरवांवित महसूस कर रहा हूँ, यह मेरा नहीं अपितु मेरे परिवार मेरे मध्य प्रदेश के हर उन वरिष्ठ जन और युवाओं का सम्मान हैं जो हमारे कंधे से कंधा लगाकर समाज के लिए कार्य कर रहे हैं, और आज यह बात सिद्ध हो गई कि उर्जा कभी व्यर्थ नहीं जाती इसके लिए मैं समाज का रिणी हूं, और हमेशा समाज के लिए आगे रहकर सेवा करता रहूंगा, माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बृजेंद्र सिंह यादव जी और सभी राष्ट्रीय कोर कमेटी मध्य प्रदेश प्रदेश अध्यक्ष बड़े भाई श्री शिशुपाल यादव जी अशोकनगर (मेरे नाम राशि) का बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।

अखिल भारतीय यदुवंशी महासभा के द्वारा मध्य प्रदेश के यदुवंशी महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर समाजिक क्षेत्र में किये गए कार्य के लिए मुझे “यदुवंशी गौरव रत्न” से दिल्ली में सम्मानित किया गया यह सम्मान अखिल भारतीय यदुवंशी महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बृजेंद्र सिंह यादव जी भामाशाह श्री सुदेश यादव जी आईएएस अधिकारी, ज्वाइंट कमिश्नर ,लेबर कमिश्नर एससी यादव जी ,राष्ट्रीय महासचिव श्री राजबहादुर यादव जी, के द्वारा यह सम्मान दिया गया ।

कैसे हुआ यदुवंशी गौरव रत्न चयन?

— अखिल भारतीय यदुवंशी महासभा के युवा प्रदेश अध्यक्ष मध्य प्रदेश शिशुपाल यादव को यदुवंशी गौरव रत्न से सम्मानित उनके द्वारा समाज हित में किए गए कार्यों के लिए दिया गया है
—  पूरे प्रदेश में ब्लॉक स्तर तक संगठन को मजबूत कर अहीर रेजिमेंट की मांग को लेकर पोस्टकार्ड अभियान चलाया गया।
— अहीर रेजिमेंट की मांग के लिए 1 लाख पत्र प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भेजे गए।
— महू से भोपाल तक अहीर रेजिमेंट यात्रा में शिशुपाल ने पैदल यात्रा के लिए कई नौजवानों को यात्रा से जुड़ा और 260 किलोमीटर की पैदल यात्रा की।
— यात्रा डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जन्म स्थली महू से भोपाल बरखेड़ा राधा कृष्ण मंदिर तक की थी।
— जिसमें महामहिम राज्यपाल महोदय को राष्ट्रपति के नाम अहीर रेजिमेंट की मांग को लेकर ज्ञापन पत्र सौंपा गया।
— जरूरतमंदों को रक्तदान शिविर के माध्यम से समय-समय पर जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध कराने का कार्य शिशुपाल के द्वारा किया जाता रहा है।
— मध्य प्रदेश में समाज के लिए शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता अभियान।
— मध्य प्रदेश छात्रावास बनाने, नशा मुक्ति और रूढ़िवादी मान्यताओं के लगातार खिलाफ आंदोलनरत रहना।

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