शनि अमावस्या में ऐंती पर्वत पर 7 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

शनि अमावस्या में ऐंती पर्वत पर 7 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
शनि अमावस्या पर शनिवार को मुरैना जिले के ऐंती पर्वत स्थित प्राचीन शनि मंदिर में सात लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। यहां आयोजित मेले में शामिल होने शुक्रवार शाम से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। रात 12 बजे मंदिर के पट खुलते ही दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हुआ जो पूरे दिन अनवरत चला।

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने शनि दरबार में तेलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने भगवान शनि पर चढ़ाए गए तेल को दवा स्वरूप लिया। मंदिर परिसर में इस दौरान 600 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे।

शनि शिंगनापुर और लंका दहन से जुड़ी पौराणिक मान्यताएं
दरअसल ऐंती स्थित शनि मंदिर का संबंध महाराष्ट्र के शनि शिंगनापुर से है। मान्यता है कि शनि शिंगनापुर में विराजमान शनिदेव की शिला इसी पर्वत से ली गई है। यह भी मान्यता है कि शनिदेव रावण की कैद में थे। हनुमान जी ने लंका दहन कर उन्हें मुक्त कराया और उठाकर दूर फेंका तो वे ऐंती के पर्वत पर गिरे, यहीं तपस्या कर पुनः शक्ति प्राप्त की। इसी वजह से इसे ‘शनि पर्वत’ कहा जाने लगा।

ध्यान मुद्रा में विराजमान शनिदेव और भक्तों की आस्था
ऐंती में शनिदेव ध्यान मुद्रा में विराजमान हैं, जो भक्तों को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करते हैं। लोग यहां गंभीर बीमारियों से मुक्ति के लिए भी पहुंचते हैं।

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