महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार प्रदेशभर में घर-घर सर्वे अभियान चलाकर ऐसी महिलाओं की पहचान करेगी, जो रोजगार या स्वरोजगार से जुड़ना चाहती हैं। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं की योग्यता, कौशल और रुचि के आधार पर उन्हें उपयुक्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
सर्वे के दौरान महिलाओं की शैक्षणिक योग्यता, प्रशिक्षण, कार्य अनुभव और आजीविका से जुड़ी जरूरतों का विवरण एकत्र किया जाएगा। इसके आधार पर उन्हें स्वयं सहायता समूहों, कौशल विकास प्रशिक्षण, लघु उद्योग, हस्तशिल्प, डेयरी, सिलाई-कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ा जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस अभियान से बड़ी संख्या में महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकेंगी और उनकी आय में वृद्धि होगी। साथ ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा। संबंधित विभागों को सर्वे अभियान को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और पात्र महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार का कहना है कि यह अभियान महिलाओं को केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और विपणन से जोड़कर स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। इससे प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिलने की उम्मीद है।

























