रवि योग के संयोग में नाग पंचमी, घरों में निभाई जाएगी नाग देवता पूजन की परंपरा

सावन मास की शुक्ल पक्ष पंचमी को मनाया जाने वाला नाग पंचमी पर्व इस वर्ष 17 अगस्त 2026, सोमवार को मनाया जाएगा। पंचमी तिथि 16 अगस्त की शाम से शुरू होकर 17 अगस्त की शाम तक रहेगी। इस दिन नाग देवता की पूजा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।

नाग पंचमी के अवसर पर कई परिवारों में अपनी कुल परंपरा और स्थानीय मान्यताओं के अनुसार नाग देवता का पूजन किया जाता है। घर के पूजा स्थल, मुख्य द्वार या दीवार पर नाग देवता का चित्र बनाकर फूल, अक्षत, जल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करने की परंपरा भी कई क्षेत्रों में प्रचलित है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नाग पंचमी पर नाग देवताओं की पूजा करने से परिवार की सुख-शांति और सुरक्षा की कामना की जाती है। इस दिन भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व माना जाता है, क्योंकि शिवजी के गले में नाग विराजमान हैं।

पंचांग के अनुसार इस वर्ष नाग पंचमी का पूजा मुहूर्त अलग-अलग स्थानों के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। उदाहरण के लिए मध्य प्रदेश के अनूपपुर क्षेत्र में पूजा का समय सुबह 5:40 से 8:15 बजे तक बताया गया है। इसलिए स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त देखना उचित रहेगा।

नाग पंचमी पर परिवार की परंपरा के अनुसार व्रत, पूजा और नाग देवता की आराधना की जाती है। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक पूजा करने से नाग देवता और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है तथा घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

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