भोपाल। मध्य प्रदेश में पारंपरिक काम और हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों के लिए PM Vishwakarma Yojana महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं में शामिल है। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को पहचान, Skill Training, आधुनिक औजार, आसान ऋण, Digital Transaction और Market Support से जोड़ना है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना 17 सितंबर 2023 को शुरू की गई थी। केंद्र सरकार के अनुसार योजना में हाथ और औजारों से काम करने वाले पारंपरिक कारीगरों को 18 निर्धारित ट्रेड में सहायता दी जाती है।
मध्य प्रदेश के ऐसे कारीगर जो योजना में शामिल पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े हैं, वे अपनी पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी आधिकारिक पोर्टल से प्राप्त कर सकते हैं।
PM Vishwakarma Yojana क्या है?
PM Vishwakarma योजना का उद्देश्य पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ना है। योजना में कारीगरों को केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि Skill Upgradation, Modern Toolkit, Credit Support, Digital Payment और Marketing Support जैसी सुविधाओं का प्रावधान है।
सरकारी योजना दस्तावेज के अनुसार लाभार्थियों को PM Vishwakarma Certificate और ID Card से पहचान दी जाती है। इसके साथ प्रशिक्षण, Toolkit Incentive, Credit Support और Marketing Support उपलब्ध कराया जाता है।
मध्य प्रदेश में किन कारीगरों को मिल सकता है लाभ?
PM Vishwakarma योजना में कुल 18 पारंपरिक ट्रेड शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से ये व्यवसाय आते हैं:
- बढ़ई — Carpenter
- नाव बनाने वाला — Boat Maker
- अस्त्रकार — Armourer
- लोहार — Blacksmith
- हथौड़ा एवं टूल किट निर्माता
- ताला बनाने वाला — Locksmith
- सुनार — Goldsmith
- कुम्हार — Potter
- मूर्तिकार/पत्थर तराशने वाला
- मोची/जूता बनाने वाला
- राजमिस्त्री — Mason
- टोकरी, चटाई और झाड़ू बनाने वाला
- पारंपरिक गुड़िया एवं खिलौना निर्माता
- नाई — Barber
- माला बनाने वाला — Garland Maker
- धोबी — Washerman
- दर्जी — Tailor
- मछली पकड़ने का जाल बनाने वाला — Fishing Net Maker
सरकारी दस्तावेजों में इन 18 ट्रेड को योजना के दायरे में रखा गया है।
PM Vishwakarma Yojana में कितने रुपये का Toolkit मिलेगा?
योजना के तहत पात्र कारीगरों को ₹15,000 तक का Toolkit Incentive दिया जाता है। यह सहायता e-voucher के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है और इसका उद्देश्य कारीगरों को आधुनिक औजार उपलब्ध कराना है।
इसका सीधा संबंध कारीगर के काम की गुणवत्ता, productivity और आधुनिक उपकरणों तक पहुंच से है।
PM Vishwakarma Training में कितनी सहायता मिलेगी?
योजना में Skill Upgradation के लिए Basic और Advanced Training का प्रावधान है।
Basic Training: 5 से 7 दिन
Advanced Training: 15 दिन या उससे अधिक
प्रशिक्षण के दौरान सरकारी योजना दस्तावेजों के अनुसार ₹500 प्रतिदिन Training Stipend का प्रावधान है। Transport Allowance के रूप में ₹1,000 का भी प्रावधान दर्ज है।
इस Training का उद्देश्य पारंपरिक हुनर को आधुनिक तकनीक, बेहतर कार्यप्रणाली और बाजार की जरूरतों से जोड़ना है।
PM Vishwakarma Loan: ₹3 लाख तक Credit Support
PM Vishwakarma योजना में पात्र लाभार्थियों के लिए Collateral-Free Enterprise Development Loan का प्रावधान है।
सरकारी जानकारी के अनुसार कुल Credit Support ₹3 लाख तक है, जिसे दो Tranches में दिया जाता है:
पहली Tranche: ₹1 लाख तक
दूसरी Tranche: ₹2 लाख तक
पहली Tranche की repayment tenure 18 महीने और दूसरी Tranche की repayment tenure 30 महीने बताई गई है। योजना के दस्तावेजों के अनुसार concessional interest rate 5% निर्धारित है और Government of India interest subvention उपलब्ध कराती है।
ध्यान रखें कि Loan का लाभ योजना की पात्रता और निर्धारित बैंकिंग प्रक्रिया के अनुसार मिलता है। केवल योजना में पंजीकरण होने से Loan की स्वतः मंजूरी नहीं मानी जानी चाहिए।
Digital Payment करने पर भी Incentive
PM Vishwakarma में कारीगरों को Digital Transaction अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है।
सरकारी योजना विवरण के अनुसार पात्र लाभार्थी को ₹1 प्रति Digital Transaction का Incentive मिल सकता है, जिसकी सीमा अधिकतम 100 transactions प्रति माह तक बताई गई है।
इसका उद्देश्य पारंपरिक छोटे कारोबार को Digital Payment System से जोड़ना है।
कारीगरों को Marketing Support भी मिलेगा
योजना में केवल Training और Loan ही नहीं बल्कि Marketing Support का भी प्रावधान है।
इसके अंतर्गत Quality Certification, Branding, E-commerce Platforms पर Onboarding, Advertising, Publicity और Trade Fairs जैसी गतिविधियों के माध्यम से कारीगरों को बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
यह सुविधा खासतौर पर उन कारीगरों के लिए उपयोगी हो सकती है जो अच्छा उत्पाद तैयार करते हैं लेकिन उसे बड़े बाजार तक पहुंचाने में कठिनाई महसूस करते हैं।
PM Vishwakarma Yojana के लिए Eligibility क्या है?
योजना का लाभ उन पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए है जो योजना में अधिसूचित 18 ट्रेड में से किसी एक में काम करते हैं।
पात्रता की जांच में योजना के निर्धारित नियम, व्यवसाय, पंजीकरण और अन्य शर्तें लागू होती हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले Official PM Vishwakarma Portal पर वर्तमान Eligibility और Registration Requirements जरूर जांचें।
PM Vishwakarma Yojana में आवेदन कैसे करें?
PM Vishwakarma से संबंधित Registration और योजना की जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
आवेदन/पंजीकरण प्रक्रिया में कारीगर की पहचान और व्यवसाय से संबंधित जानकारी की आवश्यकता हो सकती है। सरकार ने योजना के लिए Common Service Centres (CSC) के माध्यम से पंजीकरण की व्यवस्था भी बताई है।
आवेदन से पहले जरूरी बातें
- अपना Aadhaar और मोबाइल नंबर तैयार रखें।
- बैंक खाते की जानकारी सही रखें।
- अपने पारंपरिक व्यवसाय की सही जानकारी दें।
- केवल निर्धारित 18 Trades में पात्रता होने की स्थिति में आवेदन करें।
- किसी अनजान व्यक्ति या फर्जी वेबसाइट को OTP न दें।
- Loan के नाम पर किसी अनधिकृत व्यक्ति को पैसे न दें।
- आवेदन की स्थिति केवल आधिकारिक माध्यम से जांचें।
मध्य प्रदेश में सरकारी सेवाओं के लिए उपयोगी पोर्टल
मध्य प्रदेश सरकार का MP e-Service Portal विभिन्न सरकारी विभागों की ऑनलाइन सेवाओं के लिए Single Window Platform के रूप में काम करता है। पोर्टल पर रोजगार/उद्यमिता एवं कौशल तथा सामाजिक कल्याण जैसी श्रेणियों की सेवाएं भी उपलब्ध हैं।
जरूरी Official Websites
PM Vishwakarma Official Portal:
PM Vishwakarma Official PortalMinistry of MSME, Government of India:
Ministry of MSME Official WebsiteMadhya Pradesh e-Service Portal:
MP e-Service Official PortalMP e-Seva Portal:
MP e-Seva Official Portal
PM Vishwakarma Portal को MSME Ministry के साथ लागू करने के लिए SIDBI द्वारा विकसित/maintain किया जाने वाला आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म बताया गया है।
2026 में PM Vishwakarma योजना की स्थिति
केंद्र सरकार के 2026 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार PM Vishwakarma योजना ने अपने 30 लाख beneficiary registrations के लक्ष्य को दो वर्षों में हासिल किया। 1 जनवरी 2025 से 5 दिसंबर 2025 के बीच 7.7 लाख लाभार्थियों ने Basic Skill Training पूरी की, जबकि ₹2,257 करोड़ के Credit Support को 2.62 लाख लाभार्थियों के लिए sanction किए जाने की जानकारी दी गई। इसी अवधि में 10.57 लाख modern toolkits वितरित किए जाने और 138 trade fairs, exhibitions तथा workshops आयोजित किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
दिसंबर 2025 तक सरकार ने 30 लाख registered beneficiaries में से 23.09 लाख के trained होने की जानकारी दी थी।
ये आंकड़े राष्ट्रीय स्तर के हैं, केवल मध्य प्रदेश के नहीं। मध्य प्रदेश के स्थानीय लाभार्थियों की संख्या अलग से आधिकारिक राज्य/जिला रिकॉर्ड से देखी जानी चाहिए।
मध्य प्रदेश के कारीगरों के लिए इसका क्या महत्व है?
मध्य प्रदेश में पारंपरिक कारीगरी और छोटे स्वरोजगार से जुड़े लोगों के लिए योजना का महत्व कई स्तरों पर देखा जा सकता है। एक तरफ आधुनिक औजार और Training से काम की क्षमता बढ़ाने का अवसर मिलता है, वहीं Credit Support छोटे कारोबार को विस्तार देने के लिए संस्थागत वित्त तक पहुंच उपलब्ध कराता है।
Digital Payment और Marketing Support का उद्देश्य कारीगरों को पारंपरिक स्थानीय बाजार से आगे बढ़ाकर Digital और organized market opportunities से जोड़ना है।
सावधान रहें: फर्जी PM Vishwakarma Registration से बचें
PM Vishwakarma के नाम पर फर्जी वेबसाइट या WhatsApp लिंक के जरिए Registration और Loan दिलाने के नाम पर ठगी की संभावना से सावधान रहें।
OTP, ATM PIN, Internet Banking Password या अन्य संवेदनशील बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।
योजना की जानकारी और आवेदन के लिए ऊपर दिए गए Official Government Portals का ही उपयोग करें।
PM Vishwakarma Yojana FAQ
PM Vishwakarma Yojana क्या है?
यह पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए केंद्र सरकार की योजना है, जिसमें पहचान, Skill Training, Toolkit, Credit Support, Digital Transaction Incentive और Marketing Support का प्रावधान है।
PM Vishwakarma में कितने ट्रेड शामिल हैं?
योजना में 18 पारंपरिक Trades शामिल हैं।
PM Vishwakarma में Toolkit के लिए कितनी सहायता है?
पात्र लाभार्थियों के लिए ₹15,000 तक Toolkit Incentive का प्रावधान है।
PM Vishwakarma में कितना Loan मिल सकता है?
योजना में कुल ₹3 लाख तक Enterprise Development Loan दो Tranches में उपलब्ध होने का प्रावधान है—₹1 लाख और ₹2 लाख।
क्या PM Vishwakarma में Training भी होती है?
हां। Basic Training 5–7 दिन और Advanced Training 15 दिन या उससे अधिक का प्रावधान है। Training के लिए ₹500 प्रतिदिन stipend का उल्लेख सरकारी योजना दस्तावेज में है।
क्या मध्य प्रदेश के कारीगर PM Vishwakarma का लाभ ले सकते हैं?
योजना देशभर में लागू है। मध्य प्रदेश के पात्र कारीगर, यदि वे निर्धारित 18 Trades में आते हैं और अन्य शर्तें पूरी करते हैं, तो योजना के लिए पात्र हो सकते हैं।
PM Vishwakarma की Official Website कौन सी है?
योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in है।
संपादक की कलम
PM Vishwakarma Yojana पारंपरिक कारीगरों को पहचान देने के साथ-साथ Skill Development, आधुनिक Toolkit, Institutional Credit, Digital Payment और Marketing से जोड़ने की व्यवस्था करती है। मध्य प्रदेश के बढ़ई, लोहार, कुम्हार, सुनार, दर्जी, नाई, राजमिस्त्री, मोची और अन्य अधिसूचित ट्रेड से जुड़े कारीगर अपनी पात्रता की जांच कर सकते हैं।
योजना से जुड़ी राशि, पात्रता, आवेदन और Loan की वर्तमान शर्तों में बदलाव संभव होने के कारण किसी भी आवेदन से पहले Official PM Vishwakarma Portal और संबंधित सरकारी वेबसाइट पर नवीनतम जानकारी देखना जरूरी है।
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