नई दिल्ली/पणजी। देश में Welfare Schemes और Public Welfare Programmes का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी निगरानी को लेकर केंद्र सरकार ने अपना फोकस और मजबूत करने के संकेत दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि अब Zonal Councils सिर्फ राज्यों के बीच विवादों को सुलझाने का मंच नहीं रह गए हैं, बल्कि इन्हें जनकल्याणकारी योजनाओं के implementation और monitoring का प्रभावी माध्यम बनाया जा रहा है।
अमित शाह ने सोमवार को गोवा के पणजी में Western Zonal Council की 28वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव के प्रशासक प्रफुल्ल के. पटेल सहित केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
Zonal Councils में तीन गुना बढ़ी Meetings
अमित शाह ने बताया कि वर्ष 2004 से 2014 के बीच Zonal Councils और उनकी Standing Committees की कुल 25 बैठकें हुई थीं। वहीं वर्ष 2014 के बाद अब तक 71 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं। यानी बैठकों की संख्या में करीब तीन गुना बढ़ोतरी हुई है।
इन बैठकों में अब तक 1,893 मुद्दों पर चर्चा हुई, जिनमें से 1,445 मामलों का समाधान किया जा चुका है। गृह मंत्री के मुताबिक यह राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और Central Ministries के बीच बेहतर coordination और cooperative federalism को दर्शाता है।
Welfare Schemes की Ground Level Monitoring पर जोर
Western Zonal Council की बैठक में Public Welfare Schemes की implementation और उनके ground-level impact से जुड़े कई मुद्दों की समीक्षा की गई। इनमें बच्चों में Malnutrition, Underweight और Stunting को कम करना प्रमुख विषय रहा।
इसके अलावा Aadhaar coverage और पात्र लोगों तक Ayushman Bharat Cards की पहुंच की भी monitoring पर जोर दिया गया। सरकार का उद्देश्य Welfare Schemes का लाभ सही beneficiary तक समय पर पहुंचाना और implementation में आने वाली practical problems को राज्यों के साथ मिलकर दूर करना है।
Ayushman Bharat और गरीबों के लिए Healthcare पर फोकस
बैठक में Ayushman Bharat–Pradhan Mantri Jan Arogya Yojana (AB-PMJAY) के implementation को लेकर भी चर्चा हुई। खास तौर पर Public Hospitals की योजना में participation और eligible beneficiaries तक healthcare benefits पहुंचाने के मुद्दे पर ध्यान दिया गया।
इसके साथ ही गांवों में निर्धारित दूरी के भीतर Brick-and-Mortar Banking Facilities उपलब्ध कराने का मुद्दा भी बैठक के एजेंडे में शामिल रहा, ताकि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को Banking और Financial Services तक बेहतर पहुंच मिल सके।
Poshan Abhiyaan और School Dropout भी Agenda में
Social Welfare के लिहाज से बैठक में Poshan Abhiyaan के जरिए बच्चों में malnutrition खत्म करने और school-going बच्चों के dropout rate को कम करने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
इससे साफ है कि Zonal Councils का फोकस अब केवल administrative coordination तक सीमित नहीं है। Education, Nutrition, Healthcare, Banking Access और Welfare Schemes की delivery जैसे मुद्दों को भी इसके agenda में प्रमुखता मिल रही है।
1,445 मुद्दों का समाधान, राज्यों के बीच Coordination मजबूत
अमित शाह ने कहा कि Zonal Councils की सक्रियता से राज्यों के बीच कई पुराने विवादों को सुलझाने में भी मदद मिली है। Western Region में राज्यों के बीच अब कोई विवाद लंबित नहीं होने को उन्होंने बड़ी उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि Team India और Cooperative Federalism की भावना के साथ केंद्र और राज्य मिलकर Development तथा Public Welfare के काम को आगे बढ़ा रहे हैं।
Women and Child Safety पर भी चर्चा
Western Zonal Council की बैठक में महिलाओं और बच्चों से जुड़े गंभीर मामलों पर भी चर्चा हुई। Rape cases की speedy investigation और trial के लिए Fast Track Special Courts के प्रभावी implementation का मुद्दा भी agenda में शामिल रहा।
इसके अलावा ERSS-112, Food Safety Standards, Railway Development Projects, Environmental Clearances, Electricity Supply और Urban Master Planning जैसे विषयों पर भी विचार किया गया।
Social Welfare Schemes की Delivery होगी और बेहतर
केंद्र सरकार की इस पहल का मुख्य उद्देश्य Welfare Schemes को केवल policy level तक सीमित न रखकर उनकी ground-level implementation और monitoring को मजबूत करना है। Zonal Councils के जरिए राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर coordination से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि Health, Nutrition, Education, Financial Inclusion और Social Security से जुड़ी योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक प्रभावी तरीके से पहुंचे।
अमित शाह के अनुसार Zonal Councils अब Development और Public Welfare के लिए Action-oriented Platform के रूप में आगे बढ़ रहे हैं।
























