नई दिल्ली। समाज के हाशिए पर रह रहे लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार की SMILE Scheme (Support for Marginalized Individuals for Livelihood and Enterprise) के तहत पुनर्वास और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दिया जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की यह योजना विशेष रूप से भीख मांगने की स्थिति में रह रहे लोगों और ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए व्यापक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।
SMILE के तहत केवल आश्रय उपलब्ध कराने तक सीमित रहने के बजाय लाभार्थियों को स्वास्थ्य सुविधाएं, काउंसलिंग, शिक्षा, कौशल विकास और आजीविका से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। सरकार का लक्ष्य पुनर्वास के जरिए लोगों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराना है। इस काम में राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों और सामाजिक संगठनों की भी भागीदारी रहती है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 तक SMILE के भिक्षावृत्ति पुनर्वास घटक का संचालन देश के 216 शहरों में किया जा रहा था और 10,200 से अधिक लोगों का पुनर्वास किया जा चुका था। सरकार ने वित्त वर्ष 2030-31 तक इस पहल के तहत करीब 35,000 लोगों को कवर करने का लक्ष्य रखा है।
योजना में बच्चों की स्थिति पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। पुनर्वास प्रक्रिया के दौरान जरूरत के अनुसार चिकित्सा सहायता, परामर्श, शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की व्यवस्था है, ताकि प्रभावित परिवारों और बच्चों को लंबे समय तक सहायता मिल सके।
SMILE के ट्रांसजेंडर कल्याण घटक के तहत भी पुनर्वास, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक समावेशन से जुड़ी सहायता दी जाती है। मंत्रालय के अनुसार देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में Garima Greh के माध्यम से आश्रय और सहायता की व्यवस्था संचालित की जा रही है।
सरकार ने योजना की निगरानी को मजबूत करने के लिए तकनीक का भी इस्तेमाल शुरू किया है। अप्रैल 2026 में SMILE-Beggary Survey Mobile Application लॉन्च किया गया, जिसका उद्देश्य लाभार्थियों से संबंधित जानकारी का डिजिटल रिकॉर्ड, बेहतर मॉनिटरिंग और समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करना है।
SMILE Scheme को सामाजिक कल्याण की ऐसी पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें आर्थिक सहायता के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल और रोजगार के अवसरों को जोड़कर जरूरतमंद लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश की जा रही है।

























