भोपाल। मध्य प्रदेश की महिलाओं और बेटियों से जुड़ी दो प्रमुख योजनाओं को लेकर मोहन यादव सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना को आगे भी जारी रखने की मंजूरी दे दी गई है। सरकार ने इन योजनाओं के लिए अगले पांच वर्षों की वित्तीय व्यवस्था को भी मंजूरी दी है।
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक लाड़ली बहना योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 1,14,365 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए इसी अवधि में 16,326.47 करोड़ रुपये की वित्तीय व्यवस्था मंजूर की गई है। सरकार का यह फैसला महिला सशक्तिकरण और बेटियों के सामाजिक एवं आर्थिक हितों से जुड़ी योजनाओं की निरंतरता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कैबिनेट बैठक में सिर्फ महिला कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर ही निर्णय नहीं हुआ, बल्कि सरकार ने विभिन्न जनकल्याण और विकास कार्यक्रमों के लिए करीब 1.46 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय निरंतरता को मंजूरी दी। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा अधोसंरचना के लिए 11,835.35 करोड़ रुपये तथा कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए 870.16 करोड़ रुपये का प्रावधान भी शामिल है।
बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना को भी वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए करीब 2,137.65 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना में केंद्र और राज्य की 60:40 हिस्सेदारी के आधार पर वित्तीय व्यवस्था की जाएगी।
सरकार के इस फैसले से मध्य प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के लिए संचालित प्रमुख सामाजिक कल्याण योजनाओं को आने वाले वर्षों में भी जारी रखने का रास्ता साफ हो गया है। कैबिनेट के फैसले के बाद इन योजनाओं के लिए दीर्घकालिक बजट व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में भी कदम बढ़ा है।

























