नई दिल्ली। ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और टिकाऊ आजीविका से जोड़ने वाली दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) 2.0 के कार्यान्वयन को अब तेज किया जा रहा है। केंद्र सरकार के अनुसार अक्टूबर 2026 से अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में DDU-GKY 2.0 के नए प्रशिक्षण बैच शुरू किए जाने की तैयारी है। पहले चरण में 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1,164 बैचों में 34,920 ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाना प्रस्तावित है।
DDU-GKY 2.0 क्या है?
Deen Dayal Upadhyaya Grameen Kaushalya Yojana ग्रामीण गरीब परिवारों के युवाओं को रोजगार से जुड़े कौशल का प्रशिक्षण देने वाली केंद्र प्रायोजित योजना है। इसे 25 सितंबर 2014 को National Rural Livelihoods Mission (DAY-NRLM) के अंतर्गत शुरू किया गया था। योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को उद्योग की जरूरत के अनुसार कौशल देकर रोजगार और स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है।
DDU-GKY मुख्य रूप से 15 से 35 वर्ष आयु वर्ग के ग्रामीण युवाओं को लक्षित करती है। संशोधित DDU-GKY 2.0 व्यवस्था में केवल प्रशिक्षण पूरा कराने के बजाय प्रशिक्षण, प्लेसमेंट, नौकरी में टिकाव और प्रशिक्षण के बाद सहायता को एक साथ जोड़ने पर जोर दिया गया है।
अक्टूबर 2026 से बड़े स्तर पर प्रशिक्षण
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार DDU-GKY 2.0 के तहत 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 2026-28 की अवधि के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1,200 से अधिक परियोजनाओं के लिए 5.6 लाख प्रशिक्षण लक्ष्यों का आवंटन किया जा चुका है।
पहले चरण में मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, मिजोरम और पुडुचेरी को शामिल किया गया है। इन राज्यों में अक्टूबर से प्रशिक्षण बैच शुरू करने की तैयारी है।
18.47 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण
सरकारी आंकड़ों के अनुसार DDU-GKY के तहत 2014-15 से अब तक 18.47 लाख से अधिक उम्मीदवारों को 800 से अधिक जॉब रोल में प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि 12.43 लाख से अधिक उम्मीदवारों को प्लेसमेंट मिला है। वर्तमान व्यवस्था में 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 749 से अधिक स्वीकृत परियोजनाएं, 760 से अधिक सक्रिय प्रशिक्षण केंद्र और 455 से अधिक Project Implementing Agencies काम कर रही हैं।
DDU-GKY 2.0 में क्या बदला?
DDU-GKY 2.0 में रोजगार की गुणवत्ता और स्थायित्व पर अधिक जोर दिया गया है। संशोधित व्यवस्था में न्यूनतम प्लेसमेंट अवधि को पहले के तीन महीने से बढ़ाकर छह महीने किया गया है। साथ ही प्लेसमेंट के बाद उम्मीदवारों की स्थिति को 12 महीने तक ट्रैक और सपोर्ट करने की व्यवस्था पर जोर है।
प्रशिक्षण व्यवस्था में तकनीकी कौशल के साथ English Communication, Employability and Life Skills, Computer and Digital Literacy तथा Entrepreneurship जैसे गैर-डोमेन कौशल भी शामिल किए गए हैं। तीन महीने के प्रशिक्षण मॉडल में कुल 576 घंटे के प्रशिक्षण ढांचे में 396 घंटे डोमेन प्रशिक्षण और 180 घंटे अनिवार्य नॉन-डोमेन प्रशिक्षण का प्रावधान बताया गया है।
किन क्षेत्रों में मिलेगा प्रशिक्षण?
DDU-GKY 2.0 को बदलती रोजगार जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया है। इसमें Agriculture, Healthcare, Textiles, Beauty and Wellness, Green Jobs, Aerospace and Aviation सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण के अवसर शामिल किए गए हैं। अन्य कार्यान्वयन संबंधी जानकारी में EV maintenance, renewable energy, logistics, retail, hospitality और media & entertainment जैसे उभरते क्षेत्रों पर भी जोर बताया गया है।
महिलाओं, SC-ST और दिव्यांग युवाओं पर भी फोकस
DDU-GKY में सामाजिक समावेशन को भी महत्व दिया गया है। योजना के तहत SC/ST समुदायों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए निर्धारित भागीदारी प्रावधान हैं। 2026 के PIB Backgrounder के अनुसार SC/ST के लिए 50 प्रतिशत और महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत कवरेज का प्रावधान बताया गया है।
इस वजह से DDU-GKY 2.0 को केवल Skill Development योजना के रूप में नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार, सामाजिक समावेशन, महिला सशक्तिकरण और गरीबी में कमी से जुड़ी पहल के रूप में भी देखा जा सकता है।
Job Mela से युवाओं और कंपनियों को जोड़ने की तैयारी
DDU-GKY 2.0 के तहत Job Melas के माध्यम से प्रशिक्षित ग्रामीण युवाओं और संभावित नियोक्ताओं को जोड़ने की व्यवस्था भी की गई है। इन मेलों में युवाओं का पंजीकरण, काउंसलिंग, नियोक्ताओं का सत्यापन और प्लेसमेंट परिणामों की निगरानी जैसे कार्य शामिल हैं।
डिजिटल मॉनिटरिंग पर जोर
DDU-GKY 2.0 में Integrated Portal के जरिए परियोजना पंजीकरण से लेकर प्रशिक्षण, मूल्यांकन, प्रमाणन, वित्तीय प्रबंधन और प्लेसमेंट ट्रैकिंग तक पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने पर जोर दिया गया है। उम्मीदवारों के लिए प्रशिक्षण खोजने और Project Implementing Agencies के प्रदर्शन को देखने की सुविधा भी प्रस्तावित डिजिटल व्यवस्था का हिस्सा है।
ग्रामीण युवाओं के लिए इसका क्या महत्व है?
DDU-GKY 2.0 का फोकस केवल किसी को एक कौशल सिखाने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य Training → Placement → Employment Retention → Career Progression की पूरी प्रक्रिया को मजबूत करना है। सरकार ने 2026-27 के केंद्रीय बजट में DDU-GKY के लिए ₹750 करोड़ का आवंटन भी बताया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को स्थानीय स्तर पर मजबूत करने, युवाओं को उद्योग की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित करने और उन्हें नौकरी अथवा स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में DDU-GKY 2.0 का विस्तार महत्वपूर्ण है।
Official Website:
DDU-GKY Official Portal
सरकारी जानकारी:
Ministry of Rural Development — DDU-GKY 2.0
महत्वपूर्ण: DDU-GKY 2.0 में प्रशिक्षण या पंजीकरण की वास्तविक उपलब्धता राज्य, परियोजना और प्रशिक्षण केंद्र के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए इच्छुक युवाओं को अपने राज्य के ग्रामीण विकास/State Rural Livelihood Mission की आधिकारिक जानकारी और उपलब्ध प्रशिक्षण केंद्र की पुष्टि करनी चाहिए।
#DDUGKY #DDUGKY2 #SkillDevelopment #RuralEmployment #YouthEmployment #SocialWelfare #RuralDevelopment #GovernmentSchemes #SkillTraining #EmploymentNews























