नई दिल्ली। देश के डिनोटिफाइड, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों को सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार SEED Scheme (Scheme for Economic Empowerment of DNTs) के जरिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत संचालित यह पहल इन समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने पर केंद्रित है।
SEED के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। इसका उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को बेहतर अवसर देना है, जो संसाधनों की कमी के कारण उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में पीछे रह जाते हैं।
योजना का दूसरा महत्वपूर्ण पक्ष आजीविका से जुड़ा है। समुदाय स्तर पर स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और छोटे आर्थिक समूहों को बढ़ावा देकर रोजगार तथा आय के स्थायी साधन विकसित करने की कोशिश की जा रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में आठ राज्यों में 5,061 स्वयं सहायता समूह बनाए गए, जिनसे 61,133 लाभार्थी जुड़े।
स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए भी SEED के तहत सहायता का प्रावधान है। योजना के माध्यम से पात्र समुदायों को स्वास्थ्य बीमा और आयुष्मान भारत जैसी सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार के अनुसार स्वास्थ्य घटक के तहत बड़ी संख्या में आयुष्मान भारत कार्ड जारी किए गए हैं, जिससे जरूरतमंद परिवारों की स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ी है।
आवास को भी योजना के दायरे में रखा गया है। पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी मौजूदा सरकारी योजनाओं से जोड़कर पक्के घर की सुविधा दिलाने में मदद की जाती है। इसके लिए संबंधित विभाग लाभार्थियों की पहचान, दस्तावेजी प्रक्रिया और सरकारी योजनाओं के साथ समन्वय में सहयोग करता है।
केंद्र सरकार के अनुसार SEED का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाले अवसर तैयार करना है, ताकि DNT, NT और SNT समुदाय शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और आवास के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकें। जुलाई 2026 तक योजना के विभिन्न घटकों के तहत 1.10 लाख से अधिक लाभार्थियों को कवर किए जाने की जानकारी सरकार ने दी थी।
सरकार की इस पहल को उन समुदायों तक कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो लंबे समय से सामाजिक और आर्थिक अवसरों से वंचित रहे हैं। SEED के जरिए शिक्षा और कौशल से लेकर आजीविका, स्वास्थ्य और आवास तक एकीकृत सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

























