नई दिल्ली। देश के प्रत्येक नागरिक को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा 28 अगस्त 2014 को शुरू की गई प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) आज दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन योजनाओं में गिनी जाती है। इस योजना ने करोड़ों ऐसे लोगों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा, जिनके पास पहले बैंक खाता नहीं था।
क्या है प्रधानमंत्री जन धन योजना?
प्रधानमंत्री जन धन योजना का उद्देश्य प्रत्येक वयस्क नागरिक को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ना है। इसके तहत बिना न्यूनतम राशि (Minimum Balance) के बेसिक सेविंग बैंक खाता खोला जा सकता है। योजना के माध्यम से लोगों को बचत खाता, बीमा, पेंशन, ऋण और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) जैसी सुविधाओं का लाभ मिलता है।
योजना के प्रमुख लाभ
– बिना न्यूनतम बैलेंस के बैंक खाता।
– मुफ्त RuPay डेबिट कार्ड।
– पात्र खाताधारकों को ₹10,000 तक ओवरड्राफ्ट सुविधा।
– RuPay कार्ड पर ₹2 लाख तक का दुर्घटना बीमा (निर्धारित शर्तों के अनुसार)।
– सरकारी योजनाओं की राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त करने की सुविधा।
– प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा – – योजनाओं से जुड़ने का अवसर।
करोड़ों लोगों तक पहुंची योजना
सरकारी आंकड़ों के अनुसार जुलाई 2026 तक प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत 58.63 करोड़ से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं। इन खातों में 3.08 लाख करोड़ रुपये से अधिक की जमा राशि है। कुल खातों में लगभग 55 प्रतिशत से अधिक खाते महिलाओं के हैं, जबकि करीब 78 प्रतिशत खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं।
DBT ने बढ़ाई पारदर्शिता
जन धन खाते, आधार और मोबाइल (JAM) के माध्यम से सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेज रही है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई है और सरकारी सहायता समय पर लाभार्थियों तक पहुंच रही है।
आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री जन धन योजना ने गरीब, महिलाओं, किसानों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर आर्थिक समावेशन को नई गति दी है। यही कारण है कि यह योजना आज भारत की सबसे सफल सामाजिक कल्याण योजनाओं में शामिल मानी जाती है।




















