लखनऊ। उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग ने विभागीय कार्यों में लापरवाही और अनियमितताओं पर सख्ती बढ़ा दी है। अब अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ होने वाली विभागीय जांच 11 बिंदुओं वाली नई गाइडलाइन के आधार पर की जाएगी। विभाग ने जांच प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए यह कदम उठाया है।
विभाग के अनुसार, कई मामलों में जांच प्रक्रिया में तकनीकी कमियों और अधूरी रिपोर्ट के कारण कार्रवाई प्रभावित होती थी। इसे देखते हुए जांच अधिकारियों को अब तय 11 बिंदुओं पर तथ्य जुटाकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी।
नई व्यवस्था के तहत आरोपों की पुष्टि, संबंधित दस्तावेजों की जांच, अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका तथा जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को जांच में शामिल किया जाएगा। इससे दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई की जा सकेगी।
समाज कल्याण विभाग का कहना है कि इस कदम से विभागीय कार्यों में जवाबदेही बढ़ेगी और सरकारी योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता आएगी। लापरवाही या नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य बिंदु:
- विभागीय जांच के लिए 11 बिंदुओं की नई गाइडलाइन लागू
– जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी लाने की तैयारी
– अधूरी जांच रिपोर्ट पर लगेगी रोक
– दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई
– सरकारी योजनाओं में जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास




















