मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने Corporate Social Responsibility (CSR) फंड के इस्तेमाल को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में ‘MahaCSR Authority’ स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। प्रस्तावित प्राधिकरण CSR से जुड़ी अलग-अलग गतिविधियों को एक साझा मंच पर लाने और जरूरत के अनुसार फंड के बेहतर उपयोग में मदद करेगा।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होगी Authority
प्रस्ताव के मुताबिक MahaCSR Authority की अध्यक्षता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस करेंगे। इसके Governing Council में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा। CEO को Governing Council के Member-Secretary के साथ Executive Council का प्रमुख बनाए जाने का प्रस्ताव है।
सरकार का मानना है कि फिलहाल राज्य में कई CSR परियोजनाएं अलग-अलग स्तरों पर स्वतंत्र रूप से संचालित होती हैं। ऐसे में एक केंद्रीय व्यवस्था बनने से इन योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सकेगा।
बनेगा प्राथमिकता वाली परियोजनाओं का Project Bank
प्रस्तावित MahaCSR Authority की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में Priority Project Bank तैयार करना शामिल होगा। इसमें सरकार की प्राथमिकता वाली ऐसी परियोजनाओं को शामिल किया जाएगा, जिन्हें CSR फंड से सहायता की आवश्यकता है।
इस Project Bank को कंपनियों और गैर-सरकारी संगठनों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे अपनी CSR राशि को उपयुक्त सामाजिक और विकासात्मक परियोजनाओं में लगा सकें।
CSR फंड की निगरानी और पारदर्शिता पर जोर
मुख्यमंत्री ने Authority के जरिए CSR फंड के समन्वय, निगरानी और उचित उपयोग पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि CSR के तहत मिलने वाली राशि वास्तविक जरूरत वाले क्षेत्रों और प्राथमिकता वाली परियोजनाओं तक प्रभावी तरीके से पहुंचे।
सरकार छोटे और मध्यम उद्यमों को भी CSR नियमों के तहत उपयुक्त परियोजनाओं का चयन करने में मार्गदर्शन देने की योजना बना रही है।
अधूरी न रह जाएं CSR से बनी परियोजनाएं
CSR से परियोजनाएं तैयार होने के बाद उनके रखरखाव की समस्या भी सरकार के सामने है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई बार निर्माण के बाद रखरखाव के लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं होती और कुछ वर्षों में ऐसी परियोजनाएं निष्क्रिय हो जाती हैं।
इसलिए प्रस्तावित व्यवस्था में CSR से तैयार परियोजनाओं के Maintenance और Repair पर भी ध्यान देने की बात कही गई है।
छात्राओं के लिए भी CSR फंड का इस्तेमाल
महाराष्ट्र के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने राज्य के कॉलेजों में पढ़ने वाली करीब 12 लाख छात्राओं के लिए ‘Earn While You Learn’ योजना के तहत आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव रखा है। इस पहल के लिए CSR फंड का इस्तेमाल किए जाने की योजना बताई गई है।
सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में हो सकता है बड़ा असर
यदि MahaCSR Authority का प्रस्ताव लागू होता है, तो शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, रोजगार, ग्रामीण विकास और अन्य सामाजिक क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं को CSR फंड से सहायता प्राप्त करने के लिए एक अधिक व्यवस्थित मंच मिल सकता है।
MahaCSR Authority का मुख्य उद्देश्य CSR राशि को केवल खर्च करना नहीं, बल्कि उसे ऐसी परियोजनाओं तक पहुंचाना है जहां उसका सामाजिक प्रभाव अधिकतम हो।
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