SIP: सिर्फ ₹3,000 महीने के निवेश से बन सकता है ₹2 करोड़ का रिटायरमेंट फंड, जानिए कितने साल लगेंगे

अगर आप रिटायरमेंट के लिए बड़ी रकम जुटाना चाहते हैं, तो SIP यानी Systematic Investment Plan एक लंबी अवधि का विकल्प हो सकता है। खास बात यह है कि छोटी रकम से शुरुआत करके भी कंपाउंडिंग की मदद से बड़ा कॉर्पस तैयार किया जा सकता है। SIP कैलकुलेटर भी निवेश की अवधि, अनुमानित रिटर्न और मासिक निवेश के आधार पर संभावित भविष्य की वैल्यू का अनुमान लगाते हैं।

₹3,000 की SIP से ₹2 करोड़ कब?
मान लीजिए कोई निवेशक हर महीने ₹3,000 की SIP करता है और औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलने की धारणा रखता है। इस अनुमान के आधार पर ₹2 करोड़ का लक्ष्य करीब 36-37 साल में हासिल हो सकता है। यानी लंबे समय तक नियमित निवेश और कंपाउंडिंग इस लक्ष्य को संभव बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

करीब 36.7 साल में कुल निवेश लगभग ₹13.2 लाख होगा, जबकि बाकी रकम अनुमानित रिटर्न और कंपाउंडिंग से बनेगी। हालांकि, यह केवल गणितीय अनुमान है—म्यूचुअल फंड के रिटर्न बाजार से जुड़े होते हैं और 12% रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती।

कंपाउंडिंग का दिखेगा बड़ा असर
SIP में हर महीने निवेश की गई रकम अलग-अलग समय के लिए निवेशित रहती है। समय बढ़ने के साथ निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे रिटर्न कमाने लगता है, जिससे कंपाउंडिंग का प्रभाव बढ़ता जाता है। यही वजह है कि रिटायरमेंट जैसे लंबे लक्ष्य के लिए जल्दी शुरुआत और नियमित निवेश महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

क्या ₹3,000 SIP पर्याप्त है?
यह व्यक्ति की उम्र, रिटायरमेंट की उम्र, महंगाई और भविष्य की जरूरतों पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, आज के ₹2 करोड़ की खरीद क्षमता कई दशकों बाद महंगाई के कारण काफी कम हो सकती है। इसलिए समय के साथ SIP की रकम बढ़ाना यानी Step-up SIP अपनाना रिटायरमेंट प्लान को मजबूत कर सकता है।

नोट: ऊपर की गणना 12% अनुमानित वार्षिक रिटर्न पर आधारित है। वास्तविक रिटर्न इससे कम या ज्यादा हो सकता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य और जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।

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