मध्यप्रदेश नगरीय निकाय चुनाव नियमों में बदलाव: नामांकन और प्रस्तावक को लेकर क्या बदला?

भोपाल: मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव की नामांकन प्रक्रिया से जुड़े नियमों में संशोधन किया गया है। 23 सितंबर 2026 को प्रकाशित मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण), क्रमांक 293 में मध्यप्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 में संशोधन संबंधी अधिसूचना जारी की गई है।

नए प्रावधानों में महापौर, अध्यक्ष और वार्ड पार्षद के निर्वाचन से जुड़े नामांकन और प्रस्तावक के नियमों को स्पष्ट किया गया है। आम मतदाता के लिए सबसे महत्वपूर्ण बदलाव पार्षद के प्रस्तावक और नामांकन की अंतिम तारीख से जुड़ा है।

सबसे महत्वपूर्ण बदलाव
पार्षद पद के उम्मीदवार का प्रस्तावक उसी वार्ड का मतदाता होना चाहिए, जिस वार्ड से उम्मीदवार चुनाव लड़ रहा है।

पार्षद के नामांकन में प्रस्तावक कौन होगा?

यदि कोई उम्मीदवार किसी वार्ड से पार्षद का चुनाव लड़ता है, तो उसके नामांकन पत्र पर प्रस्तावक के रूप में ऐसा व्यक्ति होना चाहिए जो उसी वार्ड का मतदाता हो।

आसान उदाहरण
अगर कोई उम्मीदवार वार्ड क्रमांक 25 से पार्षद का चुनाव लड़ रहा है, तो उसके नामांकन का प्रस्तावक वार्ड क्रमांक 25 का मतदाता होना चाहिए।

महापौर के लिए प्रस्तावक कौन बन सकता है?

महापौर के निर्वाचन के लिए प्रस्तावक संबंधित नगर निगम के किसी मतदाता को बनाया जा सकता है।

याद रखें
महापौर का प्रस्तावक = संबंधित नगर निगम का मतदाता

नगरपालिका/नगर परिषद के अध्यक्ष के लिए प्रस्तावक?

अध्यक्ष के निर्वाचन के लिए प्रस्तावक संबंधित नगरपालिका या नगर परिषद के मतदाता को बनाया जा सकता है।

सीधी भाषा में
महापौर और अध्यक्ष के लिए संबंधित स्थानीय निकाय का मतदाता प्रस्तावक हो सकता है। वहीं पार्षद के लिए प्रस्तावक उसी वार्ड का मतदाता होना चाहिए।

नामांकन की आखिरी तारीख कैसे तय होगी?

संशोधित नियम के अनुसार महापौर, अध्यक्ष या किसी वार्ड के पार्षद के निर्वाचन के लिए सूचना में नामांकन की अंतिम तारीख, समय और स्थान निर्धारित किया जाएगा। नियम 21(क) में प्रावधान किया गया है कि अंतिम तारीख सूचना प्रकाशित होने के सातवें दिन होगी।

अगर सातवां दिन छुट्टी हो तो?
यदि सातवां दिन सार्वजनिक अवकाश है, तो उसके बाद आने वाला ऐसा अगला कार्य दिवस अंतिम तारीख होगा, जो सार्वजनिक अवकाश न हो।

नामांकन पत्र कौन जमा कर सकता है?

उम्मीदवार स्वयं या उसका प्रस्तावक निर्धारित प्रारूप में भरा हुआ नामांकन पत्र निर्धारित समय में रिटर्निंग ऑफिसर (RO) या अधिकृत असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) के समक्ष जमा कर सकता है।

कौन प्रस्तावक नहीं बन सकता?

जो व्यक्ति संबंधित अधिनियम के तहत मतदाता के रूप में अयोग्य है, वह नामांकन पत्र पर प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर नहीं कर सकता।

एक नजर में समझें पूरा नियम

पद प्रस्तावक कौन?
महापौर संबंधित नगर निगम का मतदाता
अध्यक्ष संबंधित नगरपालिका/नगर परिषद का मतदाता
पार्षद उसी वार्ड का मतदाता

क्या चुनाव की तारीख घोषित हो गई?

नहीं।
इस राजपत्र अधिसूचना से किसी विशेष नगरीय निकाय चुनाव की तारीख घोषित नहीं की गई है। यह अधिसूचना मध्यप्रदेश नगरपालिका निर्वाचन नियम, 1994 में संशोधन से संबंधित है।

एक और महत्वपूर्ण बदलाव

संशोधित नियम में “निर्वाचन” की परिभाषा को भी बदला गया है। इसमें नगरपालिका के पदों के लिए चुनाव के साथ, जहां लागू हो, नगर निगम के महापौर या नगरपालिका/नगर परिषद के अध्यक्ष को पद से वापस बुलाने से संबंधित निर्वाचन को भी शामिल किया गया है।

स्रोत
मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण), क्रमांक 293, भोपाल, 23 सितंबर 2026। नगरीय विकास एवं आवास विभाग, मध्यप्रदेश शासन।
Previous articleविराट कोहली का बड़ा बयान, 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर किया खास ऐलान
Next articleसमर्थन मूल्य पर खरीदी की तैयारी, MP में 13 हजार से ज्यादा किसानों का पंजीयन