
भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER) भोपाल में अत्याधुनिक शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विस्तारित ‘अत्रि’ परिसर की आधारशिला रखी गई। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि रहे, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति रही।
राज्य सरकार ने IISER भोपाल को नए परिसर के विकास के लिए 52 एकड़ भूमि आवंटित की है। प्रस्तावित अत्रि परिसर में उन्नत अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने की योजना है।
AI, रोबोटिक्स और क्वांटम तकनीक पर रहेगा फोकस
IISER के अनुसार, नए परिसर में क्वांटम एवं उन्नत पदार्थ, ड्रोन तकनीक, सतत प्रणालियां एवं प्रौद्योगिकियां, मेडिकल डिवाइस एवं डायग्नोस्टिक्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही AI और रोबोटिक्स स्कूल विकसित करने की भी योजना है।
मध्य भारत में रिसर्च और इनोवेशन का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी
प्रस्तावित परिसर को रिसर्च और इनोवेशन पार्क के रूप में विकसित करने की योजना है। संस्थान के मुताबिक इसका उद्देश्य शोध को नवाचार, कौशल विकास और उद्योग के साथ सहयोग से जोड़ना है। इससे विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को उभरती तकनीकों के क्षेत्र में काम करने के लिए नया प्लेटफॉर्म मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान IISER परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। नए परिसर के निर्माण से भोपाल में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित शोध गतिविधियों के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है।




