जैन समाज का संदेश अहिंसा और मानव कल्याण: नरेंद्र सिंह तोमर

आचार्य श्री 1008 समयसागर जी महाराज के सानिध्य में विधानसभा परिसर में सामूहिक क्षमावाणी महोत्सव सम्पन्न

भोपाल, 6 अक्टूबर 2026। मध्यप्रदेश विधानसभा परिसर में परम पूज्य आचार्य श्री 1008 समयसागर जी महाराज के संघ सानिध्य में सामूहिक क्षमावाणी महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने जैन धर्म के अहिंसा, जीवदया और मानव कल्याण के संदेश को रेखांकित किया।

नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि जैन धर्म जहां अहिंसा पर बल देता है, वहीं मानव कल्याण को भी महत्वपूर्ण मानता है। हर जीव का संरक्षण और हर जीव के प्रति दया का भाव मानव समाज में विकसित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैन समाज द्वारा यह संदेश निरंतर दिया जाता रहा है।

उन्होंने कहा कि आचार्य श्री के आशीर्वाद से लोगों के मन में सकारात्मकता, देशभक्ति और संस्कार के भाव विकसित हों तथा सभी देश को आगे बढ़ाने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करें, यही कामना है।

आचार्य श्री का विधानसभा परिसर में हुआ स्वागत

सामूहिक क्षमावाणी महोत्सव के प्रारंभ में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने परम पूज्य आचार्य श्री 1008 समयसागर जी महाराज की अगवानी की। इसके बाद उन्हें अपने कक्ष में ले जाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश के मंत्री चैतन्य कश्यप, विधायक जयंत मलैया, प्रदेश भाजपा के महामंत्री राहुल कोठारी, विधायकगण, जैन समाज के प्रतिनिधि, पूज्य संतगण और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

भिंड-मुरैना से सोनागिरि तक जैन तीर्थों का किया उल्लेख

कार्यक्रम में नरेंद्र सिंह तोमर ने मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित जैन धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का उल्लेख भी किया। उन्होंने कहा कि भिंड-मुरैना क्षेत्र को लेकर बनी कई धारणाएं वहां की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की पूरी तस्वीर प्रस्तुत नहीं करतीं।

उन्होंने भिंड के बरासो जी महातीर्थ, मुरैना जिले के सिहोनिया के प्राचीन अतिशय क्षेत्र और दतिया के सोनागिरि तीर्थ का उल्लेख करते हुए कहा कि ये क्षेत्र जैन धर्म की समृद्ध परंपरा और विरासत से जुड़े हुए हैं।

उन्होंने ग्वालियर में दिगंबर और श्वेतांबर जैन समाज की उपस्थिति का भी उल्लेख किया। ग्वालियर किले में मौजूद जैन प्रतिमाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे इस क्षेत्र पर जैन धर्म के प्रभाव की ऐतिहासिक छाप दिखाई देती है।

विधानसभा परिसर में पहले आ चुके हैं आचार्य विद्यासागर जी महाराज

नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर विधानसभा परिसर में पहले परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज का भी आगमन हुआ था और उनके चरणों से यह परिसर पवित्र हुआ है। अब परम पूज्य आचार्य श्री समयसागर जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त होना उनके लिए सौभाग्य और आध्यात्मिक आनंद का विषय है।

उन्होंने कहा कि अंचल के जैन समाज के बीच उनका निरंतर जाना होता है और वे प्रयास करते हैं कि उन्हें आचार्य श्री का आशीर्वाद प्राप्त होता रहे।

सामूहिक क्षमावाणी महोत्सव में अहिंसा, जीवदया, क्षमा, संस्कार और मानव कल्याण का संदेश प्रमुख रूप से सामने आया।

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