GST में बड़े सुधारों का PM मोदी ने किया स्वागत, बोले- गिरफ्तारी के प्रावधान हटने से बढ़ेगी पारदर्शिता

जीएसटी व्यवस्था को और सरल, पारदर्शी और कारोबारी हितैषी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने कई अहम कदमों की सिफारिश की है। 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में टैक्स अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति से जुड़े प्रावधानों को हटाने और जीएसटी मामलों में अभियोजन की सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने की सिफारिश की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सुधारों का स्वागत किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गिरफ्तारी के प्रावधान हटाने, अपराधों को गैर-अपराध की श्रेणी में लाने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने से सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने सुधारों का उद्देश्य तेजी से फैसले, कम अनुपालन लागत, ऑटोमेटेड रिफंड और भरोसे पर आधारित प्रशासन बताया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, ये बदलाव GST को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाने के प्रयासों के अनुरूप हैं।

अभियोजन की सीमा 1 करोड़ से बढ़कर 5 करोड़
जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी से जुड़े मामलों में अभियोजन शुरू करने की मौद्रिक सीमा को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने की सिफारिश की है। साथ ही सामान्य जुर्माने की राशि को 25 हजार रुपये से घटाकर 10 हजार रुपये करने का प्रस्ताव है।

रिफंड और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया होगी आसान
सुधारों के तहत जीएसटी रिफंड की प्रक्रिया को तेज करने पर भी जोर दिया गया है। रिफंड आवेदन के निपटारे की अवधि को 15 दिन से घटाकर 10 दिन करने और जोखिम-आधारित व्यवस्था के तहत बड़ी संख्या में पात्र रिफंड दावों को स्वचालित तरीके से प्रोसेस करने की सिफारिश की गई है। कम जोखिम वाले GST रजिस्ट्रेशन आवेदनों के लिए भी स्वचालित मंजूरी की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा।

कारोबारियों को अनुपालन में राहत
इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य कारोबारियों के लिए जीएसटी अनुपालन को आसान बनाना और अनावश्यक प्रक्रियात्मक बोझ कम करना है। सरकार की ओर से इसे ट्रस्ट-बेस्ड टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।

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