
अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के अहिवारा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बानबरद में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण-संवर्धन पर जोर देते हुए कलाकारों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने महासम्मेलन में शामिल 70 लोककला दलों को 25-25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने के साथ क्षेत्र में शिक्षा और सड़क निर्माण से जुड़ी सौगात भी दी।
70 लोककला दलों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
मुख्यमंत्री साय ने आयोजकों की मांग पर महासम्मेलन में शामिल 70 दलों को प्रत्येक को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की। इनमें पंडवानी कलाकारों के साथ चार पंथी नृत्य दल और तीन आदिवासी नृत्य दल भी शामिल हैं। इस घोषणा से प्रदेश के लोक कलाकारों को अपनी कला और परंपराओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने ज्ञानश्रोत कला मंच के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि संस्था पिछले 46 वर्षों से लोककला और संस्कृति के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। ऐसे प्रयास छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण हैं।
तीजन बाई के नाम पर शुरू होगा लोककला अलंकरण
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंडवानी की महान कलाकार पद्म विभूषण तीजन बाई का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी अद्वितीय कला-साधना से छत्तीसगढ़ की पंडवानी को विश्व स्तर पर पहचान दिलाई। उनके गायन, अभिनय और भाव-भंगिमाओं ने महाभारत की कथाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत कर इस लोकविधा को देश-विदेश के मंचों तक पहुंचाया।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि तीजन बाई के नाम पर इसी वर्ष से राज्योत्सव के अवसर पर लोककला अलंकरण प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही उनके गृह ग्राम गनियारी को कला ग्राम के रूप में विकसित करने और वहां के हाईस्कूल का नामकरण उनके नाम पर करने की पहल की जाएगी। इन प्रयासों का उद्देश्य तीजन बाई की सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।
बानबरद को हाईस्कूल और सड़क निर्माण की सौगात
पंडवानी महासम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की शिक्षा और अधोसंरचना से जुड़ी मांगों पर भी महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बानबरद के मिडिल स्कूल को हाईस्कूल में उन्नत करने तथा अहिवारा रेलवे क्रॉसिंग से अटल परिसर तक बीटी रोड का निर्माण कराने की घोषणा की। इन कार्यों से स्थानीय विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए सुविधा मिलने और आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ी सिनेमा और कलाकारों को मिलेगा नया मंच
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोककलाएं केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि प्रदेश के इतिहास, जीवन-मूल्यों और सांस्कृतिक पहचान की जीवंत अभिव्यक्ति हैं। पंडवानी, पंथी, भरथरी, ददरिया और सुवा जैसी लोकविधाओं का संरक्षण करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा और स्थानीय कलाकारों को व्यापक मंच देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ फिल्म विकास बोर्ड का गठन किया गया है। नवा रायपुर में फिल्म सिटी विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इससे प्रदेश में फिल्म निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और कलाकारों तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
जनप्रतिनिधि और कलाकार रहे मौजूद
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, विधायक रिकेश सेन, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, साजा विधायक ईश्वर साहू और पद्मश्री डॉ. उषा बारले सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा प्रदेशभर से आए लोक कलाकार उपस्थित रहे। वक्ताओं ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने और लोककलाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में कलाकारों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
पंडवानी महासम्मेलन में हुई घोषणाओं को लोक कलाकारों के प्रोत्साहन, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।




