
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार का फोकस सिंहस्थ-2028 के आयोजन के साथ-साथ दीर्घकालिक विकास पर भी है। सिंहस्थ के लिए किए जा रहे निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उज्जैन के भविष्य की जरूरतों को पूरा करना भी है। सरकार धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व वाले इस आयोजन को सुव्यवस्थित एवं सुविधाजनक बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे के विकास, यातायात व्यवस्था, सड़क संपर्क, पेयजल, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। आयोजन के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
सरकार का प्रयास है कि सिंहस्थ के लिए विकसित की जाने वाली सुविधाओं का लाभ आयोजन के बाद भी उज्जैन के नागरिकों और यहां आने वाले पर्यटकों को मिलता रहे। इसी दृष्टिकोण के तहत स्थायी अधोसंरचना और शहर के समग्र विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
सिंहस्थ मध्यप्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण आयोजन है। ऐसे में प्रदेश सरकार का लक्ष्य इसे बेहतर व्यवस्थाओं, सुगम आवागमन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिहाज से सफल बनाना है। दीर्घकालिक विकास की यह रणनीति उज्जैन को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।




