कोलार के जाम से राहत के लिए पुराने मास्टर प्लान की सड़कों को सुरक्षित रखने की मांग

भोपाल विकास योजना 2047 में VV, WW, XX, YY और ZZ मार्गों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग, पुराने नक्शों और नई योजना का तुलनात्मक परीक्षण कराने की उठाई आवाज

भोपाल। कोलार में बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव के बीच मुख्य मार्ग पर यातायात जाम की समस्या के स्थायी समाधान का मुद्दा भोपाल विकास योजना 2047 के संदर्भ में उठाया गया है। नयापुरा निवासी प्रशांत चौहान ने जनहित में आपत्ति प्रस्तुत कर पुराने मास्टर प्लान में प्रस्तावित संपर्क मार्गों की स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक मार्गों को नई विकास योजना में उचित स्थान देने की मांग की है।

प्रशांत चौहान का कहना है कि कोलार में यातायात की समस्या का समाधान केवल मुख्य सड़क को चौड़ा करने से नहीं होगा। आसपास की कॉलोनियों और बस्तियों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों का विकास भी जरूरी है, ताकि मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कम हो और लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिल सके।

2005 के मास्टर प्लान की सड़कों पर मांगा जवाब

प्रशांत चौहान ने वर्ष 2005 की विकास योजना में दर्शाए गए संपर्क मार्गों और बाद की योजनाओं में उनकी स्थिति की समीक्षा कराने की मांग की है। उन्होंने पांच प्रस्तावित मार्गों का उल्लेख करते हुए इनके वास्तविक स्वरूप, चौड़ाई और आपसी जुड़ाव की आधिकारिक अभिलेखों से पुष्टि करने की बात कही है।

इनमें बर्रई–सलैया–गेहूंखेड़ा का VV मार्ग 45 मीटर, सांखेड़ी–नयापुरा–चिचली का WW मार्ग 30 मीटर, बंजारी–अकबरपुर/चंदनपुरा–रातीबड़ का XX मार्ग 60 मीटर तथा YY मार्ग 45 मीटर प्रस्तावित चौड़ाई के साथ शामिल हैं। इसके अलावा चुनाभट्टी से पंडित खुशीलाल शर्मा मार्ग को जोड़ने वाले ZZ मार्ग की प्रस्तावित चौड़ाई 24 मीटर बताई गई है।

इन मार्गों की वर्तमान स्थिति और प्रस्तावित चौड़ाई की स्वतंत्र पुष्टि अभी संबंधित आधिकारिक नक्शों एवं अभिलेखों से की जानी है।

पुराने और नए नक्शों का तुलनात्मक परीक्षण कराने की मांग

आपत्ति में वर्ष 2005 की विकास योजना, उसके बाद की योजनाओं और प्रस्तावित भोपाल विकास योजना 2047 के नक्शों का तुलनात्मक ओवरले तैयार करने की मांग की गई है। इसके माध्यम से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि पुराने प्रस्तावित मार्गों में से कौन-से नई योजना में बरकरार हैं, किनमें बदलाव किया गया है और किन्हें हटाया गया है।

प्रशांत चौहान ने यह भी मांग की है कि किसी मार्ग की चौड़ाई या दिशा में बदलाव अथवा उसे हटाने का निर्णय लिया गया है तो उसके कारण लिखित रूप में सार्वजनिक किए जाएं। प्रत्येक मार्ग के आरंभ और समाप्ति बिंदु, अन्य सड़कों से जुड़ाव तथा वर्तमान स्थिति का विवरण भी उपलब्ध कराया जाए।

स्थल निरीक्षण और तकनीकी सर्वेक्षण पर जोर

प्रस्तावित संपर्क मार्गों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित विभागों से संयुक्त स्थल निरीक्षण और तकनीकी सर्वेक्षण कराने की मांग की गई है। इससे पुराने नक्शों में दर्ज मार्गों और मौजूदा जमीनी स्थिति का मिलान किया जा सकेगा।

आपत्ति में यह भी कहा गया है कि यदि मार्गों के प्रस्तावित हिस्सों में अतिक्रमण या अनधिकृत निर्माण पाए जाते हैं, तो संबंधित कानूनों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाए। जिन मार्गों का निर्माण आवश्यक और स्वीकृत है, उनके क्रियान्वयन की संभावित समय-सीमा तथा जिम्मेदार विभाग की जानकारी भी स्पष्ट की जाए।

मुख्य मार्ग पर निर्भरता बढ़ने से गहरा सकती है समस्या

प्रशांत चौहान के अनुसार, कोलार की बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए संपर्क मार्गों की अनदेखी भविष्य में यातायात की समस्या को और गंभीर बना सकती है। यदि आसपास की कॉलोनियों को जोड़ने वाले वैकल्पिक मार्गों की स्थिति और उपलब्धता स्पष्ट नहीं होती, तो मुख्य सड़क पर दबाव कम करने के प्रयास अधूरे रह सकते हैं।

उन्होंने नगर एवं ग्राम निवेश विभाग, भोपाल विकास प्राधिकरण और अन्य संबंधित विभागों से मांग की है कि विकास योजना को अंतिम रूप देते समय कोलार की वर्तमान यातायात आवश्यकताओं और भविष्य की आबादी को ध्यान में रखा जाए।

आठ बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग

प्रशांत चौहान ने अपनी आपत्ति में पुराने संपर्क मार्गों की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करने, पांचों मार्गों के नक्शों का तुलनात्मक परीक्षण कराने, आवश्यक मार्गों को नई योजना में उचित स्थान देने और तकनीकी सर्वेक्षण कराने सहित आठ प्रमुख मांगें रखी हैं।

उन्होंने संबंधित विभागों से प्रत्येक प्रमुख मांग पर नियमानुसार विचार करने, आवश्यक सुनवाई का अवसर देने और स्पष्ट लिखित निर्णय उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।

अब कोलार क्षेत्र के संपर्क मार्गों को लेकर उठाए गए इन सवालों पर संबंधित विभाग क्या रुख अपनाते हैं और प्रस्तावित विकास योजना में पुराने मार्गों की स्थिति किस तरह स्पष्ट होती है, इस पर क्षेत्र के नागरिकों की नजर रहेगी।

 

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सवाल: भोपाल विकास योजना 2047 में कोलार को लेकर क्या मांग उठाई गई है?

जवाब:  प्रशांत चौहान ने पुराने मास्टर प्लान में प्रस्तावित संपर्क मार्गों की स्थिति स्पष्ट करने, पुराने और नए नक्शों का तुलनात्मक परीक्षण कराने तथा आवश्यक मार्गों को नई विकास योजना में उचित स्थान देने की मांग की है।

सवाल: कोलार के किन संपर्क मार्गों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है?

जवाब: आपत्ति में VV, WW, XX, YY और ZZ नाम से उल्लिखित पांच प्रस्तावित मार्गों का उल्लेख है। इनके वास्तविक मार्ग, प्रस्तावित चौड़ाई और वर्तमान स्थिति की पुष्टि आधिकारिक अभिलेखों से की जानी है।

सवाल: कोलार में यातायात जाम की समस्या के समाधान के लिए क्या सुझाव दिया गया है?

जवाब: मुख्य मार्ग के साथ आसपास की कॉलोनियों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों की स्थिति स्पष्ट करने, आवश्यक वैकल्पिक मार्गों के विकास और यातायात दबाव कम करने के उपायों पर जोर दिया गया है।

सवाल: क्या भोपाल विकास योजना 2047 में इन सड़कों को शामिल कर लिया गया है?

जवाब: उपलब्ध प्रेस नोट से इसकी पुष्टि नहीं होती। संबंधित मार्गों की स्थिति जानने के लिए प्रस्तावित विकास योजना के आधिकारिक नक्शों और विभागीय अभिलेखों का परीक्षण आवश्यक है।

 

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