कोलार के जाम से राहत के लिए पुराने मास्टर प्लान की सड़कों को सुरक्षित रखने की मांग

भोपाल विकास योजना 2047 में VV, WW, XX, YY और ZZ मार्गों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग, पुराने नक्शों और नई योजना का तुलनात्मक परीक्षण कराने की उठाई आवाज

भोपाल। कोलार में बढ़ती आबादी और वाहनों के दबाव के बीच मुख्य मार्ग पर यातायात जाम की समस्या के स्थायी समाधान का मुद्दा भोपाल विकास योजना 2047 के संदर्भ में उठाया गया है। नयापुरा निवासी प्रशांत चौहान ने जनहित में आपत्ति प्रस्तुत कर पुराने मास्टर प्लान में प्रस्तावित संपर्क मार्गों की स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक मार्गों को नई विकास योजना में उचित स्थान देने की मांग की है।

प्रशांत चौहान का कहना है कि कोलार में यातायात की समस्या का समाधान केवल मुख्य सड़क को चौड़ा करने से नहीं होगा। आसपास की कॉलोनियों और बस्तियों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों का विकास भी जरूरी है, ताकि मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कम हो और लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिल सके।

2005 के मास्टर प्लान की सड़कों पर मांगा जवाब

प्रशांत चौहान ने वर्ष 2005 की विकास योजना में दर्शाए गए संपर्क मार्गों और बाद की योजनाओं में उनकी स्थिति की समीक्षा कराने की मांग की है। उन्होंने पांच प्रस्तावित मार्गों का उल्लेख करते हुए इनके वास्तविक स्वरूप, चौड़ाई और आपसी जुड़ाव की आधिकारिक अभिलेखों से पुष्टि करने की बात कही है।

इनमें बर्रई–सलैया–गेहूंखेड़ा का VV मार्ग 45 मीटर, सांखेड़ी–नयापुरा–चिचली का WW मार्ग 30 मीटर, बंजारी–अकबरपुर/चंदनपुरा–रातीबड़ का XX मार्ग 60 मीटर तथा YY मार्ग 45 मीटर प्रस्तावित चौड़ाई के साथ शामिल हैं। इसके अलावा चुनाभट्टी से पंडित खुशीलाल शर्मा मार्ग को जोड़ने वाले ZZ मार्ग की प्रस्तावित चौड़ाई 24 मीटर बताई गई है।

इन मार्गों की वर्तमान स्थिति और प्रस्तावित चौड़ाई की स्वतंत्र पुष्टि अभी संबंधित आधिकारिक नक्शों एवं अभिलेखों से की जानी है।

पुराने और नए नक्शों का तुलनात्मक परीक्षण कराने की मांग

आपत्ति में वर्ष 2005 की विकास योजना, उसके बाद की योजनाओं और प्रस्तावित भोपाल विकास योजना 2047 के नक्शों का तुलनात्मक ओवरले तैयार करने की मांग की गई है। इसके माध्यम से यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि पुराने प्रस्तावित मार्गों में से कौन-से नई योजना में बरकरार हैं, किनमें बदलाव किया गया है और किन्हें हटाया गया है।

प्रशांत चौहान ने यह भी मांग की है कि किसी मार्ग की चौड़ाई या दिशा में बदलाव अथवा उसे हटाने का निर्णय लिया गया है तो उसके कारण लिखित रूप में सार्वजनिक किए जाएं। प्रत्येक मार्ग के आरंभ और समाप्ति बिंदु, अन्य सड़कों से जुड़ाव तथा वर्तमान स्थिति का विवरण भी उपलब्ध कराया जाए।

स्थल निरीक्षण और तकनीकी सर्वेक्षण पर जोर

प्रस्तावित संपर्क मार्गों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित विभागों से संयुक्त स्थल निरीक्षण और तकनीकी सर्वेक्षण कराने की मांग की गई है। इससे पुराने नक्शों में दर्ज मार्गों और मौजूदा जमीनी स्थिति का मिलान किया जा सकेगा।

आपत्ति में यह भी कहा गया है कि यदि मार्गों के प्रस्तावित हिस्सों में अतिक्रमण या अनधिकृत निर्माण पाए जाते हैं, तो संबंधित कानूनों और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाए। जिन मार्गों का निर्माण आवश्यक और स्वीकृत है, उनके क्रियान्वयन की संभावित समय-सीमा तथा जिम्मेदार विभाग की जानकारी भी स्पष्ट की जाए।

मुख्य मार्ग पर निर्भरता बढ़ने से गहरा सकती है समस्या

प्रशांत चौहान के अनुसार, कोलार की बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या को देखते हुए संपर्क मार्गों की अनदेखी भविष्य में यातायात की समस्या को और गंभीर बना सकती है। यदि आसपास की कॉलोनियों को जोड़ने वाले वैकल्पिक मार्गों की स्थिति और उपलब्धता स्पष्ट नहीं होती, तो मुख्य सड़क पर दबाव कम करने के प्रयास अधूरे रह सकते हैं।

उन्होंने नगर एवं ग्राम निवेश विभाग, भोपाल विकास प्राधिकरण और अन्य संबंधित विभागों से मांग की है कि विकास योजना को अंतिम रूप देते समय कोलार की वर्तमान यातायात आवश्यकताओं और भविष्य की आबादी को ध्यान में रखा जाए।

आठ बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग

प्रशांत चौहान ने अपनी आपत्ति में पुराने संपर्क मार्गों की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करने, पांचों मार्गों के नक्शों का तुलनात्मक परीक्षण कराने, आवश्यक मार्गों को नई योजना में उचित स्थान देने और तकनीकी सर्वेक्षण कराने सहित आठ प्रमुख मांगें रखी हैं।

उन्होंने संबंधित विभागों से प्रत्येक प्रमुख मांग पर नियमानुसार विचार करने, आवश्यक सुनवाई का अवसर देने और स्पष्ट लिखित निर्णय उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।

अब कोलार क्षेत्र के संपर्क मार्गों को लेकर उठाए गए इन सवालों पर संबंधित विभाग क्या रुख अपनाते हैं और प्रस्तावित विकास योजना में पुराने मार्गों की स्थिति किस तरह स्पष्ट होती है, इस पर क्षेत्र के नागरिकों की नजर रहेगी।

 

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सवाल: भोपाल विकास योजना 2047 में कोलार को लेकर क्या मांग उठाई गई है?

जवाब:  प्रशांत चौहान ने पुराने मास्टर प्लान में प्रस्तावित संपर्क मार्गों की स्थिति स्पष्ट करने, पुराने और नए नक्शों का तुलनात्मक परीक्षण कराने तथा आवश्यक मार्गों को नई विकास योजना में उचित स्थान देने की मांग की है।

सवाल: कोलार के किन संपर्क मार्गों की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है?

जवाब: आपत्ति में VV, WW, XX, YY और ZZ नाम से उल्लिखित पांच प्रस्तावित मार्गों का उल्लेख है। इनके वास्तविक मार्ग, प्रस्तावित चौड़ाई और वर्तमान स्थिति की पुष्टि आधिकारिक अभिलेखों से की जानी है।

सवाल: कोलार में यातायात जाम की समस्या के समाधान के लिए क्या सुझाव दिया गया है?

जवाब: मुख्य मार्ग के साथ आसपास की कॉलोनियों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों की स्थिति स्पष्ट करने, आवश्यक वैकल्पिक मार्गों के विकास और यातायात दबाव कम करने के उपायों पर जोर दिया गया है।

सवाल: क्या भोपाल विकास योजना 2047 में इन सड़कों को शामिल कर लिया गया है?

जवाब: उपलब्ध प्रेस नोट से इसकी पुष्टि नहीं होती। संबंधित मार्गों की स्थिति जानने के लिए प्रस्तावित विकास योजना के आधिकारिक नक्शों और विभागीय अभिलेखों का परीक्षण आवश्यक है।

 

सीवान में पटाखों में भीषण विस्फोट, चार लोगों की मौत; बढ़ सकता है मृतकों का आंकड़ा

बिहार के सीवान जिले में शुक्रवार शाम पटाखों में हुए भीषण विस्फोट से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जामो थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में एक मकान में पटाखे बनाने या रखने के दौरान आग लगने के बाद जोरदार धमाके हुए। हादसे में शुरुआती तौर पर चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है।

धमाका इतना तेज कि मकान का हिस्सा ढहा
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आलमपुर गांव में पटाखा कारोबारी मोहम्मद अमीरुद्दीन मियां के मकान में यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि घर के अंदर पटाखे बनाए जा रहे थे या उनका भंडारण किया गया था। इसी दौरान आग लगने के बाद एक के बाद एक कई धमाके हुए। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर सड़क पर गिर गया। धमाकों की आवाज से आसपास के लोग दहशत में आ गए और घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए।

रुक-रुककर होते रहे धमाके, बचाव कार्य में परेशानी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट के बाद काफी देर तक रुक-रुककर धमाकों की आवाज आती रही। इससे राहत एवं बचाव अभियान में मुश्किलें आईं। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। प्रशासन ने घटनास्थल को घेरकर लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की। मलबे में अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते तलाशी अभियान चलाया गया।

डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे
हादसे की गंभीरता को देखते हुए सीवान के जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी सहित अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। शुरुआती आधिकारिक जानकारी के अनुसार, चार शव बरामद किए गए थे। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्टों में मृतकों की संख्या अधिक होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में अंतिम आंकड़े की पुष्टि विस्तृत तलाशी और प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।

पटाखों के लाइसेंस और सुरक्षा व्यवस्था की जांच
पुलिस मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम भी पहुंची। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि पटाखों का निर्माण और भंडारण किस अनुमति के तहत किया जा रहा था तथा सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता बचाव कार्य पूरा करना और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाना है।

पहले वनडे में भारतीय महिला टीम की धमाकेदार जीत, जिम्बाब्वे को 9 विकेट से रौंदा

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज का शानदार आगाज किया है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को खेले गए पहले मुकाबले में भारत ने जिम्बाब्वे को 9 विकेट से करारी शिकस्त दी। गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन के बाद बल्लेबाजों ने भी शानदार खेल दिखाया और भारत ने 137 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।

श्री चरणी की घातक गेंदबाजी, 197 रन पर सिमटा जिम्बाब्वे
मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे की महिला टीम 49.5 ओवर में 197 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। जिम्बाब्वे की ओर से बिलवेड बीजा ने सर्वाधिक 62 रन बनाए, जबकि मिशेल मविंगा ने 29 रन का योगदान दिया।

भारत की ओर से श्री चरणी ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 23 रन देकर 4 विकेट झटके। क्रांति गौड़ ने 3 विकेट हासिल किए, जबकि दीप्ति शर्मा को 2 सफलताएं मिलीं। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर जिम्बाब्वे को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया।

प्रतिका रावल का शतक, शेफाली ने मचाया धमाल
198 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने आक्रामक शुरुआत की। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल ने पहले विकेट के लिए 94 रन जोड़े। मंधाना 32 रन बनाकर आउट हुईं, लेकिन इसके बाद प्रतिका रावल और शेफाली वर्मा ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया।

प्रतिका रावल ने 96 गेंदों में 15 चौकों की मदद से नाबाद 100 रन बनाए। वहीं, शेफाली वर्मा ने महज 33 गेंदों में नाबाद 64 रन की तूफानी पारी खेली। उनकी पारी में 5 चौके और 4 छक्के शामिल रहे। दोनों बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने 27.1 ओवर में 200 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

सीरीज में भारत का दबदबा
प्रतिका रावल का यह वनडे करियर का तीसरा शतक रहा। चोट के बाद वनडे क्रिकेट में वापसी कर रहीं प्रतिका ने शतकीय पारी खेलकर अपनी उपयोगिता साबित की। वहीं, शेफाली की आक्रामक बल्लेबाजी ने भारतीय टीम की जीत को बेहद आसान बना दिया।

पहले मुकाबले में गेंद और बल्ले दोनों से शानदार प्रदर्शन करने वाली भारतीय टीम अब 25 अक्टूबर को होने वाले दूसरे वनडे में जीत दर्ज कर सीरीज पर अपनी पकड़ मजबूत करने उतरेगी।

‘दृश्यम 3’ ने तोड़ा ‘बॉर्डर 2’ का रिकॉर्ड, बनी 2026 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्म

बॉलीवुड की चर्चित फिल्म फ्रेंचाइजी ‘दृश्यम’ की तीसरी किस्त को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह है। फिल्म की कमाई को लेकर सामने आए दावे के मुताबिक, ‘दृश्यम 3’ ने ‘बॉर्डर 2’ का रिकॉर्ड पीछे छोड़ते हुए साल 2026 की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्म का स्थान हासिल कर लिया है। इस उपलब्धि ने फिल्म इंडस्ट्री में इसकी सफलता को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं।

‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी अपनी रहस्यमयी कहानी, अप्रत्याशित मोड़ और सस्पेंस के लिए जानी जाती है। यही वजह है कि इसके अगले भाग को लेकर दर्शकों में खास दिलचस्पी बनी रहती है। फिल्म की लोकप्रियता और बॉक्स ऑफिस पर इसके प्रदर्शन को लेकर प्रशंसकों के बीच लगातार चर्चा हो रही है।

हालांकि, फिल्म की वास्तविक कमाई, ‘बॉर्डर 2’ के आधिकारिक आंकड़ों और वर्ष 2026 की फिल्मों की बॉक्स ऑफिस रैंकिंग की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। इसलिए इन आंकड़ों के आधिकारिक स्रोत सामने आने के बाद ही इसकी उपलब्धि की सटीक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

केंद्र और राज्य के साझा प्रयासों से आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश, विकास कार्यों को मिल रही गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर मध्यप्रदेश के विकास को नई गति देने के लिए कार्य कर रही हैं। दोनों सरकारों के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रदेश सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। इसके लिए सड़क, परिवहन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और रोजगार जैसे क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। केंद्र सरकार की योजनाओं और राज्य की प्राथमिकताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर विकास परियोजनाओं को गति देने का प्रयास किया जा रहा है।

डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के समग्र विकास के लिए जनकल्याण और आर्थिक प्रगति दोनों महत्वपूर्ण हैं। किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीब परिवारों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों में जनभागीदारी और प्रशासनिक समन्वय को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश को विकास के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ाते हुए नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।

केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा उनके लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने की दिशा में कार्य जारी है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने पूज्य माता हासी देवी जी के सम्मान में जारी किया 200 रुपये का स्मारक सिक्का

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित लोकभवन के छत्तीसगढ़ मंडपम में पूज्य माता साहिब हासी देवी जी के सम्मान में 200 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया। यह सिक्का माता साहिब हासी देवी जी की 200वीं जयंती के अवसर पर भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उपस्थित रहे।

सिंधी समाज के लिए गौरवपूर्ण अवसर
पूज्य माता साहिब हासी देवी जी रायपुर के प्रतिष्ठित शदाणी दरबार की पांचवीं पीठाधीश थीं। उनके सम्मान में स्मारक सिक्का जारी किया जाना सिंधी समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। इस पहल का उद्देश्य उनके जीवन, आध्यात्मिक विचारों और योगदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।

सिक्के पर अंकित है माता हासी देवी जी का चित्र
जारी किए गए विशेष स्मारक सिक्के के एक ओर पूज्य माता हासी देवी जी की छवि अंकित है, जबकि दूसरी ओर अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष और 200 रुपये का मूल्यवर्ग दर्शाया गया है। यह सिक्का उनकी 200वीं जयंती को यादगार बनाने के साथ उनकी आध्यात्मिक विरासत के प्रति सम्मान का प्रतीक है।

कार्यक्रम में शामिल हुए जनप्रतिनिधि और समाज के प्रतिनिधि
कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, शदाणी दरबार के सदस्य तथा देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे सिंधी समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे। शदाणी दरबार के पीठाधीश संत डॉ. युधिष्ठिर लाल जी ने स्वागत उद्बोधन दिया।

स्मारक सिक्के के अनावरण के बाद श्रद्धालुओं और सिक्का संग्राहकों के लिए इसे शदाणी दरबार की विभिन्न इकाइयों के माध्यम से बुक करने की व्यवस्था की जानकारी भी दी गई।

सिंगरौली में ₹22,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव, CM मोहन यादव से मिले कुमार मंगलम बिरला

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को मुंबई प्रवास के दौरान आदित्य बिरला समूह के प्रमुख कुमार मंगलम बिरला और उनके पुत्र आर्यमन विक्रम बिरला से भेंट की। इस दौरान मध्यप्रदेश में औद्योगिक निवेश की संभावनाओं, उद्योगों के विस्तार और प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित करने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।

सिंगरौली की हिंडाल्को इंडस्ट्री में ₹22 हजार करोड़ के निवेश का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि चर्चा के दौरान कुमार मंगलम बिरला ने मध्यप्रदेश के सिंगरौली स्थित हिंडाल्को इंडस्ट्री में ₹22 हजार करोड़ के नए निवेश का प्रस्ताव दिया। प्रस्तावित निवेश से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की संभावनाएं हैं। हालांकि, यह निवेश प्रस्ताव है; इसे अंतिम निवेश निर्णय या परियोजना के क्रियान्वयन की पुष्टि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 के लिए दिया आमंत्रण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुमार मंगलम बिरला को आगामी वर्ष मध्यप्रदेश में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS-2027) में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने प्रदेश में औद्योगिक निवेश की व्यापक संभावनाओं और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

औद्योगिक विकास और निवेश को प्रोत्साहन पर जोर
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में औद्योगिक विकास को गति देने, निवेशकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने और विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की प्राथमिकताओं से अवगत कराया। राज्य सरकार का प्रयास है कि नए औद्योगिक निवेश के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ें।

मुलाकात के दौरान कुमार मंगलम बिरला ने मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। यह बैठक प्रदेश में निवेश आकर्षित करने और उद्योग जगत के साथ सहयोग बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा रही।

युवा बड़े सपने देखें, सफलता को समाज और राष्ट्र की सेवा से जोड़ें : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने युवाओं से आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें, अपने विचारों को व्यापक बनाएं और अपनी सफलता को समाज एवं राष्ट्र की सेवा से जोड़ें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा में कुछ नया करने, बेहतर बनाने और अपनी अलग पहचान स्थापित करने की क्षमता होती है। जब युवा अपने व्यक्तिगत प्रयासों को सामूहिक एवं राष्ट्रीय लक्ष्यों से जोड़ेंगे, तभी देश की प्रगति को नई गति मिलेगी।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुरुवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नुआखाई के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सहित बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उपस्थित रहे।

ज्ञान के साथ विनम्रता और सफलता के साथ सेवा भाव जरूरी
राष्ट्रपति ने युवाओं को निरंतर सीखने, पुस्तकें पढ़ने, सवाल पूछने और अपने ज्ञान एवं कौशल को विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर चुनौतियों का साहसपूर्वक सामना करना चाहिए। सफलता और असफलता जीवन का हिस्सा हैं, इसलिए असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने कहा कि युवाओं को ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा भाव को जोड़ना चाहिए। उनकी प्रतिभा समाज की समस्याओं का समाधान करने और जरूरतमंदों की सहायता करने में उपयोगी होनी चाहिए। राष्ट्रपति ने जोर दिया कि राष्ट्र का निर्माण केवल बड़े निर्णयों से नहीं, बल्कि करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयासों से होता है।

नुआखाई पर्व भारतीय संस्कृति और कृषि परंपरा का प्रतीक
राष्ट्रपति ने नुआखाई पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि समृद्ध परंपराओं, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। यह पर्व लोगों को अपनी जड़ों से जुड़े रहने और सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि अन्न केवल भूख मिटाने का साधन नहीं, बल्कि किसानों के परिश्रम, धरती की उदारता और प्रकृति के अनमोल उपहार का प्रतीक है। अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना सभी का सामूहिक दायित्व है।

विकसित भारत के लिए महिलाओं की भागीदारी आवश्यक
राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महिलाओं की समान भागीदारी बेहद जरूरी है। महिलाओं को देश और समाज के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने पुरुषों, विशेषकर युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी बहनों और बेटियों को ऐसा वातावरण और अवसर उपलब्ध कराएं, जहां वे बिना किसी बाधा के अपने सपनों को साकार कर सकें।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति सम्मान केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह हमारी सोच, व्यवहार और दैनिक जीवन में भी दिखाई देना चाहिए।

छत्तीसगढ़ में बदलाव और विकास की नई तस्वीर
राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ में हो रहे सकारात्मक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों तथा युवाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति से प्रदेश के युवा नक्सलवाद के भटकाव से निकलकर मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है। इससे युवाओं और उनके परिवारों के कल्याण के साथ प्रदेश एवं देश के विकास को भी गति मिल रही है।

राज्यपाल रमेन डेका ने भी नुआखाई पर्व की शुभकामनाएं देते हुए इसे कृषि संस्कृति, किसानों के सम्मान, सामाजिक एकता और आपसी सहयोग की परंपरा को मजबूत करने वाला पर्व बताया।

रीजिम चेंज वाले बयान पर पीएम मोदी का पलटवार, बोले- ‘भारत की प्रतिष्ठा मिट्टी में मिलाने में जुटे’

देश में ‘रीजिम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन को लेकर छिड़ी राजनीतिक बहस के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब दुनिया नए वैश्विक व्यवस्था की तलाश में है, तब भारत में कुछ लोग अव्यवस्था के सपने देख रहे हैं। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग विदेशों में जाकर भारत की छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।

‘दुनिया नए ऑर्डर की तलाश में, भारत में डिसऑर्डर के सपने’
एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष का नाम लिए बिना कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में दुनिया के सामने एक मजबूत भारत की तस्वीर जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और विदेशी हस्तक्षेप की मांग करने में जुटे हैं।

पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए भारत की उपलब्धियों, प्रगति और सकारात्मक पहलुओं पर सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को लेकर भी कटाक्ष किया।

CEC ज्ञानेश कुमार के विरोध से शुरू हुई बहस
‘रीजिम चेंज’ को लेकर विवाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच तेज हुआ। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन को ‘रीजिम चेंज’ की लड़ाई बताया था। इसके बाद भाजपा नेताओं ने इस बयान पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि विरोध-प्रदर्शनों के जरिए सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है।

वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भारत की तुलना बांग्लादेश या फ्रांस से करना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष की मांग स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव तथा संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही से जुड़ी है।

लोकतंत्र, चुनाव और सत्ता परिवर्तन पर सियासी टकराव
इस विवाद ने सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है। जहां भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार बदलने का रास्ता लोकतांत्रिक चुनाव है, वहीं विपक्ष चुनाव प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी के ताजा बयान को इसी राजनीतिक विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर संसद और राजनीतिक मंचों पर बहस और तेज होने की संभावना है।

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के प्रस्ताव पर ओम बिरला का दो टूक जवाब, बोले- नियमों के तहत होगी कार्रवाई

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर जारी राजनीतिक हलचल के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने स्पष्ट किया है कि विपक्ष की ओर से प्रस्ताव लाए जाने पर निर्धारित संसदीय प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव सामने आने के बाद ही उस पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।

22 अक्टूबर 2026 को इस मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में ओम बिरला ने कहा कि प्रस्ताव आने पर प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने से संबंधित प्रस्तावों के लिए भी निर्धारित नियम और संवैधानिक प्रावधान हैं, जिनका पालन करना जरूरी है।

चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष के सवाल
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कामकाज और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर आपत्ति जताई है। विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के समक्ष भी अपनी मांगें रखी गई हैं। हालांकि, ये विपक्ष के आरोप हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

पहले भी पेश हो चुका है हटाने का प्रस्ताव
ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए विपक्ष पहले भी संसद के दोनों सदनों में नोटिस दे चुका है। अप्रैल 2026 में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने पहले दिए गए नोटिसों को स्वीकार नहीं किया था। अब नए प्रस्ताव की संभावनाओं के बीच ओम बिरला के बयान को अहम माना जा रहा है।

क्या है CEC को हटाने की प्रक्रिया?
संविधान के अनुच्छेद 324(5) के तहत मुख्य चुनाव आयुक्त को उसी प्रक्रिया और उन्हीं आधारों पर पद से हटाया जा सकता है, जिनके तहत सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश को हटाया जाता है। इसके लिए संसद में निर्धारित विशेष बहुमत सहित संवैधानिक प्रक्रिया पूरी करनी होती है। ऐसे में किसी प्रस्ताव का पेश होना अपने आप में पद से हटाए जाने का आधार नहीं बनता।

फिलहाल ओम बिरला ने प्रस्ताव पर पहले से कोई फैसला सुनाने के बजाय नियमानुसार प्रक्रिया अपनाने की बात कही है। अब इस मामले में विपक्ष के अगले कदम और संसद में संभावित कार्यवाही पर नजर रहेगी।

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