ब्राह्मण समाज बीएसपी में ही सुरक्षित – मायावती
बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर ब्राह्मण मतदाताओं पर ध्यान केंद्रित कर लिया है। जब विपक्ष की समाजवादी पार्टी पीडीए (पिछड़े , दलित और अल्पसंख्यक) मतदाताओं पर केंद्रित चुनाव अभियान चला रही है और सत्ताधारी एनडीए के दल भी पिछड़ी जातियों पर खास तौर पर ध्यान दे रही है, तब बीएसपी अपने उसी चुनावी फॉर्मूले पर लौट आई है जो उसने सन 2007 के चुनाव में अपनाया था और सरकार बनाने में सफल हुई थी।
बीएसपी प्रमुख मायावती ने एक्स पर एक पोस्ट में उच्च जातियों, और खास तौर पर ब्राह्मण समुदाय को अपनी पार्टी से जोड़ने और उन्हें विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाने की मंशा जाहिर की है। उन्होंने कहा है कि बीएसपी के ब्राह्मणों को प्राथमिकता दिए जाने से समाजवादी पार्टी की नींद उड़ गई है।
साल 2007 में बनी थी बीएसपी की सरकार
मायावती ने पोस्ट में लिखा है कि, ‘बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर जब से अपर कास्ट समाज और उसमें से खासकर ब्राह्मण समाज को बीएसपी में जोड़ने को ध्यान में रखकर, पार्टी का उम्मीदवार बनाना शुरू किया है, तब से सभी विरोधी पार्टियों में और खासकर समाजवादी पार्टी में नींद उड़ा देने वाली बेचैनी देखने को मिल रही है। सन 2007 की तरह आगामी चुनाव में ब्राह्मण समाज के योगदान से बीएसपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने की स्वाभाविक संभावना प्रतीत होती है।’

















