उत्तर प्रदेश के युवाओं को पढ़ाई और प्रशिक्षण के बाद सीधे रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में योगी सरकार ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत युवाओं की स्किल को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप तैयार किया जाएगा, ताकि उन्हें प्रशिक्षण पूरा करने के बाद नौकरी के लिए भटकना न पड़े। इस पहल की शुरुआत प्रदेश के 8 जिलों से की जाएगी।
इस पहल में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) के बीच सहयोग की योजना है। इसका उद्देश्य क्लासरूम में मिलने वाली ट्रेनिंग और इंडस्ट्री की वास्तविक जरूरतों के बीच की दूरी को कम करना है। युवाओं को उनकी रुचि और उद्योगों की मांग के अनुसार प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने पर जोर रहेगा।
सरकार का फोकस केवल प्रशिक्षण देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं को रोजगार योग्य बनाने और कंपनियों से सीधे जोड़ने पर रहेगा। इससे उद्योगों को कुशल कर्मचारी मिल सकेंगे और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
यूपी सरकार पहले से ही युवाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत भी युवाओं को कौशल प्रमाणपत्र के आधार पर स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है।
8 जिलों में शुरू होने वाली यह पहल सफल रहती है तो इसे आगे प्रदेश के अन्य जिलों तक विस्तार दिया जा सकता है। इससे शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
























