मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फर्रुखाबाद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर पीड़ितों को राहत सामग्री वितरित की

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर 995 बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री और 31 ऐसे लोगों को जमीन के पट्टा अभिलेख और आवासीय योजना की धनराशि दी, जिनके घर गंगा की धार में बह गए थे। मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों को आश्वासन दिया कि डबल इंजन की सरकार आपदा की इस घड़ी में उनके साथ खड़ी है।

फर्रुखाबाद के लोगों को गंगा में आने वाली बाढ़ के स्थाई समाधान के लिए ड्रेजिंग करवाकर गंगा की गहराई बढ़ाई जाएगी और उससे निकलने वाली सिल्ट को तटबंध बनाने में उपयोग किया जाएगा। बाढ़ से खराब हुई फसलों का सर्वे करवाकर किसानों को मुआवजे की धनराशि सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी।

गुरुवार 11:35 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फर्रुखाबाद के कायमगंज के शमसाबाद, अमृतपुर, सदर तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का हेलीकाप्टर से हवाई सर्वेक्षण किया। 12:06 बजे पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों के बीच जाकर उनसे संवाद किया।

995 बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री और 31 उन लोगों को जिनके घर बाढ़ में बह गए हैं, उन्हें पट्टा के अभिलेख और आवास योजना की धनराशि की प्रतीकात्मक चेक दिए। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में वह अकेले नहीं हैं। डबल इंजन की सरकार की संवेदना बाढ़ पीड़ितों के साथ है।

जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि 15 दिन से बाढ़ राहत कार्य तेजी से कर रहे हैं। उन्होंने जिले के भाजपा जिलाध्यक्ष व चारों विधायकों के साथ लखनऊ में बैठक कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर चर्चा की है।

प्रभारी मंत्री को भेेजकर बाढ़ राहत कार्यों की निगरानी, समीक्षा करने और उसकी रिपोर्ट देने के लिए भेजा था। बाढ़ राहत कार्य के लिए 24 घंटे कंट्रोलरूम, बाढ़ चौकियां, राहत शिविर बनाए। बाढ़ प्रभावित परिवारों के रहने व भोजन की व्यवस्था की। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में रह रहे लोगों को राशन किट व अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराई।

राहत सामग्री किट में चावल, आटा, अरहर की दाल, तेल, मसाले, बाल्टी, बरसाती करीब 50 तरह की चीजें हैं। कायमगंज विधायक ने यहां बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षक शिविर व गांवों में जाकर कक्षाएं लगा रहे हैं।

सांसद व चारों विधायकों ने कहा कि समय के अनुरूप मां गंगा उथली हुई हैं। जब भी नदी उथली होगी पानी का फैलाव होगा। जिससे अन्नदाता किसान की फसल का नुकसान होगा। हमने पिछले नौ साल के अंदर सैकड़ों करोड़ की परियोजनाओं को स्वीकृत किया, लेकिन जनप्रतिनिधियाें का कहना सही है कि इसका एकमात्र समाधान है कि पूरे क्षेत्र में गंगा नदी की ड्रेजिंग करके उसे चैनलाइज करें और जो भी सिल्ट निकलती है उसका तटबंध के रूप में इस्तेेमाल करें। इसीलिए वह यहां आए हैं और देखा है कि यह वास्तव में यहां की आवश्यकता है।

नदी चैनलाइज होगी तो आसपास के गांव बाढ़ से प्रभावित होने से बचेंगे, फसल बचेगी और लोगों को राहत मिलेगी। इसके लिए जिन किसानों की जमीन जाएगी, उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जहरीले कीड़ों का डर रहता है। सरकार ने हर चिकित्साल में एंटी वेनम, एंटी रैबीज व पर्याप्त दवा की व्यवस्था की है।

मुख्यमंत्री ने बालिकाओं और महिलाओं के लिए चलाई जा रहीं रानी लक्ष्मीबाई योजना, लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि एक बेटी शिक्षित होती है तो दो परिवारों को सशक्त करती है। युवाओं को नौकरियां और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पहले सैफई सिंडीकेट नौकरियां हड़प जाता था और युवा देखता रह जाता था।

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