Dhirendra Shastri के भाई शालिग्राम गर्ग को हाईकोर्ट से जमानत, ₹50 हजार के मुचलके पर रिहाई के आदेश
जबलपुर/छतरपुर। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग उर्फ छोटे सरकार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। छतरपुर के चर्चित गोलीकांड से जुड़े मामले में करीब दो महीने से न्यायिक हिरासत में चल रहे शालिग्राम गर्ग को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने जमानत मंजूर कर दी है। अदालत ने उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर सशर्त रिहा करने के निर्देश दिए हैं।
शालिग्राम गर्ग को हाईकोर्ट से मिली जमानत
शालिग्राम गर्ग की जमानत याचिका पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ में सुनवाई हुई। जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने मामले में सुरक्षित रखा गया फैसला सुनाते हुए जमानत मंजूर की। इससे पहले जिला अदालत से शालिग्राम गर्ग की जमानत याचिका खारिज हो चुकी थी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब निर्धारित कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने पर उनकी जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। जमानत का अर्थ मामले में आरोपों से बरी होना नहीं है और प्रकरण की आगे की कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी।
15 जुलाई 2026 को हुई थी गिरफ्तारी
छतरपुर जिले के राजनगर थाना क्षेत्र में दर्ज मामले में पुलिस ने 15 जुलाई 2026 को शालिग्राम गर्ग को गिरफ्तार किया था। मामला मोतीलाल कुशवाहा के साथ कथित मारपीट और गोली चलाने की घटना से जुड़ा है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
क्या है छतरपुर का गोलीकांड मामला?
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता मोतीलाल कुशवाहा के साथ मारपीट और गोली चलाने की घटना हुई थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत में आरोप लगाया कि शालिग्राम गर्ग ने मोतीलाल को रोककर उनके साथ गाली-गलौज की और सह-आरोपियों को हमला करने के लिए उकसाया। अभियोजन के अनुसार, घटना के दौरान गोली लगने से मोतीलाल घायल हुए।
दूसरी ओर, बचाव पक्ष ने आरोपों से इनकार करते हुए अदालत में कहा कि पुरानी रंजिश और राजनीतिक दबाव के चलते शालिग्राम गर्ग को मामले में झूठा फंसाया गया है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा था।
किन धाराओं में दर्ज हुआ था मामला?
पुलिस के अनुसार, शालिग्राम गर्ग के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1), 296(बी), 351(3), 3(5) तथा Arms Act की धारा 25/27 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
इन धाराओं में लगाए गए आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।
50 हजार रुपये के मुचलके पर सशर्त जमानत
हाईकोर्ट ने शालिग्राम गर्ग को 50,000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत देने का आदेश दिया है। जमानत अदालत द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन है। रिहाई के बाद भी उन्हें मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित शर्तों का पालन करना होगा।
अब आगे क्या होगा?
हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शालिग्राम गर्ग की जेल से रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, गोलीकांड से जुड़े मूल आपराधिक मामले की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत को मामले में आरोपों से मुक्ति या बरी होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
Dhirendra Shastri Brother Bail: मुख्य बातें
- आरोपी: शालिग्राम गर्ग उर्फ छोटे सरकार
- मामला: छतरपुर गोलीकांड
- गिरफ्तारी: 15 जुलाई 2026
- अदालत: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर पीठ
- पीठ: जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ
- जमानत: 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर
- स्थिति: सशर्त जमानत, आगे कानूनी प्रक्रिया जारी






















