वाटिका गार्डन में महर्षि याज्ञवल्क सनातन कल्याण समिति द्वारा आयोजित
संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा एवं पितृ समर्पित सामूहिक मूलपाठ के तीसरे दिन
कथावाचक आचार्य अविनाश मिश्रा ने श्रद्धालुओं को सत्संग, ईश्वर आराधना और
श्रेष्ठ कर्मों का महत्व बताया।
आचार्य अविनाश मिश्रा ने कहा कि मनुष्य से जाने-अनजाने प्रतिदिन अनेक पाप कर्म होते हैं।
ईश्वर के समक्ष उनका प्रायश्चित करना और अच्छे कर्मों की ओर बढ़ना जीवन को सार्थक बनाने
का मार्ग है।

उन्होंने श्रद्धालुओं से क्रोध, लोभ, मोह, हिंसा और अनावश्यक संग्रह
जैसी प्रवृत्तियों का त्याग कर विवेक के साथ श्रेष्ठ कर्म करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि व्यक्ति को शास्त्रों में बताए आदर्शों का श्रवण करना चाहिए और
ज्ञानी पुरुषों के साथ सत्संग कर जीवन में ज्ञान को अपनाना चाहिए।
कथा में किन प्रसंगों का वर्णन हुआ?
श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन
कपिल चरित्र, सती चरित्र, ध्रुव चरित्र, जड़ भरत चरित्र,
कपिल अवतार, जय-विजय के श्राप तथा हिरण्याक्ष-हिरण्यकश्यप के जन्म
सहित विभिन्न प्रसंगों पर प्रवचन किया गया।
आचार्य ने श्रद्धालुओं को भगवान का नाम स्मरण करने, भगवत कीर्तन करने और
सत्संग के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त करने का संदेश दिया।
नानी बाई का मायरा सुनकर भाव-विभोर हुए श्रद्धालु
श्रद्धालुओं के भावपूर्ण निवेदन पर आचार्य अविनाश मिश्रा ने
‘नानी बाई का मायरा’ का मार्मिक प्रसंग भी सुनाया।
प्रसंग के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
कार्यक्रम में कौन-कौन उपस्थित रहे?
कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी बालपुरी गोस्वामी, भाजपा प्रदेश मंत्री
सुश्री राजो मालवीय, अधिवक्ता शिवकुमार पटेल, जिला सेवा प्रमुख विहिप
नितिन मैसकर, राहुल मालवीय नर्मदापुरम, श्रीमती निर्मला मालवीय,
साहबसिंह पटेल पांजरा, लालसाब पटेल बैंगनिया, रामनारायण मालवीय दुनवारा,
सुरेश मालवीय रानी पिपरिया, वीरेंद्र पटेल प्रांत महामंत्री भारत तिब्बत
समन्वय संघ, श्रीमती शीतल खंडेलवाल, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष
श्रीमती अर्चना खंडेलवाल, अधिवक्ता संघ उपाध्यक्ष अखिलेश मालवीय,
अशोक कहार माखननगर, श्री राम कृष्ण मेहरा, श्री खेमचंद पटैल किवलारी,
श्री हरगोविंद पुर्विया करनपुर, श्री जलज शर्मा सहित बड़ी संख्या में
भगवत्प्रेमी श्रद्धालु उपस्थित रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सोहागपुर में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन कहां हो रहा है?
श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन सोहागपुर के वाटिका गार्डन में
महर्षि याज्ञवल्क सनातन कल्याण समिति द्वारा किया जा रहा है।
आचार्य अविनाश मिश्रा ने सत्संग के बारे में क्या कहा?
आचार्य अविनाश मिश्रा ने कहा कि सत्संग में वह शक्ति है,
जो व्यक्ति के जीवन को बदल देती है।
श्रीमद्भागवत कथा में कौन-कौन से प्रसंग सुनाए गए?
कथा में कपिल, सती, ध्रुव, जड़ भरत, जय-विजय तथा
हिरण्याक्ष-हिरण्यकश्यप से जुड़े प्रसंगों का वर्णन किया गया।
कथा में ‘नानी बाई का मायरा’ किसने सुनाया?
श्रद्धालुओं के अनुरोध पर कथावाचक आचार्य अविनाश मिश्रा ने
‘नानी बाई का मायरा’ का मार्मिक प्रसंग सुनाया।
खबर का संक्षिप्त सार
सोहागपुर के वाटिका गार्डन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन
आचार्य अविनाश मिश्रा ने सत्संग, ईश्वर आराधना और श्रेष्ठ कर्मों का संदेश दिया।
कथा में विभिन्न धार्मिक प्रसंगों के साथ ‘नानी बाई का मायरा’ का मार्मिक प्रसंग
भी सुनाया गया।
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