
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका बहुत जल्द ईरान को लेकर फैसला करेगा। उनके इस बयान से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और दोनों देशों के बीच आगे की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका का अगला कदम क्या होगा।
ईरान की अर्थव्यवस्था पर ट्रंप ने साधा निशाना
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने ईरान की आर्थिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उसकी अर्थव्यवस्था को कमजोर बताया। उन्होंने दावा किया कि ईरान में महंगाई करीब 300 प्रतिशत तक पहुंच गई है और वहां की सरकार को सैन्य कर्मियों को भुगतान करने में भी परेशानी हो रही है। ये आंकड़े और दावे ट्रंप के बयान पर आधारित हैं।
सैन्य कार्रवाई या कूटनीति, क्या होगा अमेरिका का अगला कदम?
ट्रंप ने अपने बयान में यह नहीं बताया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ नए आर्थिक प्रतिबंध लगाएगा, कूटनीतिक बातचीत आगे बढ़ाएगा या सैन्य विकल्पों पर विचार करेगा। ऐसे में उनके बयान को किसी नई सैन्य कार्रवाई की आधिकारिक घोषणा नहीं माना जा सकता।
इससे पहले 8 अक्टूबर को ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा। उन्होंने यह भी दावा किया था कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी दुनिया की नजर
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के प्रमुख तेल परिवहन मार्गों में से एक है। इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से कच्चे तेल की आपूर्ति और कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।
फिलहाल, ट्रंप के ताजा बयान के बाद सभी की नजर अमेरिकी प्रशासन के अगले कदम और ईरान के रुख पर है। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट हो सकता है कि वॉशिंगटन तनाव कम करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाता है या ईरान पर दबाव बढ़ाने की नई रणनीति सामने लाता है।




