
सऊदी अरब में सुरक्षा स्थिति एक बार फिर तनावपूर्ण हो गई है। देश के पूर्वी हिस्से में स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार, 21 अक्टूबर को हुए हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हो गए। हमले में एयरपोर्ट की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। बढ़ते सुरक्षा खतरे को देखते हुए अमेरिका ने सऊदी अरब में तैनात दूतावास के गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का निर्देश दिया है।
एयरपोर्ट पर हमले के बाद उड़ानों पर असर
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, हमले में घायल हुए लोगों को मामूली से लेकर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद एयरपोर्ट की सुविधाओं को हुए नुकसान का आकलन किया गया और सुरक्षा कारणों से कुछ उड़ानों का मार्ग बदला गया। अधिकारियों ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब सऊदी अरब के प्रमुख हवाई अड्डों और तेल प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षा खतरे बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। लगातार हो रही घटनाओं से हवाई यातायात और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
हूती विद्रोहियों पर संदेह, लेकिन जिम्मेदारी की पुष्टि नहीं
दम्माम एयरपोर्ट पर हुए ताजा हमले के पीछे हूती विद्रोहियों का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। यमन में सक्रिय ईरान समर्थित हूती विद्रोही पहले भी सऊदी अरब के हवाई अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बना चुके हैं। हालांकि, इस हमले की जिम्मेदारी हूती संगठन ने नहीं ली है और सऊदी अधिकारियों ने भी हमलावरों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
सऊदी गठबंधन ने पूर्वी क्षेत्र में चार ड्रोन हमलों को नाकाम करने की जानकारी भी दी है। ऐसे में क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
अमेरिका ने दूतावास के कर्मचारियों को दिया देश छोड़ने का आदेश
लगातार बढ़ते हमलों के मद्देनजर अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब में तैनात गैर-आपातकालीन राजनयिक कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह फैसला कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है।
अमेरिका ने सऊदी अरब में नागरिक हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर संभावित हमलों को लेकर भी चिंता जताई है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण राजनयिक गतिविधियों और हवाई यात्रा पर असर पड़ने की आशंका है।
तेल प्रतिष्ठान पर हमले में भी दो लोगों की मौत
दम्माम एयरपोर्ट पर हमले से पहले सऊदी अरब के शायबह तेल क्षेत्र में ड्रोन को रोकने के दौरान गिरे मलबे से दो विदेशी कर्मचारियों की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य घायल हुए थे। सऊदी ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक, मृतकों में फिलीपींस और नेपाल के नागरिक शामिल थे। घायल लोगों में भारतीय और पाकिस्तानी नागरिक बताए गए हैं।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों और तेल प्रतिष्ठानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा उपायों का असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों तथा ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।




