हिंदू धर्म में पूजा-पाठ का बहुत महत्व है। घरों में लोग मंदिर बनवाते हैं, जिनमें देवी-देवताओं की मूर्ति, शंख, पूजा सामग्री समेत कई चीजें मौजूद होती है। पुरातन काल से ही भगवान की पूजा के बाद आरती का विधान है, जिनमें अगरबत्ती, धूप, दीपक, कपूर का उपयोग किया जाता है। लेकिन जब लोग पूजा करते हैं तो इसमें वे जाने-अनजाने में छोटी-छोटी गलतियां कर देते हैं। जिनसे पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता है। शास्त्रों में पूजा सामग्री से जुड़ी कुछ बातें बताई गई हैं, जिसमें बताया गया है कि पूजा-पाठ के दौरान कुछ वस्तुओं को जमीन पर बिलकुल नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से हमारी की हुई पूजा निष्फल हो जाती है और हमें इसका पूरा फल नहीं मिल पाता है।
कई लोग प्रतिदिन भगवान को स्नान करवाते हैं और उन्हें पोशाक पहनाते हैं। लेकिन कई बार पोशाक पहनाने से पहले उन्हें फर्श पर रख देते हैं। इसके अलावा भी जब कभी लोग मूर्ति स्थापित करते हैं तो उस समय भी भगवान की मूर्ति स्थापित करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि उनकी मूर्ति फर्श पर न रखें। या तो साफ धुले हुए कपड़े पर रखें या किसी चौकी पर रखें। क्योंकि फर्श पर मूर्ति रखने से भगवान का अपमान माना जाता है और हमारे घर की सुख-समृद्धि भी इससे जा सकती है।
जब भी हम पूजा करते हैं तो सबसे पहले दीपक प्रज्वलित करते हैं। पूजा करने के बाद भगवान की स्तुति व आरती की जाती है। लेकिन कई लोग जगह की कमी के कारण दीपक को फर्श पर रख देते हैं, जो कि बिलकुल अच्छा नहीं माना जाता है। दीपक जलाने के बाद हमेशा ध्यान रखें की उसे मंदिर में ही रखें या फिर थाली स्टैंड या प्लेट में रखें।
घर के मंदिर में शंख रखना बहुत शुभ माना जाता है। मंदिर में शंख रखने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। लेकिन इसे रखने के कुछ नियम हैं, सबसे पहला कि शंख को कभी जमीन पर नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में आर्थिक संकट आ सकता है।
पूजा करते समय भूलकर भी जमीन पर ना रखें ये 3 चीजें
कांग्रेस पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं ने विवादि बयान दिए, उनका माफी मागंने से भी इंकार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा जारी है। इस बीच, पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मणिशंकर अय्यर के एक बयान पर बवाल मच गया है। मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि भारत टूटा हुआ है और राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का मकसद इसके नाम में छिपा है। एक इंटरव्यू में मणिशंकर अय्यर ने आगे कहा कि Bharat Jodo Yatra का कोई चुनावी मकसद नहीं है। यात्रा खत्म होने के बाद चुनावी राजनीति पर चर्चा होगी। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी जीत में विपक्षी एकता जरूरी होगी। चुनावों में जीत के लिहाज से यात्रा का मकसद पूरा होगा या नहीं, यह मैं अभी नहीं कह सकता।
कांग्रेस के एक अन्य नेता सलमान खुर्शीद (Salman Khurshid) भी विवादित बयान के कारण चर्चा में है। विवाद उठने के बाद बुधवार को Salman Khurshid ने माफी मांगने से इनकार कर दिया। उन्होंने राहुल गांधी की तुलना भगवान राम से की थी। कहा था, भगवान राम की ‘खड़ाऊ’ बहुत दूर तक जाती है। कभी-कभी जब राम जी नहीं पहुंच पाते, तो भरत खड़ाऊ लेकर जगह-जगह जाते हैं। ऐसे ही हमने यूपी में खड़ाऊ चलाया है। अब जब खड़ाऊ यूपी पहुंच गया है तो राम जी (राहुल गांधी) भी आएंगे। राहुल गांधी असाधारण मनुष्य हैं। हम ठंड में ठिठुर रहे हैं और जैकेट पहन रहे हैं, वह टी-शर्ट में बाहर जा रहे हैं। वह एक योगी की तरह हैं, जो अपनी ‘तपस्या’ ध्यान से कर रहे हैं।
मां की तबीयत खराब की जानकारी मिलते ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अस्पताल पहुंचे
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मां को तबीयत खराब होने पर अहमदाबाद के यूएन मेहता इंस्टिट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया है। मां की तबीयत खराब होने की जानकारी मिलते ही पीएम मोदी दिल्ली से रवाना हुए और थोड़ी देर पहले अस्पताल पहुंचे। अस्पताल के मुताबिक उनकी हालत स्थिर है। हीराबेन को ब्लडप्रेशर संबंधी परेशानी के कारण अस्पताल लाया गया है।
इससे पहले गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल एवं राज्यसभा सदस्य एवं रिलायंस ग्रुप के वरिष्ठ चेयरमैन परिमल नाथवानी भी अस्पताल पहुंचे और उनका हाल-चाल जाना। वहीं राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर हीरा बेन के स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
कोविड अवेयरनेस कैंप का आयोजन
भोपाल, मंगलवार को भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ मप्र द्वारा प्रदेश संयोजक डॉ अभिजीत देशमुख के नेतृत्व में एवं भोपाल संभाग प्रभारी एवं प्रदेश सहसंयोजक डॉ रोहित श्रीवास्तव द्वारा न्यू मार्केट स्थित हनुमान मंदिर पर स्वास्थ्य यात्रा के अंतर्गत कोविड अवेयरनेस कैंप का आयोजन किया गया ।
जिसमें “कोविड प्रोटोकोल बिहेवियर” के साथ “निशुल्क मास्क (600) वितरण एवं कोविड के नए वेरिएंट बीएफ-7 के बारे में लोगों को जागरूक किया गया ।
कार्यक्रम में प्रदेश संयोजक डॉक्टर अभिजीत देशमुख, प्रदेश सहसंयोजक डॉ रोहित श्रीवास्तव, प्रदेश कार्यालय मंत्री डॉ नेहा रेजा ,प्रदेश सहकार्यालय मंत्री लक्ष्मण प्रजापति, प्रदेश आईटी प्रभारी सतीश पिलाई, प्रदेश सहआईटी प्रभारी डॉ कृष्णान्शु गौतम के साथ – न्यू मार्केट व्यापारी संघ के अध्यक्ष संजय वालेचा एवं पूर्व सचिव अजय देवनानी जिला संयोजक डॉ ऋषि सिंह जिला सह संयोजक डॉ हरेंद्र मोदी , कार्यकारिणी सदस्य डॉ इसरार खान, डॉ अमन यादव जी के साथ अन्य जिला चिकित्सा प्रकोष्ठ की सदस्य सम्मिलित हुए, जिसमें लगभग 600 होकस् एवं आम जनमानस लोगों को मास्क वितरण किए गए।
भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ कर्नाटक में पुलिस ने शिकायत दर्ज की
भोपाल से भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के खिलाफ कर्नाटक में पुलिस ने शिकायत दर्ज की है। उन पर कर्नाटक दौरे के दौरान अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ कथित ईशनिंदा और अपमानजनक भाषण देने का आरोप है। दरअसल साध्वी प्रज्ञा ने हिंदुओं से आह्वान किया था कि अपनी बेटियो की देखभाल करने के लिए घर पर हथियार रखें।
तहसीन पूनावाला ने सोशल मीडिया के जरिए शिवमोगा के एसपी जी.के.मिथुन कुमार को शिकायत की प्रति भेजी है। शिकायत की एक प्रति मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को भी भेजी गई है। दरअसल सांसद प्रज्ञा शिवमोग्गा शहर में आयोजित हिंदू जागरण वैदिके के दक्षिण वार्षिक अधिवेशन में शामिल हुई थीं। वह बजरंग दल के कार्यकर्ता हर्षा के घर भी गई थीं जिसे हिजाब के खिलाफ अभियान चलाने के लिए मार डाला गया था।
शिकायतकर्ता ने प्रज्ञा ठाकुर पर समारोह में बोलते हुए अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ अत्यधिक ईशनिंदा और अपमानजनक भाषण देने का आरोप लगाया। प्रज्ञा ने लोगों से लव जिहाद का भी इसी अंदाज में करारा जवाब देने को कहा था।उन्होंने आगे हिंदुओं से अपनी लड़कियों की देखभाल करने और घर पर हथियार रखने के लिए कहा। उन्होंने कहा हथियार न हो तो सब्जी काटने वाले चाकू की धार तेज कर लें। उन्होंने हमारे हर्ष को चाकू से गोद कर मार डाला था।
उन्होंने हिंदू कार्यकर्ताओं को मारने के लिए चाकुओं का इस्तेमाल किया है हमें किसी भी घटना का सामना करने के लिए अपने चाकुओं को तेज रखना होगा। अगर हमारा चाकू सब्जियों को अच्छे से काटता है तब यह हमारे दुश्मनों पर भी कारगर हो सकता है।शिकायतकर्ता ने कहा कि प्रज्ञा सिंह का भाषण अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ हथियारों के इस्तेमाल का खुला आह्वान है। यह भी प्रस्तुत किया गया है कि उक्त भाषण में अन्य बातों के साथ-साथ एक विशेष समुदाय के खिलाफ असहिष्णुता घृणा हिंसा का संभावित प्रभाव है जो एक अपराध है।
उन्होंने पुलिस से साध्वी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153-ए के तहत धर्मों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के लिए 153-बी राष्ट्रीय एकता पर प्रतिकूल प्रभाव के लिए 268 सार्वजनिक उपद्रव के लिए 295-ए जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्यों के लिए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए 504 जानबूझकर शांति भंग करने के लिए और 505 सार्वजनिक शरारत करने वाले बयान के लिए केस दर्ज करने की मांग की।
राजपूत समाज के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री चौहान से मिले
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि समाज के सभी वर्ग का कल्याण राज्य शासन की प्राथमिकता है। किसी वर्ग के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सभी वर्गों का विकास और सम्मान राज्य सरकार का ध्येय है। मुख्यमंत्री चौहान मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राजपूत समाज के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री चौहान का राजपूत समाज द्वारा साफा बांध कर सम्मान किया गया।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि राजपूत समाज का विकास और राष्ट्र सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान है। समाज द्वारा दिए गए सुझाव-पत्र का अध्ययन कर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे और समस्याओं को हल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि राजपूत करणी सेना के प्रतिनिधि भी यहाँ उपस्थित हैं। माँ पदमावती के नाम पर स्मारक निर्माण की कार्यवाही को पूर्ण किया जाएगा। शीघ्र ही राजपूत समाज के साथ चर्चा के लिए पृथक बैठक अथवा सम्मेलन बुला कर प्राप्त सुझावों पर कदम उठाए जाएंगे।
सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया ने भी अभिनंदन कार्यक्रम को संबोधित किया। राजपूत समाज की महापंचायत के अध्यक्ष राघवेन्द्र सिंह तोमर, राजपाल सिंह सिसोदिया सहित प्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए राजपूत समाज के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
प्रवासी भारतीय दिवस तथा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की तैयारियों की मुख्यमंत्री चौहान और केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरन ने समीक्षा की
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर के ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में 17वें प्रवासी भारतीय दिवस समागम एवं इन्वेस्टर्स समिट को लेकर चल रही तैयारियों की समीक्षा की। केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन भी विशेष रूप से मौजूद थे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारतीय संस्कृति में अतिथियों को देवतुल्य माना गया है। इसी परम्परा का निर्वहन करते हुए अतिथियों का स्वागत-सत्कार किया जाये। उनके स्वागत-सत्कार में किसी भी तरह की कमी नहीं रखी जाये। किसी भी अतिथि को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। प्रवासी भारतीय सम्मेलन एवं इन्वेस्टर समिट अविस्मरणीय और यादगार बने। अतिथि ऐसी यादें लेकर जाएँ जो हमेशा उनके दिल और दिमाग में रहे। जिस तरह इंदौर स्वच्छता में नंबर वन है, उसी तरह इस आयोजन में भी इंदौर नंबर वन बने।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि आयोजन की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाये रखने के लिये इंदौर में ग्लोबल गार्डन विकसित किया जाये। इसमें आने वाले सभी अतिथियों से वृक्षा-रोपण कराया जाये। ऐसे पौधों का रोपण हो जो वर्षों तक जीवित रहें। मुख्यमंत्री चौहान ने आयोजन से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं और आयोजन के दौरान होने वाली गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने अतिथियों के आवास, परिवहन, भोजन आदि के बारे में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि माइक्रो प्लानिंग बना कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाये। अतिथियों के ठहरने के स्थान का पूर्व निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाएँ पर्याप्त हो। एयरपोर्ट पर महत्वपूर्ण अतिथियों, अति महत्वपूर्ण अतिथियों तथा अन्य अतिथियों का परम्परागत रूप से स्वागत-सत्कार किया जाये। एयरपोर्ट पर आने वाले प्रत्येक अतिथि के साथ एक सहयोगी की व्यवस्था हो। एयरपोर्ट पर आते ही उन्हें सभी जरूरी सुविधाएँ समय पर मिल जायें। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अतिथियों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाये। यह सुनिश्चित किया जाये कि आयोजन के दौरान शहर में किसी भी तरह की अप्रिय घटना नहीं हो। पूरी सावधानी एवं सतर्कता बरती जाये। यह आयोजन इंदौर और मध्यप्रदेश के सम्मान का आयोजन है। उन्होंने कहा कि आयोजन के दौरान हिन्दी का पर्याप्त उपयोग हो। मुख्यमंत्री चौहान ने आने वाले अतिथियों को इंदौर की स्वच्छता की जानकारी देने के निर्देश भी दिये।
केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरन ने बैठक के पूर्व आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने आयोजन के लिये की जा रही तैयारियों और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यहाँ उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। आयोजन निश्चित रूप से सफल होगा। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि इस आयोजन में पूरे शहर और समाज की सहभागिता है। राज्य मंत्री मुरलीधरन ने कि आयोजन के दौरान भोजन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। भोजन की ऐसी माकूल व्यवस्था रहे, जिससे अतिथियों को कोई असुविधा न हो। उन्होंने बैठक के पूर्व अधिकारियों के साथ आयोजन स्थल पर की जा रही तैयारियों का निरीक्षण भी किया।
संभागायुक्त डॉ. पवन कुमार शर्मा, पुलिस आयुक्त हरिनारायणचारी मिश्र तथा नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल ने आयोजन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों, व्यवस्थाओं और की जा रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी।
इंदौर जिले के प्रभारी तथा गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, सांसद वी.डी. शर्मा, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, इंदौर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा, विधायकगण सहित आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े अधिकारी भी मौजूद थे।
पूर्व वित्त मंत्री अरूण जेटली की जयंती पर मुख्यमंत्री चौहान ने सादर नमन किया
बहुमुखी प्रतिभा के धनी, देश के पूर्व वित्त मंत्री और प्रसिद्ध अधिवक्ता अरूण जेटली जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
आपको प्रगतिशील, प्रयोगधर्मी एवं प्रतिबद्ध राजनेता के रूप में सदैव याद रखा जाएगा!
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति का किया विमोचन
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अभी तक मध्यप्रदेश को कृषि प्रधान प्रदेश के रूप में जाना जाता था। मध्यप्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू होने के बाद अब प्रदेश की पहचान तकनीकी प्रधान राज्य के रूप में भी होगी। प्रदेश में इस नीति को तत्परता के साथ लागू किया जायेगा। नीति को तैयार करने में वैज्ञानिकों के अमूल्य योगदान की मुख्यमंत्री चौहान ने सराहना की।
मुख्यमंत्री चौहान ने प्रशासन अकादमी भोपाल में मध्यप्रदेश विज्ञान प्रौद्योगिकी और नवाचार नीति-2022 का विमोचन किया। उन्होंने नीति के उद्देश्यों एवं प्रमुख बिन्दुओं पर प्रकाश भी डाला। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि इस नीति के प्रमुख तीन उद्देश्य हैं। वैज्ञानिक सोच और समझ को दैनिक जीवन का अंग बनाना, सरकार और समाज में आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग करना और नया सोचने, नया सीखने और नई पहल करने वाली पीढ़ी का निर्माण करना।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में विज्ञान का लोक व्यापीकरण किया जायेगा। इसके लिये सब मिल कर प्रयास करेंगे। जिज्ञासा बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास करती है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण हमारी जिंदगी बदल देता है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि यदि इच्छा शक्ति हो, तो व्यक्ति बड़े से बड़ा काम कर सकता है। विज्ञान और आध्यात्म एक-दूसरे के सहयोगी हैं।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में राज्य नवाचार कोष की स्थापना की जायेगी। भारतीय ज्ञान परम्परा को आगे बढ़ाने में विज्ञान और तकनीकी का पूरा उपयोग किया जायेगा। मध्यप्रदेश आध्यात्म और विज्ञान की दृष्टि से बहुत समृद्ध है। भारतीय कैलेण्डर अधिक सटीक और वैज्ञानिक है। मध्यप्रदेश का उज्जैन शहर प्राचीन काल-गणना का महत्वपूर्ण केन्द्र रहा है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हम आज के युग में डाटा की महत्वता समझते हैं। कोडिंग लेब, क्यूरोसिटी लेब के लिए प्रयास करेंगे। भारतीय ज्ञान परम्परा का प्रभावी उपयोग करेंगे। हम आध्यात्म और विज्ञान में अग्रणी रहे हैं। वैद्य नाड़ी देख कर ही बीमारी का पता कर लेते हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि भारत की 5 ट्रिलियन की इकॉनोमी में मध्यप्रदेा 550 बिलियन का योगदान करेगा।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा ने कहा कि नये प्रयोगों से जन-सामान्य को सुविधाएँ पहुँचाई जा रही है। गाँव-गाँव तक विज्ञान के प्रति रूचि बढ़ाई जा रही है। प्रदेश के हर व्यक्ति का जीवन आनंदमय हो, इसके लिये मुख्यमंत्री चौहान लगातार प्रयासरत हैं। आने वाली पीढ़ी को टेक्नालॉजी के माध्यम से अच्छा वातावरण दे सकते हैं। प्रधानमंत्री जी ने “जय विज्ञान-जय अनुसंधान” का नारा दिया है। इस दिशा में प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। विज्ञान के प्रति जागरूकता को पूरे भारत में नंबर-1 पर लाने की कोशिश होगी।
प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी निकुंज रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश में टेक्नालॉजी और नवाचार से ही सुशासन स्थापित किया जा सकता है। यह नीति मुख्यमंत्री चौहान के विजन को प्रस्तुत करती है। अधिकाधिक छात्र विज्ञान और प्रौद्योगिकी की पढ़ाई को चुनेंगे। निवेश, रोजगार बढ़ेगा और अर्थ-व्यवस्था सुदृढ़ होगी।
प्रो. रजत मोना ने कहा कि आज हम मध्यप्रदेश शासन के साथ एमओयू साइन कर रहे हैं, जिससे सेन्टर फॉर केपेसिटी बिलिंग की स्थापना होगी। भारत सरकार के वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने कहा कि यह पालिसी यूनिक है, जो बहुत कम स्टेट में है। इससे बहुत प्रभाव पड़ेगा। मध्यप्रदेश की साइंस इकोसिस्टम को सुदृढ़ करेगी। पॉलिसी महत्वपूर्ण विषयों का समावेश है, जो सराहनीय है।
अटल बिहारी वाजपेयी नीति विश्लेषण संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो. सचिन चतुर्वेदी ने कहा कि प्रदेश के लिए यह पॉलिसी महत्वपूर्ण कदम है। प्रदेश 550 बिलियन डॉलर का योगदान की भूमिका में साइंस एवं टेक्नोलॉजी का महत्वपूर्ण योगदान होगा। इंडियन इन्स्टीटयूट ऑफ साइंस में प्रो. सूद का महत्वपूर्ण सराहनीय योगदान है। केपेसिटी बिल्डिंग कमीशन में बेहतर कार्य हो रहा है। टेक्नालॉजी कई क्षेत्रों में कार्य कर सकती है। ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचे। मध्यप्रदेश में डिजिटल टेक्नालॉजी में महत्वपूर्ण कार्य हुआ है। गुजरात और हिमाचल प्रदेश के बाद मध्यप्रदेश तीसरा राज्य बन गया है।
पद्मविभूषण विजय कुमार सारस्वत ने कहा कि साइंस टेक्नोलॉजी को हम महसूस कर रहे हैं। हमारे जीवन में साइंस- टेक्नालॉजी से सुधार हुआ है। साइंस को समाज के साथ जोड़ कर पूरा उपयोग किया जा सकता है। समाज की प्रगति के लिए साइंस का समाज के साथ जोड़ना बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि इनोवेशन को आगे बढ़ायें। आज हमारी साइंस-टेक्नालॉजी को गति मिली है।





भारतीय जनता पार्टी सोशल मीडिया विभाग के जिला पदाधिकारियों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म प्रभारी, विधानसभा प्रभारियों, विधानसभा संयोजको एवं सह संयोजको की घोषणा की गई है जिसमें हुजूर विधानसभा में शैलेन्द्र मीणा को प्रभारी, महावीर सिंह को संयोजक और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहने वाले गोपेश सोनी को सह संयोजक बनाया गया है।








