भारतीय टीम में वॉशिंगटन सुंदर शामिल
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम में वॉशिंगटन सुंदर को शामिल किया गया है। उन्हें चोटिल दीपक चाहर की जगह टीम में मौका दिया गया है। चाहर को सीरीज के पहले वनडे मैच के ठीक पहले चोट लगी थी। ट्रेनिंग के दौरान चाहर के टखने में चोट लगी थी और अब वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पूरी वनडे सीरीज से बाहर हो चुके हैं। वॉशिंगटन सुंदर ने भारत के लिए आखिरी वनडे आठ महीने पहले फरवरी में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था।
अब चाहर के टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड से जुड़ने पर भी खतरा मंडरा रहा है। दीपक को टी20 वर्ल्ड कप के लिए स्टैंबाय रखा गया है। बुमराह के चोटिल होने पर उनमें और मोहम्मद शमी में से किसी एक को 15 सदस्यीय स्क्वॉड में चुना जाना है। चाहर समेत चार रिजर्व खिलाड़ी 11 अक्तूबर को ऑस्ट्रेलिया रवाना होने वाले हैं। चाहर की जगह बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मुकेश चौधरी और चेतन साकरिया को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। आईपीएल में चेतन दिल्ली कैपिटल्स और मुकेश चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए खेलते हैं।
बीसीसीआई ने शनिवार को बताया कि चोटिल दीपक चाहर की जगह वॉशिंगटन सुंदर को भारतीय टीम में शामिल किया गया है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले मैच में भारत को नौ रन से हार का सामना करना पड़ा था। सीरीज का दूसरा मैच रविवार को नौ अक्तूबर (रविवार) को होगा और आखिरी मैच 11 अक्तूबर को नई दिल्ली में होगा।
भारतीय टीम में वॉशिंगटन सुंदर शामिल
अभिनेता अरुण बाली का निधन, लंबे समय से थे बीमार
बॉलीवुड के विख्यात अभिनेता अरुण बाली का आज तड़के निधन हो गया है। अरुण बाली कई फिल्मों और टीवी सीरियल्स में काम करके लोगों का दिल चुके हैं। 79 साल की उम्र में अरुण बाली ने मुंबई में आखिरी सांस ली। मिली जानकारी के मुताबिक अरुण बाली लंबे समय से बीमार थे और आज तड़के 4:30 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। वह कई दिग्गज कलाकारों के साथ भी काम कर चुके थे।
अरुण बाली ने 1991 में ख्यात नाटक चाणक्य में राजा पोरस , दूरदर्शन के धारावाहिक स्वाभिमान में कुंवर सिंह सहित कई टीवी सीरियल्स में काम किया। 2000 के दशक में में कुमकुम में हर्षवर्धन वाधवा की तरह “दादाजी” भूमिकाओं के लिए पहचाने गए। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म व सीरियल निर्माता भी थे।
अरुण बाली की चर्चित फिल्में
दिवंगत अभिनेता अरुण बाली ने वैसे तो कई फिल्मों में काम किया। हाल के वर्षों में आई केदारनाथ फिल्म में उनके अभिनय की काफी तारीफ हुई थी। इसके अलावा ओह माय गॉड (2012 फ़िल्म), पीके (2014), पानीपत (2019), लाल सिंह चड्ढा (2022) में अहम भूमिका निभाई थी।
अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉलर लियोनेल मेसी ने संन्यास का ऐलान किया
अर्जेंटीना के स्टार फुटबॉल खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने संन्यास का ऐलान कर दिया है। अगले माह कतर में होने वाले फीफा विश्व कप से पहले मेसी ने घोषणा कर दी है कि यह उनका आखिरी विश्व कप होगा। मेसी ने अर्जेंटीना के लिए 164 मैचों में 90 गोल किए हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों में से एक हैं। गौरतलब है कि टॉप खिलाड़ियों की लिस्ट में क्रिस्टियानो रोनाल्डो (117) और ईरान के अली डेई (109) के बाद मेसी तीसरे स्थान पर हैं। 35 वर्षीय मेसी नवंबर में होने वाले इस वैश्विक टूर्नामेंट में अपने करियर का पांचवां विश्व कप खेलेंगे और फीफा विश्व कप के दौरान मेसी की नजर विश्व कप ट्रॉफी जीतने के लिए अपनी टीम पर होगी।
मेसी बोले, अगले विश्व कप के दिन गिन रहा
मेसी से जब पूछा गया कि क्या यह आपका आखिरी विश्व कप होगा तो उन्होंने जवाब दिया कि हां, वो तो हैं। आगे मेसी ने कहा कि मैंने फैसला लिया है और विश्व कप के लिए दिन गिन रहा हूं। मैं इसे लेकर थोड़ा नर्वस हूं। मुझे बस आश्चर्य है कि क्या होने वाला है। यह आखिरी बार होगा और यह हमारे दिमाग में है कि हम वहां कैसे खेलेंगे। मेसी ने आगे कहा कि हम कतर पहुंचने का इंतजार नहीं कर सकते और हमें इस बात की भी चिंता है कि विश्व कप हमारे लिए कैसा होगा। हम बेहतर करेंगे।
ट्रॉफी के प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगा अर्जेंटीना
बीते साल कोपा में सफलता हासिल करने के बाद अर्जेंटीना ट्रॉफी के प्रबल दावेदार के रूप में विश्व कप में उतरेगा। मेसी ने कहा कि हमारी टीम को बड़े टूर्नामेंट में उम्मीदों की आदत हो गई है। आगे मेसी ने यह भी कहा कि मैं नहीं जानता कि हम दावेदार हैं या नहीं, लेकिन इतिहास को देखें तो अर्जेंटीना की टीम अपने आप में एक दावेदार है।
मांडू मे प्रशिक्षण वर्ग का शुभारंभ सीएम शिवराज सिंह ने किया
मांडू/धार। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान धार से सड़क मार्ग से शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे स मांडू पहुंचे। इसके बाद भाजपा का प्रशिक्षण वर्ग कार्यक्रम शुरू हुआ।
इसस पहले बारिश और मौसम की खराबी के चलते भाजपा के प्रशिक्षण वर्ग में मांडू पहुंचने वाले मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में अचानक फेरबदल किया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान हेलीकाप्टर से डीआरपी लाइन धार पहुंचे, यहां से सड़क मार्ग से मांडू के लिए रवाना हुए। धार पहुंचने पर प्रशासनिक अधिकारियों व भाजपा के मंत्री व पदाधिकारियों ने हैलीपैड पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का स्वागत किया।
अचानक हुए कार्यक्रम में फेरबदल से यहां प्रशासनिक स्तर पर हलचल देखने को मिली। मुख्यमंत्री के आगमन के लिए तैयार मांडू में जिले के आला अधिकारी और भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री गण सभी ने धार की तरफ रुख किया। सुबह 10:30 बजे तक तक मुख्यमंत्री धार नहीं पहुंचे थे और जल्द पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही थी।
इसके पहले मुख्यमंत्री के अवर सचिव द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री मांडू सुबह 11:45 पर यहां मीरा की जिरात पर बने हेलीपैड पर उतरने वाले थे। बताया जाता है कि रात भर हुई तेज बारिश के चलते मांडू स्थित हेलीपैड पर कुछ अव्यवस्था हुई। वहीं मीरा गीरात से कार्यक्रम स्थल तक पहुंच मार्ग के बीच में पड़ने वाले पहाड़ियों की मिट्टी सड़क मार्ग पर आ गई थी। इसके कारण सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों ने कार्यक्रम में अचानक फेरबदल किया है।
घर में पीपल का पेड़ उग जाए तो गंभीर संकटों से मिलेगी मुक्ति
पीपल के पेड़ को काफी पूजनीय माना गया है। कहा जाता है कि भगवान कृष्ण ने अर्जुन को दिए अपने उपदेश में खुद वृक्षों में पीपल का पेड़ बताया था। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक पीपल के पेड़ पर भी देवी-देवताओं का वास होता है। अपने अनेक गुणों की वजह से पीपल के पेड़ को बाकी सभी वृक्षों की तुलना में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। लेकिन हमेशा लोगों को यह समस्या आती है कि घर की छत या अन्य किसी हिस्से में पीपल का पेड़ उग जाए तो क्या किया जाए। ऐसे में उसे काटकर पाप का भागी बनना चाहिए या फिर अपने घर को धीरे-धीरे बर्बाद होते हुए देखना चाहिए। आइए हम आपको बताते हैं कि ऐसे धर्म संकट में क्या करना चाहिए।
घर में पीपल का पेड़ उगना
धार्मिक विद्वानों के मुताबिक पीपल का पेड़ बाकी वृक्षों में सबसे शुभ माना गया है। अगर आपके घर में पीपल का पेड़ अपने आप उग जाता है तो यह किसी अनिष्ट की निशानी होता है। घर की तरक्की धीरे-धीरे मंद पड़ने लग जाती है। साथ ही आर्थिक समस्याएं घर के लोगों को घेरने लगती है। इस समस्या से निजात पाने के लिए आप रविवार के दिन घर में उग जाए तो पीपल के पेड़ की पूजा करके उसे कटवा दें। ऐसा करने से आप पाप के भागी बनने से भी बच जाएंगे।
बृहस्पति मार्गी होने से पंच महापुरुष राजयोग
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर ग्रह एक निश्चित समय अंतराल के बाद एक राशि से दूसरी राशि में मार्गी या गोचर होता है। उसके गोचर होने से सभी राशि के जातकों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है। इस दौरान किसी की किस्मत चमक उठती है। वहीं किसी को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। देवताओं के गुरु माने जाने वाले बृहस्पति 24 नवंबर को मार्गी होने जा रहे हैं। उनके मार्गी होने से पंचमहापुरुष योग का निर्माण हो रहा है। बता दें कि इस दौरान 3 राशियां ऐसी हैं जिन्हें करियर में सफलता के साथ-साथ अच्छा खासा धनलाभ भी होने वाला है। आइए जानते हैं कि वे राशियां कौन सी हैं।
वृषभ राशि – गुरु बृहस्पति के मार्गी होने से वृषभ राशि के दिन बदलने वाले हैं। उनकी आय में जमकर बढ़ोतरी होने वाली है। वाहन या संपत्ति खरीद सकते हैं। आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। कारोबार में भी अच्छा धनलाभ होने के योग बन रहे हैं। रिसर्च और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों को बाहर घूमने का अवसर मिल सकता है।
मिथुन राशि – मिथुन राशि के लोगों को गुरु बृहस्पति के मार्गी होने से नई नौकरी का ऑफर मिल सकता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। मानसिक स्थिति अच्छी रहेगी। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। प्रमोशन होने के योग बन रहे हैं। व्यापार में धन लाभ हो सकता है।
कर्क राशि – गुरु बृहस्पति के मार्गी होने से कर्क राशि वालों को भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। इन राशि वालों के कारोबार से संबंधित छोटी या बड़ी यात्रा हो सकती है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों को सफलता मिल सकती है। इनके कई अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। धन लाभ की संभावना बन रही है।
ज्ञानवापी मस्जिद मामले में कोर्ट में अगली सुनवाई 11 अक्टूबर को
ज्ञानवापी मस्जिद में कथित ‘शिवलिंग’ की कार्बन डेटिंग के लिए हिंदू महिला याचिकाकर्ताओं की याचिका पर वाराणसी की जिला अदालत अगली सुनवाई 11 अक्टूकबर को करेगी। ज्ञानवापी मामले में पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता विष्णु जैन ने कहा कि कोर्ट ने हमें दो बिंदुओं पर स्पष्ट करने के लिए कहा कि क्या ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर पाया गया ढांचा इस सूट संपत्ति का हिस्सा है या नहीं? दूसरा, क्या न्यायालय वैज्ञानिक जांच के लिए आयोग जारी कर सकता है? हमने अपना जवाब प्रस्तुत कर दिया है।
हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता विष्णु जैन ने कहा है कि हमने कहा कि यह हमारी वाद संपत्ति का हिस्सा है और सीपीसी के आदेश 26 नियम 10ए के आधार पर न्यायालय को वैज्ञानिक जांच का निर्देश देने का अधिकार है। मुस्लिम पक्ष ने जवाब के लिए कुछ समय मांगा है। अब मामले की सुनवाई 11 अक्टूबर को होगी।
महिलाओं ने अपनी याचिका में कहा कि इस तरह की जांच में कार्बन डेटिंग प्रक्रिया शामिल हो सकती है और इसे एक सरकारी निकाय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किया जा सकता है। हालांकि, पांच हिंदू महिलाओं में से एक ने चार अन्य महिलाओं द्वारा वैज्ञानिक जांच याचिका पर आपत्ति जताते हुए एक अलग दृष्टिकोण लिया था, जिसमें कहा गया था कि कार्बन डेटिंग सहित कोई भी परीक्षण ‘शिवलिंग’ को नुकसान पहुंचा सकता है।
स्व. प्यारेलाल खंडेलवाल की पुण्य-तिथि पर मुख्यमंत्री चौहान ने नमन किया
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्व. प्यारेलाल जी खंडेलवाल की पुण्य-तिथि पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री चौहान ने निवास कार्यालय स्थित सभागार में उनके चित्र पर माल्यार्पण किया। स्व. खण्डेलवाल का जन्म 6 अप्रैल, 1929 को ग्राम चारमंडली ज़िला सीहोर में हुआ था। उन्होंने इन्दौर में क्रांतिकारियों और देश भक्तों के समूह, प्रजा मंडल द्वारा प्रकाशित गुप्त पर्चों का वितरण किया तथा माहेश्वरी विद्यालय इंदौर में विद्यार्थी आन्दोलन को अपना प्रखर नेतृत्व प्रदान किया। वन्दे-मातरम का नारा लगाने पर कठोर यातना और बेतों की सजा मिलने के बावजूद भी प्यारेलाल जी ‘भारत माता’ की आराधना में निरंतर समर्पित रहे। देश स्वतंत्र होने के बाद स्वतंत्र भारत की राजनीति को दिशा देने में भी श्री खंडेलवाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनका अवसान 6 अक्टूबर 2009 को हुआ।
प्राकृतिक खेती और डिजिटल कृषि पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री वर्चुअली हुए सम्मिलित
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्राकृतिक खेती और डिजिटल कृषि के अभियान को मिशन मोड में लेने के लिए उनका आभार मानते हुए कहा है कि इस पवित्र लक्ष्य से हम आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती को सुरक्षित स्वरूप में छोड़ पाएंगे। इन अभियानों से मानव जीवन के साथ जीव-जन्तुओं की सुरक्षा की व्यवस्था भी होगी। मध्यप्रदेश में प्राकृतिक खेती की दिशा में 2021 से कार्य आरंभ हुआ और अब तक 59 हजार से अधिक किसान इस अभियान से जुड़ चुके हैं। डिजिटल कृषि में क्राप सर्वे, रिफेरेंस रजिस्ट्री, फार्मा रजिस्ट्री और पीएम किसान डाटा बेस का उपयोग कर प्रदेश के किसानों के हित में कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री चौहान ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में प्राकृतिक खेती और डिजिटल कृषि पर हुई बैठक में यह बात कही। मुख्यमंत्री चौहान बैठक में निवास कार्यालय से वर्चुअली शामिल हुए। केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, केन्द्रीय स्वाेस्य् औ एवं परिवार कल्या ण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया उपस्थित थे। प्राकृतिक खेती और डिजिटल कृषि पर प्रस्तुतिकरण हुआ। बैठक में मणिपुर, असम, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, त्रिपुरा, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री तथा हिमाचल प्रदेश, हरियाणा एवं अरुणाचल प्रदेश के कृषि मंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में प्राकृतिक खेती और डिजिटल कृषि क्षेत्र में संचालित गतिविधियों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों को प्रोत्साहन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग का अमला किसानों से लगातार संपर्क में है। किसान भाई सरलता से प्राकृतिक खेती कर पाएँ, इस उद्देश्य से किसान भाइयों को देशी गाय पालने के लिए प्रोत्साहन स्वरूप प्रतिमाह 900 रूपये उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कृषि पाठ्यक्रमों में स्नातक और स्नातकोत्तर कर रहे विद्यार्थियों को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जा रहा है। डिजिटल कृषि के क्षेत्र में ई-उपार्जन और फसल बीमा योजना से कृषकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है। किसान को घर और खेत से ही कृषि उपज विक्रय की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्राकृतिक खेती और डिजिटल कृषि के क्षेत्र में विभिन्न राज्यों द्वारा किए जा रहे नवाचार एक दिशा में हों, इस उद्देश्य से आज की बैठक की गई है। प्राकृतिक खेती गाय पर आधारित परंपरागत खेती है, जो धरती के सभी तत्वों के संरक्षण पर आधारित है। एक समय यह कहा जाता था कि भारत-भूमि में दूध और घी की नदियाँ बहती हैं। वर्तमान में प्राकृतिक खेती से ही यह स्थिति पुन: निर्मित होगी। केन्द्रीय मंत्री शाह ने कृषि विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में प्राकृतिक खेती को सम्मिलित करने, कृषि विभाग के विस्तार कर्मचारियों को प्राकृतिक खेती पर किसान का सकारात्मक मानस निर्मित करने, सफल प्राकृतिक खेती वाले गाँवो में किसान का भ्रमण कराने जैसी गतिविधियों को मिशन मोड में अपनाने और गौ-शालाओं को प्राकृतिक खेती से जोड़ने का सुझाव दिया।
केन्द्रीय मंत्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता के परिणाम स्वरूप ही भारत में डिजिटल कृषि से संबंधित गतिविधियों का क्रियान्वयन शुरू हो पाया है। कृषि विविधता से परिपूर्ण हमारे देश में कृषि की विभिन्न उपजों का उत्पादन देश की मांग के अनुसार करने में इस अभियान से मदद मिलेगी और देश विभिन्न उत्पादों में आत्म-निर्भर हो सकेगा। आर्टिफिशियल इन्टेलीजेंस पर आधारित तकनीकें किसानों के उत्पाद का सही मूल्य दिलाने में मदद करेंगी। साथ ही किसान की आय दोगुनी करने के प्रयासों को संस्थागत स्वरूप में आगे बढ़ाया जा सकेगा।
केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि पात्र व्यक्ति का हक उस तक पारदर्शिता के साथ निर्बाध रूप से पहुँचे, यह सुनिश्चित करने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रतिबद्ध हैं। केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में डिजिटल कृषि से क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा। प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए किसानों का मानस बनाने और उन्हें प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए सघन प्रयास किए जा रहे हैं।
केन्द्रीय स्वा।स्य्ान एवं परिवार कल्या ण और रसायन एवं उर्वरक मंत्री श्री मनसुख मांडविया ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों का मानव स्वास्थ्य पर घातक प्रभावों को देखते हुए प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। रासायनिक उर्वरकों के अधिक उपयोग से उत्पादन तो बढ़ा है, पर इससे खाद्य सामग्री का पोषण असंतुलन भी बढ़ा है। प्राकृतिक खेती के उत्पाद, स्वास्थ्य की दृष्टि से लाभप्रद हैं। इनका मूल्य भी किसानों को अधिक मिलेगा। डिजिटल कृषि से किसान के उत्पाद का वैल्यू एडिशन करने और योजना का लाभ किसानों को सरलता से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
स्व. प्यारेलाल खंडेलवाल की स्मृति में मुख्यमंत्री चौहान ने पौध-रोपण किया
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्व. प्यारेलाल खंडेलवाल की पुण्य-तिथि पर उनकी स्मृति में स्मार्ट सिटी उद्यान में पौध-रोपण किया। मुख्यमंत्री चौहान के साथ खंडेलवाल परिवार के सदस्यों ने नीम, टिकोमा और कदंब के पौधे लगाए। पूर्व विधायक रमेश शर्मा गुट्टू भैया, पूर्व महापौर आलोक शर्मा तथा नन्हीं सी उड़ान सोशल वेलफेयर सोसायटी के सदस्य भी पौध-रोपण में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री चौहान के साथ स्व. खंडेलवाल के पुत्र प्रकाश खंडेलवाल, अजीत खंडेलवाल सहित परिवार के सदस्य आदित्य खंडेलवाल, शशि खंडेलवाल और माधुरी खंडेलवाल ने पौधे लगाए। सोसाइटी के राहुल नागर, नरेंद्र उपला वाडिया, सोहन वर्मा और कुलदीप सिंह भी शामिल हुए। वरिष्ठ पत्रकार धर्मेंद्र पैगवार सहित आशीष अग्रवाल, अमित अग्रवाल और गोपाल पैगवार ने भी पौधे लगाये।














