मशहूर हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव का आज सुबह निधन हो गया है। राजू श्रीवास्तव को 10 अगस्त को हार्ट अटैक आने के बाद एम्स में भर्ती किया गया था। राजू श्रीवास्तव के परिजन ने उनकी मौत की पुष्टि कर दी है। राजू श्रीवास्तव बीते करीब 41 दिन से बेहोश थे। दिल का दौरा पड़ने के बाद डॉक्टर्स राजू को लगातार बचाने की कोशिश कर रहे। साथ ही कॉमेडियन राजू के फैंस भी जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे थे। राजू श्रीवास्तव के निधन के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई दिग्गज हस्तियों ने दुख जताया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्रिमंडल में शामिल कई मंत्रियों ने राजू श्रीवास्तव के निधन पर दुख व्यक्त किया है। राजू श्रीवास्तव का अंतिम संस्कार गुरुवार को दिल्ली में किया जाएगा।
राजू श्रीवास्तव के छोटे भाई दीपू श्रीवास्तव ने कुछ दिन पहले बताया था कि उनके भाई के स्वास्थ्य में बहुत धीरे रिकवरी हो रही है। राजू श्रीवास्त बीते 41 दिन से वेंटिलेटर पर थे। वहीं कॉमेडियन राजू की पत्नी शिखा भी पति के स्वास्थ्य के बारे में लगातार अपडेट दे रही थी। करीब दो सप्ताह पहले राजू के स्वास्थ्य को लेकर फैलाई जा रही गलत खबरों पर उनकी बेटी अंतरा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर की थी। जिसमें लिखा था, ‘प्रिय फैन्स, मेरे पिताजी की हालत स्थिर है और वह धीरे-धीरे ठीक हो रहे हैं। वह इस समय वेंटिलेटर पर है। केवल एम्स दिल्ली और राजू जी के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स के बयान पर भरोसा करें। अंतरा ने आगे लिखा था कि किसी और की कोई अन्य खबर या बयान अविश्वसनीय है।
गुरुवार को दिल्ली में राजू श्रीवास्तव का अंतिम संस्कार
उच्च स्तरीय बैठक में लम्पी रोग नियंत्रण प्रयासों की जानकारी मुख्यमंत्री चौहान ने ली
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि लम्पी वायरस रोकने कोविड नियंत्रण की तरह प्रयास किए जाएं। जागरूकता निर्माण के लिए ग्राम सभाओं का आयोजन हो। राज्य सरकार द्वारा मवेशियों को नि:शुल्क टीका लगाने की व्यवस्था की गई है। जन-जागरूकता के लिए संचार माध्यमों का उपयोग किया जाए। अधिक से अधिक टीकाकरण कर रोग को फैलने से रोकने का कार्य हो।
मुख्यमंत्री चौहान आज मंत्रालय में प्रदेश में लम्पी रोग नियंत्रण के लिये किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री चौहान ने विशेष बैठक बुला कर लम्पी रोग के नियंत्रण के प्रयासों की जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिए। पशुपालन, सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण मंत्री प्रेम सिंह पटेल, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव पशुपालन जे.एस. कंसोटिया और विभागीय अधिकारी मौजूद थे। प्रदेश में ढाई लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया गया है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा जिस तरह मिल कर सभी कोविड से लड़े थे, वैसा ही जागरूकता का वातावरण गाँव-गाँव में बनना चाहिए। मवेशियों को इस संक्रामक रोग से बचाने के लिए ग्राम सभाओं में चर्चा हो। रोग से बचाव के उपाय बताए जाएँ और प्रत्येक स्तर पर आवश्यक सतर्कता बरती जाए। कम संख्या में रोग से पशुओं की मृत्यु को हल्के में न लें और रोग की जानकारी न छिपाएँ। सभी आवश्यक उपायों को संयुक्त प्रयासों से अमल में लाया जाए।
नियंत्रण कक्ष के साथ टोल फ्री नम्बर
मुख्यमंत्री चौहान ने गौशालाओं और अन्य स्थान पर रहने वाले पशुओं की रोग से रक्षा के लिए अधिकारियों को विस्तृत निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर भोपाल में राज्य स्तरीय रोग नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री चौहान ने लम्पी वायरस के नियंत्रण के संबंध में पहले दो बैठकें लेकर निर्देश दिए थे। भोपाल में स्थापित नियंत्रण कक्ष का दूरभाष क्रमांक- 0755-2767583 तथा टोल फ्री नंबर 1962 है। इन नम्बरों पर चर्चा कर पशु पालकों द्वारा आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन प्राप्त किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिए कि लम्पी वायरस के नियंत्रण के लिए संचार माध्यमों का उपयोग करें। विभागीय अमले को सेंसटाइज करें। रोग नियंत्रण के प्रयासों की प्रतिदिन रिपोर्ट दें। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि पशुओं के टीकाकरण पर जोर रहना चाहिए। केन्द्र सरकार के निर्देशों के अनुसार कार्य किया जाए।
प्रदेश में लम्पी वायरस की स्थिति
पशुपालन विभाग द्वारा प्रदेश में लम्पी रोग की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए अलर्ट जारी कर विशेष सतर्कता रखी जा रही है। संक्रमित क्षेत्रों तथा जिलों में पशुओं का सघन टीकाकरण तथा चिकित्सा कार्य किया जा रहा है। पशुओं में लम्पी स्किन रोग के लक्षण दिखाई देने पर निकटतम पशु औषधालय और पशु चिकित्सालय में संपर्क स्थापित करने को कहा गया है। बताया गया कि प्रदेश के जिलों में वायरस से 7686 पशु प्रभावित हुए, जिसमें 5432 पशु ठीक हुए हैं। अभी तक 101 पशुओं की मृत्यु हुई है। प्रदेश के सात जिलों रतलाम, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, बैतूल, इन्दौर और खण्डवा में रोग की पुष्टि हुई है। प्रभावित ग्रामों और जिलों में पशुओं के आवागमन को प्रतिबंधित करने, बीमारी के नमूने, तत्काल राज्य पशु रोग अन्वेषण प्रयोगशाला भोपाल जहां से रोग के आउट ब्रेक होने की पुष्टि होती है, उससे 5 किलोमीटर की परिधि में आवश्यक टीकाकरण किया जा रहा है। औषधियाँ और वैक्सीन खरीदने के लिए पशु कल्याण समिति से व्यवस्था की गई है। राजस्थान और गुजरात की सीमा से लगे जिलों अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर, नीमच, राजगढ़ और बुरहानपुर के पशुपालन विभाग के अमले को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सीमावर्ती क्षेत्र की पशु चिकित्सा संस्थाओं में पदस्थ पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ और सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों को दायित्व दिए गए हैं। सतत् निगरानी रखी जा रही है। जुलाई माह से वेबिनार, बैठक और राज्य स्तरीय युवा संवाद कर सभी संभागों के पशुपालन विभाग के संयुक्त संचालक, उप संचालक, संभागीय लेब प्रभारी और विशेषज्ञों के माध्यम से चर्चा कर आवश्यक उपाय अमल में लाए जा रहे हैं। विभाग के सभी अधिकारियों को सजग रहने के निर्देश दिए गए हैं।
लम्पी रोग के प्रमुख लक्षण की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह एक स्किन बीमारी है, जो पॉक्स प्रजाति के वायरस से गौवंशीय एवं भैंसवंशीय पशुओं में होती है। रोग के लक्षणों में संक्रमित पशु को हल्का बुखार होना, मुँह से अत्यधिक लार तथा आँखे एवं नाक से पानी बहना, लिंफ नोड्स तथा पैरों में सूजन एवं दुग्ध उत्पादन में गिरावट, गर्भित पशुओं में गर्भपात एवं कभी-कभी पशु की मृत्यु होना, पशु के शरीर पर त्वचा में बड़ी संख्या में 2 से 5 सेंटीमीटर आकार की गठानें बन जाना शामिल है। पशुओं को मुँह में छाले आना भी एक लक्षण है। यह बीमारी पशुओं से मनुष्यों में नहीं फैलती है। रोकथाम और बचाव के उपायों में संक्रमित पशु/पशुओं के झुण्ड को स्वस्थ पशुओं से पृथक रखना, कीटनाशक और विषाणु नाशक से पशुओं के परजीवी कीट, किलनी, मक्खी, मच्छर आदि को नष्ट करना, पशुओं के आवास- बाड़े की साफ-सफाई रखना, संक्रमित क्षेत्र से अन्य क्षेत्रों में पशुओं के आवागमन को रोका जाना, रोग के लक्षण दिखाई देने पर अविलंब पशु चिकित्सक से उपचार कराना, क्षेत्र में बीमारी का प्रकोप थमने तक पशुओं के बाजार, मेले आयोजन तथा पशुओं के क्रय-विक्रय आदि को रोकना और स्वस्थ पशुओं का टीकाकरण कराना शामिल है।
स्व. उमेश शर्मा की स्मृति में मुख्यमंत्री चौहान ने पौध-रोपण किया
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज स्मार्ट उद्यान में संगठन के प्रवक्ता रहे स्व. उमेश शर्मा की स्मृति में पौध-रोपण किया। मुख्यमंत्री चौहान ने कचनार, हरसिंगार और सागौन के पौधे लगाए। मुख्यमंत्री चौहान के साथ आज सुभाष मंच, हरदा के सदस्यों दादा गौरीशंकर मुकाती, अरविंद सारन, संजय तेनगुरिया, अर्पित चौहान, विश्वजीत पांडे आदि ने पौध-रोपण किया। सुभाष मंच 5 जिलों में लगभग 20 लाख पौधों का रोपण कर चुका है। पर्यावरण दिवस और अन्य अवसरों पर भी पौध-रोपण किया जाता है।
भगवान श्री अग्रसेन महाराज जी के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर हर घर फहराएगा अग्रवाल ध्वज
भोपाल । अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन समिति पुरे भारत में एकमात्र संस्था है जो अग्रवाल समाज का प्रतिनिधित्व करती है। संस्था द्वारा भगवान श्री अग्रसेन महाराज जी की जयंती के पावन अवसर दि 24 से 26 सितंबर तक अग्रवाल समाज के हर घर मे सम्मान का प्रतीक केसरिया रंग का अग्रवाल ध्वज,अग्रवाल परिवारो के निवास पर फहरारंगे।
अग्रवाल समाज के प्रवर्तक महाराजा श्री अग्रसेन सूर्यवंशी थे उनका राज ध्वज केसरिया रंग का था इसके मध्य में 18 किरणों वाले सूर्य का चित्र जोकि अग्रवाल समाज के 18 पुत्रों का प्रतिनिधित्व करता है एवं एक ईट एक सिक्का समाजवाद का प्रतीक है महाराजा अग्रसेन को समाजवाद का अग्रदूत कहा जाता है उनके नगर में बाहर से आकर बसने वाले प्रत्येक परिवार को ,नगर के प्रत्येक व्यक्ति द्वारा एक तत्कालीन प्रचलन सिक्का और एक ईट दी जाती थी जिससे वहां परिवार अपने निवास एवं व्यापार का प्रबंध कर सकें ,यह समाजवाद की अवधारणा हेतु एक ईट और एक सिक्का , केसरिया रंग के ध्वज पर मुद्रित है। अग्रवाल समाज ने हमेशा देश और समाज के लिए व्यापार एवं अन्य माध्यम से आर्थिक प्रगति होने में सहयोग दिया है 26 सितंबर को महाराजा अग्रसेन का 5176वां जन्मोत्सव है। इस मौके पर देशभर के अग्र बंधुओं के बीच एकता और समानता का भाव लाने के लिए हर अग्र बंधुओं के निवास ,दुकान, प्रतिष्ठानों एवं समाज के कार्यालय अग्रवाल धर्मशाला एवं अन्य स्थानों में सभी जगह केसरिया झंडा फहराने की मुहिम चलाई जा रही है यह अभियान देशभर में चलाया जाएगा करीबन 5 लाख से अधिक ध्वज सूरत, भीलवाड़ा ,मुंबई ,नोएडा कोच्चि ,देहरादून आदि कपड़ों मिल में तैयार होकर के विभिन्न जगह वितरित हो रहे हैं
अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर अग्रवाल ने बताया हर घर- अग्रवाल केसरिया ध्वज की मुहिम अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों द्वारा जोर-शोर से क्रियान्वित किया जाएगा एवं पूरे मध्यप्रदेश में ध्वज के वितरण का काम किया जा रहा ।
प्रादेशिक प्रचार मंत्री- राकेश अग्रवाल ने जानकारी दी अग्रवाल केसरिया ध्वज के प्रचार प्रसार के लिए सोशल मीडिया एवं अन्य प्रचार माध्यमों से अग्रबंधुओं में जागरूकता की जाएगी कि इसके प्रचार प्रसार के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही है .
मिठाई नमकीन समोसे, रेस्टोरेंट और होटल को खाद्य लायसेंस और रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य
भोपाल, खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अन्तर्गत समस्त खाद्य कारोबारकर्ताओं को खाद्य लायसेंस एवं रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। बिना खाद्य लायसेंस के कारोबार करने पर 6 माह का कारावास और अधिकतम 5 लाख रूपये तक जुर्माना होगा।
खाद्य कारोबारकर्ता दूध विक्रेता, किराना, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, फल, सब्जी विक्रेता, पानीपुरी, चाट, पोहा, समोसा के ठेले, पान गुमठी, टिफिन सेंटर, ट्रांसपोर्टर, राशन दुकानें, वेयरहाउस, केटर्स, शासकीय, अशासकीय संस्थानाओं में संचालित कैन्टीन एवं सभी खाद्य कारोबारकर्ता व्यापारी जो खाने-पीने से सम्बन्धित सामग्री का निर्माण, भण्डारण, परिवहन तथा विक्रय करते हैं, उन सभी को लायसेंस, रजिस्ट्रेशन लेना अनिवार्य है। ऐसे खाद्य कारोबारकर्ता जिनका वार्षिक टर्नओवर 12 लाख रूपए से अधिक है, ऐसे निर्माता जिनका उत्पादन प्रतिदिन एक मैट्रिक टन से अधिक है। आवश्यक दस्तावेज, पहचान पत्र, गुमास्ता, किरायानामा, रजिस्ट्री, बिजली बिल शुल्क पात्रतानुसार 2 हजार से 5 हजार रुपए तक प्रतिवर्ष रजिस्ट्रेशन करा सकते है।
ऐसे खाद्य कारोबारकर्ता जिनका वार्षिक टर्नओवर 12 लाख से कम है। ऐसे निर्माता जिनका उत्पादन प्रतिदिन एक मैट्रिक टन से कम है। आवश्यक दस्तावेज पहचान पत्र, नवीन पासपोर्ट साईज फोटो शुल्क 100 रुपए प्रतिवर्ष प्लस पोर्टल चार्ज आवेदन अधिकतम 5 वर्ष के लिए किया जा सकता है। लायसेंस, रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन एमपीऑनलाईन कियोस्क सेन्टर या लिंक https://foscos.fssai.gov.in अथवा Food Safety Connect App पर जाकर ऑनलाईन आवेदन किया जा सकता है।
महाकाल कारिडोर का भव्य नजारा
उज्जैन। महाकाल मंदिर कारिडोर के प्रथम चरण का काम पूरा हो चुका है,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 11 अक्टूबर को इसका लोकार्पण करेंगे। महाकाल कारिडोर का ड्रोन से लिया वीडियो और तस्वीरें सामने आई है, जिससे इसकी भव्यता का अंदाजा लगाया जा सकता है। कहा जा रहा है कि यह कारिडोर काशि विश्वनाथ मंदिर में बनाए गए कारिडोर से भी बड़ा है।
महाकाल मंदिर कारिडोर में 18 हजार बड़े पौधे लगाए जा रहे हैं। आंध्रप्रदेश के राजमुंद्री से रूद्राक्ष, बिल्व पत्र और शमी के पौधे मंगाए हैं। त्रिवेणी संग्रहालय के पीछे 920 मीटर लंबा महाकाल कॉरिडोर, दो भव्य प्रवेश द्वार, कमल तालाब, सप्त ऋषि वन, नवग्रह वाटिका, महाकाल प्लाजा, रुद्रसागर समुद्र तट सौंदर्यीकरण, प्रसाद, टिकट काउंटर, नूतन विद्यालय परिसर, गणेश विद्यालय परिसर का निर्माण पूरा हो गया है।
गलियारे में 25 फीट ऊंची और 500 मीटर लंबी लाल पत्थर की दीवार में शिव महापुराण में वर्णित घटनाओं के आधार पर भित्तिचित्र हैं। वहीं 108 स्तंभ स्थापित किए गए हैं, जिन पर भगवान शिव की विभिन्न मुद्राएं बनी हुई हैं। ई-रिक्शा और अन्य वाहनों का रूट भी तैयार है। बड़े रुद्र सागर से गाद निकालकर, किनारों को पत्थरों से गाड़कर गंभीर-शिप्रा का साफ पानी भर दिया गया है।
साथ ही रुद्रसागर में सीवरेज का पानी उपलब्ध न हो इसके लिए भी स्थायी व्यवस्था की गई है, त्रिवेणी संग्रहालय के सामने सरफेस पार्किंग बनाई गई है। महाकाल कारिडोर के दूसरे चरण में बेगमबाग मार्ग, महाकाल धर्मशाला, अन्न क्षेत्र, बेगमबाग मार्ग, नीलकंठ वन, महाराजवाड़ा भवन जीर्णोद्धार, रुद्रसागर पर चारधाम मार्ग से महाकाल मंदिर के पीछे तक 220 मीटर लंबा पैदल पुल, रामघाट सौंदर्यीकरण, रेलवे के अंडर पास, महाकाल मंदिर पहुंचने
के लिए रोड चौड़ीकरण का काम किया जाना है। इनमें से कुछ कार्य अभी भी चालू हैं, जबकि कुछ बंद पड़े हैं। उज्जैन के हरिफाटक पुल के चौड़ीकरण का काम अभी कागजों तक ही सीमित है। महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग को चौड़ा करने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी अधूरी है।
भूलकर भी इंदिरा एकादशी के दिन न करें ये गलतियां
हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत महत्व होता है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। हर महीने को दोनों पक्षों कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष में एकादशी का व्रत रखा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को इंदिरा एकादशी कहते हैं। इंदिरा एकादशी को श्राद्ध एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इंदिरा एकादशी को पितरों को मोक्ष प्रदान करने वाली एकादशी भी कहा गया है। शास्त्रों के अनुसार पितृ पक्ष में पड़ने वाली इंदिरा एकादशी के दिन कुछ नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। इन नियमों का पालन नहीं करने पर जीवन में समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
इंदिरा एकादशी के नियम
– शास्त्रों के अनुसार एकादशी के दिन चावल खाने की मनाही होती है। माना जाता है कि इस दिन चावल का सेवन करने से मनुष्य का जन्म रेंगने वाले जीव की योनि में होता है। इसके साथ ही इस व्रत को न रखने वालों को भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए।
– धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। ऐसे में इस दिन भगवान विष्णु की विधि विधान से पूजा करनी चाहिए। इससे सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
– एकादशी के दिन वाद-विवाद से दूर रहना चाहिए। इस दिन अधिक से अधिक भगवान विष्णु का ध्यान करना चाहिए।
– शास्त्रों के मुताबिक एकादशी के दिन महिलाओं का अपमान नहीं करना चाहिए। ऐसा करने पर व्रत के फल की प्राप्ति नहीं होती है। माना जाता है कि इस दिन महिलाओं का अपमान करने वाले को कष्टों का सामना करना पड़ता है।
– धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन मदिरापान का सेवन नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने वाले जातक को जीवन में कष्टों का सामना करना पड़ता है।
झाबुआ एसपी के बाद कलेक्टर को भी सीएम शिवराज ने हटाया
झाबुआ । झाबुआ में पालिटेक्निक कालेज के छात्रों से एसपी अरविंद तिवारी की मोबाइल पर बातचीत का ऑडियो वायरल होते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तत्काल एक्शन ले लिया। मुख्यमंत्री ने सोमवार सुबह अपने निवास कार्यालय पर बैठक के दौरान मुख्य सचिव व डीजीपी को निर्देश दिया कि जिस भाषा मे एसपी छात्रों से बात कर रहे थे, वह अत्यंत ही आपत्तिजनक है और उन्हें तत्काल पद से हटाया जाए। इसके बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री ने झाबुआ कलेक्टर सोमेश मिश्रा को भी हटा दिया। रविवार को क्षेत्र के दौरे के दौरान उन्हें कई शिकायतें मिलीं थी। इस आधार पर कलेक्टर पर कार्रवाई की गई है। इनकी जगह पर रजनी सिंह उईके को कलेक्टर झाबुआ बनाया गया है।
सीएम के निर्देश के बाद सोमवार दोपहर झाबुआ के पुलिस अधीक्षक अरविंद तिवारी को निलंबित कर दिया गया। इससे पहले गृह विभाग ने उन्हें झाबुआ एसपी पद से हटाकर राजधानी के पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के तौर पर पदस्थ करने का आदेश दिया था। बाद में ऑडियो की जांच रिपोर्ट आने के बाद सीएम ने सीधे सस्पेंड करने के निर्देश दिए। ऑडियो की लैब में कराई जांच में एसपी अरविंद तिवारी की आवाज प्रमाणित पाई गई थी।
दरअसल झाबुआ के पॉलिटेक्निक कॉलेज में छात्रों के दो समूह के बीच विवाद हुआ था। मामला मारपीट से खूनी संघर्ष तक पहुंच गया था। जब छात्रों को जान का खतरा हुआ तो वे झाबुआ थाने रविवार रात को पुलिस से मदद मांगने के लिए पहुंचे। इस दौरान एक छात्र ने झाबुआ एसपी तिवारी से मोबाइल पर बातचीत की ।
प्रियंका चोपड़ा ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में दी जबरदस्त स्पीच
बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण दिया है। इस भाषण के दौरान प्रियंका ने हमारी दुनिया के साथ सब ठीक नहीं है के बारे में बात की है। अपने इंस्टाग्राम पर प्रियंका ने यूएनजीए में सतत विकास लक्ष्यों SDG मोमेंट के कई वीडियो और तस्वीरें शेयर की हैं। इस तस्वीर में प्रियंका ने वैनेसा नकाटे के साथ पोज दिया है। वहीं एक और तस्वीर में मलाला यूसुफजई, अमांडा गोर्मन, सोमाया फारूकी और जूडिथ हिल के साथ वे नजर आ रही हैं। उन्होंने उस कार्यक्रम की एक क्लिप भी इंस्टाग्राम पर शेयर की है जिसमें वे भाषण देती हुई दिखाई दे रही हैं।
प्रियंका ने अमांडा के कार्यक्रम में बोलते हुए एक संक्षिप्त वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में प्रियंका ने कहा कि हम आज अपनी दुनिया में एक ऐसे समय में एक महत्वपूर्ण बिंदु पर मिल रहे हैं। वैश्विक एकजुटता पहले से
कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। दुनिया जलवायु संकट और कोविड-19 जैसी महामारी के विनाशकारी प्रभावों से संघर्ष, गुस्सा, गरीबी और आजीविका के ऊपर उठाता है क्योंकि संघर्ष, गुस्सा, गरीबी और विस्थापन, भूख, असमानताएं उस अधिक न्यायपूर्ण दुनिया की नींव को खत्म कर देती है। जिसे हमने इतने लंबे समय से लड़ा है। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि हमारे साथ सब कुछ ठीक नहीं है। ये संकट संयोग से नहीं आए हैं। उन्हें एक प्लान के साथ तय किया जा सकता है। हमारे पास वह प्लान है। संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य, दुनिया के लिए एक टू-डू लिस्ट है।
स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज की प्रतिमा का अनावरण मुख्यमंत्री चौहान ने किया
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को उज्जैन नृसिंह घाट स्थित आश्रम में ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमा का अनावरण किया गया।
मुख्यमंत्री ने परिसर में स्थित नवनिर्मित स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि समन्वय निलयम कार्यालय का लोकार्पण भी किया। समन्वय निलयम कार्यालय में मुख्यमंत्री चौहान, स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज, गोविन्ददेव गिरि महाराज एवं सन्तों ने ब्रह्मलीन सत्यमित्रानंद गिरिजी महाराज की चरण पादुका को नमन किया।
प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज एवं विशेष अतिथि के रूप में स्वामी गोविन्ददेव गिरि महाराज, पुण्यानंद गिरिजी महाराज, अध्यक्ष गो-संवर्धन आयोग अखिलेश्वरानंद गिरि महाराज, स्वामी चिदानंदजी महाराज उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.मोहन यादव, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद अनिल फिरोजिया, सहित विधायक एवं जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।














