शहनाज गिल एक ऐसी एक्ट्रेस हैं जिसे हर कोई पसंद करता है। शहनाज की पॉपुलैरिटी काफी ज्यादा बढ़ गई है। आए दिन लोग जगह-जगह से अपनी फेवरेट गर्ल शहनाज पर प्यार लुटाते ही रहते हैं। हाल ही में पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में शहनाज गिल छाई रही हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसकी क्या वजह थी। दरअसल कुछ दिनों पहले ही शहनाज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा था। इस वीडियो में शहनाज पैपराजी से ये कहते हुए नजर आ रही थीं कि उन लोगों के लिए उन्हें स्पेशली हजार रुपये देकर स्ट्रेटनिंग करवानी पड़ी है। सना की इस मासूमियत ने न सिर्फ इंडिया में बल्कि पाकिस्तान में भी उनके चाहने वालों का दिल जीत लिया।
शहनाज की इस फैन फॉलोइंग में पाक एक्ट्रेस याशमा गिल भी शामिल हो गई हैं। शहनाज की इस वायरल वीडियो पर याशमा ने भी कमेंट कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। जिसकी वजह से वे चर्चा में आ गई हैं। पाक वेबसाइट पर उनके शहनाज के वीडियो पर किए गए कमेंट की खबरें छाई हुई हैं। बता दें कि याशमा ने इस वीडियो पर हंसते हुए स्माइली इमोजी और ‘Aaayiiiii’ लिखकर कमेंट किया है। बिग बॉस शो के बाद से चर्चा में आईं शहनाज गिल एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का जाना माना नाम बन चुकी हैं। इस कारण से उनकी अपडेट्स सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि भारत से बाहर के देशों में भी छाए रहती हैं।
एक्ट्रेस शहनाज गिल पाकिस्तानी वेबसाइट पर भी छाई
उज्जैन कालभैरव को सिंधिया राजवंश की शाही पगड़ी धारण कराएंगे
उज्जैन । डोलग्यारस पर मंगलवार को भगवान कालभैरव को सिंधिया शाही की पगड़ी धारण कराई जाएगी। ग्वालियर के सिंधिया राजवंश से रविवार को शाही पगड़ी उज्जैन पहुंची। परंपरा अनुसार राजघराने के ओहदेदारों ने महाकाल मंदिर के पं.संजय पुजारी को पगड़ी सुपुर्द की है। मंगलवार दोपहर 3.30 बजे वे पगड़ी लेकर कालभैरव मंदिर पहुंचेंगे। पश्चात कलेक्टर आशीषसिंह विधि विधान के साथ भगवान को शाही पगड़ी धारण कराएंगे।
कालभैरव राजाधिराज भगवान महाकाल के सेनापति हैं। अवंतिकानाथ की तरह सेनापति कालभैरव भी साल में दो बार पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकलते हैं। पहली सवारी अगहन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर निकलती है। दूसरी सवारी भादौ मास के शुक्ल पक्ष की डोलग्यारस पर निकाली जाती है। दोनों ही सवारियों में नगर भ्रमण से पहले भगवान कालभैरव को सिंधिया राजवंश की ओर से पगड़ी धारण कराई जाती है। इसके बाद पालकी का पूजन होता है और बाबा जनकल्याण के लिए नगर भ्रमण पर निकलते हैं।
अब तक भगवान कालभैरव लकड़ी से बनी पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण करते आए हैं। इस बार मंदिर प्रशासक कैलाशचंद्र तिवारी के मार्गदर्शन में ग्वालियर के दानदाता संदीप मित्तल ने 15 किलो चांदी से नई पालकी का निर्माण कराया है। बाबा कालभैरव सागी की लकड़ी से निर्मित रजत मंडित पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण के लिए निकलेंगे।
इन चीजों का सेवन पितृपक्ष में भूलकर भी न करें
हिंदू धर्म में मान्यता है कि हर इंसान का जन्म पिंडज योनि के तहत होता है इसलिए पिंड दान की धार्मिक मान्यता है। हिंदू धर्म में पितृपक्ष के दौरान पिंडदान का धार्मिक महत्व है। पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण के जरिए हर परिवार अपने पूर्वजों की आत्मिक शांति के उपाय करता है। इस साल पितृ पक्ष 10 सितंबर 2022 से शुरू हो रहा है, जो 15 दिन तक यानी 25 सितंबर 2022 तक चलेगा। धार्मिक मान्यता है कि पितृपक्ष में पितरों की आत्मा अपने परिवार वालों का आर्शीवाद देने के लिए धरती लोक पर आती है। ऐसे में पितृपक्ष के दौरान श्राद्ध, पिंडदान व तर्पण के समय काफी सावधानी रखनी चाहिए और ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहिए, जिससे पितरों की आत्मा को दुख पहुंचे।
तामसिक भोजन का न करें सेवन
पितृपक्ष के दौरान तामसिक भोजन का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। पितृ पक्ष के दौरान लहसुन और प्याज करना वर्जित होता है। लहसुन-प्याज को तामसिक भोजन माना जाता है, इसलिए पितृ पक्ष के दौरान भोजन में लहसुन-प्याज का प्रयोग नहीं करना चाहिए। साथ ही पितृपक्ष में मांसाहारी भोजन और शराब आदि का सेवन भी नहीं करना चाहिए ।
मसूर की दाल
पितृ पक्ष के दौरान कच्चे अनाज का भी सेवन नहीं करना चाहिए। अनाज में कुछ भी कच्चा न खाएं जैसे दाल, चावल और आटा। श्राद्ध के दौरान किसी भी रूप में दाल का प्रयोग वर्जित है। विशेषकर मसूर की दाल का सेवन तो बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। मसूर की दाल को भी तामसिक माना गया है।
श्राद्ध पक्ष में न खाएं ये सब्जियां
श्राद्ध पक्ष के दौरान आलू, मूली, अरबी और कंद वाली सब्जियों का सेवन नहीं करना चाहिए। इन सब्जियों को श्राद्ध पक्ष में नहीं पकाना चाहिए और ना ही ब्राह्मण भोज के दौरान खिलाना चाहिए। ये सब्जियां पूर्वजों को नहीं अर्पित की जाती हैं।
पितृ पक्ष में न करें चने की दाल का सेवन
पितृ पक्ष के दौरान चने के सेवन से बचें क्योंकि श्राद्ध में चना वर्जित है, इसलिए श्राद्ध में चने, चने की दाल और चने का सत्तू खाना और खिलाना भी वर्जित है।
झारखंड विधानसभा का आज विशेष सत्र, हेमंत सरकार विश्वास मत पेश करेगी
हेमंत सोरेन सरकार ने आज विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। इस दौरान हेमंत सोरेन सरकार विश्वास प्रस्ताव रखेगी। विधानसभा सचिवालय द्वारा विधायकों को भेजे गए पत्र के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बहुमत साबित करने के लिए विश्वास मत प्रस्ताव लाने की इच्छा जाहिर की है। इस दौरान सभी विधायकों को सदन में मौजूद रहने के लिए कहा गया है। इससे पहले इस राजनीतिक हलचल पर विचार-विमर्श के लिए रविवार को भारतीय जनता पार्टी अपने विधायक दल की बैठक बुलाई थी। हेमंत सोरेन सरकार का आरोप है कि बीडेपी सत्ता हासिल करने के लिए उनके विधायकों को खरीदने की साजिश कर रही है।
कहां फंसा है पेंच?
आज सीएम हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता पर राज्यपाल निर्णय लेने वाले हैं। मीडिया सूत्रों के मुताबिक सीएम हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता खतरे में है। सीएम हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री रहते हुए रांची के अनगड़ा में अपने नाम 88 डिसमिल के क्षेत्रफल वाली पत्थर खदान लीज पर ली थी। मामला चुनाव आयोग तक पहुंचा और चुनाव आयोग ने उनकी सदस्यता रद्द करने संबंधी अनुशंसा राज्यपाल को भेज दी।
अब राज्यपाल ने इस बारे में अब तक कोई कदम नहीं उठाया है। अगर विधानसभा का सदस्यता रद्द होती है, तो हेमंत सोरेन दुबारा विश्वास मत हासिल कर मुख्यमंत्री बन जाएंगे। शर्त ये होगी कि उन्हें 6 महीने के भीतर दुबारा चुनाव लड़कर विधानसभा की सदस्यता हासिल करनी होगी। दूसरा मामला ये हो सकता है कि ‘ऑफिस ऑफ प्रॉफिट’ के मुद्दे पर राज्यपाल मुख्यमंत्री को 5 साल तक चुनाव लड़ने से रोक भी सकते हैं। ऐसे में मामला कोर्ट में जा सकता है और राज्यपाल के फैसले को चुनौती दी जा सकती है। वहीं राजनीतिक तौर पर इसे बीजेपी की सत्ता हासिल की कोशिश बताया जाएगा और झारखंड समेत पूरे देश में विरोध का माहौल खड़ा किया जाएगा। बीजेपी इस फैसले को लेकर दुविधा में है।
मुख्यमंत्री चौहान ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी
शिक्षक बच्चों को जैसा गढ़ेंगे, वैसा ही देश और प्रदेश का निर्माण होगा। भारत के भाग्य विधाता विद्यार्थी हैं और विद्यार्थियों के निर्माता शिक्षक हैं।
मुख्यीमंत्री चौहान ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर नमन किया
महान विचारक व शिक्षाविद, भारत के पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की जयंती पर उन्हें कोटिश: नमन एवं सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
आपके द्वारा राष्ट्रोत्थान के लिए दी गई शिक्षाएं हमारा सदैव मार्गदर्शन करती रहेंगी ।
10वीं,12वीं में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं का सम्मान
कोलार, हुज़ूर विधानसभा के अंतर्गत आने वाले कोलार रोड उपनगर में लगातार सक्रिय रूप से समाजसेवी काम कर रहे पूर्व में हुजुर विधानसभा से प्रत्याशी रहे नरेश ज्ञानचंदानी के द्वारा उपनगर में निवासरत 10वीं,12वीं में उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को सम्मान देने के लिए प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता रहे देशभर में जाने-माने मोटिवेशनल गुरु आनंद सबधाणी, सबधाणी ने “टॉप” और “टॉप क्लास” के महत्त्व को बताते हुए कहा चांद पर पहला कदम किसने रखा, उन्हें सब याद करते हैं लेकिन उसके बाद के लोगों को कोई याद नहीं रखता यह कार्यक्रम उन सभी स्टूडेंट्स को सम्मानित करने के लिए अयोजित किया जा रहा है जो टॉप नहीं करते, लेकिन मेहनत टॉप क्लास की करते हैं।
मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री मुकेश नायक रहे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बताया की भीड़ से हटकर किया गया प्रयास सफलता को स्थापित करता है, इसलिए भेड़ चाल न चले अपना रास्ता स्वयं चुने।
आयोजक नरेश ज्ञानचंदानी ने कहा उपनगर कोलार में प्रतिभाओं की भरमार है उपनगर में शिक्षा के नाम पर राजनीतिकरण होने के कारण अनेक प्रतिभाओं को पलायन कर अच्छे अवसरों के लिए अन्य शहर जाना पड़ता है, उपनगर में संसाधनो, रोजगार की कमी के कारण प्रतिभाओ को योग्यता सिद्ध करने के अवसर नहीं मिल रहे है।
आयोजन में विदेश मे पढ़ाई के लिए प्रसिद्ध संस्था Dreamz Global education के डायरेक्टर दीपक अजमानी और श्वेता अजमानी, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता संगीता शर्मा, पूर्व पार्षद मनजीत मारन, मंगलसिह यादव, पूर्व पार्षद गायत्री शर्मा, बंटी मारन, राहुल बबेले, जनपद सदस्य राहुल मंडलोई, सुजीत पांडा, शिव शर्मा, विजय जौहरी, दिनेश मेंघानी, विनोद वासनिक, अजय बैरागी, पूर्व जनपद सदस्य विमल मीना, अरविंद मीना, गीताप्रसाद, अमर सिह, मुकेश सोंधिया, अनिल दुबे, राजा सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सेरेना आखिरी मैच में हार के बाद इमोशनल हुई
अमेरिका की दिग्गज टेनिस खिलाड़ी सेरेना विलियम्स (Serena Williams) ने टेनिस को संभवत: अलविदा कह दिया है। US Open 2022 के तीसरे राउंड में हार के साथ ही इस मैच को सेरेना विलियम्स का फेयरवेल मैच बताया जा रहा था। अपनी हार के बाद सेरेना काफी इमोशनल हो गई। यूएस ओपन के तीसरे राउंड में ऑस्ट्रेलिया की अजला टॉमलीजेनोविच ने सेरना को 7-5, 6-7(4), 6-1 से मात दी है।
बीते दो दशक से ज्यादा समय से सेरेना विलियम्स टेनिस की चमकता सितारा रही है, लेकिन अपने फेयरवेल मैच में हार के साथ ही सेरेना विलियम्स का चमकदार टेनिस करियर भी खत्म माना जा रहा है। आपको बता दें कि बीते माह ही सेरेना ने टेनिस से रिटायर होने के संकेत दिए थे। तब सेरेना ने कहा था कि वह धीरे-धीरे टेनिस से दूरी बना रही रही हैं। सेरेना के इस बयान के बाद यह माना जा रहा था कि यूएस ओपन के बाद वह टेनिस से संन्यास ले लेंगी।
दरिद्रता दूर कर यश में वृद्धि करता है मां लक्ष्मी का यह व्रत
भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से महालक्ष्मी व्रत आरंभ होते हैं। मां लक्ष्मी को समर्पित यह त्योहार 16 दिनों तक मनाया जाता है। इन 16 दिनों तक व्रत रखकर विधिविधान से मां की उपासना की जाती है। इस व्रत के प्रभाव से दरिद्रता दूर हो जाती है और सुख समृद्धि में वृद्धि होती है। यह व्रत अखंड सौभाग्य प्रदान करता है।
महालक्ष्मी व्रत का महाम्त्य भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों को बताया था। जब चौपड़ के खेल में पांडव, कौरवों से हार गए तो धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान श्रीकृष्ण से धन प्राप्ति का उपाय पूछा। भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें महालक्ष्मी व्रत करने की सलाह दी। इस व्रत को करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और आर्थिक संकट दूर कर देती हैं। इस व्रत का पूजन शाम के समय किया जाता है। शाम को स्नान कर पूजा स्थल पर लाल रंग का वस्त्र बिछाएं। केसर मिले चंदन से अष्टदल बनाकर जल से भरा कलश रखें। कलश के पास हल्दी से कमल बनाएं और मां की मूर्ति रखें। पूजन स्थल पर माता लक्ष्मी की मूर्ति के सामने श्रीयंत्र रखें। कमल के फूल से मां की पूजा करें। मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए मां के चरणों में कमल का फूल अर्पित करें। मां को बताशा, शंख, कमलगट्टे, शंख, मखाना आदि अर्पित करें। इस व्रत में मां महालक्ष्मी के सभी आठ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस व्रत के प्रभाव से कभी धन की कमी नहीं होती है। यश, कीर्ति और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। 16वें दिन व्रत का उद्यापन किया जाता है। यदि 16 दिन का व्रत नहीं रख सकते हैं तो शुरू के तीन व्रत या आखिरी के तीन व्रत भी रख सकते हैं।
भाजपा से अब जदयू का गठबंधन कभी नहीं होगा- नीतीश कुमार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि अब जीवन में कभी भी भाजपा से जदयू का समझौता नहीं हो सकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय परिषद की बैठक में एनडीए से अलग होने के कारणों को विस्तार से पार्टी नेताओं व अधिकारियों को बताया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी।
केसी त्यागी ने यह भी कहा कि जदयू मानती है कि बिना कांग्रेस और वामदलों के साथ गठबंधन के भाजपा के खिलाफ मजबूत लड़ाई नहीं हो सकती है। साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर गैर भाजपा और गैर कांग्रेस गठबंधन चाहते हैं।














