मुख्यमंत्री ने बाढ़ से बचाव के लिए बेहतर रेस्क्यू कार्य के लिए दी बधाई

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अतिवर्षा और बाढ़ से प्रभावित जिलों में पूरी सावधानी और सतर्कता बरती जाए। बारिश फिलहाल बंद है, लेकिन सतर्कता बनी रहे। एनडीआरएफ, एसडीईआरएफ की टीमें तैनात रहें। जिला प्रशासन के अधिकारी समाज और जन-प्रतिनिधियों को साथ लेकर कार्य करें। मुख्यमंत्री चौहान रात्रि में निवास पर अतिवर्षा और बाढ़ से प्रभावित जिलों के कलेक्टर्स से वीडियो कांफ्रेंसिंग से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों में जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कर्त्तव्यनिष्ठ टीम के रूप में बेहतर कार्य किया है। इसके लिए सबको बहुत- बहुत बधाई।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि बाढ़ से बचाव के लिए सेना के 5 हैलीकॉप्टर तैनात रहेंगे। जहाँ भी जरूरत होगी वहाँ हैलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया जाएगा। मैं भी रेस्क्यू का जायजा लेने पहुँचूगा। सबको सुरक्षित निकालना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री चौहान ने बाढ़ प्रभावित विदिशा, गुना, मुरैना, देवास, राजगढ़, मंदसौर, भिण्ड, ग्वालियर और श्योपुर जिलों के कलेक्टर से चर्चा कर बाढ़ की जानकारी ली।

प्रदेश में जारी वर्षा और बचाव एवं राहत कार्यों की मुख्यमंत्री चौहान ने समीक्षा की

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पिछले 48 घंटों में निरंतर बारिश के कारण प्रदेश के मध्य और पूर्वी भाग में भोपाल, विदिशा, राजगढ़, गुना, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, जबलपुर वर्षा ने पिछले सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं। कई स्थानों पर नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कुछ गाँवों में जलभराव की स्थिति बनी है। मुख्यमंत्री ने कहा मैं स्वयं कल से लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हूँ। पिछले 24 घंटे में हमने गाँवों से पानी के बीच घिरे 400 से अधिक व्यक्तियों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला है। लगभग 2300 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई हैं। हमने एयरलिफ्टिंग की व्यवस्था के लिए एक हेलीकॉप्टर रवाना कर दिया है और दूसरा हेलीकॉप्टर आ रहा है। तीसरा हेलीकॉप्टर भी बुलवाया गया है। निचले स्थानों पर बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर लाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री चौहान ने आज सुबह प्रदेश में जारी वर्षा, विभिन्न जिलों में बाढ़ की स्थिति और चल रहे राहत कार्यों की निवास कार्यालय पर समीक्षा बैठक के बाद मीडिया को दिए संदेश में यह बात कही।

मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि उन्होंने रात को मंत्रालय स्थित स्टेट सिचुएशन रूम पहुँच कर प्रदेश की स्थिति का जायजा लिया। जिलों के कलेक्टर्स से वर्षा की स्थिति की जानकारी ली तथा बचाव और राहत कार्य के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री चौहान भोपाल नगर में स्थिति का जायजा लेने स्वयं रात को निकले। उन्होंने अतिवर्षा से उत्पन्न विद्युत समस्याओं को हल करने विद्युत मंडल के कर्मचारियों द्वारा की जा रही कार्यवाही का सिविल लाइंस में अवलोकन किया और कर्मचारियों की सजगता और कठिन परिस्थितियों में कर्त्तव्य निर्वहन की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित ग्राम स्यावदा में पीड़ितों को मोटर बोट से सुरक्षित निकाला

Shivraj-Singh-Chouhan

बाढ़ पीड़ितों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा- मुख्यमंत्री चौहान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज विदिशा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे कर बासौदा तहसील के ग्राम स्यावदा में बाढ़ पीड़ितों को ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने अनेक बाढ़ प्रभावितों को अपने साथ बोट में बैठा कर सुरक्षित भी निकाला।

मुख्यमंत्री चौहान संजय गांधी स्मृति महाविद्यालय प्रांगण में हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद बाढ़ से सर्वाधिक ग्रस्त ग्राम स्यावदा के लिए रवाना हुए। मुख्यमंत्री ने ग्राम स्यावदा के पहुँच मार्ग को बोट से पार किया। गौरतलब है कि पाराशरी नदी और बेतवा नदी के मुहाने पर स्थित ग्राम स्यावदा के लगभग 270 नागरिक अचानक नदी में बढ़े जल-स्तर के कारण चारो ओर से घिर गए थे। प्रशासन को इसकी सूचना प्राप्त होते ही अविलम्ब बाढ़ में फँसे नागरिकों को सुरक्षित स्थलों पर पहुँचाने के प्रबंध सुनिश्चित किए गए।

मुख्यमंत्री चौहान ने ग्राम स्यावदा में बाढ़ पीड़ितों से संवाद कर उन्हें ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने सभी को आश्वस्त भी किया कि अब उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जो भी नुकसान हुआ है, सर्वे कर शीघ्र ही सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे नागरिकों, जिन्हें स्वास्थ्य उपचार की आवश्यकता है, का शासन स्तर पर नि:शुल्क स्वास्थ्य उपचार के प्रबंध किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री चौहान स्वयं नन्हीं बालिकाओं के साथ वयोवृद्धजन को बोट में बैठा कर सुरक्षित लेकर आए। मोटर बोट में मुख्यमंत्री चौहान ने मिट्ठू रैकवार की छोटी बालिका तनु को गोद में बैठाया और रास्ते में बच्ची से संवाद कर नाम पूछा और खाना खाया कि नहीं आदि जानकारी ली। बच्ची के हाजिर जवाब को सुनकर मुख्यमंत्री चौहान के चेहरे पर मुस्कुराहट आ गई।

मुख्यमंत्री चौहान ने मोटर बोट में साथ बैठे ग्राम स्यावदा के बाढ़ पीड़ित बालाराम, शकुनबाई और शर्मिला केवट से भी संवाद किया। गौरतलब है कि तनु केवट और शर्मिला केवट दोनों बहनें हैं, जो मुख्यमंत्री के साथ संयुक्त रूप से गोद में बैठकर आई थी। जब बोट पाराशरी नदी के किनारे पहुँची तब मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से सबसे पहले तनु को एनडीआरएफ के दल को सौंपा। सड़क मार्ग पर पैदल चल कर उन्होंने सड़क किनारे मिले लोगों से संवाद किया, बाढ़ पीड़ितों की समस्याएँ सुनी और उनके निदान के आवश्यक निर्देश मौके पर मौजूद अधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री चौहान को नर्मदापुरम के संभायुक्त और भोपाल संभाग के प्रभारी कमिश्नर मालसिंह भयड़िया ने बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों और राहत कार्यों की जानकारी दी। विदिशा कलेक्टर उमाशंकर भार्गव ने जिले में बाढ़ से प्रभावित गाँवों एवं अन्य क्षेत्रों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने सेना के हेलीकॉप्टर के बारे में भी जानकारी से प्राप्त की।

मुख्यमंत्री के प्रवास के दौरान गंजबासौदा विधायक श्रीमती लीना जैन, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती शशि यादव, पूर्व विधायक हरिसिंह रघुवंशी, खाद्य नागरिक आपूर्ति निगम के पूर्व अध्यक्ष देवेन्द्र वर्मा, डॉ. राकेश जादौन, देवेन्द्र यादव सहित जन-प्रतिनिधि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री चौहान ने कैबिनेट बैठक स्थगित की

मुख्यमंत्री चौहान ने मंत्रियों से वर्चुअली चर्चा कर प्रदेश में अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने और लोगों की मदद करने के निर्देश दिए हैं। सीएम चौहान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने रवाना हो चुके हैं।आज होने वाली कैबिनेट बैठक स्थगित की गई है।

मध्य क्षेत्रीय परिषद की 23 वीं बैठक की अध्यक्षता केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज भोपाल में मध्‍य क्षेत्रीय परिषद की 23वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए जबकि उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वर्चुअल माध्‍यम से बैठक में शामिल हुए। बैठक में सदस्य राज्यों के वरिष्ठ मं‍त्री, केंद्रीय गृह सचिव, अंतर्राज्य परिषद सचिवालय की सचिव, सदस्य राज्यों के मुख्य सचिव और राज्य सरकारों तथा केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

अपने सम्बोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मध्‍य परिषद में शा‍मिल मध्‍य प्रदेश, उत्‍तर प्रदेश, उत्‍तराखण्‍ड़ और छत्‍तीसगढ़ राज्‍य अपनी भौगोलिक स्थिति, जीडीपी में योगदान और देश के विकास के लिए महत्‍वपूर्ण है। पहले इन चारों राज्‍यों को बीमारू राज्‍य माना जाता था, लेकिन अब ये सभी राज्‍य इससे बाहर निकलकर विकास के मार्ग पर अग्रसर हैं। उन्‍होंने कहा कि मध्‍य क्षेत्रीय परिषद राज्‍य देश में अनाज उत्‍पादन का प्रमुख केन्‍द्र हैं और परिषद में शामिल चारों राज्‍यों ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी जी के टीम इंडिया के कॉंसेप्‍ट को जमीन पर उतारा हैं।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने हमेशा सहकारी संघवाद की भावना को मजबूत करने का काम किया है। नरेन्‍द्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले 8 साल में पूरे देश में टीम इंडिया की अवधारणा को सामने रख इसे चरितार्थ किया है। नरेन्‍द्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद क्षेत्रीय परिषद की बैठकों की संख्‍या में हुई बढोत्‍तरी के आंकडे देते हुए शाह ने बताया कि 1957 से 2013 की तुलना में 2014 से अब तक क्षेत्रीय परिषद की बैठकों की फ़्रीक्वेंसी में तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्‍होने कहा कि कोविड के बावजूद बैठको की संख्‍या में बढोत्‍तरी प्रधानमंत्री के टीम इंडिया के कॉसेप्‍ट को उद्घोषित करती हैं। अमित शाह ने यह भी कहा कि 2019 के बाद क्षेत्रीय परिषद की बैठकों में मुद्दों को हल करने में 27 प्रतिशत की बढोत्‍तरी हुई है जो एक बहुत बडी उपलब्धि है।

मध्य क्षेत्रीय परिषद की 23 वीं बैठक की अध्यक्षता केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज भोपाल में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 23वीं बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शामिल हुए जबकि उत्तंर प्रदेश के मुख्यतमंत्री योगी आदित्य्नाथ और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल वर्चुअल माध्यशम से बैठक में शामिल हुए। बैठक में सदस्य राज्यों के वरिष्ठ मं‍त्री, केंद्रीय गृह सचिव, अंतर्राज्य परिषद सचिवालय की सचिव, सदस्य राज्यों के मुख्य सचिव और राज्य सरकारों तथा केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
अपने सम्बोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मध्यक परिषद में शा‍मिल मध्य प्रदेश, उत्तनर प्रदेश, उत्तयराखण्ड़म और छत्ती सगढ़ राज्यर अपनी भौगोलिक स्थिति, जीडीपी में योगदान और देश के विकास के लिए महत्वेपूर्ण है। पहले इन चारों राज्यों को बीमारू राज्यर माना जाता था, लेकिन अब ये सभी राज्य् इससे बाहर निकलकर विकास के मार्ग पर अग्रसर हैं। उन्होंाने कहा कि मध्य क्षेत्रीय परिषद राज्यऔ देश में अनाज उत्पारदन का प्रमुख केन्द्रम हैं और परिषद में शामिल चारों राज्यों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के टीम इंडिया के कॉंसेप्टर को जमीन पर उतारा हैं।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने हमेशा सहकारी संघवाद की भावना को मजबूत करने का काम किया है। नरेन्द्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद पिछले 8 साल में पूरे देश में टीम इंडिया की अवधारणा को सामने रख इसे चरितार्थ किया है। नरेन्द्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद क्षेत्रीय परिषद की बैठकों की संख्याै में हुई बढोत्तोरी के आंकडे देते हुए शाह ने बताया कि 1957 से 2013 की तुलना में 2014 से अब तक क्षेत्रीय परिषद की बैठकों की फ़्रीक्वेंसी में तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होाने कहा कि कोविड के बावजूद बैठको की संख्याक में बढोत्तीरी प्रधानमंत्री के टीम इंडिया के कॉसेप्टक को उद्घोषित करती हैं। अमित शाह ने यह भी कहा कि 2019 के बाद क्षेत्रीय परिषद की बैठकों में मुद्दों को हल करने में 27 प्रतिशत की बढोत्तनरी हुई है जो एक बहुत बडी उपलब्धि है।

23 अगस्त को भोपाल जिले के सभी स्कूलों में छुट्टी

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भोपाल जिले के सभी स्कूलों में मंगलवार को अवकाश

भोपाल, लगातार जारी भारी बारिश के दृष्टिगत भोपाल जिले में विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए जिले में संचालित सभी स्कूल में मंगलवार 23 अगस्त का अवकाश घोषित किया गया है।

जिला शिक्षा अधिकारी, भोपाल द्वारा जारी आदेश अनुसार शासकीय, अशासकीय, नवोदय, सीबीएसई, आईसीएससी एवं मदरसे से संबंधित समस्त प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल, हायर सेकेण्ड्री विद्यालयों में 23 अगस्त 2022 को विद्यार्थियों लिए अवकाश रहेगा।

कोलार तहसील में समर्धा, दामखेड़ा और बावड़ीया कला में 210 लोगो को रेस्क्यू

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भोपाल :कलेक्टर अविनाश लवानिया ने निगम आयुक्त के. वी. एस चौधरी के निर्देशन में लगातार जिले और नगर निगम क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है। जिले में लगातार हों रही वर्षा से जन जीवन प्रभावित हुआ है। इससे होने वाली समस्याओं से आम जनता को बचाने के लिए जिला प्रशासन और नगर निगम का अमला लगातार बचाव और राहत काम कर रहा है। फॉयर ब्रिगेड अमले ने सोमवार को समरधा पुल पर 07 व्यक्तियों के फंसे होने और इण्डस एंपायर कालोनी शाहपुरा में 20 से 25 व्यक्तियों के फंसे होने की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल कार्यवाही कर उन्हें सुरक्षित निकाला।
एसडीएम बैरसिया जैन ने बताया की बैरसिया के ग्राम जमुनिया में 200 लोगो को रेस्क्यू किया गया और सुरक्षित स्थान पर रुकवाया गया है इसके साथ ही खाने ,पीने का पानी और अन्य व्यवस्थाएं की जा रही है।

 

एसडीएम कोलार क्षितिज शर्मा ने बताया की समर्धा, दामखेड़ा और बावड़ीया कला में 210 लोगो को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर रुकवाया गया है। एसडीएम हुजूर आकाश श्रीवास्तव ने बताया की कुछ क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। लगभग 100 से अधिक लोगो को सुरक्षित स्थानों पर रुकवाया गया है। इसके साथ ही क्षेत्र में लगातार निगाह रखी जा रही है और सूचना मिलते ही बचाव और राहत काम के लिए टीम रवाना की जा रही है । सभी राहत दलों को अलर्ट पर रखा गया है।

कलेक्टर लवानिया ने फतेहगढ़ स्थित निगम के मुख्य आपदा नियंत्रण कक्ष का भी जायजा लिया और यहां प्राप्त शिकायतों एवं उनके निराकरण की कार्यवाही के संबंध में जानकारी प्राप्त की । साथ ही कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों पर तुरंत ही कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही जिले के सभी विभागों के अधिकारियो को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए है । सभी एसडीएम और राजस्व अधिकारी को फील्ड में रहने के निर्देश दिए है और सूचना मिलने पर तुरंत आपदा राहत कार्य करने के लिए आदेशित किया गया है।

कलेक्टर लवानिया ने नगर निगम को शहर में पेड़ो के टूटने पर तुरंत उनको हटाने के साथ जरूरतमंद लोगो खाने और पीने का पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही एमपीईबी के कर्मचारियों और अधिकारियों को लाइट की सप्लाई सुचारू बनाए रखने के लिए भी अमले को लगातार सक्रिय करने के लिए निर्देश दिए गए है।

जिले के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ अधिकारी को भी सभी अस्पतालों में स्वास्थ अमले को भी सभी आवश्यक दवाई के साथ तैयार रहने को कहा गया है।

बंदौरी गाँव में दो किसान परिवारो के फँसे होने की सूचना पर रेसक्यू ऑपरेशन

rameshwar-sharma

हुज़ूर विधानसभा के कोलार के पास बंदौरी गाँव में दो किसान परिवारो के फँसे होने की सूचना पर रेसक्यू ऑपरेशन शुरू हो गया है. SDRF टीम एवं प्रशासन के साथ बंदौरी गाँव में बचाव कार्य जारी कर दिया है. विधायक रामेश्वर शर्मा मौक़े पर मोर्चा सम्भाले हुए है.

कहा जल्द किया जाएगा परिवार का रेसक्यू. उन्होंने ट्वीट पर जानकारी शेयर की है कि बंदौरी में SDRF एवं स्थानीय नागरिकों कार्यकर्ताओं के सहयोग से रेसक्यू ऑपरेशन शुरू. नदी में पानी बढ़ जाने से लगभग 7 नागरिक फँसे हुए है. उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया जाएगा.

समाचार लिखे जाने तक

बहाव तेज और अंधेरे की वजह से SDRF टीम द्वारा निर्णय लिया गया है कि बहाव कम होने के बाद ही रेस्क्यू किया जाएगा । फँसे हुए 7 सदस्यों में से 3 बच्चे है इसलिए यह निर्णय लिया गया है. टीम के सदस्यों ने बताया कि पूरा परिवार सुरक्षित है, रेस्क्यू टीम फंसे लोगों के साथ ही रहेगी। विधायक रामेश्वर शर्मा जिला प्रशासन मौके पर ही उपस्थित रहे। गांव के बाहर एक अस्थाई पुलिस पॉइंट एवं SDRF टीम को लगाया गया है। जो जल भराव की स्थिति पर नज़र एवं आपात स्थिति में सहायता पहुंचाने में मदद कर रही है।

कोलार में बाढ़ जैसे हालात, ज्ञानचंदानी ने किया दौरा

कोलार, प्रदेश भर में जारी भारी बारिश से अनेकों शहर, गाँव जलमग्न हो गए है। राजधानी का उपनगर कोलार भी भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति में आ गया है। प्रशासनिक लापरवाही ने स्थिति को और गम्भीर कर दिया है। जनता की प्रशासन सुनवाई नही कर रहा है। जनता अपने को असहाय महसूस कर रही है। विकास की कलई खुल गयी है , नाले उफान पर है सड़कों से पानी दुकान और घरों में घुस रहा है।

Naresh gaynchandani

क्षेत्र की बिगड़ती हालत की जानकारी मिलते है कांग्रेस नेता ज्ञानचंदानी पीड़ितों से मिलने उनके घरों, दुकानों पर पहुंचे। उन्होंने ललिता नगर, अब्बास नगर, गणेश नगर, गेहूखेड़ा, वरुण नगर, मन्दकिनी क्षेत्र का दौरा किया।

ज्ञानचंदानी ने Kolar18.com से चर्चा में बताया की क्षेत्र में स्थिति बहुत ख़राब है, लोग शिकायत कर रहे प्रशासन सुनवाई नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है विकास के नाम पर क्षेत्र के साथ धोखा किया जा रहा है। नाले-नालियों पर अतिक्रमण है अवैध वसूली कर उन्हें नहीं हटाया जा रहा है।

जिनके घरों और दुकानों मे पानी घुसा है, सभी को नुकसान हुआ है, प्रशासन तत्काल मुआवजा दे जिससे जनता को राहत मिल सके।

युवा कार्यकर्ता इंजीनियर राहुल बबेले का कहना था ठेकेदार मनमर्जी से कार्य करते है, उनके कार्य का इंजीनियर रिव्यू नहीं करते है बिना जांच के NOC जारी कर देते है। जिस कारण सड़के बरसात में टूट जाती है।

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