बालीवुड की बेहद खूबसूरत और फेमस एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला अपने कातिलाना अंदाज से इंटरनेट का आए दिन पारा बढ़ाती रहती हैं। हाल ही में उनकी लेटेस्ट तस्वीरें सामने आई हैं जो कि काफी वायरल हो रही हैं। बता दें कि उर्वशी बाॅलीवुड की सबसे खूबसूरत एक्ट्रेस में से एक हैं। वे अपने ग्लैमरस अंदाज और शानदार फैशन के लिए जानी जाती हैं। सामने आई उनकी लेटेस्ट तस्वीरों में वे काफी सिजलिंग लग रही हैं। एक्ट्रेस ने इन तस्वीरों को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है। उर्वशी का ये अंदाज उनके फैंस को काफी पसंद आ रहा है। वे उनकी तारीफ में तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं।
वन पीस में उर्वशी की कातिल अदाएं
बता दें कि हाल ही में सामने आई उर्वशी की फोटोज उनके लेटेस्ट फोटोशूट की है। ये तस्वीरें उर्वशी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की है। उर्वशी की इन लेटेस्ट फोटोज में उनका कातिलाना अंदाज देखने को मिल रहा है। उर्वशी ने एक वन पीस ड्रेस पहन रखी है। जो कि शिमरी नजर आ रही है। उर्वशी की ये ड्रेस और उनका ये लुक फैंस के दिलों पर बिजलियां गिराने के लिए काफी है। इतना ही नहीं अपनी हाॅट अदाओं से उर्वशी ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा।
फैंस को पसंद आया उर्वशी का लुक
उर्वशी की ये लेटेस्ट तस्वीर सोशल मीडिया पर काफी छा रही है। एक्ट्रेस का ये अंदाज उनके फैंस को काफी पसंद आ रहा है। वे एक्ट्रेस की इस तस्वीर पर जमकर लाइक्स और कमेंट्स कर रहे हैं। फिलहाल इन दिनों उर्वशी रौतेला भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के साथ बयानबाजी को लेकर चर्चा का विषय बनी हुई है। इन दोनों के बीच में विवाद तब शुरु हुआ जब एक्ट्रेस का एक इंटरव्यू सामने आया था। जिसके बाद से ही ऋषभ पंत ने एक्ट्रेस पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाए थे। वहीं उर्वशी इस समय अपनी बड़े बजट की फिल्मों में व्यस्त हैं।
वन पीस में उर्वशी रौतेला का कातिलाना अंदाज
भारतीय टीम के कप्तान जिम्बाब्वे दौरे में केएल राहुल होंगे
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने आगामी ज़िम्बाब्वे दौरे पर टीम में बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने शिखर धवन की जगह टीम की कमान केएल राहुल को सौंपी है। केएल राहुल ने जैसे ही अपनी फिटनेस साबित की, बीसीसीआई ने उन्हें कप्तानी की जिम्मेदारी थमा दी। आपको बता दें कि ज़िम्बाब्वे दौरे के लिए 30 जुलाई को भारतीय टीम का चयन हुआ था, जिसमें शिखर धवन को कप्तान बनाया गया था। अब जब राहुल फ़िट हो गए हैं तो चयनकर्ताओं ने उन्हें फौरन कप्तानी सौंप दी।
आपको बता दें कि टीम के नये कप्तान राहुल ने आईपीएल 2022 के बाद से कोई क्रिकेट नहीं खेला है। वहीं उन्हें एशिया कप 2022 के लिए भारतीय टीम की उपकप्तानी भी पहले ही सौंपी जा चुकी है। वहीं शिखर धवन ने हाल में वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय टीम की कप्तानी की थी और कैरेबियाई धरती पर पहली बार वनडे में 3-0 से क्लीन स्वीप किया था। जाहिर है BCCI रोहित शर्मा के विकल्प के तौर पर केएल राहुल को तैयार करना चाहता है, और इस वजह से उन्हें लगातार मौके दिये जा रहे हैं।
चोट की वजह से रहे बाहर
केएल राहुल साउथ अफ़्रीका के ख़िलाफ़ पांच टी20 मैचों के लिए भारतीय टीम के कप्तान नियुक्त किए गए थे, लेकिन जांघ की चोट के कारण उन्हें सीरीज़ से बाहर होना पड़ा था। इस दौरान जून में उनकी स्पोर्ट्स हार्निया की सर्जरी हुई। इन सब वजहों से वह लंबे समय से टीम से बाहर रहे और आईपीएल 2022 के बाद दक्षिण अफ्रीका सीरीज और इंग्लैंड दाैरे में भी नहीं खेल पाए। इसके बाद वह वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ टी20 सीरीज़ के लिए फ़िट दिखाई दे रहे थे कि तभी उन्हें कोरोना हो गया। अब फिट होने के बाद उन्हें जिम्बाव्बे के खिलाफ वनडे सीरीज की कप्तानी सौंपी गई है।
बड़े खिलाड़ियों को आराम, नये खिलाड़ियों को मौका
इस सीरीज से बड़े खिलाड़ियों को आराम दिया गया है। इनमें विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह और ऋषभ पंत जैसे नाम शामिल हैं। वहीं, हार्दिक पांड्या और मोहम्मद शमी भी टीम में नहीं हैं। राहुल के अलावा चोटिल दीपक चाहर की भी वनडे टीम में वापसी हुई है। इसके अलावा रोटेशन पॉलिसी को ध्यान में रखते हुए राहुल त्रिपाठी, ऋतुराज गायकवाड़, वॉशिंगटन सुंदर और कुलदीप यादव को भी इस दौरे के लिए टीम में चुना गया है।
सीएम शिंदे ने कैबिनेट में विभागों का बंटवारा किया
महाराष्ट्र कैबिनेट विस्तार के बाद आखिरकार विभागों का बंटवारा हो गया है। महाराष्ट्र में शहरी विकास, पर्यावरण, अल्पसंख्यक, परिवहन, आपदा प्रबंधन की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को मिली है। वहीं, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को गृह और वित्त मंत्रालय दिया गया है। इसके साथ ही चंद्रकांत पाटिल को शिक्षा मंत्रालय और अब्दुल सत्तार को कृषि मंत्रालय का जिम्मा दिया गया है।
इसके अलावा राधाकृष्ण विखे पाटिल को राजस्व, पशुपालन और डेयरी विकास मंत्रालय दिया गया है। सुधीर मुनगंटीवार को वानिकी, सांस्कृतिक मामले और मत्स्य पालन, चंद्रकांत पाटिल को उच्च और तकनीकी शिक्षा, कपड़ा उद्योग और संसदीय कार्य का जिम्मा मिला है।
डॉ. विजयकुमार को ग्राम-आदिवासी विकास, गुलाबराव पाटिल को जलापूर्ति एवं स्वच्छता, दादा भूसे को बंदरगाह एवं खनन, संजय राठौड़ को खाद्य एवं औषधि प्रशासन, सुरेश खाड़े को श्रम, संदीपन भुमरे को रोजगार गारंटी योजना एवं बागवानी, उदय सामंत को उद्योग, प्रो. तानाजी सावंत को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण का जिम्मा दिया गया है।
इसके अलावा गिरीश महाजन को ग्राम विकास एवं पंचायती राज, चिकित्सा शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्रालय दिया गया है। अरविंद्र चव्हाण को लोक निर्माण (सार्वजनिक उद्यमों को छोड़कर), खाद्य और नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्रालय मिला है। इसके साथ ही अब्दुल सत्तार को कृषि और दीपक केसरकर को स्कूल शिक्षा और मराठी भाषा विभाग दिया गया है।
इससे पहले 40 दिन के इंतजार के बाद आखिरकार महाराष्ट्र में शिंदे सरकार के कैबिनेट मंत्रियों ने मंगलवार यानी नौ अगस्त को शपथ ली थी। नई कैबिनेट में नौ मंत्री शिवसेना तो नौ भाजपा के कोटे से बनाए गए हैं। इस तरह शिंदे कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत कुल मंत्रियों की संख्या 20 हो गई है। शिंदे अपनी कैबिनेट के सबसे कम पढ़े लिखे मंत्री हैं। वहीं, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कैबिनेट के सबसे कम उम्र वाले मंत्रियों में शामिल हैं।
40 दिन के इंतजार के बाद आखिरकार महाराष्ट्र में शिंदे सरकार के कैबिनेट मंत्रियों ने मंगलवार को शपथ ले ली। नई कैबिनेट में नौ मंत्री शिवसेना तो नौ भाजपा के कोटे से बनाए गए हैं। इस तरह शिंदे कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत कुल मंत्रियों की संख्या 20 हो गई है। शिंदे अपनी कैबिनेट के सबसे कम पढ़े लिखे मंत्री हैं। वहीं, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कैबिनेट के सबसे कम उम्र वाले मंत्रियों में शामिल हैं।
राकेश झुनझुनवाला की मौत हार्ट अटैक से हुई
शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक और भारत के वारेन बफे कहे जाने वाले राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala Death Cause) का रविवार सुबह दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ने से निधन हो गया। वह 62 वर्ष के थे। उनकी ‘नेटवर्थ’ 5.8 अरब डॉलर (46,000 करोड़ रुपये) थी। झुनझुनवाला की तरफ से हाल ही में शुरू की गई एयरलाइन आकाश एयर (Akasa Air) के एक सूत्र ने बताया कि झुनझुनवाला को रविवार सुबह दिल का दौरा पड़ा। उन्हें फौरन ब्रीच कैंडी अस्पताल ले जाया गया लेकिन अस्पताल पहुंचने तक उनका निधन हो चुका था। उनके भाई के दुबई से आने के बाद रविवार शाम को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
वह अपने पीछे पत्नी और तीन बच्चों को छोड़ गए हैं। वह कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्हें गुर्दे को लेकर कुछ परेशानी थी। अपने आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रम में वह व्हीलचेयर पर आए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झुनझुनवाला के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने आर्थिक जगत में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। मोदी ने अपने ट्वीट में कहा, ”राकेश झुनझुनवाला जिंदादिल, हाजिरजवाब और गहरी समझ वाले व्यक्ति थे।” वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट किया, ”श्री राकेश झुनझुनवाला अब नहीं रहे। वह जोखिम लेने में काफी साहस दिखाते थे और शेयर बाजार को लेकर उनकी समझ जबर्दस्त थी। मेरी उनके साथ कई बार बातचीत हुई। उनको भारत की ताकत और क्षमता में भरोसा था।”
देश के सबसे अमीर व्यक्ति और अडाणी समूह के प्रमुख गौतम अडाणी ने कहा कि झुनझुनवाला पूरी पीढ़ी के लिए प्रेरणा थे। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि झुनझुनवाला को भारत में भरोसा था और वह देश की क्षमता में विश्वास रखते थे।फोर्ब्स के अनुसार, झुनझुनवाला की नेटवर्थ 5.8 अरब डॉलर थी। फोर्ब्स की 2021 की सूची के अनुसार, वह भारत के 36वें सबसे अमीर व्यक्ति थे। कई बार उनकी तुलना दिग्गज अमेरिकी निवेशक वारेन बफे से की जाती थी। उन्हें भारतीय बाजारों का ‘बिग बुल’ भी कहा जाता था।
उन्होंने अपने कॉलेज के दिनों में भारतीय शेयर बाजारों में निवेश की शुरुआत मात्र 5,000 रुपये की पूंजी से की थी। उन्होंने हाल में जेट एयरवेज के पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विनय दुबे और इंडिगो के पूर्व प्रमुख आदित्य घोष के साथ मिलकर देश की नई किफायती विमान सेवा कंपनी आकाश एयर की शुरुआत की। इस एयरलाइन ने एक हफ्ते पहले ही मुंबई से अहमदाबाद की उड़ान के साथ अपना परिचालन शुरू किया है। चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) रहे झुनझुनवाला ने कंपनियों के खातों का ऑडिट करने के बजाय दलाल पथ की राह चुनी।
ग्रामीणों से बांध के राहत और बचाव कार्य में सहयोग की मुख्यमंत्री चौहान ने अपील की
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने धार और खरगोन जिले के कारम बांध के रिसाव से प्रभावित ग्रामों के ग्रामीणों से गाँव में न जाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि उनके लिए भोजन और अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ की जा रही हैं। सभी ग्रामीणजन राहत और बचाव के कार्य में सहयोग करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सुबह 11 बजे से लगातार 9 घंटे तक स्थिति पर नजर रखने के बाद जानकारी देते हुए कहा कि सभी 18 गाँव पूरी तरह से खाली करवा लिए गए हैं। गाँव में कोई भाई-बहन न रहे इसके लिये हमारी पूरी टीम में घूम रही है। धार-खरगोन के कलेक्टर, एसपी, एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पुलिस एवं होमगार्ड के जवान, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें, आर्मी के कालम सब फील्ड में तैनात हैं। ये सभी सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रभावित होने वाले क्षेत्र के गाँव में कोई न रहे। कोई पशु भी गाँव में न रह जाए। गाय, बैल, भैंस, बकरी, बकरा सभी को निकालने की व्यवस्था की है। सबको सुरक्षित ऊँचे स्थानों पर ले जाया गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जन-प्रतिनिधियों से भी चर्चा की है। दोनों क्षेत्र के सांसद, धरमपुरी के विधायक और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं और संघ के स्वयंसेवकों से भी बात की है।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हम हर संभव कोशिश कर रहे हैं कि हर जिंदगी सुरक्षित रहे और पानी बाहर निकल जाए, जिससे बाद में निश्चिंत होकर लोग अपने-अपने गाँव वापस आ जाएँ। इसमें हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे, यह जनता की जिंदगी का मामला है। मुख्यमंत्री चौहान ने 18 गाँवों और इनके टोले-मजरे के भाई-बहनों से प्रार्थना की है कि पूरा सहयोग करें। किसी भी हालत में अपने गाँव अभी न जाएँ। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मैं भी कंट्रोल रूम में बैठ कर हर परिस्थिति पर नजर रखे हुए हूँ।
राकेश झुनझुनवाला के निधन पर मुख्यमंत्री चौहान द्वारा शोक व्यक्त किया
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राकेश झुनझुनवाला के निधन पर दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि स्व. झुनझुनवाला नये भारत के विकास के प्रति अत्यधिक समर्पित थे। उनके निधन से आर्थिक जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।
मुख्यमंत्री चौहान ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।
रानी लक्ष्मीबाई ने विश्व में अपनी वीरता व शौर्य की अमित छाप छोड़ी- ज्योतिरादित्य सिंधिया
ग्वालियर! केंद्रीय नागरिक उड्डयन व इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार की सुबह वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर आजादी के 75 वें अमृत महोत्सव पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर श्रद्धासुमन अर्पित किये। और समाधि की श्रद्धा के साथ परिक्रम भी की। इस अवसर पर समाधिस्थल पर आयोजित हर घर तिरंगा व विभाजन की विभीषका स्मृति दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा कि तांबे वंश की बेटी व नेवालकर वंश की बहू रानी लक्ष्मी बाई ने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में देश में नहीं अपितु विश्व में अपनी वीरता और शौर्य की अमित छाप छोड़ी है। इस अवसर पर सांसद विवेक नारायण शेजवलकर, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, पूर्व मंत्री इमरती देवी, पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल, मुन्नालाल गोयल उपस्थित थे। सिंधिया तीसरी बार रानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए पहुंचे हैं।
राष्ट्रीय ध्वज फहराया, और पुष्पांजलि अर्पित की- केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सुबह रानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर पहुंचे। जहां सबसे पहले राष्ट्र के गौरव तिरंगा समाधिस्थल पर ससम्मान फहराया। उसके उपरांत रानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किये। हर घर तिरंगा व राविबीजन की विभीषका समारोह को संबोधित करते हुये कहा कि भारत ने हमेशा सदैवा दूसरे देश की प्रभुत्वा का सम्मान किया है। और कभी आक्रमण की दृष्टि नहीं देखा है। अगर भारत माता की पावन धरा किसी देश के बुरी नजर डालने पर उसे मुंहतोड़ जवाब हमारे वीर जवानों ने दिया है। इस अवसर पर स्वंतत्रता संग्राम सेनानियों के अलावा सुरेंद्र शर्मा सरपंच, सुरेंद्र सिंह परमार चच्चू, आशीष प्रताप सिंह, केसी राजपूत सहित काफी संख्या में भाजपा नेता मौजूद थे।
तिरंगा हमारी आन-बान शान हैं- केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हम भारतीयों के लिये यह सिर्फ ध्वज नहीं हैं। हमारी आन-बान व शान है। और यह हर भारतीय की आत्मा है। इस पर दिल व जान व दोनों न्यौछावार हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी की 75 वीं वर्षगांठ पर हर घर तिरंगा का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री के आहवान पर समूचा देश तिरंगा मय हैं।
प्रदर्शनी को भी देखा- समाधिस्थल पर आजादी की विभीषका की प्रदर्शनी में लगे चित्रों के ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सांसद के साथ ध्यानपूर्वक देखते हुए अवलोकन किया।
अरुण साव ने बीजेपी कार्यालय में सीढ़ियों पर माथा टेककर किया प्रवेश
रायपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की कमान संभालने के बाद जब अरुण साव रविवार को प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर पहुंचे तो वे कार्यालय की सीढ़ियों पर माथा टेककर अंदर प्रवेश किए। साव के इस अंदाज ने आठ साल पहले नरेंद्र मोदी के उस घटनाक्रम की यादें ताजा कर दी जब चुनाव जीतने के बाद पहली बार संसद पहुंचे तो उन्होंने संसद की सीढ़ियों पर माथा टेककर लोकतंत्र के मंदिर में कदम रखे। उस समय पीएम मोदी की यह तस्वीर खूब वायरल हुई थी।
अरुण साव ने प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में राज्य सरकार की योजनाओं पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भूपेश सरकार की सभी योजनाएं सिर्फ कागज, विज्ञापन और कांग्रेस नेताओं की जुबान पर है।
उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता सड़क से लेकर सदन तक की लड़ाई लड़ेंगे। जनता कांग्रेस सरकार से ऊब गई है और उसे भाजपा में ही भविष्य नजर आ रहा है। साव ने कहा कि रोका छका अभियान कहां है। जानवर सड़क पर दिख रहे हैं। एक भी गोठान में पशु नहीं दिख रहे हैं। यही भूपेश सरकार की असफलता का सबसे बड़ा उदाहरण है।
साव ने कहा कि प्रदेश में विकास के खोखले दावे किए जा रहे हैं। भाजपा की सरकार ने 15 साल तक गांव में सड़क, बिजली और पानी के लिए मजबूत व्यवस्था की लेकिन अब गांव के लोग विकास के लिए तरस रहे हैं।
साव ने अपनी पहली पत्रकार वार्ता में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई को भी याद किया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई जी ने छत्तीसगढ़ का निर्माण शोषण से मुक्ति और समानता के लिए किया था। भाजपा की सरकार ने 15 साल तक उस दिशा में काम किया। आज जो भी विकास के कार्य दिख रहे हैं, वह भाजपा सरकार की देन है।
भगवान गणेश धनदायक भद्रा व रवियोग की साक्षी में विराजेंगे
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर भगवान गणेश की स्थापना होगी। इस बार गणेश चतुर्थी का पर्वकाल पाताल वासिनी धनदायक भद्रा तथा रवियोग की साक्षी में मनाया जाएगा। इसके साथ ही दस दिवसीय गणेश उत्सव की शुरुआत होगी। गणपति उत्सव के दस दिनों में विभिन्न उत्सव व त्योहार भी मनाए जाएंगे।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार पंचांगीय गणना के अनुसार गणपति चतुर्थी पर रवियोग तो रहेगा ही, साथ ही शुक्ल योग में गणेश स्थापना का दिनभर शुभ मुहूर्त रहेगा। शुक्ल योग की अधिष्ठात्री देवी स्वयं माता पार्वती हैं और गणेश पार्वती पुत्र ही हैं। इसलिए इस योग में गणपति की स्थापना सुख, सौभाग्य तथा समृद्धि प्रदान करने वाली रहेगी। चतुर्थी के दिन बुधवार का दिन होना भी विशेष शुभ माना जा रहा है। विशेष यह भी है कि इस दिन दोपहर 3 बजकर 22 मिनट तक पाताल वासिनी भद्रा रहेगी। पाताल वासिनी भद्रा धनदायक मानी गई है। पंचांग की इन विशेषताओं को देखें तो गणेश चतुर्थी पर शुभ मुहूर्त में घर,प्रतिष्ठान, उद्योग, कार्यालय आदि में भगवान गणेश की स्थापना भक्तों को मनोरथ पूर्ण करने वाली रहेगी।
कोलार से 14 अगस्त को 11 बजे निकलेगी तिरंगा यात्रा, सैकड़ो स्थान पर भव्य स्वागत की तैयारी
भोपाल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर हर घर तिरंगा अभियान उपनगर श्यामा प्रसाद मुखर्जी नगर कोलार रोड सहित हुजूर विधानसभा में चलाया जा रहा है इसी क्रम में हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा द्वारा विशाल तिरंगा यात्रा का आयोजन 14 अगस्त, रविवार प्रातः 11 बजे मुखर्जी नगर कोलार से संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) तक आयोजित की रही है। तिरंगा यात्रा कोलार मुख्य मार्ग पर स्थित मदर टेरेसा स्कूल बैरागढ़ चीचली से प्रारंभ होकर सेमरी जोड़, बैरागढ़ चीचली, डी-मार्ट, ललिता नगर, नयापुरा, बीमाकुंज, सर्वधर्म, काली मंदिर, चूनाभट्टी चौराहा, कोलार तिराहा, मेनिट कॉलेज, माता मंदिर, रोशनपुरा चौराहा, बाणगंगा चौराहा, विवेकानंद चौराहा (पॉलिटेक्निक), कमला पार्क, शीश महल, भवानी चौक (कर्फ्यू वाली माता), अग्रसेन चौराहा (जिला भाजपा कार्यालय), रॉयल मार्केट, कलेक्ट्रेट कार्यालय, वी.आई.पी. गेस्ट हाउस, फ्लाईओवर से हलालपुर बस स्टेण्ड, बस स्टेण्ड (संत हिरदाराम नगर ), आदर्श मार्ग,साधुवासवानी स्कूल, वाल्मीकि मंदिर, आरा मशीन रोड, कालका चौराहा, शिव मंदिर, चंचल चौराहा, फायर स्टेशन, झूलेलाल विसर्जन घाट, संत हिरदाराम नगर में यात्रा का समापन होगा।
कोलार रोड निवासी पंकज गजभिये ने बताया है कि उपनगर में 100 से ज्यादा स्थानों पर रहवासियों द्वारा फूलों की बरसात और तिरंगा दिखाकर यात्रा का स्वागत किया जायेगा।














