हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा, सुख-समृद्धि का मिलेगा आशीर्वाद; पूरे नौ दिन रहेंगे नवरात्र

शारदीय नवरात्रि को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ने लगा है। इस बार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर सवार होकर होने की मान्यता बताई जा रही है। धार्मिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मां का हाथी पर आगमन शुभ संकेत माना जाता है। इसे सुख, समृद्धि, धन-धान्य और खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है।

नौ दिनों तक होगी मां की आराधना
शारदीय नवरात्रि के दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाएगी। पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना से नवरात्र की शुरुआत होगी। इसके बाद ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजा की जाएगी।

हाथी पर आगमन को माना जाता है शुभ
धार्मिक मान्यताओं में मां दुर्गा के आगमन और प्रस्थान के वाहन का विशेष महत्व बताया गया है। हाथी को ऐश्वर्य, स्थिरता, बुद्धि और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसलिए जब मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होने की मान्यता हो तो इसे सुख-समृद्धि और खुशहाली का संकेत माना जाता है।

मंदिरों और घरों में शुरू होंगी तैयारियां
नवरात्र को लेकर मंदिरों में सजावट, घट स्थापना और विशेष पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। कई स्थानों पर दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना के साथ गरबा, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों की भी तैयारी की जा रही है। श्रद्धालु नौ दिनों तक व्रत रखकर मां दुर्गा की आराधना करेंगे और परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना करेंगे।

मान्यता है कि नवरात्र में श्रद्धा और विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा करने से भक्तों को देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इस दौरान शक्ति उपासना के साथ सात्विक आहार, संयम और धार्मिक गतिविधियों का विशेष महत्व माना गया है।

छत्तीसगढ़ में बाढ़ से 22 जिलों में तबाही, 1,083 गांवों के 74 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित; 15 की मौत

छत्तीसगढ़ में सितंबर के आखिरी सप्ताह में हुई मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ और जलभराव ने कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। प्रदेश के 22 से अधिक जिलों के 1,083 गांवों में 74,130 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ और बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 15 लोगों की मौत हुई है।

सुकमा और बस्तर में सबसे ज्यादा असर
भारी बारिश के कारण दक्षिण छत्तीसगढ़ के सुकमा और बस्तर जिले सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। सुकमा के 25 गांवों में करीब 40,714 लोग, जबकि बस्तर के 145 गांवों में 20,212 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा रायपुर, धमतरी, बालोद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, कोरबा, बेमेतरा, कबीरधाम, दुर्ग, रायगढ़ और जांजगीर-चांपा समेत कई जिलों में भी बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी।

करीब 50 हजार लोगों का रेस्क्यू
प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमों ने बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। अब तक 49,793 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रभावित परिवारों के लिए 152 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां करीब 11,945 लोगों के रहने और भोजन की व्यवस्था की गई है।

मकानों और फसलों को भी भारी नुकसान
बाढ़ से 2,103 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 7,947 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 1,220 से अधिक पशुधन की हानि हुई है और 6,154 हेक्टेयर से अधिक फसल प्रभावित हुई है। सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को राहत और क्षतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है।

राज्य सरकार के अनुसार जनहानि, पशुहानि, मकान और फसल क्षति के मामलों में सहायता राशि का वितरण शुरू कर दिया गया है। वहीं जिन क्षेत्रों में नुकसान का सर्वे पूरा नहीं हुआ है, वहां राजस्व और प्रशासनिक टीमें आकलन में जुटी हैं।

नाइजीरिया में सैन्य विमान क्रैश, 32 लोगों की मौत; राष्ट्रपति ने दिए जांच के आदेश

नाइजीरिया के ओंडो राज्य में सोमवार को एक सैन्य विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी 32 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 25 यात्री और 7 क्रू सदस्य शामिल थे। नाइजीरियाई राष्ट्रपति बोला अहमद टिनूबू ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

जानकारी के मुताबिक, नाइजीरियाई वायुसेना का ATR-42 विमान बेनिन से लागोस की ओर नियमित मिशन पर जा रहा था। उड़ान के दौरान विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया। इसके बाद विमान का मलबा ओंडो राज्य के इग्बोकोडा इलाके में एक नौसैनिक अड्डे के पास मिला।

हादसे के बाद राहत और बचाव दल मौके पर पहुंच गए। शुरुआती जानकारी में दुर्घटना के कारण का पता नहीं चल सका है। राष्ट्रपति टिनूबू ने नाइजीरियाई वायुसेना को हादसे की पूरी जांच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि दुर्घटना की वजह सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय किए जा सकें।

नाइजीरियाई राष्ट्रपति ने हादसे में जान गंवाने वाले वायुसेना कर्मियों के सम्मान में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा भी की है। इस दौरान देशभर में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।

Jailer 2 का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज, रजनीकांत के ‘टाइगर’ अवतार ने मचाया तहलका; विद्या बालन भी दिखीं दमदार

सुपरस्टार रजनीकांत की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जेलर 2’ का ट्रेलर रिलीज हो गया है। ट्रेलर में एक बार फिर रजनीकांत टाइगर मुथुवेल पांडियन के दमदार किरदार में नजर आ रहे हैं। नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में जबरदस्त एक्शन, स्वैग और कॉमेडी की झलक देखने को मिल रही है।

रजनीकांत का फिर दिखा जबरदस्त स्वैग
ट्रेलर की शुरुआत मुथुवेल पांडियन के रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी से होती है। लेकिन हालात उन्हें एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में लौटने के लिए मजबूर करते हैं। ट्रेलर में रजनीकांत के दमदार डायलॉग, स्टाइल और एक्शन सीक्वेंस फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ाते हैं।

विद्या बालन का दिखा नया अवतार
‘जेलर 2’ में विद्या बालन एक अलग और दमदार अंदाज में नजर आ रही हैं। ट्रेलर में उनका किरदार रहस्यमयी दिखाई देता है। रजनीकांत और विद्या बालन पहली बार एक साथ स्क्रीन शेयर कर रहे हैं, जिसे फिल्म की खासियत माना जा रहा है।

मिथुन चक्रवर्ती और अन्य सितारे भी आए नजर
फिल्म में मिथुन चक्रवर्ती, एसजे सूर्या और सूरज वेंजारामूडू जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं। इसके अलावा ट्रेलर में जैकी श्रॉफ, मोहनलाल और शिवा राजकुमार की मौजूदगी की भी झलक मिलती है।

15 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आएगी फिल्म
‘जेलर 2’ को सन पिक्चर्स ने प्रोड्यूस किया है और संगीत अनिरुद्ध रविचंदर ने दिया है। फिल्म 15 अक्टूबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

ट्रेलर के रिलीज होने के बाद अब रजनीकांत के फैंस को ‘टाइगर मुथुवेल पांडियन’ की बड़े पर्दे पर वापसी का बेसब्री से इंतजार है।

यूपी में बनेगी चीन के यीवू की तर्ज पर इंटरनेशनल ट्रेड सिटी, MSME और ODOP को मिलेगा ग्लोबल बाजार

उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने एक नई इंटरनेशनल ट्रेड सिटी विकसित करने की योजना बनाई है। यह ट्रेड सिटी यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में चीन की प्रसिद्ध यीवू इंटरनेशनल ट्रेड सिटी की तर्ज पर विकसित की जाएगी। YEIDA बोर्ड की बैठक में इस परियोजना की परिकल्पना को मंजूरी दी गई है।

एक ही जगह मिलेगा व्यापार का पूरा प्लेटफॉर्म
प्रस्तावित ट्रेड सिटी को वन-स्टॉप ट्रेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां विभिन्न औद्योगिक उत्पादों के प्रदर्शन, बिक्री और निर्यात के लिए सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इससे प्रदेश के उद्यमियों को देश और विदेश के खरीदारों से सीधे संपर्क बनाने का अवसर मिलेगा।

जेवर एयरपोर्ट से मिलेगी कनेक्टिविटी
ट्रेड सिटी को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और क्षेत्र में विकसित हो रहे एयर कार्गो एवं औद्योगिक ढांचे का लाभ मिलने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के साथ बेहतर कनेक्टिविटी से उत्पादों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

MSME और ODOP उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार
इस परियोजना से उत्तर प्रदेश के MSME और एक जनपद-एक उत्पाद (ODOP) से जुड़े कारोबारियों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। छोटे उद्यमियों को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने, नए खरीदार तलाशने और निर्यात बाजार में प्रवेश करने के लिए एक संगठित मंच मिल सकेगा।

रोजगार और कारोबार के नए अवसर
इंटरनेशनल ट्रेड सिटी के साथ लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, पैकेजिंग, परिवहन, मार्केटिंग और निर्यात सेवाओं जैसे क्षेत्रों में भी गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। सरकार की योजना उत्पादन से लेकर बाजार और निर्यात तक एक व्यापक व्यापारिक इकोसिस्टम तैयार करने की है।

इस परियोजना के जरिए उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और प्रदेश को व्यापार एवं निर्यात के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

इंदौर में 2G-3G सिम पर लगेगा ब्रेक, 20 हजार उपभोक्ताओं को बदलना होगा नेटवर्क; BSNL ने दी अहम जानकारी

शहर में पुरानी 2G और 3G मोबाइल सेवाओं को बंद करने की तैयारी के बीच BSNL ने उपभोक्ताओं के लिए अहम जानकारी साझा की है। रिपोर्ट के मुताबिक, इंदौर में करीब 20 हजार BSNL उपभोक्ताओं को अपने पुराने नेटवर्क से नए नेटवर्क पर शिफ्ट होना पड़ सकता है।

BSNL की ओर से नेटवर्क को आधुनिक बनाने और बेहतर मोबाइल सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसी क्रम में पुराने 2G और 3G नेटवर्क को चरणबद्ध तरीके से बंद कर आधुनिक तकनीक की ओर बढ़ने की तैयारी है।

बताया जा रहा है कि जिन उपभोक्ताओं के पास पुराने सिम कार्ड हैं, उन्हें 4G नेटवर्क के अनुकूल नए सिम में अपग्रेड कराना होगा। BSNL की ओर से उपभोक्ताओं को समय रहते सिम बदलने की सलाह दी जा रही है, ताकि नेटवर्क सेवा में किसी तरह की परेशानी न हो।

पुराने मोबाइल पर भी ध्यान जरूरी
केवल सिम बदलना ही पर्याप्त नहीं होगा। यदि किसी उपभोक्ता का मोबाइल फोन 4G तकनीक को सपोर्ट नहीं करता है, तो उसे भी 4G सपोर्ट वाले हैंडसेट की जरूरत पड़ सकती है। BSNL का लक्ष्य उपभोक्ताओं को बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक नेटवर्क सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

BSNL की इस पहल से इंदौर में मोबाइल नेटवर्क के आधुनिकीकरण को गति मिलने की उम्मीद है। कंपनी की ओर से उपभोक्ताओं को सिम अपग्रेड और नेटवर्क बदलाव से जुड़ी प्रक्रिया के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

शारदीय नवरात्र में राशि के अनुसार करें मां दुर्गा की साधना, जानें किस राशि के लिए कौन-सा स्वरूप शुभ

शारदीय नवरात्रि मां दुर्गा की आराधना का विशेष पर्व माना जाता है। वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी। इन दिनों मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राशि के अनुसार देवी के विशेष स्वरूप की आराधना करने से साधक को विशेष आध्यात्मिक लाभ मिल सकता है।

राशि के अनुसार किस देवी की करें पूजा?

मेष राशि: मां कात्यायनी की आराधना शुभ मानी गई है। इससे साहस, आत्मविश्वास और ऊर्जा को बल मिलने की मान्यता है।

वृषभ राशि: इस राशि के जातक मां महागौरी की पूजा कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं में इनकी साधना को शांति और सकारात्मकता से जोड़ा गया है।

मिथुन राशि: मां स्कंदमाता की उपासना विशेष फलदायी मानी गई है।

कर्क राशि: मां शैलपुत्री की पूजा करने की सलाह दी गई है। मान्यता है कि इससे जीवन में शांति और खुशहाली आती है।

सिंह राशि: मां कूष्मांडा की विधि-विधान से पूजा करना शुभ माना गया है। इसे मानसिक और शारीरिक ऊर्जा से जोड़ा जाता है।

कन्या राशि: मां ब्रह्मचारिणी की आराधना करें। यह स्वरूप धैर्य और तपस्या का प्रतीक माना जाता है।

तुला राशि: मां महागौरी की पूजा करने से सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है।

वृश्चिक राशि: मां कात्यायनी की उपासना को भय और बाधाओं से मुक्ति के लिए शुभ माना गया है।

धनु राशि: मां चंद्रघंटा की आराधना करने की मान्यता है। इससे रुके हुए कार्य पूरे होने की कामना की जाती है।

मकर राशि: मां कालरात्रि की पूजा करें। धार्मिक मान्यताओं में इन्हें नकारात्मकता और भय से रक्षा करने वाली देवी माना जाता है।

कुंभ राशि: मां सिद्धिदात्री की उपासना आध्यात्मिक उन्नति और सुख-शांति के लिए शुभ मानी गई है।

मीन राशि: मां चंद्रघंटा की आराधना करने की सलाह दी गई है। इससे मानसिक शांति और ऊर्जा मिलने की धार्मिक मान्यता है।

लाड़ली बहना 41वीं किस्त पर बड़ा अपडेट! ₹1500 का इंतजार खत्म होने वाला? आधिकारिक पोर्टल के नियम से समझिए पूरी बात

भोपाल। मध्यप्रदेश की करोड़ों बहनों के लिए अक्टूबर का महीना एक बार फिर उम्मीद लेकर आया है। अब नजरें लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त पर हैं। सवाल एक ही है—₹1500 की अगली किस्त बैंक खाते में आखिर कब पहुंचेगी?

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसका जवाब किसी सोशल मीडिया पोस्ट में नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के आधिकारिक पोर्टल के नियम में मिलता है।

10 अक्टूबर क्यों है खास?

आधिकारिक पोर्टल के FAQ में बताया गया है कि जून के बाद योजना की राशि हर महीने की 10 तारीख को ट्रांसफर की जाएगी।

इसी नियम को आधार मानें तो अक्टूबर की 41वीं किस्त के लिए 10 अक्टूबर 2026 सबसे महत्वपूर्ण संभावित तारीख बनती है।

यानी अब महिलाओं की नजरें 10 अक्टूबर पर टिक गई हैं।

हालांकि यहां एक जरूरी सावधानी है—5 अक्टूबर 2026 तक आधिकारिक पोर्टल पर 41वीं किस्त के लिए अलग से अंतिम भुगतान तारीख घोषित नहीं की गई है। इसलिए 10 अक्टूबर को निश्चित भुगतान तारीख बताना अभी सही नहीं होगा।

खाते में कितने रुपए आएंगे?

योजना के तहत वर्तमान में पात्र महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह की सहायता राशि दी जा रही है। पात्रता बरकरार रहने पर अक्टूबर की 41वीं किस्त में भी ₹1500 मिलने की उम्मीद है।

कहीं आपकी किस्त अटक तो नहीं जाएगी?

लाड़ली बहना योजना की राशि सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार लाभ के लिए आधार लिंक बैंक खाता और DBT सक्रिय होना महत्वपूर्ण है।

इसलिए किस्त का इंतजार करने से पहले महिलाएं अपनी बैंक और DBT स्थिति जरूर जांच लें।

ऐसे चेक करें किस्त का स्टेटस

आधिकारिक लाड़ली बहना पोर्टल पर जाकर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” विकल्प में अपनी जानकारी देखकर भुगतान की स्थिति जांची जा सकती है।

10 अक्टूबर 2026 को लेकर उम्मीद इसलिए है क्योंकि आधिकारिक योजना नियम में हर महीने की 10 तारीख को राशि ट्रांसफर करने का प्रावधान बताया गया है। लेकिन 41वीं किस्त की अंतिम तारीख की आधिकारिक घोषणा का इंतजार अभी बाकी है।

महिलाओं को सलाह है कि किसी भी वायरल मैसेज के बजाय मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के आधिकारिक पोर्टल पर ही भुगतान से जुड़ा अपडेट देखें।

उत्तर प्रदेश Social Welfare योजनाएं 2026: पेंशन, छात्रवृत्ति और सरकारी योजनाओं की जानकारी

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पेंशन, छात्रवृत्ति, महिला कल्याण, दिव्यांगजन सहायता और गरीब परिवारों के लिए प्रमुख सरकारी योजनाओं की संक्षिप्त जानकारी

उत्तर प्रदेश में सामाजिक कल्याण योजनाओं का दायरा वृद्धजन और महिलाओं की पेंशन से लेकर दिव्यांगजन सहायता, छात्रवृत्ति, बालिका कल्याण, विवाह अनुदान और गरीब परिवारों की आर्थिक मदद तक फैला है। 2026-27 के बजट में इन वर्गों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।

वृद्धावस्था पेंशन

पात्र वरिष्ठ नागरिकों को ₹1,000 प्रतिमाह की दर से वृद्धावस्था/किसान पेंशन दी जा रही है। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार लगभग 67.50 लाख लाभार्थी इससे जुड़े हैं। Family ID के माध्यम से पात्र लोगों की पहचान कर उन्हें योजना से जोड़ने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।

निराश्रित महिला पेंशन

निराश्रित और विधवा महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने वाली इस योजना में 2025-26 तक 38.58 लाख से अधिक लाभार्थी बताए गए हैं। 2026-27 में इसके लिए लगभग ₹3,500 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है।

दिव्यांगजन कल्याण

पात्र दिव्यांगजनों को ₹1,000 प्रतिमाह की पेंशन दी जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 11 लाख से अधिक दिव्यांगजन इसका लाभ ले रहे हैं। 2026-27 में दिव्यांगजन सशक्तिकरण के लिए लगभग ₹2,140 करोड़ प्रस्तावित हैं।

राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना

परिवार के कमाऊ सदस्य की मृत्यु के बाद आर्थिक संकट झेलने वाले पात्र गरीब परिवारों को इस योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जाती है। 2024-25 में 1,12,875 परिवारों को सहायता मिलने की सरकारी जानकारी है।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना

गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह में सहायता के लिए संचालित इस योजना में 2024-25 में 95,448 जोड़ों का विवाह कराया गया। 2026-27 के बजट में सहायता राशि को ₹1.01 लाख करने और योजना के लिए ₹750 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना

बालिका के जन्म और शिक्षा के विभिन्न चरणों में सहायता देने वाली इस योजना के लिए 2026-27 में ₹400 करोड़ प्रस्तावित हैं। पात्र परिवार की वार्षिक आय सामान्यतः ₹3 लाख तक होनी चाहिए।

छात्रवृत्ति और शिक्षा

सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की व्यवस्था है। 2026-27 में प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं।

क्षेत्र 2026-27 प्रस्तावित प्रावधान
अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति ₹977 करोड़
सामान्य वर्ग छात्रवृत्ति ₹950 करोड़
पिछड़ा वर्ग छात्रवृत्ति ₹3,060.50 करोड़
पिछड़ा वर्ग कल्याण ₹3,402 करोड़

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निःशुल्क ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी का अवसर देना है।

सर्वोदय विद्यालय और वृद्धाश्रम

कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए प्रदेश में 101 सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं। वहीं निराश्रित वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रदेश के 75 जिलों में वृद्धाश्रम व्यवस्था उपलब्ध है।

Family ID से Social Welfare व्यवस्था में बदलाव

उत्तर प्रदेश में Family ID के जरिए पात्र परिवारों और व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इससे लाभार्थी सत्यापन, DBT और योजनाओं की लक्षित पहुंच को बेहतर बनाने का प्रयास है।

निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश की Social Welfare व्यवस्था अब केवल पेंशन तक सीमित नहीं है। इसमें सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, दिव्यांगजन सहायता, शिक्षा, बालिका कल्याण और गरीब परिवारों की आर्थिक मदद को शामिल किया गया है। Family ID और DBT जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं के जरिए योजनाओं को पात्र लाभार्थियों तक अधिक लक्षित तरीके से पहुंचाने की दिशा में काम हो रहा है।
महत्वपूर्ण सूचना: बजट में प्रस्तावित राशि और वास्तविक व्यय अलग हो सकते हैं। किसी योजना की पात्रता, राशि या आवेदन प्रक्रिया में बदलाव संभव है। आवेदन से पहले संबंधित विभाग के आधिकारिक पोर्टल से नवीनतम जानकारी अवश्य जांचें।

3 साल में नशामुक्त होगा मध्य प्रदेश, सरकार का बड़ा प्लान; 10 नए थाने और विशेष कोर्ट होंगे

मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए व्यापक अभियान चलाने का फैसला किया है। सरकार ने अगले तीन वर्षों में राज्य को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए नशे के अवैध कारोबार पर कार्रवाई के साथ-साथ निगरानी और कानूनी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

सरकार की योजना के तहत प्रदेश में 10 नए एंटी नारकोटिक्स थाने स्थापित किए जाएंगे। इन थानों के माध्यम से मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जाएगा। इसके साथ ही मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए विशेष अदालतों की व्यवस्था भी किए जाने की तैयारी है।

नशे के नेटवर्क को खत्म करने के लिए विशेष टास्क फोर्स को भी मजबूत किया जाएगा। पुलिस और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन तक पहुंचने और बड़े तस्करों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर रहेगा।

सरकार का फोकस केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। युवाओं को नशे से दूर रखने, जागरूकता बढ़ाने और नशे की गिरफ्त में आए लोगों के पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि नशामुक्ति के लिए प्रशासनिक कार्रवाई के साथ सामाजिक भागीदारी भी जरूरी है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार ने अधिकारियों को नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने और तय समयसीमा में लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए हैं। अब आने वाले तीन वर्षों में इस अभियान की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।

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