20 साल बाद भारत को मिली कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी

20 साल बाद भारत को मिली कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी
भारत 20 साल के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स जनरल असेंबली में अहमदाबाद शहर को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के आयोजन को मंजूरी मिली। CWG 2030 की बोली में भारत का मुकाबला नाइजीरिया के अबुजा से था, लेकिन कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने अफ्रीकी देश को 2034 एड‍िशन के लिए विचार में रखने का फैसला किया। आपको बता दें कि भारत ने पिछली बार 2010 में दिल्ली में इन खेलों की मेजबानी की थी। तब भारतीय खिलाड़ियों ने 38 गोल्ड समेत कुल 101 मेडल जीते थे।

कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने कहा, यह कॉमनवेल्थ गेम्स के नए सुनहरे दौर की शुरुआत है। भारत व्यापकता, युवा ऊर्जा, महत्वाकांक्षा, समृद्ध संस्कृति, अपार खेल जुनून और प्रासंगिकता लेकर आता है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि 2034 गेम्स और उससे आगे की मेजबानी को लेकर कई देशों की रुचि है।”
ओलंपिक की दावेदारी होगी मजबूत

अहमदाबाद को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मंजूरी मिलने के बाद भारत की ओलंपिक गेम्स 2036 की मेजबानी की दावेदारी मजबूत होगी। भारत ओलंपिक गेम्स 2036 की तैयारी में जुटा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से इसका ऐलान किया था। भारत ने पिछले साल नवंबर में ओलंपिक गेम्स 2036 की मेजबानी हासिल करने के लिए दावेदारी पेश की थी।

कॉमनवेल्थ गेम्स का इतिहास
कॉमनवेल्थ गेम्स एक मल्टी स्पोर्ट्स अंतरराष्ट्रीय आयोजन है। इसमें ब्रिटिश शासन के अधीन रह चुके देशों के खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। इसमें 54 सदस्य देश है। इस गेम्स की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन शहर में हुई थी। इसे पहले ब्रिटिश एम्पायर गेम्स कहा जाता था, जिसका नाम 1978 में बदलकर कॉमनवेल्थ गेम्स किया गया। अहम बात यह है कि 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स के 100 साल पूरे होंगे।

राज्य स्तरीय आवास मेला–2025 में बंपर हुई बुकिंग

राज्य स्तरीय आवास मेला–2025 में बंपर हुई बुकिंग
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय आवास मेला 2025 नागरिकों के लिए किसी बड़े उत्सव से कम साबित नहीं हुआ।

इस आवास मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गत दिवस किया था। इस दौरान उन्होंने कहा था कि हाउसिंग बोर्ड द्वारा राज्यभर के विभिन्न आवासीय विकल्पों को एक छत के नीचे उपलब्ध कराना ऐतिहासिक कदम है।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने इसे मुख्यमंत्री की ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि भविष्य में उन्हें “आवास वाले बाबा” के नाम से जाना जाएगा।

पिछले एक वर्ष में ऐतिहासिक बिक्री—आवास मंत्री ओ.पी. चौधरी
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने बताया कि शासन के नीतिगत निर्णयों के कारण हाउसिंग बोर्ड ने केवल एक वर्ष में 700 करोड़ रुपये की संपत्ति बेचकर इतिहास रच दिया है, जो पिछले पाँच वर्षों के मुकाबले कई गुना अधिक है। उन्होंने बताया कि नई नीति के तहत प्रोजेक्ट तभी शुरू होंगे जब तीन माह में 10 प्रतिशत बुकिंग या एकमुश्त 60 प्रतिशत बुकिंग प्राप्त होगी।

मेला परिसर पहले दिन से ही हजारों लोगों की भीड़ से गुलजार रहा। विभिन्न जिलों के किफायती और प्रीमियम आवासीय परियोजनाओं की जानकारी लेने और ऑन-द-स्पॉट बुकिंग कराने लोगों का उत्साह लगातार बना रहा। मेले की सबसे बड़ी आकर्षण रही केवल 1% राशि पर बुकिंग करने की सुविधा, तत्काल बैंक लोन उपलब्धता और प्रतिदिन आयोजित होने वाले लकी ड्रॉ। इन आकर्षक ऑफर्स ने न सिर्फ खरीदारों में उत्साह बढ़ाया बल्कि बुकिंग के रिकॉर्ड भी तोड़ दिए।

तीन दिनों में 879 आवासों की बंपर बुकिंग
तीन दिवसीय मेले में 188 करोड़ रुपये के 879 आवासों की ऑन-द-स्पॉट बुकिंग हुई, जो हाउसिंग बोर्ड की अब तक की सबसे सफल उपलब्धियों में से एक है। तीसरे दिन 25 नवंबर को तो मेला अपने चरम पर पहुंच गया। रायगढ़, जशपुर, कोरबा, कांकेर, दंतेवाड़ा, बीजापुर और जगदलपुर जैसी जगहों के प्रोजेक्ट्स में भारी बुकिंग दर्ज की गई।

रायपुर और नवा रायपुर के प्रमुख प्रोजेक्ट—कबीर नगर, भुरकोनी, बोरियाकला, पिरदा, सेजबहार, नरदहा और अटल नगर सेक्टर-12 फेस-2 सहित मुख्यमंत्री–प्रधानमंत्री आवास योजना के आवासों में भी जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली।

समापन अवसर पर कृषि मंत्री ने की सराहना
मेले के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड का यह प्रयास नागरिकों के सपनों को साकार करने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।

मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड की 2060 करोड़ रुपये की नई आवासीय परियोजनाएँ राज्य में आवास विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी। उन्होंने कहा कि 26 नवंबर को भी मेला स्थल पर संपत्तियों की जानकारी और स्पॉट बुकिंग सुविधा जारी रहेगी।

साथ ही गोंडवाना राष्ट्रीय आजीविका एवं सांस्कृतिक कला महोत्सव 2025 (बीटीआई ग्राउंड, रायपुर) में भी 14 दिसंबर तक हाउसिंग बोर्ड का विशेष स्टॉल संचालित होगा l उन्होंने यह भी घोषणा की कि भारी मांग को देखते हुए 1% बुकिंग ऑफर को 30 नवंबर तक बढ़ा दिया गया है।

हाउसिंग बोर्ड आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने बताया कि आवंटी पोर्टल और चैटबॉट के माध्यम से प्रक्रियाओं को और पारदर्शी, सरल एवं तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में 26 जिलों में 55 नई परियोजनाएं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी की जाएंगी,जिससे राज्य में आवास उपलब्धता और बढ़ेगी।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां

मेले के तीसरे दिन इंडियन रोलर बैंड और गायक–अभिनेता सुनील तिवारी की मंच प्रस्तुति ने दर्शकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। दूसरे दिन कलिंगा बैंड और लोकगायिका आरू साहू की प्रस्तुति ने आकर्षण बढ़ाया।

उद्घाटन दिवस पर खैरागढ़ यूनिवर्सिटी के छात्रों और बॉलीवुड गायक विनोद राठौर की परफॉरमेंस ने उद्घाटन समारोह को यादगार बना दिया।

लकी ड्रॉ ने बढ़ाया उत्साह
मेले में प्रतिदिन टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन, मिक्सर–ग्राइंडर, प्रेस जैसे पुरस्कार प्रदान किए गए। जबकि बंपर पुरस्कार में मारुति स्विफ्ट कार, होंडा शाइन बाइक एवं होंडा एक्टिवा शामिल रहे।

पहले दिन 55 नई परियोजनाओं का शुभारंभ
प्रदेश के 22 जिलों में 2060 करोड़ रुपये की 55 नई परियोजनाओं का शुभारंभ, आवंटी पोर्टल एवं व्हाट्सएप चैटबॉट का लॉन्च, लाभार्थियों को मकानों की चाबियों एवं फ्रीहोल्ड सर्टिफिकेट वितरण जैसे कार्यक्रमों ने पहले दिन ही मेले को खास बना दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुपालन और डेयरी विभाग की समीक्षा की

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पशुपालन और डेयरी विभाग की समीक्षा की
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में गोपालन को बढ़ावा देने के कार्य निरंतर संचालित किए जाएं। दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या में निरंतर वृद्धि होना चाहिए। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन दोगुना करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पशुपालन और डेयरी विभाग सभी कार्य सुनिश्चित करें। गत दो वर्ष में डेयरी विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां भी अर्जित हुई हैं। इन्हें निरंतर कायम रखा जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी उमाकांत उमराव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में एक वर्ष में करीब 1000 नई दुग्ध सहकारी समितियां गठित की गई हैं। साथ ही 585 निष्क्रिय समितियों को गतिशील बनाया गया है।

पशु चिकित्सा कार्य को दें प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पशु चिकित्सा एक महत्वपूर्ण आयाम है, इसकी अवहेलना नहीं होना चाहिए। पशु चिकित्सा सेवाओं का विस्तार आवश्यक है। राज्य के पशुधन के मान से चिकित्सक और सेवा भावी स्टॉफ की व्यवस्था से युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में वर्तमान में कार्यरत पशु चिकित्सालयों और पशु औषधालयों की जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि प्रदेश में 1065 पशु चिकित्सालय स्थापित हैं।

700 पदों पर नियुक्ति शीघ्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिक्त पदों की पूर्ति शीघ्र करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि लोकसेवा आयोग द्वारा शीघ्र ही 200 पशु चिकित्सकों के चयन की कार्यवाही पूर्ण की जा रही है। इसी तरह कर्मचारी चयन मंडल ने 500 सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों के पदों की पूर्ति के लिए परिणाम घोषित किए हैं। इनकी पदस्थापना भी शीघ्र हो जाएगी। आगामी वर्ष 735 पशु चिकित्सालय स्थापित करने की प्रक्रिया भी संचालित है। बताया गया कि प्रदेश में गौशालाओं को प्रति गाय 20 रुपए के स्थान पर 40 रुपए राशि दी जा रही है। प्रदेश में दुग्ध संघों द्वारा पशुपालकों से खरीदे गए दूध पर प्रति लीटर ढाई रुपए से लेकर साढ़े आठ रुपए तक वृद्धि की गई है। दुग्ध उत्पादकों को दूध के मूल्य के नियमित और समय पर भुगतान के लिए समय- सीमा निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि गाय के दूध से निर्मित घी, गौ काष्ठ और गौ मूत्र जैसे पदार्थों के विक्रय की बेहतर व्यवस्था बनाई जाए।

सहकार्यता अनुबंध के बाद बनी मैनेजमेंट कमेटी
बैठक में जानकारी दी गई कि गत 13 अप्रैल 2025 को मध्यप्रदेश शासन, एमपी स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन, संबंद्ध दुग्ध संघों और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के बीच सहकार्यता अनुबंध हुआ है। इसके परिपालन में दुग्ध संघों में मैनेजमेंट कमेटी का गठन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित स्टीयरिंग कमेटी में डेयरी डेवलपमेंट प्लान शीघ्र प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन उद्यमिता विकास कार्यक्रम में मध्यप्रदेश तृतीय स्थान पर रहा है। इसी तरह पशुपालन से जुड़े किसानों को क्रेडिट कार्ड प्रदान करने के कार्य में भी मध्यप्रदेश देश में तृतीय स्थान पर है।

बैठक में राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, राष्ट्रीय पशुधन मिशन, चलित पशु चिकित्सा इकाइयों के दायित्वों, आर्चा विद्यासागर गौ संवर्धन योजना, मुख्यमंत्री डेयरी प्लस योजना, टीकाकरण कार्य, हिरण्यगर्भा अभियान, दुग्ध समृद्धि सम्पर्क अभियान, क्षीर धारा ग्राम योजना स्वावलंबी योजना और कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता पुरस्कार योजना के संबंध में चर्चा हुई।

विवाद के बाद आईएएस संतोष वर्मा ने मांगी माफी

विवाद के बाद आईएएस संतोष वर्मा ने मांगी माफी
ब्राह्मण की बेटी वाले विवाद को लेकर आईएएस संतोष वर्मा ने माफी मांग ली है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मेरा मकसद पॉलिटिकल हंगामा खड़ा करना नहीं था। अजाक्स में मेरा मुख्य मुद्दा था कि आर्थिक और सामाजिक आधार पर आरक्षण होना चाहिए। इसी मुद्दे पर हमलोग अपने-अपने विचार रख रहे थे।

किसी समाज के प्रति दुर्भवना नहीं है
उन्होंने कहा कि चर्चा के दौरान कुछ लोग कह रहे थे कि जिन घरों में लोग आईएएस बन जाएं, वह आरक्षण के पात्र नहीं हो। इस पर मेरा कहना था कि मैं सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो गया हूं तो मेरे बेटे-बेटियों की शादी उच्च जातियों में होनी चाहिए। आईएएस संतोष वर्मा ने कहा कि उसमें से एक लाइन काटकर लोगों ने इसे गलत तरीके से प्रचारित कर दिया। मेरा सभी समुदाय के लोगों से यही कहना है कि हमारा किसी समाज के प्रति दुर्भावना नहीं है।

बहन-बेटियों को आहत नहीं करना चाहते
संतोष वर्मा ने कहा कि हम किसी समाज की बहन-बेटियों को आहत नहीं करना चाहते हैं। हमारे बारे में जो भी बात फैलाई गई और उससे जो लोग आहत हुए हैं। उसके लिए मैं तहे दिल से खेद व्यक्त करता हूं। संतोष वर्मा का कहना है कि संगठन के अंदर के लोगों ने ही इसे भेजा था।

वहीं, संतोष वर्मा ने कहा कि संगठन में असली-नकली की भी लड़ाई है। ये सारी बातें वही लोग फैला रहे हैं। मैंने अपनी बात में कन्यादान शब्द का इस्तेमाल किया था। वह दान नहीं था। मैंने किसी समाज विशेष पर कोई गलत टिप्पणी नहीं की है।

गौरतलब है कि अजाक्स के प्रांत अध्यक्ष संतोष वर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें वह कह रहे थे कि जब तक मेरे बेटे की शादी ब्राह्मण की बेटी से न हो और संबंध न बने, तब तक आरक्षण जारी रहे। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया था।

मुख्यमंत्री ने सुनी किसानों की समस्याएं, लॉन में बैठकर लिया गन्ने का स्वाद

मुख्यमंत्री ने सुनी किसानों की समस्याएं, लॉन में बैठकर लिया गन्ने का स्वाद
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को हरिद्वार से आए गन्ना किसानों ने मुलाकात की। किसानों ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना का समर्थन मूल्य घोषित करने सहित अन्य मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर किसानों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को गन्ना भी दिया, मुख्यमंत्री ने किसानों के साथ ही धूप के बीच लॉन में ही बैठकर ही गन्ना का स्वाद लिया, साथ ही किसानों की मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया।

मुख्यमंत्री ने लॉन में बैठकर ही किसानों की मांगों को सुनते हुए, गन्ना मूल्य सहित अन्य सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने किसानों के साथ जमीन पर बैठक गन्ना का स्वाद।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले मिनी ब्राजील (विचारपुर) के होनहार फुटबॉल खिलाड़ी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले मिनी ब्राजील (विचारपुर) के होनहार फुटबॉल खिलाड़ी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शहडोल के ग्राम विचारपुर के फुटबॉल खिलाड़ियों ने मंगलवार को मंत्रालय में भेंट की। खिलाड़ियों के साथ उनके जर्मन प्रशिक्षक डाइटमर बायर्सडार्फर, मैनुअल शेफ़र और खेल संचालक राकेश गुप्ता भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समस्त खिलाड़ियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई और भावी स्पर्धाओं में सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दोनों अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षकों का स्वागत किया।

शहडोल जिले के ग्राम विचारपुर को मिनी ब्राज़ील की संज्ञा दी गई है। यह खिलाड़ी हाल ही में जर्मनी की अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण यात्रा से लौटे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने “मन की बात” कार्यक्रम में भी शहडोल जिले के खिलाड़ियों की प्रशंसा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेल विभाग को निर्देश दिए थे कि विचारपुर अर्थात मिनी ब्राजील के फुटबाल खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए जर्मन यात्रा पर भेजा जाए। इसके लिए खेल विभाग और भारतीय दूतावास द्वारा आवश्यक वित्तीय और प्रशासन व्यवस्थाएं की गईं। खिलाड़ियों को फुटबॉल किट, स्पोर्ट्स शूज़ उपलब्ध करवाने के साथ ही उनका फिटनेस मूल्यांकन और मेडिकल परीक्षण करवाकर विदेश यात्रा के पूर्व प्रशिक्षण सत्रों का संचालन किया गया।

खिलाड़ियों ने बताए जर्मनी यात्रा के अनुभव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को शहडोल जिले के विचारपुर के फुटबॉल खिलाड़ियों ने 4 से 12 अक्टूबर तक जर्मनी में प्राप्त प्रशिक्षण के अनुभव शेयर किये। जर्मनी से 14 अक्टूबर को भोपाल पहुंचने पर खिलाड़ियों का स्वागत भी हुआ। इस सप्ताह जर्मन फुटबॉल कोच डाइटमर बायर्सडार्फर और मैनुअल शेफ़र विचारपुर पहुंचे। दोनों कोच खिलाड़ियों के परिवार-जन से भी मिले। जर्मन प्रशिक्षकों द्वारा भोपाल के तात्या टोपे नगर स्टेडियम में फुटबॉल खिलाड़ियों से भी मुलाकात की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर एसपी रायसेन को किया पुलिस मुख्यालय अटैच

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर एसपी रायसेन को किया पुलिस मुख्यालय अटैच
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार की शाम पुलिस मुख्यालय पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर हुई आपराधिक घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा की और किसी भी आपराधिक तत्व को न छोड़ने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन जिले में हुई अपराधिक घटना के मामले में गिरफ़्तारी की कार्यवाही न होने पर अप्रसन्नता ज़ाहिर की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंडीदीप में चक्का जाम पर पुलिस की कार्रवाई पर नाराज़गी ज़ाहिर की। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधीक्षक रायसेन को मुख्यालय अटैच करने के निर्देश और मिसरोद थाना प्रभारी को हटाने के निर्देश दिये। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की तलाश जारी है और शीघ्र उसे गिरफ्तार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश

पुलिस सड़कों पर उतरे।

किसी अपराधी को छोड़े नहीं, कठोर कार्रवाई करें।

नियमित गश्त और पेट्रोलिंग बढ़ायें।

अपराधियों के प्रति ढिलाई किसी हालत में बर्दाश्त नहीं होगी।

निरीक्षण करें, लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ करें कारवाई।

बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना सहित एडीजी इन्टेलीजेंस, पुलिस कमिश्नर भोपाल और अधिकारी उपस्थित रहे।

दिवंगत निरीक्षक स्व. शर्मा के परिजन को 1 करोड़ रुपये आर्थिक सहायता की स्वीकृति

दिवंगत निरीक्षक स्व. शर्मा के परिजन को 1 करोड़ रुपये आर्थिक सहायता की स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पुलिस-नक्सल मुठभेड़ मे 19 नवम्बर 2025 को वीरगति को प्राप्त हुए निरीक्षक (विशेष सशस्त्र बल) श्री आशीष शर्मा, हॉक फोर्स बालाघाट के परिजन को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की स्वीकृति प्रदान की गयी है। साथ ही उनके छोटे भाई श्री अंकित शर्मा को जिला पुलिस बल में उप निरीक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है।

दिवंगत निरीक्षक आशीष शर्मा अत्यंत होनहार, प्रतिभाशाली और साहसी थे। उन्हें 2 बार राष्ट्रपति द्वारा वीरता पदक से सम्मानित किया गया था। इसके पहले वर्ष 2021 में मुख्यमंत्री के द्वारा आंतरिक सेवा पदक और 2023 में दुर्गम सेवा पदक प्रदान किया गया था। साथ ही राज्य शासन द्वारा वर्ष 2023 मे आउट ऑफ प्रमोशन दिया गया। मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे मातरम गान के साथ शुरू हुई।

नगरीय निकायों के अध्यक्ष पद के निर्वाचन संबंधी विधेयक विधानसभा में प्रस्तुत किये जाने की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पद का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा कराए जाने संबंधी विधेयक को विधानसभा में प्रस्तुत किये जाने की स्वीकृति दी गयी है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में वर्ष 1999 से 2014 तक नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पद का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा कराए जाते रहें है। वर्ष 2022 में नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पद का चुनाव अप्रत्यक्ष प्रणाली से वार्डों के निर्वाचित पार्षदों के द्वारा कराए गए। महापौर का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं द्वारा कराया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ देश का सबसे भरोसेमंद और तेज़ी से उभरता औद्योगिक गंतव्य- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छत्तीसगढ़ देश का सबसे भरोसेमंद और तेज़ी से उभरता औद्योगिक गंतव्य- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
राजधानी दिल्ली आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ को अभूतपूर्व निवेश प्रस्ताव मिले। स्टील, ऊर्जा और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियों ने राज्य में उद्योग स्थापित करने, क्षमता विस्तार, होटल निर्माण और वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट के लिए रुचि दिखाई। कार्यक्रम में शामिल कंपनियों ने कुल 6321.25 करोड़ के औद्योगिक निवेश और 505 करोड़ का पर्यटन निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन परियोजनाओं से आगामी वर्षों में 3,000 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इस निवेश प्रस्ताव के साथ अब तक छत्तीसगढ़ को कुल 7.90 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं।

दिल्ली स्थित होटल द ललित में आज आयोजित कार्यक्रम में स्टील और टूरिज़्म सेक्टर को केंद्र में रखते हुए नए निवेश अवसरों पर फोकस किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उद्योग जगत के प्रमुख निवेशकों, विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की एवं स्टील और टूरिज़्म सेक्टर की कई कंपनियों को निवेश प्रस्ताव पत्र सौंपे।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, भारत सरकार के केमिकल और उर्वरक मंत्रालय के सचिव अमित अग्रवाल, इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंडरिक भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों को निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आज देश के सबसे भरोसेमंद, स्थिर और तेज़ी से उभरते हुए औद्योगिक गंतव्यों में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऊर्जा, खनिज, सक्षम मानव संसाधन और निवेशक-हितैषी नीति का ऐसा संयोजन मौजूद है, जो किसी भी उद्योग के लिए अत्यंत उपयुक्त वातावरण तैयार करता है।
उन्होंने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम के तहत अनुमतियाँ अब पहले की तुलना में अधिक तेज़ी और पारदर्शिता के साथ जारी हो रही हैं। छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाना आज पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है। राज्य में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, टिन, लिथियम जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की उपस्थिति बड़े औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्र के लिए वरदान है। उन्होंने कहा कि हाल ही में आयोजित ‘एनर्जी समिट’ में राज्य को साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और कई परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ भी हो चुका है।

मुख्यमंत्री साय ने स्टील सेक्टर का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देश का स्टील हब है, जहां भिलाई स्टील प्लांट, नगरनार स्टील प्लांट और एमएसएमई आधारित स्टील इकाइयां राज्य की औद्योगिक पहचान को मजबूती प्रदान कर रही हैं। उन्होंने कहा भिलाई स्टील प्लांट पिछले 70 वर्षों से देश की औद्योगिक प्रगति का स्तंभ रहा है और इसकी उपस्थिति ने स्टील आधारित उद्योगों का प्राकृतिक इकोसिस्टम तैयार किया है। ग्रीन स्टील और नवीकरणीय ऊर्जा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य राज्य के लिए नए अवसर लेकर आया है और छत्तीसगढ़ इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

टूरिज़्म सेक्टर पर बात करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बस्तर आज बहुत बदल रहा है। नक्सल हिंसा में कमी आई है, सड़कें, इंटरनेट और सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हुई है। उन्होंने कहा कि बस्तर अब निवेश और पर्यटन दोनों का नया केंद्र बन रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि 26 मार्च 2026 तक बस्तर पूरी तरह नक्सल-मुक्त हो जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है और राज्य सरकार होम-स्टे नीति, ट्राइबल टूरिज्म व सस्टेनेबल टूरिज्म पर फोकस कर रही है।

इस अवसर पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव रोहित यादव, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, संचालक प्रभात मलिक, सीएसआईडीसी के महाप्रबंधक विश्वेश कुमार, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर मती ऋतु सेन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ को मिले प्रमुख निवेश प्रस्ताव
– ग्रीन एनर्जी इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने कचरे से बिजली उत्पादन करने वाले 50 मेगावॉट के वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की स्थापना के लिए ₹3,769 करोड़ का निवेश प्रस्तावित किया है, जिससे 150 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ में कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

– आरती कोटेड स्टील द्वारा 315 करोड़ निवेश प्रस्ताव दिया गया है, एवं 550 रोजगार सृजन की संभावना है।

– एसडीआरएम मेटैलिक्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्टील प्लांट एवं पावर यूनिट के लिए ₹195.75 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है, जिससे रोजगार 492 रोजगार सृजन की संभावना है।

– आरएसएलडी बायोफ्यूल प्राइवेट लिमिटेड, चंडीगढ़ द्वारा इथेनॉल प्लांट हेतु ₹200 करोड़ का निवेश प्रस्ताव दिया है, एवं 213 रोजगार सृजन की संभावना है।

– जे.के. लक्ष्मी सीमेंट, राजस्थान द्वारा क्षमता विस्तार हेतु 1816.5 करोड़ से अधिक निवेश प्रस्ताव, 110 रोजगार सृजन

– अरमानी ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज़, रायपुर द्वारा मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण निर्माण हेतु ₹25 करोड़ का प्रस्ताव, जिससे 200 युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा।

पर्यटन क्षेत्र में मिले 505 करोड़ के निवेश प्रस्ताव

– मार्स विवान प्राइवेट लिमिटेड, रायपुर द्वारा 217 कमरों वाले होटल के लिए ₹220 करोड़ निवेश इससे 522 लोगों को रोजगार प्राप्त होगी।

– हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट, तेलंगाना द्वारा वेलनेस रिसॉर्ट एवं शिक्षा केंद्र हेतु ₹200 करोड़ निवेश

– विद्या इन, जशपुर द्वारा 52 कमरों के होटल हेतु ₹25 करोड़ निवेश

– पीएसए रिज़ॉर्ट, जगदलपुर द्वारा 150 कमरों के एडवेंचर होटल एवं रिसॉर्ट हेतु ₹60 करोड़ निवेश, जिससे बस्तर में पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी। इससे 200 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

दिल्ली में शुरू हुआ ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ सम्मेलन

दिल्ली में शुरू हुआ ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ सम्मेलन
छत्तीसगढ़ सरकार का महत्वपूर्ण निवेशक सम्मेलन छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट आज नई दिल्ली में प्रारम्भ हो गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पहुँचे और उन्होंने उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों से मुलाक़ात का क्रम प्रारंभ कर दिया है।

इस आयोजन में स्टील क्षेत्र, पर्यटन उद्योग और अन्य प्रमुख सेक्टरों के नामी उद्योगपति तथा विभिन्न कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हो रहे हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य देश भर के निवेशकों के समक्ष छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, उभरते अवसरों और निवेश–अनुकूल वातावरण को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करना है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय निवेशकों से सीधे संवाद कर रहे हैं तथा उन्हें राज्य में उद्योग स्थापित करने के लिए उपलब्ध सुविधाओं, स्थिर एवं पारदर्शी नीति, तेज़ी से विकसित होते इंफ्रास्ट्रक्चर तथा सरल और समयबद्ध प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से अवगत करा रहे हैं।

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