भारत-श्रीलंका के 8 वेन्यू पर होंगे 55 मैच
आईसीसी मेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। श्रीलंका और भारत की संयुक्त मेजबानी में टूर्नामेंट का आगाज 7 फरवरी से होगा और 8 मार्च को फाइनल मुकाबला खेला जाएगा। इस वर्ल्ड कप में 20 टीमों को चार ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप में 5-5 टीमें हैं। ग्रुप-ए में भारत, पाकिस्तान, यूएसए, नामीबिया और नीदरलैंड हैं। ग्रुप-ए में मौजूद भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को महामुकाबला खेला जाना है। टूर्नामेंट के ग्रुप-बी में ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, जिम्बाब्वे, आयरलैंड और ओमान हैं। ग्रुप-सी में इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, इटली, बांग्लादेश और नेपाल हैं, जबकि ग्रुप डी में दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, अफगानिस्तान, यूएई और कनाडा हैं। टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका में 7 शहरों के 8 वेन्यू पर खेला जाएगा। टूर्नामेंट में 29 दिन में 55 मुकाबले खेले जाएंगे।
भारत-श्रीलंका के 8 वेन्यू पर होंगे 55 मैच
रोहित शर्मा को टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए मिली बड़ी जिम्मेदारी
रोहित शर्मा को टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए मिली बड़ी जिम्मेदारी
भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में अगले साल आईसीसी मेंस टी-20 वर्ल्ड कप का आयोजन होना है। इस टूर्नामेंट के लिए 2024 टी-20 वर्ल्ड कप विजेता भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा को ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है। अगले साल यह टूर्नामेंट 7 फरवरी से 8 मार्च तक खेले जाएंगे। टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका में 7 शहरों के 8 वेन्यू पर होगा। भारत के पांच वेन्यू पर टूर्नामेंट के मुकाबले खेले जाएंगे। भारत में अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम, चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम, कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम, दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम और मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में टूर्नामेंट के मुकाबले खेले जाएंगे। श्रीलंका में तीन जगहों पर आईसीसी मेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के मुकाबले खेले जाएंगे। श्रीलंका में आर प्रेमदासा स्टेडियम (कोलंबो), सिंहली स्पोर्ट्स क्लब (कोलंबो) और पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम (कैंडी) में टूर्नामेंट के मुकाबले खेले जाएंगे।
आईसीसी मेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में 29 दिन में 55 मैच खेले जाएंगे। भारत और पाकिस्तान बीच ग्रुप स्टेज का मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो में होगा। यदि पाकिस्तान नॉकआउट राउंड में एंट्री करता है तो मैच श्रीलंका में होंगे।
मेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 टूर्नामेंट में 20 टीमों को चार ग्रुप में विभाजित किया गया है। हर ग्रुप में पांच टीमें हैं। ग्रुप की हर टीम एक-दूसरे से एक-एक मैच खेलेगी। प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सुपर-8 में प्रवेश करेंगी, जिन्हें दो ग्रुप में बांटा जाएगा। सुपर-8 के दोनों ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल में जीतने वाली टीमों के बीच फाइनल मुकाबला खेला जाएगा।
‘नया भारत न डरता है, न झुकता है’ – PM मोदी
‘नया भारत न डरता है, न झुकता है’ – PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में गुरु तेग बहादुर जी को याद करते हुए कहा कि भारत शांतिप्रिय देश है, यह ‘अहिंसा परमो धर्मः’ की भूमि है, लेकिन भारत अपनी रक्षा करना भी अच्छी तरह जानता है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए दुश्मनों को कड़ा संदेश दिया कि अब भारत न झुकेगा, न डरेगा और हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा। प्रधानमंत्री कुरुक्षेत्र में श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह ‘हिंद दी चादर’ में शामिल होने पहुंचे थे।
समारोह ‘हिंद दी चादर’ में लिया हिस्सा
प्रधानमंत्री मोदी सात महीने के अंदर दूसरी बार 25 नवंबर को हरियाणा पहुंचे। यह दौरा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के लिए भी विशेष महत्व रखता है। पीएम मोदी ने सबसे पहले श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के समक्ष मत्था टेका, फिर श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने एक विशेष सिक्का और स्मारक डाक टिकट भी जारी किया।
मुगलों ने साहिबजादों के साथ की थी क्रूरता की सारी हदें पार
पीएम मोदी ने वीर साहिबजादों को याद करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने गुरुओं के हर पवित्र तीर्थ स्थल को आधुनिक भारत के स्वरूप से जोड़ने का प्रयास किया है। चाहे करतारपुर साहिब कॉरिडोर का विकास हो या हेमकुंड साहिब में रोप-वे प्रोजेक्ट, हमने सभी कार्य पूरी श्रद्धा से पूरे किए हैं।
उन्होंने कहा कि हम सभी जानते हैं कि मुगलों ने वीर साहिबजादों के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दी थीं। वीर साहिबजादों ने जिंदा दीवार में चिनवा जाना स्वीकार कर लिया, लेकिन धर्म और कर्तव्य के मार्ग से नहीं डिगे। इन्हीं आदर्शों के सम्मान में हम हर साल 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ मनाते हैं और यह हमारे लिए गर्व की बात है।
भारत ने आतंकियों को दिया था मुंहतोड़ जवाब
पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में किए गए आतंकवादी हमले में 26 निर्दोष लोगों की हत्या कर दी गई थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई की सुबह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया और 10 मई को युद्धविराम होने से पहले ही पाकिस्तान तथा पाक-अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों व सैन्य प्रतिष्ठानों को बड़े पैमाने पर नष्ट कर दिया था। प्रधानमंत्री ने कुरुक्षेत्र की इस पावन भूमि से आतंकवाद को पनाह देने वालों को फिर चेतावनी दी कि नया भारत किसी भी आक्रमण का पूरी ताकत से जवाब देगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीराम मंदिर में फहराई धर्म ध्वजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीराम मंदिर में फहराई धर्म ध्वजा
रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के ठीक 673 दिन बाद आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के मुख्य शिखर पर धर्म ध्वजा फहराई। अभिजीत मुहूर्त में पीएम के बटन दबाते ही 161 फीट ऊंचे शिखर पर 2 किलो वजनी विशाल केसरिया ध्वज लहराने लगी। जय श्री राम के नारों से अयोध्या नगरी गुंजायमान हो गई।
राम मंदिर में धर्म ध्वजा फहराने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने RSS प्रमुख मोहन भागवत के साथ पहली बार रामदरबार में पूजा की और आरती उतारी। इसके बाद वह रामलला के दर्शन करने के लिए गए। PM रामलला के लिए वस्त्र और चंवर लेकर पहुंचे थे। उन्होंने सप्त ऋषियों के दर्शन किए, भगवान शेषावतार लक्ष्मण की पूजा की और जलाशय भी देखा। राम मंदिर पर फहराई वाली ध्वजा 22 फीट लंबी व 11 फीट चौड़ी है
आ गई ध्वजारोहण की शुभ घड़ी, कुछ ही घंटों में पीएम फहराएंगे भगवा ध्वज
आ गई ध्वजारोहण की शुभ घड़ी, कुछ ही घंटों में पीएम फहराएंगे भगवा ध्वज
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भगवा ध्वज फहराएंगे। श्रीराम और मां सीता की विवाह पंचमी के अभिजीत मुहूर्त में ध्वजारोहण होगा। इस ध्वज में चमकते सूर्य और कोविदारा पेड़ की तस्वीर होगी। ‘ॐ’ लिखा होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अयोध्या में राम मंदिर के शिखर पर भगवा धर्म ध्वजारोहण करेंगे। राम मंदिर के लिए, खास तौर पर तैयार किए गए इस 22 फीट लंबे और 11 फीट चौड़े ध्वज के माध्यम से मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने का संदेश दिया जाएगा। डिफेंस मिनिस्ट्री की गाइडलाइंस के मुताबिक, गुजरात में अहमदाबाद के एक पैराशूट स्पेशलिस्ट के बनाए गए इस ध्वज का वजन दो से तीन किलो के बीच है। यह ध्वज 161 फीट ऊंचे मंदिर के शिखर और 42 फीट ऊंचे झंडे के पोल के हिसाब से तैयार किया गया है। पीएम मोदी आज सुबह 11.52 बजे से दोपहर 12.35 बजे के बीच शुभ मुहूर्त में ध्वजारोहण करेंगे।
अयोध्या में इस समय श्री राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत की भव्य तैयारियां चल रही हैं। समारोह में भाग लेने वाले मेहमान आने लगे हैं। उन्हें उनके लिए तय गेट से मंदिर परिसर में प्रवेश दिया जा रहा है।
त्रेतायुग के बाद फहरेगा अयोध्या राजवंश का ध्वज
अयोध्या राजवंश का ध्वज त्रेतायुग के बाद पहली बार आधिकारिक रूप से राम मंदिर में फहराया जाएगा। वैष्णव परंपरा के संतों ने शास्त्रों के अध्ययन और विचार-विमर्श के बाद इस ध्वज की संरचना की है। इस विशेष ध्वज की कई विशेषताएं हैं। इसका रंग केसरिया है जो त्याग और समर्पण का प्रतीक है। इस ध्वज पर सूर्यवंशी भगवान राम के प्रतीक सूर्यदेव का अंकन किया गया है।
PM-DDKY:मप्र के 8 जिले शामिल,ये IAS बने जिला नोडल अधिकारी
PM-DDKY:मप्र के 8 जिले शामिल,ये IAS बने जिला नोडल अधिकारी
भोपाल। करीब छह माह पहले लागू पीएम धन—धान्य कृषि योजना (PM-DDKY)में मप्र के 8 आदिवासी बाहुल्य जिलों को शामिल किया गया है। इन जिलों में विभाग मुख्यालय स्तर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को जिला नोडल अधिकारी बनाया गया है। जीएडी ने सोमवार को नोडल अफसरों की नियुक्ति संबंधी आदेश जारी किए।
यह काम करेंगे जिला नोडल अधिकारी
नवनियुक्त जिला नोडल अधिकारी तय टैम्पलेट्स में योजना को जमीन पर उतारने की कार्ययोजना बनाएंगे। यह वर्किंग प्लान केंद्र सरकार द्वारा तैयार पोर्टल पर अपलोड करना होगा। जिलों में इसका लाभ किसानों को मिले इसकी निगरानी भी वे करेंगे।
इन वरिष्ठ अफसरों को मिली जिम्मेदारी
जिला नोडल अधिकारी
उमरिया अजय गुप्ता
डिंडौरी मनोज पुष्प
आलीराजपुर निधि निवेदिता
शहडोल कुमार पुरुषोत्तम
सीधी संतोष वर्मा
निवाड़ी ऋषि गर्ग
टीकमगढ़ अवि प्रसाद
अनूपपुर राहुल धोटे
योजना बजट,24 हजार करोड़ सालाना
अधिकारिक सूत्रों के अुनसार,केंद्र सरकार ने देशभर में कमजोर कृषि प्रदर्शन वाले सौ जिले चुने हैं। 11 विभागों की 36 योजनाओं को एक छाते तले लाकर इन जिलों में खेती की समग्र विकास दर को तेज किया जाना है। इनमें मप्र के उक्त आठ आदिवासी बाहुल्य जिले भी शामिल हैं। इस छह वर्षीया योजना का सालाना बजट 24 हजार करोड़ रुपए तय किया गया है।
देश की राजधानी में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का भव्य प्रदर्शन
देश की राजधानी में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का भव्य प्रदर्शन
राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आज छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं का अद्भुत संगम दिखाई दिया। 44वें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों ने अपनी पारंपरिक नृत्य-शैली और विविध लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पूरे वातावरण में उत्साह, ऊर्जा और आनंद भर दिया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, जांजगीर-चांपा लोकसभा सांसद मती कमलेश जांगड़े, कांकेर लोकसभा सांसद भोजराज नाग सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दीप प्रज्वलन कर की। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का अवलोकन किया तथा विभिन्न स्टॉलों में प्रदर्शित कला-कृतियों, हस्तशिल्प और उत्पादों को देखा। उन्होंने कलाकारों और उद्यमियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश की राजधानी में “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” की गूंज सुनकर प्रत्येक छत्तीसगढ़ वासी गर्व से भर उठता है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रायपुर में देश के पहले डिजिटल जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण का उल्लेख करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ कला, संस्कृति और परंपराओं की समृद्ध भूमि है, जहाँ तीज-त्योहार, लोक-नृत्य और पारंपरिक कलाएँ आज भी उसी उत्साह और गरिमा के साथ संरक्षित हैं। उन्होंने मिलेट्स उत्पादन, स्थानीय हस्तशिल्प और जनजातीय परंपराओं को राज्य की असीम संभावनाओं का प्रतीक बताया तथा कहा कि राज्य सरकार कलाकारों के संरक्षण, आर्थिक सहयोग और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को और सशक्त बना रही है। मुख्यमंत्री ने देशवासियों को छत्तीसगढ़ आने तथा इसकी सादगी, सांस्कृतिक संपन्नता और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव करने के लिए आमंत्रित किया।
सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक-कलाओं की एक से बढ़कर एक झलक प्रस्तुत की।गौरा-गौरी, भोजली, राउत नाचा, सुआ नृत्य, पंथी और करमा नृत्य जैसी लोक-शैली की सजीव प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मोहित कर लिया। सुआ नृत्य की गीतमय अभिव्यक्ति, राउत नाचा की जोशीली लय, पंथी की आध्यात्मिक छटा और करमा की मनभावन प्रस्तुति ने छत्तीसगढ़ की विविधता और लोक परंपराओं की गहराई को प्रभावी रूप से सामने रखा। पूरे कार्यक्रम के दौरान दर्शक तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन करते रहे।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शशांक शर्मा, विधायक संपत अग्रवाल, प्रबोध मिंज, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा, मुख्य सचिव विकास शील, पर्यटन, संस्कृति एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव रोहित यादव, सीएसआईडीसी के महाप्रबंधक विश्वेश कुमार, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, खादी ग्रामोद्योग सचिव श्याम धावड़े, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर ऋतु सैन, आवासीय आयुक्त श्रुति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिला पंचायत सचिव संगठन का प्रतिनिधिमंडल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिला पंचायत सचिव संगठन का प्रतिनिधिमंडल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सोमवार को मुख्यमंत्री निवास में पंचायत सचिव संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को संगठन द्वारा आगामी माह जंबूरी मैदान भोपाल में राज्य स्तरीय सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया गया। संगठन के पदाधिकारीगण ने बताया कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रचार-प्रसार में संगठन के सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट करने वालों में संगठन के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह राजपूत, पंचायत सचिव महासंघ के अध्यक्ष राजेश पटेल, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रणधीर सिंह सहित सर्व सुरेश विश्वकर्मा, राजेंद्र चौधरी, रामबाबू दांगी, राम गोपाल विश्वकर्मा, रमेश दुबे, ओम प्रकाश शर्मा और महेश राठौर शामिल थे।
सवर्णों की बेटियों को लेकर आपत्तिजनक बयान देकर घिरे आईएएस संतोष वर्मा
सवर्णों की बेटियों को लेकर आपत्तिजनक बयान देकर घिरे आईएएस संतोष वर्मा
अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ (अजाक्स) के नवनिर्वाचित प्रांताध्यक्ष एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा प्रांतीय अधिवेशन में सवर्णों की बेटियों को लेकर दिए बयान में घिर गए हैं।
उन्होंने आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर कहा था कि यह तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए जब तक कि मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं कर दे या उससे संबंध नहीं बना दे। इस बयान की कर्मचारी और सामाजिक संगठनों ने निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की।
‘इसका आरक्षण से क्या संबंध?’
मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक और तृतीय कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि अजाक्स प्रांताध्यक्ष का यह बयान न केवल आपत्तिजनक है बल्कि समूचे सवर्ण समुदाय का अपमान है। शादी विवाह निजी जिंदगी है। हर वयस्क व्यक्ति अपनी शादी के लिए स्वतंत्र है। कौन किससे शादी करे, यह उसका निजी मामला है और फिर बेटी कोई वस्तु नहीं है जो दान की जाए।
कानूनी तौर पर तो माता-पिता भी अपने पुत्र-पुत्री की शादी किससे हो, यह तय नहीं कर सकते। सवर्ण समाज की बेटियों के बारे में एक वरिष्ठ आइएएस अधिकारी द्वारा ऐसा कहा जाना निंदनीय है। शादी एक नितांत निजी मामला है, इसका आरक्षण से क्या संबंध है। समाज बहुत बदल चुका है। बड़ी संख्या में अंतरजातीय विवाह हो रहे हैं। आरक्षित और अनारक्षित वर्गों के बीच भी बहुत शादियां हो रही हैं।
डा. भीमराव आंबेडकर , रामविलास पासवान सहित कइयों ने ब्राह्मण परिवार में शादी कीं। इस को विषय उठाने से यह भी स्पष्ट हो जाता है कि आरक्षण के पक्ष में इनके पास अब कोई ठोस तर्क नहीं बचा है इसलिए ऐसी अनर्गल बातें की जा रही हैं।
संतोष वर्मा के पहले भी अजाक्स के अनेक प्रांताध्यक्ष रहे लेकिन उन्होंने सवर्ण समाज की बहन-बेटियों के बारे में इस तरह की बातें कभी नहीं कहीं। इस तरह की बयानबाजी कर वे दोनों वर्गों के बीच खाई गहरी कर रहे हैं जो कि देश समाज के हित में नहीं है। प्रत्येक कार्यालय में हर जाति धर्म के कर्मचारी मिलकर काम करते हैं इस प्रकार से बयानों से कहीं ना कहीं खाई बढ़ेगी, मतभेद पैदा होंगे। आरक्षण से जुड़े मामले न्यायालय में लंबित भी हैं।
कार्रवाई करे सरकार : ब्राह्मण सभा
उधर, ब्राह्मण सभा मध्य प्रदेश के अध्यक्ष डा. शैलेंद्र व्यास ने कहा कि यह तुच्छ सोच है। इस तरह की मानसिकता के लोगों पर सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो परशुरामजी के वंशज ब्राह्मण समाज के लोग दंड देने से नहीं चूकेंगे।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पेवेलियन का किया अवलोकन
अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पेवेलियन का किया अवलोकन
भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में आज छत्तीसगढ़ पेवेलियन आकर्षण का केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के पेवेलियन का भ्रमण कर विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने पेवेलियन में प्रदर्शित उत्पादों और नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वैश्विक व्यापार मंचों पर लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, वनोपज आधारित उत्पाद और पारंपरिक कला वैश्विक बाजार में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि “देश-विदेश के खरीदारों के बीच छत्तीसगढ़ी उत्पादों की बढ़ती मांग स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और हमारे कारीगरों के सम्मान को नई दिशा दे रही है। यह ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ के हमारे संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।”
उन्होंने पवेलियन में प्रदर्शित कोसा सिल्क, धातु-शिल्प, ढोकरा कला, प्राकृतिक वन-आधारित उत्पाद, मिलेट-आधारित फूड प्रोडक्ट्स और सूक्ष्म उद्यमों के अभिनव मॉडल की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने पेवेलियन में बस्तर की समृद्ध विरासत और कलाकृतियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने डिजिटल टीवी पर प्रसारित डॉक्यूमेंट्री ‘बदलता बस्तर (आमचो बस्तर)’ का अवलोकन करते हुए कहा कि डॉक्यूमेंट्री में आज का नया बस्तर स्पष्ट दिखाई देता है। बस्तर बदल चुका है, और यह डॉक्यूमेंट्री उसी परिवर्तन का जीवंत अवलोकन कराती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय और ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने के लिए विभिन्न योजनाओं और संस्थागत समर्थन को निरंतर मजबूत कर रही है।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, मती कमलेश जांगड़े एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।













