कश्मीर की ये 5 सीक्रेट जगहें बनाती हैं इसे जन्नत, खूबसूरती ऐसी कि देखते ही थम जाएंगी आपकी सांसें

कश्मीर की ये 5 सीक्रेट जगहें बनाती हैं इसे जन्नत, खूबसूरती ऐसी कि देखते ही थम जाएंगी आपकी सांसें
कश्मीर को धरती का स्वर्ग यूं ही नहीं कहा जाता। यहां की वादियां, झीलें, बर्फ से ढके पहाड़ और शांत वातावरण हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। पहलगाम, गुलमर्ग, डल झील जैसे नाम तो अक्सर सुनने को मिलते हैं, लेकिन कश्मीर की खूबसूरती सिर्फ इन्हीं तक सीमित नहीं है।

पहलगाम के अलावा भी कश्मीर में कई ऐसी अनछुई और कम चर्चित जगहें हैं, जो किसी जन्नत से कम नहीं लगतीं। ये स्थान न केवल सुकून देने वाले हैं बल्कि प्रकृति से गहराई से जुड़ने का एक्सपीरियंस कराते हैं। तो आइए जानते हैं कश्मीर की ऐसी ही कुछ शानदार जगहों के बारे में, जिन्हें आप अपने अगली जर्नी में शामिल कर सकते हैं।

गुलमर्ग
गुलमर्ग यानी “फूलों की घाटी”, जो गर्मियों में रंग-बिरंगे फूलों से भर जाती है और सर्दियों में सफेद चादर ओढ़ लेती है। यह भारत का प्रमुख स्कीइंग डेस्टिनेशन है, जहां गुलमर्ग गोंडोला (एशिया की सबसे ऊंची केबल कार) का रोमांच पर्यटकों को लुभाता है।

सोनमर्ग
सोनमर्ग का अर्थ होता है ‘सोने की भूमि’। यह जगह बर्फ से ढकी चोटियों और हरे मैदानों के कारण बेहद आकर्षक लगती है। थाजवास ग्लेशियर और झीलों की ट्रैकिंग यहां का प्रमुख आकर्षण है।

डल झील, श्रीनगर
कश्मीर की पहचान है। शिकारा राइड, हाउसबोट्स और झील में तैरते बाजार इसे खास बनाते हैं। सूर्यास्त के समय झील का नजारा ऐसा लगता है जैसे पानी पर सोना बिखरा हो।इसके किनारे स्थित मुगल गार्डन और निशात बाग सुकून का अनुभव कराते हैं।

युसमर्ग
श्रीनगर से लगभग 50 किमी दूर युसमर्ग एक शांत, सुंदर और प्राकृतिक जगह है। देवदार के जंगल, पहाड़ियों पर चरती भेड़ें और हरे मैदान इसे एक जादुई कहानी जैसी जगह बनाते हैं। यहां का नीलनाग झील ट्रैकिंग के लिए काफी पॉपुलर है।

दूधपथरी
दूधपथरी का नाम ही इसकी खूबसूरती बयां करता है। यहां की धाराओं का पानी इतना साफ और सफेद लगता है जैसे दूध बह रहा हो। हरियाली से भरे मैदान, ऊंचे पहाड़ और शांत माहौल इसे एक परफेक्ट पिकनिक स्पॉट बनाते हैं।

ट्रंप से मतभेदों के बाद रिपब्लिकन सांसद टेलर ग्रीन देंगी इस्तीफा

ट्रंप से मतभेदों के बाद रिपब्लिकन सांसद टेलर ग्रीन देंगी इस्तीफा
अमेरिका में सत्तारूढ़ रिपब्लिकन पार्टी की राजनीति में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की समर्थक रहीं जार्जिया की सांसद मारजोरी टेलर ग्रीन प्रतिनिधि सभा से इस्तीफा देंगी। माना जा रहा है कि वह ट्रंप से हाल के महीनों में उपजे मतभेदों के चलते इस्तीफा दे रही हैं।

उनके इस्तीफे के बाद प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन पार्टी की विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी पर बढ़त कम हो जाएगी। एक समय ट्रंप की प्रबल समर्थक रहीं टेलर ग्रीन राष्ट्रपति के अमेरिका फ‌र्स्ट के अभियान से शुरू से जुड़ी रही हैं।
क्या है डेमोक्रेटिक पार्टी का आरोप?

लेकिन हाल के महीनों में नाबालिग लड़कियों से यौनाचार के आरोपित जेफ्री एप्सटीन की फाइलों को सार्वजनिक करने और कुछ अन्य मसलों पर ट्रंप से उनके मतभेद सामने आए थे। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी का आरोप है कि एप्सटीन के एक समय ट्रंप से घनिष्ठ संबंध थे।

‘ड्रग्स-आतंकवाद के खतरनाक गठजोड़ के खिलाफ…’, G20 लीडर्स समिट में पीएम मोदी ने दिया संदेश

‘ड्रग्स-आतंकवाद के खतरनाक गठजोड़ के खिलाफ…’, G20 लीडर्स समिट में पीएम मोदी ने दिया संदेश
जोहान्सबर्ग में हो रहे जी-20 देशों के शिखर सम्मेलन के मंच से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ भारत की सशक्त और स्पष्ट आवाज को दुनिया के सामने रखा। इस बार उन्होंने ड्रग तस्करी और आतंकवाद के बीच बढ़ते खतरनाक नेक्सस को निशाना बनाते हुए “जी-20 इनिशिएटिव ऑन काउंटरिंग द ड्रग-टेरर नेक्सस” नाम से एक नया वैश्विक अभियान शुरू करने का प्रस्ताव रखा।

पीएम मोदी ने इसके अलावा भी दो अन्य प्रस्ताव दुनिया के शीर्ष 20 आर्थिक शक्तियों के समक्ष रखा। इसमें एक प्रस्ताव अगले कुछ वर्षों में 10 लाख अफ्रीकी युवाओं को तकनीकी तौर पर प्रशिक्षित करने का भी है। जबकि एक प्रस्ताव दुनिया के विभिन्न हिस्सों में उपलब्ध पारंपरिक ज्ञान को संजो कर रखने से संबंधित है।

फेंटेनिल जैसे अत्यंत घातक ड्रग्स आज तेजी से फैल रहे- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, “मादक द्रव्यों की तस्करी एक बहुत ही बड़ा मुद्दा है। फेंटेनिल जैसे अत्यंत घातक ड्रग्स आज तेजी से फैल रहे हैं। ये सिर्फ सार्वजनिक स्वास्थ्य की नहीं, बल्कि सामाजिक स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बन गए हैं। सबसे खतरनाक बात यह है कि ड्रग्स की काली कमाई अब आतंकवाद को फाइनांस करने का सबसे बड़ा जरिया बन चुकी है।”

उन्होंने संकेत दिया कि इस वैश्विक खतरे से निपटने के लिए अब अलग-अलग देशों के अलग-अलग प्रयास काफी नहीं हैं। इसके लिए वैश्विक प्रयास होने चाहिए और इससे जुड़े फाइनेंस, गवर्नेंस और सिक्योरिटी से जुड़े सभी उपकरणों को एक साथ लाना होगा। मोदी का प्रस्ताव है कि G20 इस नेक्सस को कमजोर करने के लिए एक संयुक्त रणनीति बनाए और ठोस कार्रवाई करे।

आतंकवाद में मादक-द्रव्यों की अहम भूमिका
भारत ने उक्त प्रस्ताव के तहत सीधे तौर पर सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा नहीं उठाया है लेकिन हाल के वर्षों के दौरान भारत का यह अनुभव है कि पड़ोसी देश पाकिस्तान की तरह से पोषित आतंकवाद में मादक-द्रव्यों की अहम भूमिका है। इसके पहले भारत की अगुआई में वर्ष 2023 की नई दिल्ली जी-20 सम्मेलन में आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की गई थी और इसके खिलाफ जीरो-टॉलेरेंस की बात पहली बार घोषणा पत्र में शामिल की गई थी।

प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से लगातार हर बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच के जरिए आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति को न सिर्फ दोहराया जाता है, वैश्विक बिरादरी को कभी सीमा पार आतंकवाद, तो कभी क्रिप्टोकरेंसी तो कभी टेरर-फंडिंग (आतंकवादियों को वित्तीय सुविधा देने) पर समाधान भी सुझाता है। उम्मीद की जा रही है कि दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता में ही इस इनिशिएटिव को औपचारिक रूप दिया जाएगा।

पारंपरिक ज्ञान को संजोने पर पीएम मोदी ने रखा प्रस्ताव
पारंपरिक ज्ञान को संजोने पर अपना प्रस्ताव रखते हुए पीएम मोदी ने कहा, “दुनिया में कई समुदायों ने अपनी पारंरपिक व पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को संभालकर रखा है। इन परंपराओं में सांस्कृतिक ज्ञान, सामाजिक एकता और प्रकृति के प्रति गहरे सम्मान के भी दर्शन होते हैं। भारत का प्रस्ताव है कि जी-20 के तहत एक वैश्विक पारंपरिक ज्ञान कोष बनाई जाए। यह वैश्विक प्लेटफॉर्म मानवता के सामूहिक बुद्धिमता को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद करेगा।”

आगे उन्होंने कहा कि, “अफ्रीका के विकास और अफ्रीका के यंग टैलेंट को सक्षम बनाना पूरी दुनिया के हित में है। इसलिए भारत जी-20 अफ्रीका स्किल्स मल्टीप्लायर इनिशिएटिव का प्रस्ताव रखता है। ये अलग-अलग क्षेत्रों के ‘ट्रेन-द-ट्रेनर्स’ मॉडल के तहत चल सकता है। और समूह के सभी पार्टनर इसको फाइनेंस कर सकते हैं, सपोर्ट कर सकते हैं। हमारा सामूहिक लक्ष्य है कि अगले एक दशक में अफ्रीका में दस लाख प्रशिक्षित ट्रेनर तैयार हो। ये ट्रेनर आगे चलकर करोड़ों स्किल्ड युवा तैयार करेंगे।”

हैदराबाद में MP को मिले 36,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 27,800 रोजगार होंगे सृजित

हैदराबाद में MP को मिले 36,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 27,800 रोजगार होंगे सृजित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हैदराबाद में आयोजित ‘इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ में शामिल होते हुए प्रतिष्ठित उद्योगपतियों एवं निवेशकों को मध्य प्रदेश में निवेश हेतु आमंत्रित किया। उन्होंने कहा अनंत संभावनाओं से भरपूर मध्य प्रदेश में निवेश के लिए आप सभी का हार्दिक स्वागत है। इस समिट में मध्य प्रदेश को 36 हजार 600 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए जिससे लगभग 27 हजार 800 रोजगार सृजित होने की संभावना है।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने निवेशकों से कहा कि मध्यप्रदेश में अनेक क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं को साकार करने के लिए हम सभी मिलकर कार्य करेंगे। मध्य प्रदेश की प्रोत्साहनकारी निवेश नीतियों से निरंतर निवेश आ रहा है। आज सभी के संयुक्त प्रयासों से अपने प्रदेश के साथ संपूर्ण देश की प्रगति का विचार रखते हुए क्रियान्वयन की राह पर आगे बढ़ना है। मध्य प्रदेश सरकार की 18 नवीन निवेश नीतियाँ निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। निवेशकों के लिये आवश्यक हुआ तो इन नीतियों की परिधि के बाहर जाकर भी उद्योगपतियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जायेगा।

तेलंगाना और मध्यप्रदेश की जोड़ी है हीरा-मोती की तरह
मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि अन्य राज्यों में उन्होंने बिना राजनैतिक एजेंडा के सिर्फ एक उद्देश्य, औद्योगिक निवेश को लेकर यात्राएं की हैं। ऐसे इंटरैक्टिव सेशन मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास की बहुआयामी संभावनाओं को बताने और निवेश के लिए आमंत्रित करने का माध्यम बने हैं। यह क्रम चलता रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मैं बाबा महाकाल की नगरी से हूं। मध्यप्रदेश देश का एक मात्र राज्य है, जहां हीरा निकलता है। तेलंगाना राज्य में मोती निकलते हैं। इस प्रकार से हमारी जोड़ी हीरा-मोती की तरह है। हैदराबाद के लोग मोती की पहचान कर लेते हैं, उनके लिए आदमी पहचानना तो बहुत आसान है।

निवेशकों के साथ एक नई डोर जोड़ने के लिए आए हैं
डॉ यादव ने कहा कि हैदराबाद एक ऐसा शहर है, जो भविष्य को भांप कर आगे बढ़ता है। इसका अर्थ यह है कि हैदराबाद आने वाले समय का अनुमान लगाने में सक्षम है। यहां निवेशकों के साथ एक नई डोर जोड़ने के लिए आए हैं। मध्य प्रदेश में बीईएमएल को 18 हजार करोड़ लागत की रेल कोच निर्माण की यूनिट लगाने के लिए भूमि अलॉट की गई है। प्रदेश में डिफेंस टेक्नोलॉजी में बड़ा निवेश हो रहा है। राज्य में सभी क्षेत्रों के निवेशकों को आगे बढ़ने का अवसर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हाईड्रा पॉवर पंप स्टोरेज का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट नीमच में चंबल नदी पर बनाया जा रहा है, जिसका निर्माण आगामी 2 वर्ष में पूर्ण हो जाएगा। यह एक बड़ा प्रकल्प है। मध्यप्रदेश सरकार निवेशकों से किए हर संकल्प को पूरा कर रही है।

36 हजार 600 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उद्योगपतियों से वन-टू-वन चर्चा की। चर्चा के दौरान 10 कम्पनियों द्वारा 36 हजार 600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए गए। इससे लगभग 27 हजार 800 रोजगार सृजित होंगे। प्रमुख निवेश प्रस्ताव में एजीआई ग्रीनपैक कम्पनी द्वारा पैकेजिंग इंजीनियरिंग सेक्टर में 1500 करोड़ रुपये, एक्सिस एनर्जी वेंचर्स इंडिया कम्पनी द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर में 29 हजार 500 करोड़ रुपये, अनंत टेक्नालॉजीज कम्पनी द्वारा एयरो स्पेस सेक्टर में एक हजार करोड़, ऑटोमेटस्की सॉल्यूशंस कम्पनी द्वारा आईटी सेक्टर में एक हजार करोड़, कोलाबेरी इंक कम्पनी द्वारा फार्मा एण्ड ट्रेडिंग सेक्टर में एक हजार करोड़ रुपये, डर्माक्योर फार्मास्युटिकल्स कम्पनी द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा एवं आईटी सेक्टर में 150 करोड़ रुपये, विंडपोनिक्स इण्डिया कम्पनी द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा एवं कृषि सेक्टर में 280 करोड़ रुपये, विंटेज कॉफी एण्ड बेवरेजेस लिमिटेड कम्पनी द्वारा फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में 1100 करोड़ रुपये, विश्वनाथ प्रोजेक्ट्स लिमिटेड कम्पनी द्वारा अधोसंरचना सेक्टर में 350 करोड़ रुपये और वुमेनोवा एग्रो फूड पार्क प्राइवेट लिमिटे कम्पनी द्वारा फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में 720 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव दिया गया।

शनि के घर में मंगल का गोचर चमकाएगा इन 3 राशियों की किस्मत

शनि के घर में मंगल का गोचर चमकाएगा इन 3 राशियों की किस्मत
ज्योतिष शास्त्र में मंगल को ग्रहों का सेनापति (Mangal Gochar 2026) माना जाता है। इसे आत्मविश्वास, ऊर्जा, शक्ति, सफलता इत्यादि का प्रतीक माना जाता है। कुंडली में इसकी चाल जातकों के जीवन को प्रभावित करती है। स ग्रह के मजबूत होने से करियर और कारोबार में तरक्की मिलती है। सेहत से जुड़ी समस्याएं भी खत्म होती है। मंगल देव को एक राशि से निकलकर दूसरे राशि में प्रवेश करने के लिए 45 दोनों का समय लगता है।

जनवरी 2026 में ग्रहों की सेनापति मकर राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। जिसका स्वामी शनि को माना जाता है। इसका प्रभाव फरवरी 2026 में भी देखने को मिलेगा। किसी को फायदा तो किसी को नुकसान का सामना होगा। ऐसी कई राशियाँ हैं, जिनके लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं होगा। हर कार्य में सफलता मिलेगी। किस्मत भी साथ देगी।

तुला राशि (Tula Rashi)
तुला राशि के जातकों को इस दौरान धन लाभ होगा। अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। जॉब करने वालों के वेतन में भी वृद्धि होगी। प्रमोशन के प्रबल योग भी बन रहे हैं। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलेगी। बिजनेस में कोई बड़ी डील मिल सकती है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होंगे। पर्सनल लाइफ भी अच्छी रहेगी। दांपत्य जीवन में खुशहाली आएगी।

मीन राशि (Meen Rashi)
इन लोगों पर भी मकर राशि में मंगल के गोचर का शुभ प्रभाव पड़ेगा। दोस्तों का सहयोग मिलेगा। परिवार के साथ अच्छा समय व्यतीत करने का मौका मिलेगा। सेहत में भी सुधार देखने को मिल सकता है। लंबी बीमारियों से राहत मिलेगी। किस्मत आपका पूरा साथ देगी। आप हर परेशानी का सामना करने में सफल होंगे। कमाई के नए रास्ते खुलेंगे। इंक्रीमेंट और प्रमोशन भी मिल सकता है। यात्रा के योग बन रहे हैं। संतान के प्रति आप अपनी जिम्मेदारियों को भी पूरा कर पाएंगे।

मेष राशि (Mesh Rashi)
मेष राशि के जातकों का भी भाग्योदय मंगल देव करने वाले हैं। परिवार में खुशहाली आएगी। कई परेशानियों से छुटकारा मिलेगा। सेहत पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। पदोन्नति मिल सकती है। समाज में मान सम्मान बढ़ेगा। इनका में भी वृद्धि होगी। कारोबार का विस्तार होगा। कार्य क्षेत्र में सहकर्मियों के साथ संबंध अच्छे बनेंगे। जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। धन-समृद्धि में वृद्धि होगी। शत्रु पक्ष पर विजय प्राप्त होगी।

भोपाल में 59वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी संपन्न

भोपाल में 59वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी संपन्न
राजधानी भोपाल में आयोजित 59वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का शनिवार को समापन हो गया। इस अवसर पर प्रदेश के खेल, युवा कल्याण एवं सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश की भौगोलिक स्थिति और परिस्थितियां विज्ञान अनुसंधान के लिए अनुकूल हैं, इसलिए केंद्र सरकार को इसे एक वैज्ञानिक अनुसंधान हब के रूप में विकसित करना चाहिए।

इस पांच दिवसीय विज्ञान प्रदर्शनी में 23 राज्यों, 7 केंद्र शासित प्रदेशों और 7 अन्य राष्ट्रीय संस्थानों के 800 से अधिक बाल वैज्ञानिकों और शिक्षकों ने भाग लिया। इस दौरान छात्रों द्वारा बनाए गए कुल 240 साइंस मॉडल प्रदर्शित किए गए। कार्यक्रम में भोपाल की महापौर मालती राय भी मौजूद थीं।

बाल वैज्ञानिकों में दिखी भारत की उज्ज्वल तस्वीर
समापन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री विश्वास सारंग ने बाल वैज्ञानिकों के नवाचारों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इन मॉडलों में भारत के भविष्य की उज्ज्वल तस्वीर दिखाई दे रही है।

नई शिक्षा नीति में मातृभाषा को महत्व
कार्यक्रम में शामिल हुए केंद्रीय स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, नई दिल्ली के सचिव संजय कुमार ने प्रदर्शनी के सफल आयोजन के लिए प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग को बधाई दी। उन्होंने नई शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा उनकी मातृभाषा में ही होनी चाहिए क्योंकि इसी से उनका मस्तिष्क विकास बेहतर होता है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि पहली कक्षा में प्रवेश लेने वाला हर बच्चा कम से कम 12वीं तक की पढ़ाई अनिवार्य रूप से पूरी करे। इस मौके पर एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश प्रसाद सकलानी और अन्य विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे।

यशस्वी जायसवाल ने रच दिया अनोखा रिकॉर्ड

यशस्वी जायसवाल ने रच दिया अनोखा रिकॉर्ड
भारतीय क्रिकेटर यशस्वी जायसवाल ने एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है। आज तक ऐसा कोई भी क्रिकेटर नहीं कर पाया है। इस रिकॉर्ड के बारे में सुनकर आप भी हैरान रह जाएंगे। दरअसल, यशस्वी जायसवाल ने 28 टेस्ट मैच 28 अलग-अलग मैदानों पर खेले हैं, जो आज तक कोई भी खिलाड़ी नहीं कर पाया है। भारतीय क्रिकेट टीम में यशस्वी जायसवाल ने शानदार प्रदर्शन के दम पर अपनी जगह बनाए रखी है। अब तक जायसवाल ने कुल 28 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें 2440 रन बनाए हैं। यशस्वी जायसवाल के नाम 7 शतक और 12 अर्धशतक शामिल हैं।

बता दें कि यशस्वी जायसवाल को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली जा रही टेस्ट सीरीज में भी शामिल किया गया है। हालांकि पहले मुकाबले में यशस्वी जायसवाल का बल्ला शांत नजर आया था, लेकिन अब दूसरे मुकाबले में भारतीय क्रिकेट टीम यशस्वी जायसवाल से बड़े स्कोर की उम्मीद करेगी।

वेस्टइंडीज के खिलाफ किया था डेब्यू
दरअसल यशस्वी जायसवाल के अनोखे रिकॉर्ड पर नजर डालें तो जायसवाल ने अपना टेस्ट डेब्यू वेस्टइंडीज के खिलाफ किया था। अपने डेब्यू मुकाबले में ही यशस्वी जायसवाल ने 171 रन की पारी खेली थी। वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज में यशस्वी जायसवाल ने एक अर्धशतक भी लगाया था। उसके बाद जायसवाल ने दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के दौरों पर भी शानदार प्रदर्शन किया, जिसके चलते लगातार उन्हें भारतीय टीम में जगह दी गई। ऑस्ट्रेलिया में यशस्वी जायसवाल ने एक शतक लगाया, जबकि इंग्लैंड की सरजमीं पर दो शतक लगाए। इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में यशस्वी जायसवाल ने दो दोहरे शतक लगाए, जिसके चलते भारतीय टीम ने 4-1 से सीरीज जीती।

28 मुकाबले 28 मैदानों पर खेले
टेस्ट क्रिकेट में यशस्वी जायसवाल का औसत 50 से ऊपर का है। जायसवाल के बल्ले से 7 शतक और 12 अर्धशतक निकल चुके हैं। जायसवाल ने अपना टेस्ट डेब्यू मुकाबला विंडसर पार्क, वेस्टइंडीज में खेला था। दूसरा मुकाबला क्वींस पार्क, दक्षिण अफ्रीका में, तीसरा मुकाबला दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सुपर स्पोर्ट पार्क में खेला था। इस तरह यशस्वी जायसवाल ने कुल 28 मुकाबले अलग-अलग क्रिकेट स्टेडियमों में खेले हैं। भारत में यशस्वी जायसवाल नरेंद्र मोदी स्टेडियम, ईडन गार्डन्स, बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम, अरुण जेटली स्टेडियम, महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम, एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम, एम. ए. चिदंबरम स्टेडियम, हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम और सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेल चुके हैं।

पीएम मोदी की परिकल्पना को साकार करने उत्तराखंड में बनेंगे ‘आध्यात्मिक गांव’- सीएम धामी

पीएम मोदी की परिकल्पना को साकार करने उत्तराखंड में बनेंगे ‘आध्यात्मिक गांव’- सीएम धामी
उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के हर ब्लॉक में एक ‘आध्यात्मिक गांव’ विकसित करने के निर्देश जारी किए हैं। इस पहल का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस परिकल्पना को साकार करना है, जिसमें उन्होंने उत्तराखंड की आध्यात्मिक क्षमता को विश्व पटल पर स्थापित करने का सुझाव दिया था।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को इस योजना को फेस मैनर में लागू करने के लिए कहा है। इसके तहत शुरुआत में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कुछ गांवों का चयन किया जाएगा, जिन्हें मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इन गांवों की सफलता के आधार पर इस योजना को राज्य के सभी ब्लॉकों में लागू किया जाएगा।

योग, आयुर्वेद और ध्यान पर होगा फोकस
इन आध्यात्मिक गांवों में मुख्य रूप से योग, आयुर्वेद और ध्यान केंद्रों का विस्तार और स्थापना की जाएगी। सरकार का लक्ष्य इन केंद्रों के माध्यम से स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी स्वास्थ्य लाभ पहुंचाना है। यहां स्थापित होने वाले ध्यान केंद्र लोगों को मानसिक शांति और आध्यात्मिक विकास के लिए एक उपयुक्त वातावरण प्रदान करेंगे।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना से न केवल उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा सहारा मिलेगा। इन गांवों के विकसित होने से पर्यटन गतिविधियों में तेजी आएगी, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। होमस्टे, स्थानीय उत्पादों की बिक्री और गाइड जैसी सेवाओं की मांग बढ़ने की उम्मीद है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रीन को कम्पनी के मुख्यालय का किया भ्रमण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्रीन को कम्पनी के मुख्यालय का किया भ्रमण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को हरित ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही ग्रीनको कंपनी के हैदराबाद स्थित मुख्यालय का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने कंपनी की अत्याधुनिक तकनीकों, ऊर्जा संरक्षण प्रणालियों और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्ट्स का बारीकी से अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्रीन एनर्जी आज राष्ट्र के विकास का सबसे मजबूत स्तंभ बनती जा रही है। ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन और इसके एक्सप्लोरेशन की दिशा में ग्रीनको समूह का योगदान अनुकरणीय और सराहनीय है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कम्पनी के अधिकारियों के साथ हुई सौजन्य बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में ग्रीन एंड रिन्युएबल एनर्जी सेक्टर में हो रही ऐतिहासिक प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत आज हरित ऊर्जा उत्पादन में वैश्विक स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। मध्यप्रदेश इस मामले में अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में हरित ऊर्जा उत्पादन में निवेश की असीम संभावनाएं उपलब्ध हैं। इस दिशा में हमारी सरकार भी बड़े से बड़े कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी सेक्टर के विकास और विस्तार के लिए मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आने वाले हर समूह और हर कंपनी का हम दिल से स्वागत करते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव का हैदराबाद प्रवास इसी दिशा में एक बड़ा प्रयास है। इससे राज्य में हरित ऊर्जा उत्पादन, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में अब नई तेजी आएगी। मध्यप्रदेश और ग्रीनको समूह के बीच परस्पर सहयोग की यह संभावित पहल मध्यप्रदेश को हरित ऊर्जा उत्पादन के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कंपनी के ग्रुप सीईओ एवं प्रबंध निदेशक अनिल चैनमला शेट्टी ने कम्पनी द्वारा पूरे देश में संचालित हरित ऊर्जा परियोजनाओं और भविष्य की योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उनकी कम्पनी मध्यप्रदेश में भी अपने बिजनेस का विस्तार और निवेश बढ़ाने की दिशा में गंभीरता से काम कर रही है। उल्लेखनीय है कि ग्रीनको समूह ने मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर हरित ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने की संभावना व्यक्त की हैं। इनमें 100 GWh ऊर्जा भंडारण क्षमता, ग्रीन हाइड्रोजन क्लस्टर, बायो-रिफाइनरी प्लांट्स, 2G इथेनॉल, मेथेनॉल और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल (SAF) उत्पादन जैसे उन्नत प्रोजेक्ट भी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के ग्रीनको कंपनी मुख्यालय भ्रमण के दौरान प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह, एमडी एमपीआईडीसी एवं मुख्यमंत्री के अपर सचिव चंद्रमौली शुक्ला सहित ग्रीनको कम्पनी के अधिकारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीरांगना झलकारी बाई की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीरांगना झलकारी बाई की जयंती पर दी श्रद्धांजलि

भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रानी लक्ष्मीबाई की सेना में महिला शाखा ‘दुर्गा दल’ की सेनापति वीरांगना झलकारी बाई की जयंती पर उनका पुण्य स्मरण कर श्रद्धांजलि दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि वीरांगना झलकारी बाई के योगदान का राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा। मुख्यमंत्री ने एक कविता के जरिए झलकारी बाई के शौर्य और पराक्रम का स्मरण किया है।

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नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026 | सामाजिक कल्याण समाचार केंद्र सरकार ने गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और पोषण सेवाओं के लाभार्थियों की...
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अनाथ बच्चों के लिए सरकार की खास योजनाएँ, पढ़ाई से लेकर आर्थिक सहायता तक

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नई दिल्ली | सरकारी योजना समाचार देश में ऐसे कई बच्चे हैं, जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है या जिनके पास देखभाल करने वाला...
Government welfare schemes have improved the living standards of 22 crore people

सरकारी कल्याण योजनाओं से 22 करोड़ लोगों के जीवन स्तर में सुधार, MoSPI के...

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नई दिल्ली। भारत में सरकारी सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को मिलने वाली मुफ्त या रियायती वस्तुओं से उनके...