छत्तीसगढ़ के प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

छत्तीसगढ़ के प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को साहित्य जगत के प्रतिष्ठित ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से सम्मानित किए जाने पर बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विनोद कुमार शुक्ल हिंदी साहित्य की उस विराट परंपरा के प्रतिनिधि हैं, जिसने अपनी सादगी, संवेदना और अद्भुत लेखन-शक्ति से साहित्य की दुनिया में एक विशिष्ट स्थान बनाया है। उनकी लेखनी ने न केवल हिंदी भाषा को समृद्ध किया है, बल्कि पाठकों की अनेक पीढ़ियों को गहराई से प्रभावित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हम सभी प्रदेशवासियों के लिए गर्व का क्षण है कि विनोद कुमार शुक्ल को यह सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान साहित्य जगत में उनके अद्वितीय योगदान को प्रदर्शित करता है।

मुख्यमंत्री साय ने विनोद कुमार शुक्ल के सुदीर्घ, स्वस्थ और सक्रिय जीवन की कामना करते हुए कहा कि उनका रचनात्मक योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

इंश्योरेंस सेक्टर में FDI की लिमिट 100% होगी

इंश्योरेंस सेक्टर में FDI की लिमिट 100% होगी
सरकार इंश्योरेंस सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की लिमिट बढ़ाने जा रहा ही। अभी इस सेक्टर में एफडीआई की लिमिट 74 फीसदी है। सरकार इसे बढ़ाकर 100 फीसदी करेगी। इसके लिए संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार बिल पेश करेगी।

1 दिसंबर से शुरू होगा शीतकालीन सत्र
संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू होगा। यह 19 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कुल 15 दिनों तक चलेगी। पीटीआई ने लोकसभा बुलेटिन के हवाले से बताया है कि इंश्योरेंस लॉज (अमेंडमेंट) बिल 2025 उन उन 10 विधेयकों में शामिल है, जिन्हें सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में पेश करेगी।

प्रोडक्ट्स की पहुंच बढ़ेगी। विदेशी इंश्योरेंस कंपनियां इंडियन मार्केट में दिलचस्पी दिखाएंगी। अभी दुनिया के विकसित देशों के मुकाबले इंडिया में आबादी के काफी कम हिस्से की पहुंच इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स तक है। विदेशी इंश्योरेंस कंपनियों के इंडिया आने से मार्केट में प्रतियोगिता बढ़ेगी, जिसका फायदा ग्राहकों को मिलेगा।

फाइनेंस मिनिस्ट्री ने तैयार किया है प्रस्ताव
फाइनेंस मिनिस्ट्री ने इंश्योरेंस एक्ट, 1938 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें एफडीआई की लिमिट बढ़ाकर 100 फीसदी करने, पेड-अप कैपिटल की रिक्वायरमेंट में कमी लाने और कंपोजिट लाइसेंस की शुरुआत करने के प्रस्ताव शामिल हैं। सरकार का लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन एक्ट, 1956 और इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी एक्ट, 1999 में भी संशोधन का प्लान है। एआईसी एक्ट में संशोधन से एलआईसी के बोर्ड के अधिकार बढ़ जाएंगे।

फेमस सिंगर की एक्सीडेंट में मौत, ट्रक ने मारी थी गाड़ी को टक्कर

फेमस सिंगर की एक्सीडेंट में मौत, ट्रक ने मारी थी गाड़ी को टक्कर
इंडस्ट्री पर एक बार फिर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मशहूर पंजाबी सिंगर हरमन सिद्धू का एक भयानक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया है। महज 37 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई है। जिससे इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। जैसे ही ये खबर आई हर कोई हैरान रह गया। किसी को यकीन नहीं हो रहा है कि सिंगर अब हमारे बीच नहीं रहे।

फेमस पंजाबी सिंगर हरमन सिद्धू की एक्टसीडेंट में मौत (Punjabi Singer Harman Sidhu Dies)
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरमन सिद्धू का दर्दनाक एक्सीडेंट शुक्रवार देर रात हुआ है। बताया जा रहा है कि हरमन सिद्धू रात करीब 12 बजे शूटिंग पूरी कर अपने गांव ख्याला कलीं वापस लौट रहे थे। इसी दौरान, उनकी गाड़ी की एक ट्रक से भीषण टक्कर हो गई। यह टक्कर इतनी भयानक थी कि सिंगर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। सिंगर को आनन-फानन में हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया जहां उन्हें डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया।

हरमन सिद्धू के ये थे गाने (Harman Sidhu Song)
पुलिस ने सूचना देते हुए कहा है कि सभी कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद सिंगर के शव को उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया है। बता दें, हरमन सिद्धू पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम थे। उन्हें उनके गाने ‘पेपर या प्यार’ से रातोंरात शोहरत मिली थी। यह गाना सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हुआ था, जिससे हरमन सिद्धू युवाओं के बीच काफी फेमस हो गए थे। इसके अलावा, हरमन सिद्धू ने पंजाब की मशहूर फीमेल सिंगर मिस पूजा के साथ भी कई हिट एल्बम सॉन्ग रिकॉर्ड किए थे। ‘लव मैरिज’, ‘थकेवन जट्टन दा’, ‘पई गया प्यार’ और ‘खुलियां खिड़कियां’।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया तीन दिवसीय फेड एक्सपो-2025 का शुभारंभ

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया तीन दिवसीय फेड एक्सपो-2025 का शुभारंभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश उद्योगों के लिए तेजी से उभरता हुआ पसंदीदा राज्य बन रहा है। फेड एक्सपो जैसे आयोजन स्थानीय उद्योगों और स्टार्ट-अप्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच से जोड़ने में बड़ी अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे एक्स्पो उद्योग-धंधों, नवाचार और एमएसएमई सेक्टर के विकास के लिए एक बड़ा मंच साबित होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को गोविन्दपुरा में आयोजित फेड एक्सपो-2025 समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने, एमएसएमई सेक्टर को अधिकतम सुविधाएं उपलब्ध कराने और ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार के नए अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोविन्दपुरा इंडस्ट्रियल एरिया के एग्जिबिशन हॉल में फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चेम्बर्स आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा आयोजित तीन दिवसीय फेड एक्सपो-2025 का दीप प्रज्ज्वलन कर विधिवत् शुभारंभ किया। यह एक्सपो 23 नवम्बर तक चलेगा। एक्सपो में मध्यप्रदेश सहित देश-विदेश से आए उद्योग एवं एक्सपोर्ट सेक्टर से जुड़े उद्यमियों, निवेशकों और संस्थानों ने व्यापक रूप से भागीदारी की। एक्सपो में रूस, ओमान और ताईवान देशों से भी उद्यमी आए हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इपिक प्रोजेक्ट का विमोचन किया। इससे स्व-सहायता समूह, स्कूल, कॉलेज, ग्राम पंचायतें, शासकीय कार्यालय सभी एक प्लेटफार्म से जुड़ेंगे। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रदेश में 1000 इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे। जहां हर क्षेत्र के स्टार्टअप्स को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। इपिक प्रोजेक्ट के अंतर्गत 10 लाख रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत दुनिया में अपनी विशेष पहचान बना रहा है। प्रदेश में औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए उद्योगपतियों और निवेशकों को 5000 एकड़ जमीन दी गई है। यह एक प्रकार से पांच हजार उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण है। हम उद्योगपतियों से किए सभी वादों को प्रतिबद्धता के साथ पूर्ण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में व्यापार-व्यवसाय को बढ़ावा देना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिसर में स्थापित फेड एक्सपो-2025 की प्रदर्शिनी का गणेश पूजन एवं फीता काटकर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में स्थापित विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन करते हुए उद्यमियों के नवाचार, मशीनरी, तकनीकी समाधानों और स्थानीय उद्योगों के उत्पादों की सराहना की।

प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कर रही है कार्य: मुख्यमंत्री साय

प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कर रही है कार्य: मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर में आयोजित “छत्तीसगढ़ 25 साल बेमिसाल” कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने राज्य की 25 वर्ष की स्वर्णिम विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि छत्तीसगढ़ की प्रगति में प्रत्येक नागरिक की अहम भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने बस्तर सहित पूरे प्रदेश में विकास में बाधक नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं। सुरक्षा कैंप स्थापित किए जाने से सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में किए जा रहे प्रयासों से नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है और बस्तर अपने मूल स्वरूप में भयमुक्त होकर प्रदेश के विकास में बेहतर भागीदारी देगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर ओलम्पिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से बस्तर की संस्कृति और प्रतिभा को दुनिया ने देखा है। बस्तर में शांति, समृद्धि और खुशहाली के नए युग का आरंभ हो चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति हमारी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति पूरी दृढ़ता से लागू है। पूर्व में जो अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुए, उस पर कड़ा प्रहार किया गया है, जिसका परिणाम भी सभी देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने भूखमरी जैसे अभिशाप को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए थे, जिसके तहत गरीब परिवारों को अनाज उपलब्ध कराया गया। साथ ही, जरूरतमंद परिवारों को आज आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सुशासन के सपनों को साकार करने की दिशा में सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की लगभग सभी गारंटियों को पूरा कर दिया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण ‘चरण पादुका योजना’ को भी पुनः प्रारंभ किया गया है।

मुख्यमंत्री ने नई उद्योग नीति के आकर्षक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश लगातार बढ़ रहा है। अब तक राज्य सरकार को पौने आठ लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं, जिससे आने वाले वर्षों में रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास में योगदान देने वाले विभिन्न संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्यमंत्री के सलाहकार पंकज झा, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी अलोक सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

ट्रंप टैरिफ के बीच भारतीय निवेशकों को बड़ी राहत, EB-5 वीजा पर अमेरिका ने बढ़ी फीस वापस ली

ट्रंप टैरिफ के बीच भारतीय निवेशकों को बड़ी राहत, EB-5 वीजा पर अमेरिका ने बढ़ी फीस वापस ली
अमेरिकी EB-5 इन्वेस्टर वीजा पर बड़ा फैसला भारतीय निवेशकों के लिए राहत लेकर आया है। अमेरिका की USCIS एजेंसी ने 2024 में लागू की गई भारी-भरकम फीस बढ़ोतरी को वापस ले लिया है। यह कदम कोलोराडो की फेडरल कोर्ट के आदेश के बाद उठाया गया। कोर्ट ने कहा कि USCIS ने बिना जरूरी
स्टडी के फीस बढ़ाई, जो नियमों के खिलाफ है।
कोर्ट का आदेश 12 नवंबर को आया। इसके बाद USCIS (यूनाइटेड स्टेट सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज) ने कहा कि अब वही पुरानी, कम फीस लागू होगी जो 31 मार्च 2024 से पहले थी। इससे उन भारतीय निवेशकों को सीधा फायदा मिलेगा जो अमेरिकी रेजिडेंसी के लिए EB-5 रूट चुनते हैं।

क्या है EB-5 वीजा प्रोग्राम? (What is EB-5 visa program?)
यह वीजा विदेशी निवेशकों को अमेरिका में ग्रीन कार्ड पाने का रास्ता देता है। निवेश उन प्रोजेक्ट्स में लगता है, जो अमेरिकी नागरिकों के लिए रोजगार पैदा करते हैं। ज्यादातर निवेश “रीजनल सेंटर्स” के जरिए होता है। 2022 में कांग्रेस ने इस प्रोग्राम को दोबारा मंजूरी दी थी।

फीस कम होने से कितना फायदा?
I-526 जैसी अहम फॉर्म फीस 11,160 डॉलर (करीब 9,91,133 रुपए) से घटकर सिर्फ 3,675 डॉलर (करीब 3,26,381 रुपए) रह गई है। जबकि I-956F फॉर्म के लिए अभी तक 47,675 डॉलर ( करीब 42,35,850 रुपए) वसूले जाते थे। इसके लिए अब सिर्फ 17,795 डॉलर यानी 15,80,395 रुपए ही देने होंगे। यानी निवेशकों की जेब पर 26 लाख रुपए तक का बोझ कम हो जाएगा।

G-20 समिट में हिस्सा लेने जोहान्सबर्ग पहुंचे PM मोदी

G-20 समिट में हिस्सा लेने जोहान्सबर्ग पहुंचे PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को साउथ अफ्रीका में हो रहे G20 लीडर्स समिट में शामिल होने के लिए जोहान्सबर्ग पहुंचे हैं। PM मोदी गौतेंग में वाटरलूफ एयर फोर्स बेस (AFB) पर पहुंचते ही पारंपरिक स्वागत किया गया।

पीएम मोदी के स्वागत में कलाकारों ने सांस्कृतिक गीत और नृत्य पेश किए। यह अफ्रीका में हो रहा पहला G20 समिट है। भारत की प्रेसीडेंसी के दौरान 2023 में अफ्रीकन यूनियन G20 का मेंबर बना था।

समिट के दौरान, प्रधानमंत्री के जोहान्सबर्ग में मौजूद कुछ लीडर्स के साथ बाइलेटरल मीटिंग करने की उम्मीद है।

एक नहीं कई वजहों से खास है भगवान राम और मां सीता का विवाह : विवाह पंचमी

एक नहीं कई वजहों से खास है भगवान राम और मां सीता का विवाह : विवाह पंचमी
मार्गशीर्ष मास का हर दिन भगवान राम और माता सीता के मिलन को याद करने के लिए बहुत शुभ माना जाता है। 25 नवंबर 2025 के इस खास अवसर पर हम उस दिव्य घटना को याद करते हैं, जब त्रेता युग में भगवान श्रीराम और माता जानकी का पवित्र विवाह संपन्न हुआ था।

यह विवाह केवल एक धार्मिक प्रसंग नहीं, बल्कि सनातन धर्म में आदर्श दांपत्य, मर्यादा, सम्मान और सच्चे प्रेम का सर्वोत्तम उदाहरण माना जाता है। यह प्रसंग हर भक्त को जीवन में सद्भाव, निष्ठा और परिवार के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।

शिवधनुष यज्ञ और राम जी का आगमन
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मिथिला नरेश महाराज जनक ने शिवधनुष यज्ञ का आयोजन किया था। प्रतिज्ञा यह थी कि जो भी भगवान शिव के पिनाक धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ा देगा, वही सीता का वरण करने योग्य होगा। राजमहल में अनेक राजकुमार उपस्थित हुए, पर कोई भी उस दिव्य धनुष को हिला न सका।

इसी बीच गुरु विश्वामित्र के साथ भगवान श्रीराम यज्ञभूमि में पहुंचे। महाराज जनक के आग्रह पर श्रीराम ने सहज रूप से धनुष उठाया और चढ़ाते ही वह टूट गया। यह ध्वनि पूरे ब्रह्मांड में गूंज उठी जिससे माता सीता के हृदय ने श्रीराम को जीवनसाथी रूप में स्वीकार लिया।

विवाह का प्रस्ताव और शुभ मुहूर्त
धनुष टूटने के बाद महाराज जनक ने स्वयं गुरु विश्वामित्र और गुरु वशिष्ठ के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखा। अयोध्या के राजपुरुषों और गुरुजनों की आज्ञा से श्रीराम-सीता विवाह का पावन मुहूर्त निश्चित हुआ। उस दिन संपूर्ण मिथिला दीपों से जगमगा उठी। गलियों में पुष्पवर्षा हुई, घर-आंगन में मंगलगीत गुंजित हुए और पूरे नगर में विवाहोत्सव का अवर्णनीय उत्साह फैल गया।

पावन अग्नि के समक्ष राम-सीता का दिव्य मिलन
विवाह मंडप में माता सीता ने श्रीराम के गले में जयमाला डालते हुए मन ही मन संकल्प लिया कि वे निष्ठा, मर्यादा और प्रेम के साथ अपने प्रभु के धर्मपथ पर आजीवन साथ चलेंगी। श्रीराम ने भी उनके सम्मान, संरक्षण और सुख की जिम्मेदारी का वचन दिया। अग्नि को साक्षी मानकर दोनों ने सप्तपदी लेकर जीवनभर के लिए पवित्र बंधन में प्रवेश किया।

31 साल बाद भी दर्शकों ने ‘1942 ए लव स्टोरी’ पर लुटाया प्यार

31 साल बाद भी दर्शकों ने ‘1942 ए लव स्टोरी’ पर लुटाया प्यार
अनिल कपूर, मनीषा कोइराला, जैकी श्रॉफ और अनुपम खेर अभिनीत फिल्म ‘1942: ए लव स्टोरी’ ने दर्शकों को बनाने का किया था। साल 1994 में आई इस फिल्म को गोवा में चल रहे IFFI समारोह में विशेष स्क्रीनिंग की गई। इस फिल्म के डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा ने फिल्म से जुड़ी बातें और इसकी आज के आधुनिक समय से तुलना की है।

‘यह नॉन-कमर्शियल असली प्यार है’
आगे बात करते हुए डायरेक्टर ने कहा, ‘यह असली प्यार है। मुझे लगता है कि अब वे प्यार को कमर्शियलाइज करने की कोशिश कर रहे हैं। और यह बहुत बोरिंग है। यह नॉन-कमर्शियल असली प्यार है। मैं इस बात से बहुत खुश हूं कि आखिर में जब लोगों ने मुझे गले लगाया तो वे सच में रो रहे थे। यह बहुत इमोशनल था।’ अभिनेता ने आगे बात करते हुए कहा कि इस फिल्म ‘1942 ए लव स्टोरी’ को बनाने में बहुत मेहनत की है।

‘रात में रोटी फेंकने जाते थे’
डायरेक्टर ने बताय, ‘जब मैंने ‘1942 ए लव स्टोरी’ बनाई, तो मैंने यह नहीं कहा कि मैं इसे नेटफ्लिक्स, अमेजन को बेचूंगा। नहीं, हम बस एक मूवी बना रहे थे। क्या आप आसमान में उड़ने वाले सभी पक्षियों को जानते हैं? उस समय, डिजिटल नहीं था। तो मेरे लोग रात में रोटी फेंकने जाते थे। पता है कौन कौन आदमी? संजय लीला भंसाली, जो अब एक बड़े डायरेक्टर हैं। वह मुझे असिस्ट कर रहे थे। सोचिए कि हमने इस फिल्म को बनाने में कितनी मेहनत की है।’

दुबई एयर शो में तेजस लड़ाकू विमान बना आग का गोला, पायलट की मौत

दुबई एयर शो में तेजस लड़ाकू विमान बना आग का गोला, पायलट की मौत
भारत का स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस Mk-1 उड़ान दुबई एयर शो के आखिरी दिन शुक्रवार की दोपहर अचानक धमाके के साथ नीचे आ गया और रनवे के पास धड़ाम से गिर कर आग के गोले में (Tejas Crash Dubai) बदल गया। इससे पूरा अल मकतूम एयरपोर्ट (Al Maktoum Airport) काले धुएं से भर गया। हजारों दर्शक सांस रोके देखते रह गए। भारतीय वायुसेना का चहेता बेटा, हमारा अपना तेजस Mk-1, हवा में करतब दिखाते-दिखाते अचानक चीखा और फिर ज़मीन की तरफ गोता लगा दिया। एयर शो के कारण अल मकतूम एयरपोर्ट के ऊपर हजारों लोग तालियाँ बजा रहे थे, लेकिन अगले ही पल सबकी चीखें निकल गईं। विमान तेज़ी से नीचे आया, दर्शकों से दूर एक खाली मैदान में जा गिरा और पलक झपकते ही लपटों का समंदर बन गया। काला धुआँ इतना घना था कि सूरज भी ढक गया। इंडियन एयर फ़ोर्स ने कहा कि उसे जान के नुकसान पर अफ़सोस है और उसने कोर्ट ऑफ़ इन्क्वायरी का आदेश (Court of Inquiry) दिया है।

दोपहर लगभग 2:10 बजे दुर्घटनाग्रस्त हुआ तेजस
भारतीय वायुसेना अनुसार, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) से विकसित यह लड़ाकू विमान स्थानीय समयानुसार दोपहर लगभग 2:10 बजे दुर्घटनाग्रस्त हुआ। भारतीय वायुसेना ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से पायलट को गंभीर चोटें आईं। वायुसेना ने कहा कि उसे “जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख है” और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

होस्ट देश UAE ने क्या कहा
यूनाइटेड अरब अमीरात सरकार ने एक्सीडेंट की पुष्टि की और कहा कि “फायरफाइटिंग और इमरजेंसी टीमों ने घटना पर तेज़ी से प्रतिक्रिया दी और अभी मौके पर स्थिति को संभाल रही हैं”। विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद अग्निशमन अभियान जारी है।

फायरफाइटिंग और इमरजेंसी टीमों ने घटना पर तेज़ी से प्रतिक्रिया दी
UAE के रक्षा मंत्रालय ने एक X पोस्ट में, कहा: “दुबई एयरशो में आज के फ्लाइंग डिस्प्ले में हिस्सा ले रहा भारत का एक तेजस फाइटर एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया, जिससे पायलट की दुखद मौत हो गई। फायरफाइटिंग और इमरजेंसी टीमों ने घटना पर तेज़ी से प्रतिक्रिया दी और अभी मौके पर स्थिति को संभाल रही हैं।”

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