मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेंट की धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की बस्तर आर्ट प्रतिमा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेंट की धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की बस्तर आर्ट प्रतिमा
जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम में एक प्रेरक एवं गरिमामय क्षण देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को बस्तर आर्ट में निर्मित धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की। यह प्रतिमा जनजातीय विरासत, शौर्य और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक मानी जाती है।

मुख्यमंत्री साय द्वारा भेंट की गई यह मूर्ति भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान और जनजातीय समाज की गौरवपूर्ण परंपराओं को सम्मानपूर्वक स्मरण कराने वाला एक सशक्त प्रतीक है। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद दर्शकों ने इस भावनात्मक क्षण का गर्मजोशी से स्वागत किया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज की समृद्ध परंपराओं, कला, इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में उनके अप्रतिम योगदान को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनजातीय समाज की विरासत, संस्कृति और अमूल्य योगदान को संजोने, संरक्षित करने और सशक्त रूप से आगे बढ़ाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा संकल्प है कि आदिवासी समाज के स्वाभिमान को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया जाए, ताकि उनकी गौरवशाली पहचान आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बने।

राष्ट्रपति ने अंबिकापुर, छत्तीसगढ़ में ‘जनजातीय गौरव दिवस’ समारोह में गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई

राष्ट्रपति ने अंबिकापुर, छत्तीसगढ़ में ‘जनजातीय गौरव दिवस’ समारोह में गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई
राष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि पिछले एक दशक में, जनजातीय समुदायों के विकास और कल्याण के लिए राष्ट्रीय स्तर पर योजनाएँ विकसित और कार्यान्वित की गई हैं। पिछले वर्ष, गांधी जयंती के अवसर पर ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ शुरू किया गया था। इस अभियान का लाभ देश भर के 5 करोड़ से अधिक जनजातीय भाई-बहनों तक पहुँचेगा। वर्ष 2023 में, 75 विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा अभियान (पीएम-जनमन अभियान) शुरू किया गया। ये सभी योजनाएँ इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार जनजातीय समुदायों को कितनी प्राथमिकता देती है।

राष्ट्रपति ने कहा कि जनजातीय समुदायों के विकास प्रयासों को नई ऊर्जा देने के लिए, भारत सरकार ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के वर्ष के दौरान ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ शुरू किया है। उन्होंने उल्लेख किया कि इस अभियान के तहत देश भर में लगभग 20 लाख स्वयंसेवकों का एक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये स्वयंसेवक जमीनी स्तर पर काम करके जनजातीय समुदायों का विकास सुनिश्चित करेंगे।

राष्ट्रपति ने यह जानकर प्रसन्नता व्यक्त की कि छत्तीसगढ़ सहित देश भर में लोग वामपंथी उग्रवाद का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के सुविचारित और सुसंगठित प्रयासों से निकट भविष्य में वामपंथी उग्रवाद का उन्मूलन संभव हो पाएगा। उन्होंने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि हाल ही में आयोजित ‘बस्तर ओलंपिक्स’ में 1,65,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनजातीय महापुरुषों के आदर्शों का पालन करते हुए, छत्तीसगढ़ के लोग एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में अमूल्य योगदान देंगे।

भारत खरीदेगा 825 करोड़ के अमेरिकी हथियार, चीन-पाकिस्तान की बढ़ेगी टेंशन

भारत खरीदेगा 825 करोड़ के अमेरिकी हथियार, चीन-पाकिस्तान की बढ़ेगी टेंशन
भारत (India) और अमेरिका (United States Of America) के बीच संबंधों में खटपट के बावजूद डिफेंस पार्टनरशिप (Defense Partnership) में अभी भी मज़बूती बनी हुई है। दोनों देश पिछले कई साल से डिफेंस पार्टनर्स हैं। पिछले महीने भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने अमेरिकी रक्षा मंत्री (युद्ध सचिव) पीट हेग्सेथ (Pete Hegseth) की मुलाकात की और दोनों देशों के बीच 10 साल के डिफेंस फ्रेमवर्क पर हस्ताक्षर किए। अब भारत ने इस पार्टनरशिप के तहत अमेरिका से बड़ी मात्रा में हथियार खरीदने का फैसला लिया है।

भारत खरीदेगा 825 करोड़ के अमेरिकी हथियार
भारत 93 मिलियन डॉलर्स (करीब 825 करोड़ रूपए) के अमेरिकी हथियार खरीदेगा। अमेरिकी विदेश विभाग ने भारत के साथ हथियारों की इस डील को ग्रीन सिग्नल दे दिया है। डिफेंस सिक्योरिटी कोऑपरेशन एजेंसी ने इस बारे में अमेरिकी कांग्रेस को आधिकारिक सूचना दी।

अमेरिका से कौनसे हथियार खरीदेगा भारत?
भारत जो अमेरिकी हथियार खरीदेगा उनमें जेवलिन मिसाइल सिस्टम अहम है। इसमें 100 जेवलिन एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें, 25 लाइटवेट कमांड लॉन्च यूनिट्स, एक ‘फ्लाई-टू-बाय’ राउंड, ट्रेनिंग असिस्टेंस, सिमुलेशन राउंड्स, स्पेयर पार्ट्स और लाइफटाइम सपोर्ट शामिल हैं। इसके अलावा भारत, अमेरिका से एक्सकैलिबर प्रोजेक्टाइल्स भी खरीदेगा। इसमें संबंधित फायर-कंट्रोल कंपोनेंट्स, प्रोपेलेंट्स, टेक्निकल असिस्टेंस और लॉजिस्टिकल सपोर्ट शामिल हैं।

चीन-पाकिस्तान की बढ़ेगी टेंशन
भारत और अमेरिका के बीच हथियारों की इस डील से चीन (China) और पाकिस्तान (Pakistan) की टेंशन बढ़ेगी। भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही तनाव की स्थिति जगजाहिर है। ऐसे में अगर बॉर्डर पर पाकिस्तान ने कोई साजिश करने की कोशिश की, तो भारत इन हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। वहीं बॉर्डर पर भारत और चीन में पिछले कुछ समय में संबंधों में सुधार हुआ है, लेकिन इसके बावजूद भारत के इन अमेरिकी हथियारों को खरीदने से चीन की टेंशन बढ़ेगी।

राज्यपाल और राष्ट्रपति को समयसीमा में नहीं बांध सकती अदालत’

राज्यपाल और राष्ट्रपति को समयसीमा में नहीं बांध सकती अदालत’
संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से भेजे गए प्रेजिडेंशियल रेफरेंस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि विधेयकों पर फैसला लेने के लिए अदालत राष्ट्रपति और राज्यपाल के लिए कोई समयसीमा निर्धारित नहीं कर सकती है. कोर्ट ने यह भी कहा है कि राज्यपाल की तरफ से फैसला लेने में देरी को आधार बनाकर सुप्रीम कोर्ट बिल को अपनी तरफ से मंजूरी नहीं दे सकता.

कोर्ट ने गुरुवार (20 नवंबर, 2025) को प्रेजिडेंशियल रेफरेंस पर अपनी राय देते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 200/201 के तहत कोर्ट बिल पर फैसला लेने के लिए राज्यपाल और राष्ट्रपति के लिए समयसीमा निर्धारित नहीं कर सकता है. उन्होंने कहा कि विधेयक पर फैसला लेने के लिए उन्हें समय सीमा में बांधना संविधान की भावना के विपरीत होगा.

मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस पी एस नरसिम्हा और जस्टिस ए एस चंदुरकर की बेंच ने कहा कि अनुच्छेद 200 के तहत व्यवस्था है कि राज्यपाल विधेयक को मंजूरी दे सकते हैं, विधानसभा को दोबारा भेज सकते हैं या राष्ट्रपति को भेज सकते हैं. अगर विधानसभा किसी बिल को वापस भेजे तो राज्यपाल को उसे मंजूरी देनी होती है. बेंच ने 10 दिन मामला सुनने के बाद 11 सितंबर को इस पर अपनी राय सुरक्षित रख ली थी.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपाल के फैसले में कोर्ट दखल नहीं दे सकता, लेकिन अगर वह अनिश्चित समय तक विधेयक को अपने पास लंबित रखें तो यह कोर्ट के सीमित दखल का आधार बन सकता है. कोर्ट ने यह भी कहा है कि राज्यपाल या राष्ट्रपति के पास लंबित विधेयक पर कोर्ट विचार नहीं कर सकता. किसी कानून के बनने के बाद ही कोर्ट उस पर विचार कर सकता है.

कोर्ट ने कहा कि वह बिल पर फैसले में देरी के कारण जानने के बाद राज्यपाल को सीमित निर्देश दे सकता है. अनुच्छेद 361 के तहत राज्यपाल के खिलाफ कोई अदालती कार्रवाई नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि विधेयकों पर राज्यपाल और राष्ट्रपति के फैसलों की न्यायिक समीक्षा नहीं हो सकती. बेंच ने कहा कि अनुच्छेद 142 सुप्रीम कोर्ट को यह शक्ति नहीं देता कि वह राज्यपाल की मंजूरी के बिना विधेयक को अपनी तरफ से मंजूर घोषित कर दे.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘राज्यपाल विधेयक पर फैसला लेने के लिए मंत्रिमंडल की सलाह मानने के लिए बाध्य नहीं हैं. वह अपने विवेक से बिल को विधानसभा को दोबारा भेज सकते हैं या राष्ट्रपति को विचार के लिए भेज सकते हैं. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि संविधान राज्यपाल को असीमित शक्ति देता है. उन्हें मंत्रिमंडल की सलाह को भी ध्यान में रखना चाहिए.’

156.7 km प्रति घंटे की स्पीड से गेंद फेंकने वाला भारतीय पेसर सर्जरी के बाद वापसी को तैयार

156.7 km प्रति घंटे की स्पीड से गेंद फेंकने वाला भारतीय पेसर सर्जरी के बाद वापसी को तैयार
लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) की पेस सनसनी मयंक यादव के छोटे से करियर में इंजरी बड़ी रुकावट रही हैं। वह पिछले तीन साल में बांग्लादेश के खिलाफ तीन टी20 इंटरनेशनल मैच, सिर्फ एक रणजी ट्रॉफी मैच और सिर्फ छह आईपीएल मैच ही खेल सके हैं। अब वह सर्जरी के बाद बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब पर हैं। उम्मीद है कि वह जल्‍द मैदान पर वापसी करेंगे। इसी वजह से मयंक को एलएसजी ने आईपीएल 2026 (IPL 2026) के लिए रिटेन भी किया है और इस सीजन में वह मोहम्मद शमी के साथ गेंदबाजी करते नजर आएंगे।

मयंक ने गेंदबाजी शुरू की
टीओआई को दिए एक इंटरव्‍यू में मयंक यादव ने वापसी को लेकर बताया कि मैंने गेंदबाजी शुरू कर दी है और मेरी रिकवरी भी अच्छी चल रही है। अब तक सब ठीक है। मैंने अपनी फिटनेस पर बहुत काम किया है। आने वाले सीज़न में मैं पहले दिन से ही उपलब्ध रहूंगा। मेरा बस एक ही लक्ष्‍य है, ज्‍यादा से ज्‍यादा मैच खेलना।

‘मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात’
एलएसजी बहुत कम मैच खेलने के बावजूद आखिर मयंक को रिटेन क्‍यों किया? इस पर उन्‍होंने कहा कि
मेरे लिए यह बहुत बड़ी बात है कि फ्रेंचाइजी और उसके मालिक ने मुझ पर भरोसा दिखाया है। उनके सपोर्ट की वजह से ही मुझे जल्दी ठीक होने का कॉन्फिडेंस मिला।

शमी के साथ गेंदबाजी को लेकर उत्‍साहित मयंक
एलएसजी के मोहम्मद शमी को ट्रेड करने के सवाल पर उन्‍होंने कहा कि मैं शमी भाई को पिछले डेढ़ साल से जानता हूं, जब मैं उनके साथ नेशनल क्रिकेट एकेडमी में रिहैब पर था। मैंने उनसे अपनी गेंदबाजी और भविष्य में चीजों को कैसे मैनेज करना है, इस बारे में बात की थी। आईपीएल में उनके साथ गेंदबाजी करना और उनसे सीखना बहुत ही उत्‍साहजनक होगा।

देश में पहली बार अब हेलिकॉप्टर से घूमेंगे टूरिस्ट, मिनटों में होंगे उज्जैन–ओंकारेश्वर के दर्शन

देश में पहली बार अब हेलिकॉप्टर से घूमेंगे टूरिस्ट, मिनटों में होंगे उज्जैन–ओंकारेश्वर के दर्शन
प्रदेश में पर्यटन यात्रा अब और तेज व सुविधाजनक होने जा रही है। प्रदेश में पहली बार एक ऐसी टूरिज्म हेलीकॉप्टर सेवा शुरू हो गई है, जिसके जरिए श्रद्धालु और पर्यटक प्रमुख धार्मिक, प्राकृतिक व वन्यजीव पर्यटन स्थलों तक मिनटों में पहुंच सकेंगे। ‘पीएम श्री हेली पर्यटन सेवा’ का नियमित संचालन आज गुरुवार 20 नवंबर से हो गया है। सेवा की सबसे बड़ी खासियत है कि उज्जैन और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन अब 20-40 मिनट की हेलीकॉप्टर उड़ान में हो सकेंगे, जबकि भोपाल से पचमढ़ी तक की यात्रा केवल एक घंटे में पूरी होगी।

बिचोली मर्दाना से शुरू होगी हेलीपैड से सेवा
बिचोली मर्दाना हेलीपैड से सेवा शुरू हो रही है। सबसे पहले इंदौर-उज्जैन रूट पर उड़ानें चलेंगी। इसमें इंदौर से उज्जैन पहुंचने में 20 मिनट लगेंगे, किराया पांच हजार रुपए होगा। उज्जैन से ओंकारेश्वर 6500 रुपए में 40 मिनट में और ओंकारेश्वर से इंदौर के लिए 5500 रुपए लगेंगे।

वाइल्डलाइफ़ सेक्टर: जबलपुर-कान्हा-बांधवगढ़ सहित प्रमुख स्थलों तक
जबलपुर को कान्हा और बांधवगढ़ और से जोड़ा गया है। इनमें जबलपुर से मैहर की उड़ान का किराया 5 हजार रुपए, मैहर से चित्रकूट 2500 रुपए, जबलपुर से कान्हा 6,250 रुपए, बांधवगढ़ 3750 रुपए तथा अमरकंटक के लिए एक घंटे की उड़ान का किराया 5 हजार रुपए देना होगा।

आध्यात्मिक सेक्टर: उज्जैन–ओंकारेश्वर के दर्शन मिनटों में, किफायती भी
इंदौर-उज्जैन- ओंकारेश्वर मार्ग को जोड़ा गया है। इंदौर से उज्जैन तक 20 मिनट की उड़ान का अनुमानित किराया 5 हजार रुपए, उज्जैन से ओंकारेश्वर तक 40 मिनट की उड़ान का किराया 6 हजार 500 और ओंकारेश्वर से इंदौर लौटने का किराया लगभग 5 हजार 500 रुपए रखा गया है। इस सेक्टर के माध्यम से श्रद्धालु एक ही दिन में महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर दोनों ज्योर्तिलिंगों के दर्शन आसानी से कर सकेंगे।

हेलिकॉप्टर सेवा से पर्यटन होगा बूस्ट
राज्य सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई सुविधाएं शुरू कर रही है। हेलीकॉप्टर यात्रा शुरू करने का उद्देश्य भी यही है कि कम समय में यात्री ज्यादा से ज्यादा स्थलों पर पहुंच सके और उनके समय की बचत हो।

पहले से चल रही वायु सेवा भी और मजबूत होगी
पहले से संचालित पीएम श्री वायु पर्यटन सेवा के जरिए भोपाल से सतना, रीवा, सिंगरौली और खजुराहो तक हवाई सफर भी अब ज्यादा सुगम हो गया है। यह सेवा स्थानीय पर्यटन, रोजगार और व्यापार को बढ़ावा दे रही है।

नीतीश कुमार ने रचा इतिहास, 10वीं बार CM पद की शपथ ली

नीतीश कुमार ने रचा इतिहास, 10वीं बार CM पद की शपथ ली
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज 20 नवंबर 2025 को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में रिकॉर्ड दसवीं बार शपथ लेकर भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में देश के प्रधानमंत्री और कई केंद्रीय मंत्रियों की उपस्थिति रही। नीतीश कुमार के साथ सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। कुल 26 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली है।

नीतीश कुमार ने कब-कब ली सीएम पद की शपथ
नीतीश कुमार ने अपने राजनीतिक करियर में कुल दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। पहली बार उन्होंने 3 मार्च 2000 को शपथ ली थी। दूसरी बार 24 नवंबर 2005 को, तीसरी बार 26 नवंबर 2010 को, चौथी बार 22 फरवरी 2015 को, पांचवीं बार 20 नवंबर 2015 को, छठी बार 27 जुलाई 2017 को, सातवीं बार 16 नवंबर 2020 को, आठवीं बार अगस्त 2022 में, नौवीं बार 28 जनवरी 2024 को और दसवीं बार 20 नवंबर 2025 को शपथ ली है। उनका यह दसवां कार्यकाल भारत के किसी भी मुख्यमंत्री के लिए एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है।

इन मंत्रियों ने ली शपथ
नीतीश कुमार – मुख्यमंत्री (JDU)
सम्राट चौधरी – उपमुख्यमंत्री (BJP)
विजय कुमार सिन्हा – उपमुख्यमंत्री (BJP)
मंगल पांडेय (BJP)
दिलीप जायसवाल (BJP)
नितिन नवीन (BJP)
रामकृपाल यादव (BJP)
संजय सिंह टाइगर (BJP)
अरुण शंकर प्रसाद (BJP)
सुरेंद्र मेहता (BJP)
नारायण प्रसाद (BJP)
रमा निषाद (BJP)
लखेंद्र कुमार रौशन (BJP)
श्रेयसी सिंह (BJP)
प्रमोद कुमार (BJP)
विजय कुमार चौधरी (JDU)
बिजेंद्र प्रसाद यादव (JDU)
श्रवण कुमार (JDU)
अशोक चौधरी (JDU)
लेशी सिंह (JDU)
मदन सहनी (JDU)
सुनील कुमार (JDU)
मोहम्मद जमा खान (JDU)
संजय कुमार पासवान (LJP-R)
संजय कुमार सिंह (LJP-R)
संतोष सुमन (HAM)
दीपक प्रकाश (RLM)
शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद रहे प्रधानमंत्री
गांधी मैदान में आयोजित इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में देश के कोने-कोने से विशिष्ट अतिथियों का जमावड़ा लगा। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित रहे। इनमें उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मोहन यादव और महाराष्ट्र के देवेन्द्र फडनवीस जैसे प्रमुख नेता शामिल थे। समारोह में सांसद मनोज तिवारी और नव-निर्वाचित विधायक मैथिली ठाकुर ने भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुति दी, जिसमें जट-जटिन, झिझिया, सामा-चकेवा जैसे लोक नृत्यों के माध्यम से बिहार की संस्कृति की झलक दिखाई गई।

बिहार में फिर बनेगी नीतीश सरकार, शपथ ग्रहण समारोह कल

बिहार में फिर बनेगी नीतीश सरकार, शपथ ग्रहण समारोह कल
बिहार में नई सरकार के गठन (Bihar Government Formation) की प्रक्रिया तेज हो गई है। नीतीश कुमार ने आज राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मिलकर अपना इस्तीफा सौंपेंगे और विधानसभा भंग की जाएगी। इसके बाद नए मंत्रिमंडल का चयन होगा, जो 20 नवंबर को शपथ (Bihar Government Oath) लेगा। इसको लेकर NDA गठबंधन में बैठकों का दौर जारी है और मंत्रिमंडल बंटवारे पर चर्चा हो रही है। दूसरी तरफ दूसरी तरफ लालू परिवार में फूट से सियासत गरमाई हुई है। Rohini Acharya को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। नई सरकार के गठन और महागठबंधन की हार पर रार के बीच Bihar Politics में लगातार हलचल बनी हुई है।

अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का शेड्यूल जारी

अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का शेड्यूल जारी
आईसीसी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया है। यह इवेंट नामिबिया और जिम्बाब्वे की मेजबानी में 15 जनवरी 2026 से 6 फरवरी तक खेला जाएगा।

23 दिन तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में कुल 16 टीमें खिताब के लिए एक दूसरे से भिड़ेंगी। कुल 41 मुकाबले खेले जाएंगे। सभी टीमों को चार के ग्रुप में रखा गया है। प्रत्येक ग्रुप की टॉप तीन टीमें सुपर-6 के लिए क्वालीफाई करेंगी। इनको दो ग्रुप में रखा जाएगा। दोनों ग्रुप की चार टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगे।

टूर्नामेंट के पहले दिन भारत का मुकाबला अमेरिका से, जिम्बाब्वे का मुकाबला स्कॉटलैंड से, जबकि तंजानिया का मुकाबला वेस्टइंडीज से होगा। तंजानिया की टीम वर्ल्ड कप में अपना डेब्यू करेगी। वहीं, साल 2020 के बाद जापान की टीम वापसी करेगी।

चार ग्रुप में टीमें-
ग्रुप-ए- भारत, बांग्लादेश, अमेरिका और न्यूजीलैंड

ग्रुप-बी- जिम्बाब्वे, पाकिस्तान, इंग्लैंड और स्कॉटलैंड

ग्रुप-सी- ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड, जापान और श्रीलंका

ग्रुप-डी- तंजानिया, वेस्टइंडी, अफगानिस्तान और साउथ अफ्रीका

चीन की जापानी आयात को ‘No Entry’ वाली खबर से भारत को तगड़ा फायदा

चीन की जापानी आयात को ‘No Entry’ वाली खबर से भारत को तगड़ा फायदा
रिपोर्ट के अनुसार चीन द्वारा जापानी आयात निलंबित करने की खबर के बाद भारतीय समुद्री खाद्य निर्यातकों में तेजी देखी गई है। बुधवार को भारतीय समुद्री खाद्य निर्यातकों के शेयरों में 11% तक की तेजी देखी गई। अवंती फीड्स (AVNT.NS) के शेयर लगभग 10% बढ़कर बंद हुए, जो दो महीने से ज्यादा समय में इसकी सबसे बड़ी इंट्राडे बढ़त है। कोस्टल कॉर्पोरेशन (COAS.NS) के शेयर 5% चढ़े। कंपनी ने अमेरिकी बाजार पर निर्भरता कम करने की रणनीति के तहत अप्रैल में चीन और अन्य देशों को निर्यात बढ़ाने की योजना की घोषणा की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार चीन ने जापान को देश से आयात निलंबित करने की योजना के बारे में सूचित कर दिया है। इस कदम से मांग भारत जैसे वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की ओर बढ़ सकती है। चीन ने कुछ महीने पहले ही जापानी समुद्री खाद्य पर प्रतिबंधों में आंशिक रूप से ढील दी थी। हालाँकि, प्रतिबंध के संभावित नवीनीकरण से उन कंपनियों को करारा झटका लग सकता है जो उस बाज़ार में फिर से पहुँच बनाने की उम्मीद कर रही हैं जो कभी जापान के समुद्री खाद्य निर्यात का 20% से ज्यादा हिस्सा हुआ करता था।

चीन बन सकता है भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ा बाजार
दूसरी ओर, चीन की मांग में संभावित वृद्धि भारतीय समुद्री खाद्य निर्यातकों के लिए संजीवनी साबित हो सकती है, जो देश के सबसे बड़े बाजार, संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी शुल्कों से जूझ रहे हैं।

पिछले साल भारत से वैश्विक स्तर पर कुल समुद्री खाद्य निर्यात 7.4 अरब डॉलर का रहा, जिसमें झींगा का हिस्सा 40% था। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के इक्विटी रिसर्च विश्लेषक विंसेंट के एंड्रयूज ने कहा कि टैरिफ के मुद्दे के कारण शिपमेंट पर दबाव बढ़ने के कारण, कंपनियां अपने निर्यात बाजारों में विविधता लाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि कोई भी नया अवसर इस क्षेत्र के लिए सकारात्मक खबर है।

अगस्त के अंत में, राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन ने भारतीय शिपमेंट पर 50% तक का टैरिफ लगाया था। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इसके कारण अक्टूबर में अमेरिका को होने वाले निर्यात में साल-दर-साल लगभग 9% की गिरावट आई।

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